जयपुर प्रजामण्डल आंदोलन
❖ जयपुर में क्रान्तिकारी चेतना का प्रारम्भ अर्जुनलाल सेठी के प्रयासों से हुआ। उन्होंने सन् 1907 ई. में वर्धमान विद्यालय की स्थापना की, जिससे जयपुर धीरे-धीरे राजस्थान का क्रान्तिकारी केन्द्र बन गया। जयपुर हितकारिणी सभा की स्थापना हीरालाल शास्त्री की प्रेरणा से हुई। जिसके अध्यक्ष बालचन्द शास्त्री एवं मंत्री केसरलाल कटारिया थे♥️👍
❖ जयपुर में क्रान्तिकारी चेतना का प्रारम्भ अर्जुनलाल सेठी के प्रयासों से हुआ। उन्होंने सन् 1907 ई. में वर्धमान विद्यालय की स्थापना की, जिससे जयपुर धीरे-धीरे राजस्थान का क्रान्तिकारी केन्द्र बन गया। जयपुर हितकारिणी सभा की स्थापना हीरालाल शास्त्री की प्रेरणा से हुई। जिसके अध्यक्ष बालचन्द शास्त्री एवं मंत्री केसरलाल कटारिया थे♥️👍
❖ *कुम्भास्वामी मंदिर ( मामादेव मंदिर )-* कुम्भलगढ़ में स्थित कुम्भास्वामी मंदिर एक विष्णु मंदिर है जिसे महाराणा कुम्भा ने बनवाया था। इस मंदिर के प्रांगण के बाहर कुम्भा ने कान्हा व्यास (ओझा के अनुसार महेश) से शिलाओं पर कुम्भलगढ़ प्रशस्ति खुदवायी थी। ये शिलाएँ आज उदयपुर संग्रहालय में सुरक्षित हैं। ♥️👍
❤1
प्रधानमंत्री narendramodi को उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव द्वारा दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए ‘‘ओली दाराजली दोस्तलिक’’ (सर्वोच्च मित्रता सम्मान) से सम्मानित किया गया।
➥ यह उज़्बेकिस्तान का विदेशी नेताओं के लिए सर्वोच्च सम्मान है।
➥ इस सम्मान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत की 1.4 बिलियन जनता को समर्पित किया और कहा कि यह दोनों देशों और सभ्यताओं के बीच अटूट मित्रता का प्रतीक है।
➥ यह उज़्बेकिस्तान का विदेशी नेताओं के लिए सर्वोच्च सम्मान है।
➥ इस सम्मान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत की 1.4 बिलियन जनता को समर्पित किया और कहा कि यह दोनों देशों और सभ्यताओं के बीच अटूट मित्रता का प्रतीक है।
❤2