1)आस-पास के सभी काफिरों से लड़ते रहो, पवित्र महीने गुजर जाने के बाद उन्हें घेरो, उनका कत्ल करो और वह तौबा करले,नमाज पढ़ ले और जज़िया दे दे तो उन्हें छोड़ दो(1)[Quran:- 8:12 9:5(1) ]2)अल्लाह, मोहम्मद की कही बातें और कयामत के दिन को ना माने उससे लड़ते रहो और जज़िया दे दे तो उन्हें छोड़ दो(1), गले में जंजीर डाल कर लाओ जब तक इस्लाम कबूल ना करें(2)[Quran:- 9:29(1) •Bukhari:- 4557(2)]3)काफ़िर को जहां पाओ मार डालो(1), और ईमान ना लाए तब तक उसे लड़ो(2)[Quran:- 4:89(1)8:39(2)]4)जिहाद के लिये अपना सब कुछ त्याग दो[Quran 9:24]5)अलि ( मोहम्मद के दामाद ) ने नास्तिक लोगों को जिन्दा जला दिया |[Bukhari 6922 ]* क्रूरता और हैवानियत *1)अल्लाह ने मोहम्मद को आदेश दिया है कि जब तक पूरी दुनिया इस्लाम कबूल ना कर ले तब तक लड़ना है
[Sunan an-Nasa'i:- 3972 || Muslim 20,21a,22]
2)अल्लाह ने मोहम्मद को आदेश दिया है वह मूर्तियां तोड़े[Muslim 832]*मुर्तद कि सजा*1)जो भी अपना दिन/इस्लाम छोड़े उसका कत्ल कर दो(1)
[Sunan an-Nasai:- {4059,4060}(1) •Bukhari:- {6878,3017}(1) •Sunan Abi Dawud:- 4355]
* जन्नत की लालच *1)सिंध (भारत) पर जो हमला(गजवा ए हिंद) करेगा उसे दोजख(Hell) से आजादी मिलेगी[Sunan an-Nasa'i:- 3175(H)]*जानवरों के प्रति हिंसा*1)मक्का मदीना के सारे कुत्ते मार देने का आदेश मोहम्मद ने दिया था(यह लोग कुत्ते पालते भी नहीं है)[Bukhari:- 3323]2)एक बंदरिया ने शादी के बिना सेक्स किया तो उसको पत्थर से मार दिया[Bukhari:- 3849]*दानवता*1)नपुंसको(Gay) को पहाड़ी के ऊपर से गिरा कर मार दो,40 कोड़े मारो(1), जान से मार डालो(2)[Sunan Ibn Majah:- 2568(D)]
[Sunan an-Nasa'i:- 3972 || Muslim 20,21a,22]
2)अल्लाह ने मोहम्मद को आदेश दिया है वह मूर्तियां तोड़े[Muslim 832]*मुर्तद कि सजा*1)जो भी अपना दिन/इस्लाम छोड़े उसका कत्ल कर दो(1)
[Sunan an-Nasai:- {4059,4060}(1) •Bukhari:- {6878,3017}(1) •Sunan Abi Dawud:- 4355]
* जन्नत की लालच *1)सिंध (भारत) पर जो हमला(गजवा ए हिंद) करेगा उसे दोजख(Hell) से आजादी मिलेगी[Sunan an-Nasa'i:- 3175(H)]*जानवरों के प्रति हिंसा*1)मक्का मदीना के सारे कुत्ते मार देने का आदेश मोहम्मद ने दिया था(यह लोग कुत्ते पालते भी नहीं है)[Bukhari:- 3323]2)एक बंदरिया ने शादी के बिना सेक्स किया तो उसको पत्थर से मार दिया[Bukhari:- 3849]*दानवता*1)नपुंसको(Gay) को पहाड़ी के ऊपर से गिरा कर मार दो,40 कोड़े मारो(1), जान से मार डालो(2)[Sunan Ibn Majah:- 2568(D)]