•✤┈•शायरी का समुद्र•┈✤•
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थोडा थक गया हूँ , , ,
दूर निकलना छोड दिया है।
. . . पर ऐसा नहीं है की , , ,
मैंने चलना छोड दिया है ।।

फासले अक्सर रिश्तों में , , ,
. . . दूरी बढ़ा देते हैं।
. . . पर ऐसा नही है की , , ,
मैंने अपनों से मिलना छोड दिया है ।।

हाँ . . . ज़रा अकेला हूँ , , , दुनिया की भीड में।
. . . पर ऐसा नही की , , ,
मैंने अपनापन छोड दिया है ।।

याद करता हूँ अपनों को, ,
. . . परवाह भी है मन में।
बस , कितना करता हूँ , , ,
ये बताना छोड दिया।।

╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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👍2
तूझे पाना चाहता हूं,खोना नहीं
तुझ संग हंसना चाहता हूं,जुदा होके रोना नहीं
मेरी मुहब्बत को बस इतना समझ सजना
तेरे संग जागना चाहता हूं, महज़ बिस्तर पर सोना नहीं


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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.....💫“जीवन के कुछ संबंध
ऐसे होते हैं..!
जो किसी पद या प्रतिष्ठा
......के मोहताज नहीं होते..!
वे स्नेह और विश्वास की
बुनियाद पर टिके होते हैं..!”✍️

╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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तूझे पाना चाहता हूं,खोना नहीं
तुझ संग हंसना चाहता हूं,जुदा होके रोना नहीं
मेरी मुहब्बत को बस इतना समझ सजना
तेरे संग जागना चाहता हूं, महज़ बिस्तर पर सोना नहीं।


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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जिस तरह खुशी के आंसु होते है
ठीक वैसे ही गम की मुस्कान होती है।।😊


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤3👍1
जिन्हें न अपनों ने अपना समझा
जरा उन्हें भी सलाम कर लें
किसी को दो पल सुकूँन देकर
दुआओं का इंतज़ाम कर लें।


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤3
किसी को बदल कर चाहो
वो मोहब्बत ही क्या....

जो जैसा उसी रूप में टूट कर
चाहो वो ही मोहब्बत है....


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤1
मुझसा दुनिया में तलाशे फिर रही हो तो सुनो
अब मैं खुद भी चाहूँ तो वैसा न हो पाऊँगा।


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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_एक तकिया चाहिए_
_सर रख के रोने के लिए_
_एक रुमाल चाहिए आंसू पोछने के लिए_
_एक नई जिंदगी चाहिए_
_सब ठीक करने के लिए_
_एक मौत चाहिए नई जिंदगी जीने के लिए_


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤3
हसरतों की जुबाँ पे ताले लगाने पड़े हैं
सिर उठाती इन लहरों के नखरे उठाने पड़े हैं।

आखिर जिनके जज़्बात दिल को छू रहे थे
वो ही दिलकश चेहरे नज़रों से हटाने पड़े हैं ।

वक़्त की सितमगिरी तो अपना जलवा दिखाती ही रही
अपने ही हाथों से अपने निशान मिटाने पड़े हैं।

पूरी कोशिश थी की ले आयेंगे आसमाँ से चाँद को
इसके बावजूद भी अंधेरों में दिन बिताने पड़े हैं।


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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👏1
मंजिलों से गुमराह कर देते हैं लोग,
इसलिए हर किसी से रास्ता नहीं पूछा जाता !


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤1🔥1
वो हमसे 'इश्क़' करना चाहते हैं !
कोई उन्हें बता दे कि हम 'शादीशुदा' है


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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हुस्न वालों के आशिक़ बहुत होते हैं ,,
निर्भर हम पर करता है,
कि हम ऐतबार किस पर करते हैं ..!!!


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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👍2❤1
कितनी मासूम होती है ये दिल की धड़कनें,

कोई सुने या ना सुने ये खामोश नही रहती...


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤1👍1
हवस का दौर था
मुझ में तेरे इश्क का शोर था

मां-बाप तो मेरे भी ना मानते
गर चाहत सिर्फ तेरे जिस्म की होती

रिश्ता तेरा मेरा जन्मों से है
लड़ाई अभी बाकी जमाने से है

हवस के इस दौर में
तेरे जिस्म को हाथ तब लगाना था

सात फेरे के बाद सुहागरात की
सेज पर जब तेरा घूंघट उठाना था


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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👍2🥰2
काटा है आस्तीन के साँपो ने इस क़दर !

में सामने पड़ी हुई रस्सी से डर गया !


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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🔥1
ना कोई जानू , ना कोई जान ,
बापू हमारे खुदा भगवान


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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हम बदल गए, तुम वही हो क्या
हम गलत हैं, तुम सही हो क्या।
रंगीन नजर आती होगी ये online दुनिया,
हकीकत को देखो, तुम यहीं हो क्या।।
चांद सितारो का दम भरने वाले
'अपनों' से पूछ तो लो,
घर पर माँ को मना करने वाले, तुम नहीं हो क्या???


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤1🔥1
मुझे फक्र है मैं इश्क हूं..
तुझे तड़पा ना दूं तो कमाल क्या...


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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👍6
हम कुछ ना कह सके उनसे,
इतने जज्बातों के बाद,
 हम अजनबी के अजनबी ही रहे,
इतनी मुलाकातो के बाद.


╭─❀⊰╯@Shayari_Ka_Samunder
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❤1