@everyone Join Exmuslim Suhail premiere live
https://www.youtube.com/live/9qkVV87Bnlg?si=N0LLtChjeujDOBwT
https://www.youtube.com/live/9qkVV87Bnlg?si=N0LLtChjeujDOBwT
YouTube
Ramzan Special: Shaitaan ku kis tarah qaid Kiya jaata hai - Exmuslim Suhail deshbhakt
Kya aatankwad ku quran aur hadith se lena dena hai - Exmuslim Suhail(deshbhakt)
To support through UPI : agasss01@oksbi
Copyright Disclaimer under Section 107 of the copyright act 1976, allowance is made for fair use for purposes such as criticism, comment…
To support through UPI : agasss01@oksbi
Copyright Disclaimer under Section 107 of the copyright act 1976, allowance is made for fair use for purposes such as criticism, comment…
👎6❤5👍1
@everyone Exmuslim Suhail posted a short video. Request to watch, like, share, subscribe and comment
https://youtube.com/shorts/TQE8BT1-teg?si=tySdOlk8J2A0QsQD
https://youtube.com/shorts/TQE8BT1-teg?si=tySdOlk8J2A0QsQD
YouTube
muslim kashmir ku hezbullah kyun banana chahte hai
musalaman kashmir ku hezbullah kyun banana chahte hain Exmuslim Suhail(deshbhakt)To support through UPI : agasss01@oksbiCopyright Disclaimer under Section 10...
❤6👎6
नहीं, राजस्थान का कल्चर या संस्कृति में लड़कियों को दूध पिला-पिला कर मारना जैसी कोई सामान्य या स्वीकृत प्रथा कभी नहीं रही। यह एक भ्रामक या अतिरंजित बात है, लेकिन इसमें कुछ ऐतिहासिक सत्यता का आधार है, जो बहुत सीमित और क्रूर तरीके से जुड़ा है।
### क्या हुआ था वास्तव में?
- "दूध पीती" नाम की एक विधि का जिक्र मिलता है, जो 19वीं सदी (और उससे पहले) में कुछ राजपूत समुदायों (खासकर कच्छ, काठियावाड़, और राजस्थान के कुछ हिस्सों) में कन्या शिशु हत्या (female infanticide) की एक क्रूर तरीका थी।
- इसमें नवजात लड़की को गाय के दूध से भरी बाल्टी या गड्ढे में डुबोकर मार दिया जाता था (drowning in milk)।
- यह दूध पिलाकर (feeding milk repeatedly) नहीं था, बल्कि डुबोकर (drowning) था। नाम "दूध पीती" एक व्यंग्य या प्रेयोक्ति (euphemism) था, ताकि बात को छिपाया जा सके।
- मुख्य कारण: दहेज प्रथा से बचना, क्योंकि लड़की के विवाह में भारी दहेज देना पड़ता था। कुछ राजपूत परिवारों में यह प्रथा 19वीं सदी तक चली।
- ब्रिटिश काल में (1800 के आसपास census और रिपोर्ट्स में) यह पाया गया, और अंग्रेजों ने 1800-1850 के बीच कई इलाकों में इसे प्रतिबंधित किया। Encyclopædia Britannica (1910) में भी इसका जिक्र है।
- यह पूरे राजस्थान या सभी समुदायों का कल्चर नहीं था—यह कुछ विशिष्ट जातियों/क्षेत्रों (जैसे Jadeja Rajputs) तक सीमित था।
### अन्य तरीके क्या थे?
कन्या शिशु हत्या के अन्य क्रूर तरीके भी प्रचलित थे (राजस्थान सहित भारत के कई हिस्सों में):
- अफीम (opium) खिलाकर या मुँह में डालकर।
- स्तनपान न करवाकर भूखा मारना (starvation by denying milk)।
- नाभि नाड़ी से दबाकर या गला घोंटकर।
- नमक मुंह में ठूंसकर, आदि।
ये तरीके 20वीं सदी तक कुछ दूर-दराज इलाकों (जैसे जैसलमेर) में रिपोर्ट हुए, लेकिन अब कानूनी रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
### आज की स्थिति
- आज दूध डुबोकर मारना जैसी कोई प्रथा नहीं है। यह ऐतिहासिक बात है, जो 19वीं-20वीं सदी की शुरुआत तक सीमित रही।
- कन्या भ्रूण हत्या (female foeticide) अब मुख्य समस्या है (अल्ट्रासाउंड से लिंग पता करके गर्भपात), जो PC-PNDT Act 1994 से प्रतिबंधित है।
- राजस्थान में बालिका सुरक्षा और बेटी बचाओ जैसे अभियान चल रहे हैं, और कई गांवों में अब लड़कियों का जन्म उत्सव मनाया जाता है।
संक्षेप में: नहीं, राजस्थान का कल्चर लड़कियों को दूध पिलाकर मारना नहीं है। यह एक पुरानी, क्रूर और सीमित प्रथा ("दूध पीती") का विकृत रूप है, जो दहेज और सामाजिक दबाव से जुड़ी थी, लेकिन अब यह अतीत की बात है। समाज में बेटियों को महत्व देना ही असली संस्कृति है।
अगर आप इस पर और डिटेल या कोई रिपोर्ट पढ़ना चाहें, तो बताएं!
### क्या हुआ था वास्तव में?
- "दूध पीती" नाम की एक विधि का जिक्र मिलता है, जो 19वीं सदी (और उससे पहले) में कुछ राजपूत समुदायों (खासकर कच्छ, काठियावाड़, और राजस्थान के कुछ हिस्सों) में कन्या शिशु हत्या (female infanticide) की एक क्रूर तरीका थी।
- इसमें नवजात लड़की को गाय के दूध से भरी बाल्टी या गड्ढे में डुबोकर मार दिया जाता था (drowning in milk)।
- यह दूध पिलाकर (feeding milk repeatedly) नहीं था, बल्कि डुबोकर (drowning) था। नाम "दूध पीती" एक व्यंग्य या प्रेयोक्ति (euphemism) था, ताकि बात को छिपाया जा सके।
- मुख्य कारण: दहेज प्रथा से बचना, क्योंकि लड़की के विवाह में भारी दहेज देना पड़ता था। कुछ राजपूत परिवारों में यह प्रथा 19वीं सदी तक चली।
- ब्रिटिश काल में (1800 के आसपास census और रिपोर्ट्स में) यह पाया गया, और अंग्रेजों ने 1800-1850 के बीच कई इलाकों में इसे प्रतिबंधित किया। Encyclopædia Britannica (1910) में भी इसका जिक्र है।
- यह पूरे राजस्थान या सभी समुदायों का कल्चर नहीं था—यह कुछ विशिष्ट जातियों/क्षेत्रों (जैसे Jadeja Rajputs) तक सीमित था।
### अन्य तरीके क्या थे?
कन्या शिशु हत्या के अन्य क्रूर तरीके भी प्रचलित थे (राजस्थान सहित भारत के कई हिस्सों में):
- अफीम (opium) खिलाकर या मुँह में डालकर।
- स्तनपान न करवाकर भूखा मारना (starvation by denying milk)।
- नाभि नाड़ी से दबाकर या गला घोंटकर।
- नमक मुंह में ठूंसकर, आदि।
ये तरीके 20वीं सदी तक कुछ दूर-दराज इलाकों (जैसे जैसलमेर) में रिपोर्ट हुए, लेकिन अब कानूनी रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
### आज की स्थिति
- आज दूध डुबोकर मारना जैसी कोई प्रथा नहीं है। यह ऐतिहासिक बात है, जो 19वीं-20वीं सदी की शुरुआत तक सीमित रही।
- कन्या भ्रूण हत्या (female foeticide) अब मुख्य समस्या है (अल्ट्रासाउंड से लिंग पता करके गर्भपात), जो PC-PNDT Act 1994 से प्रतिबंधित है।
- राजस्थान में बालिका सुरक्षा और बेटी बचाओ जैसे अभियान चल रहे हैं, और कई गांवों में अब लड़कियों का जन्म उत्सव मनाया जाता है।
संक्षेप में: नहीं, राजस्थान का कल्चर लड़कियों को दूध पिलाकर मारना नहीं है। यह एक पुरानी, क्रूर और सीमित प्रथा ("दूध पीती") का विकृत रूप है, जो दहेज और सामाजिक दबाव से जुड़ी थी, लेकिन अब यह अतीत की बात है। समाज में बेटियों को महत्व देना ही असली संस्कृति है।
अगर आप इस पर और डिटेल या कोई रिपोर्ट पढ़ना चाहें, तो बताएं!
👎6❤3🔥3👍1
https://www.youtube.com/live/7zoXU19ffLs?si=gqeFHr9Nb9hUpDNK
*Ex-Exmuslim Jannati Sahil will be Live On Jaipur Dialogues Konkan Summit*
🎊 *Kursi ki peti baandh lijiye for "The Amazing Surprise" 🤩🤩*
*Live In 45 Minutes*
*Ex-Exmuslim Jannati Sahil will be Live On Jaipur Dialogues Konkan Summit*
🎊 *Kursi ki peti baandh lijiye for "The Amazing Surprise" 🤩🤩*
*Live In 45 Minutes*
YouTube
Ex-Muslim Sahil, Anand Ranganathan, Neeraj Atri, Bhau Torsekar | Secular Hindu & Islam
This session is hosted by Sanjay Dixit features Anand Ranganathan, Neeraj Atri, Ex-Muslim Sahil, Baba Ramdas, Bhau Torsekar, and Awanish PN Sharma, the conversation revolves around a simple question on how should India see itself today? Is it just a secular…
❤8👎6👍2