दुकानदार होना भी कहाँ आसान है दोस्तों ?
ना किसी के ख्वाबों में मिलेंगे,
ना किसी के अरमान में मिलेंगे,
हम हमेशा दुकान में मिलेंगे,
गर्मी, सर्दी, बरसात यूँ ही गुजर जाती है,
नींद भी पूरी होती नहीं की रात गुजर जाती है,
होली, दिवाली, नवरात्रि,
31st पर भी हम काम पर मिलेंगे,
तुम आ जाना दोस्त
हम हमेशा दुकान में मिलेंगे,
जमाने भर की खुशियों से अलग हैं हम,
लोगों को लगता है गलत हैं हम,
बीमार होकर भी ठीक रहती है तबियत हमारी,
कोई आजकल पूछता भी नही खैरियत हमारी,
कभी माल छोड़ने, तो कभी बैंक या
कभी ट्रैफ़िक के जाम में मिलेंगे,
तुम हमेशा आ जाना ऐ दोस्त
हम हमेशा दुकान में मिलेंगे
उधार पैसे की बात हो तो
दुकानदार याद आता है
हमसे अच्छा कोई दोस्त नहीं
तुम हमेशा आ जाना ऐ दोस्त
हम हमेशा दुकान में मिलेंगे