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हिंदी व्याकरण - पर्यायवाची शब्द
असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज।
अर्थ- धन, दौलत, पैसा, द्रव्य, मुद्रा, वित्त।
अहंकार- घमंड, दंभ, अभिमान, गर्व, दर्प, मद।
अंधकार- अँधेरा, तम, तिमिर, तमिस्र।
अमृत- पीयूष, सुधा, सोम, अमिय, मधु, अमी।
अनुपम- अदभुत, अनन्य, अपूर्व, अतुल, अनोखा।
अश्व- घोड़ा, तुरंग, बाजी, हय, घोटक।
आग- अग्नि, अनल, पावक, हुतासन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, दहन, वह्नि।
आम- आम्र, रसाल, सौरभ, मादक, सहुकार, अमृतफल।
आत्मा- चैतन्य, जीव, देव, अंतःकरण।
आँख- नयन, नेत्र, चक्षु, लोचन, दृग, अक्षि, विलोचन, दृष्टि।
आंसू- अश्रु, नेत्रजल, नयनजल।
आकाश- गगन, नभ, व्योम, अम्बर, अनन्त, अर्श, अंतरिक्ष, शून्य, आसमान।
आनंद- हर्ष, उल्लास, सुख, आमोद, प्रमोद।
आश्रम- विहार, मठ, अखाड़ा, संघ, कुटी।
अतिथि- पाहुन, अभ्यागत, मेहमान, आगन्तुक।
ओंठ- होंठ, ओष्ठ, अधर।
कमल- पंकज, राजीव, नीरज, अरविन्द, नलिन, जलज, उत्पल, पद्म, सरोज।
कपड़ा- पट, चीर, वसन, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
किताब- पुस्तक, पोथी, ग्रन्थ।
किरण- ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति।
किसान- कृषक, हलधर, खेतिहर, भूमिपुत्र, अन्नदाता।
कोयल- कोकिला, पिक, सारिका, काकपाली, बसंतदूत, कुहुकिनी, वनप्रिया।
क्रोध- रोष, अमर्ष, कोह, प्रतिघात, कोप ।
कृपा- दया, करुणा, प्रसाद, अनुग्रह।
कृष्ण- वासुदेव, गोविन्द, केशव, गिरधारी, घनश्याम, माधव, मोहन, राधापति ।
गज- हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल।
गाय- गौ, धेनु, भद्रा, रोहिणी, सुरभि ।
गर्मी- ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, ताप, निदाघ।
गणेश- गजानन, गणपति, विनायक, लम्बोदर, गौरीनंदन, गणनायक, शंकरसुवन, महाकाय।
गंगा- भगीरथी, त्रिपथगा, मंदाकिनी, विश्नुपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, देवपगा, जाह्नवी।
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असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज।
अर्थ- धन, दौलत, पैसा, द्रव्य, मुद्रा, वित्त।
अहंकार- घमंड, दंभ, अभिमान, गर्व, दर्प, मद।
अंधकार- अँधेरा, तम, तिमिर, तमिस्र।
अमृत- पीयूष, सुधा, सोम, अमिय, मधु, अमी।
अनुपम- अदभुत, अनन्य, अपूर्व, अतुल, अनोखा।
अश्व- घोड़ा, तुरंग, बाजी, हय, घोटक।
आग- अग्नि, अनल, पावक, हुतासन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, दहन, वह्नि।
आम- आम्र, रसाल, सौरभ, मादक, सहुकार, अमृतफल।
आत्मा- चैतन्य, जीव, देव, अंतःकरण।
आँख- नयन, नेत्र, चक्षु, लोचन, दृग, अक्षि, विलोचन, दृष्टि।
आंसू- अश्रु, नेत्रजल, नयनजल।
आकाश- गगन, नभ, व्योम, अम्बर, अनन्त, अर्श, अंतरिक्ष, शून्य, आसमान।
आनंद- हर्ष, उल्लास, सुख, आमोद, प्रमोद।
आश्रम- विहार, मठ, अखाड़ा, संघ, कुटी।
अतिथि- पाहुन, अभ्यागत, मेहमान, आगन्तुक।
ओंठ- होंठ, ओष्ठ, अधर।
कमल- पंकज, राजीव, नीरज, अरविन्द, नलिन, जलज, उत्पल, पद्म, सरोज।
कपड़ा- पट, चीर, वसन, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
किताब- पुस्तक, पोथी, ग्रन्थ।
किरण- ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति।
किसान- कृषक, हलधर, खेतिहर, भूमिपुत्र, अन्नदाता।
कोयल- कोकिला, पिक, सारिका, काकपाली, बसंतदूत, कुहुकिनी, वनप्रिया।
क्रोध- रोष, अमर्ष, कोह, प्रतिघात, कोप ।
कृपा- दया, करुणा, प्रसाद, अनुग्रह।
कृष्ण- वासुदेव, गोविन्द, केशव, गिरधारी, घनश्याम, माधव, मोहन, राधापति ।
गज- हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल।
गाय- गौ, धेनु, भद्रा, रोहिणी, सुरभि ।
गर्मी- ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, ताप, निदाघ।
गणेश- गजानन, गणपति, विनायक, लम्बोदर, गौरीनंदन, गणनायक, शंकरसुवन, महाकाय।
गंगा- भगीरथी, त्रिपथगा, मंदाकिनी, विश्नुपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, देवपगा, जाह्नवी।
दीपक : दीप, दीया, प्रदीप ।
दुर्गा : चण्डी, चामुण्डा, कल्याणी, कालिका, भवानी।
दूध : दुग्ध, पय, क्षीर, गौरस, स्तन्य।
देवता : देव, अजर, अमर, सुर, विबुध।
देह : काया, तन, शरीर, वपु, गात।.
द्रव्य : धन, अर्थ, वित्त, सम्पदा, दौलत, वस्तु, पदार्थ।
धन : द्रव्य, वित्त, अर्थ, सम्पत्ति, पूंजी, राशि, मुद्रा ।
धनुष : चाप, कमान, कोदण्ड, सरासन, पिनाक, सारंग।
नदी : सरिता, तटिनी, तरंगिनी, आपगा, शैलजा, निर्झरिणी।
नाव : नौका, तरणी, वनवाहन, जलयान, पोत, नैया, तरी।
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असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज।
अर्थ- धन, दौलत, पैसा, द्रव्य, मुद्रा, वित्त।
अहंकार- घमंड, दंभ, अभिमान, गर्व, दर्प, मद।
अंधकार- अँधेरा, तम, तिमिर, तमिस्र।
अमृत- पीयूष, सुधा, सोम, अमिय, मधु, अमी।
अनुपम- अदभुत, अनन्य, अपूर्व, अतुल, अनोखा।
अश्व- घोड़ा, तुरंग, बाजी, हय, घोटक।
आग- अग्नि, अनल, पावक, हुतासन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, दहन, वह्नि।
आम- आम्र, रसाल, सौरभ, मादक, सहुकार, अमृतफल।
आत्मा- चैतन्य, जीव, देव, अंतःकरण।
आँख- नयन, नेत्र, चक्षु, लोचन, दृग, अक्षि, विलोचन, दृष्टि।
आंसू- अश्रु, नेत्रजल, नयनजल।
आकाश- गगन, नभ, व्योम, अम्बर, अनन्त, अर्श, अंतरिक्ष, शून्य, आसमान।
आनंद- हर्ष, उल्लास, सुख, आमोद, प्रमोद।
आश्रम- विहार, मठ, अखाड़ा, संघ, कुटी।
अतिथि- पाहुन, अभ्यागत, मेहमान, आगन्तुक।
ओंठ- होंठ, ओष्ठ, अधर।
कमल- पंकज, राजीव, नीरज, अरविन्द, नलिन, जलज, उत्पल, पद्म, सरोज।
कपड़ा- पट, चीर, वसन, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
किताब- पुस्तक, पोथी, ग्रन्थ।
किरण- ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति।
किसान- कृषक, हलधर, खेतिहर, भूमिपुत्र, अन्नदाता।
कोयल- कोकिला, पिक, सारिका, काकपाली, बसंतदूत, कुहुकिनी, वनप्रिया।
क्रोध- रोष, अमर्ष, कोह, प्रतिघात, कोप ।
कृपा- दया, करुणा, प्रसाद, अनुग्रह।
कृष्ण- वासुदेव, गोविन्द, केशव, गिरधारी, घनश्याम, माधव, मोहन, राधापति ।
गज- हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल।
गाय- गौ, धेनु, भद्रा, रोहिणी, सुरभि ।
गर्मी- ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, ताप, निदाघ।
गणेश- गजानन, गणपति, विनायक, लम्बोदर, गौरीनंदन, गणनायक, शंकरसुवन, महाकाय।
गंगा- भगीरथी, त्रिपथगा, मंदाकिनी, विश्नुपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, देवपगा, जाह्नवी।
।
असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज।
अर्थ- धन, दौलत, पैसा, द्रव्य, मुद्रा, वित्त।
अहंकार- घमंड, दंभ, अभिमान, गर्व, दर्प, मद।
अंधकार- अँधेरा, तम, तिमिर, तमिस्र।
अमृत- पीयूष, सुधा, सोम, अमिय, मधु, अमी।
अनुपम- अदभुत, अनन्य, अपूर्व, अतुल, अनोखा।
अश्व- घोड़ा, तुरंग, बाजी, हय, घोटक।
आग- अग्नि, अनल, पावक, हुतासन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, दहन, वह्नि।
आम- आम्र, रसाल, सौरभ, मादक, सहुकार, अमृतफल।
आत्मा- चैतन्य, जीव, देव, अंतःकरण।
आँख- नयन, नेत्र, चक्षु, लोचन, दृग, अक्षि, विलोचन, दृष्टि।
आंसू- अश्रु, नेत्रजल, नयनजल।
आकाश- गगन, नभ, व्योम, अम्बर, अनन्त, अर्श, अंतरिक्ष, शून्य, आसमान।
आनंद- हर्ष, उल्लास, सुख, आमोद, प्रमोद।
आश्रम- विहार, मठ, अखाड़ा, संघ, कुटी।
अतिथि- पाहुन, अभ्यागत, मेहमान, आगन्तुक।
ओंठ- होंठ, ओष्ठ, अधर।
कमल- पंकज, राजीव, नीरज, अरविन्द, नलिन, जलज, उत्पल, पद्म, सरोज।
कपड़ा- पट, चीर, वसन, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
किताब- पुस्तक, पोथी, ग्रन्थ।
किरण- ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति।
किसान- कृषक, हलधर, खेतिहर, भूमिपुत्र, अन्नदाता।
कोयल- कोकिला, पिक, सारिका, काकपाली, बसंतदूत, कुहुकिनी, वनप्रिया।
क्रोध- रोष, अमर्ष, कोह, प्रतिघात, कोप ।
कृपा- दया, करुणा, प्रसाद, अनुग्रह।
कृष्ण- वासुदेव, गोविन्द, केशव, गिरधारी, घनश्याम, माधव, मोहन, राधापति ।
गज- हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल।
गाय- गौ, धेनु, भद्रा, रोहिणी, सुरभि ।
गर्मी- ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, ताप, निदाघ।
गणेश- गजानन, गणपति, विनायक, लम्बोदर, गौरीनंदन, गणनायक, शंकरसुवन, महाकाय।
गंगा- भगीरथी, त्रिपथगा, मंदाकिनी, विश्नुपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, देवपगा, जाह्नवी।
दीपक : दीप, दीया, प्रदीप ।
दुर्गा : चण्डी, चामुण्डा, कल्याणी, कालिका, भवानी।
दूध : दुग्ध, पय, क्षीर, गौरस, स्तन्य।
देवता : देव, अजर, अमर, सुर, विबुध।
देह : काया, तन, शरीर, वपु, गात।.
द्रव्य : धन, अर्थ, वित्त, सम्पदा, दौलत, वस्तु, पदार्थ।
धन : द्रव्य, वित्त, अर्थ, सम्पत्ति, पूंजी, राशि, मुद्रा ।
धनुष : चाप, कमान, कोदण्ड, सरासन, पिनाक, सारंग।
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शुद्ध वाक्य है
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25%
एक दूध का गिलास दो
27%
उसकी बुद्धि बड़ी विशाल है
29%
वह क्रोध से भर कर बोला
19%
हवा ठंडी बह रही है
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उसने चार वर्ष तक प्रतीक्षा देखी ,इस वाक्य का शुद्ध रूप है
Anonymous Quiz
2%
उसने चारों वर्ष एक प्रतीक्षा देखी
11%
वह चारों वर्ष प्रतीक्षा देखता रहा
29%
वह चार वर्षों तक प्रतीक्षा देखता रहा
58%
उसने चार वर्ष तक प्रतीक्षा की
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शुद्ध वाक्य है
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18%
मैने मेरा काम कर लिया
19%
परमात्मा के अनेकों नाम है
28%
साहित्य और समाज का घोर संबंध है
35%
सरला बच्चे को सुलाती हैं
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