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हाई कोर्ट 4th ग्रेड भर्ती की परीक्षा दिसंबर तक होने की संभावना है।
सबसे ज्यादा हिंदी ही है इसमें तो लेफ्ट होने वालो को सलाम है 😂
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एकार्थक शब्द
हाईकोर्ट चतुर्थ श्रेणी टॉपिक
एकार्थक शब्द की परिभाषा
बहुत से शब्द ऐसे हैँ, जिनका अर्थ देखने और सुनने मेँ एक-सा लगता है, परन्तु वे समानार्थी नहीँ होते हैँ। ध्यान से देखने पर पता चलता है कि उनमेँ कुछ अन्तर भी है। इनके प्रयोग मेँ भूल न हो इसके लिए इनकी अर्थ-भिन्नता को जानना आवश्यक है।
एकार्थक शब्द के उदाहरण
समानार्थी प्रतीत होने वाले भिन्नार्थी शब्द:
अगम – जहाँ न पहुँचा जा सके।
दुर्गम – जहाँ पहुँचना कठिन हो।
अलौकिक – जो सामान्यतः लोक या दुनिया मेँ न पाया जाये।
अस्वाभाविक – जो प्रकृति के नियमोँ के विरुद्ध हो।
असाधारण – सांसारिक होकर भी अधिकता से न मिले, विशेष।
अनुज – छोटा भाई।
अग्रज – बड़ा भाई।
भाई – छोटे बड़े दोनों के लिए।.
अनुभव – व्यवहार या अभ्यास से प्राप्त ज्ञान।
अनुभूति – चिन्तन या मनन से प्राप्त आंतरिक ज्ञान।
अनुरूप – समानता या उपयुक्तता का बोध होता है।
अनुकूल – पक्ष या अनुसार का भाव प्रकट होता है।
अस्त्र – फेँककर चलाए जाने वाले हथियार।
शस्त्र – हाथ मेँ पकड़कर चलाए जाने वाले हथियार।
अवस्था – जीवन का बीता हुआ भाग।
आयु – सम्पूर्ण जीवन काल।
अपराध – कानून के विरुद्ध कार्य करना।
पाप – सामाजिक तथा धार्मिक नियमोँ के विरुद्ध आचरण।
अनुरोध – आग्रह (हठ) पूर्वक की गई प्रार्थना।
आग्रह – हठ।
अभिनन्दन – सराहना करना, बधाई।
अभिवन्दन – प्रणाम, नमस्कार करना।
स्वागत – किसी के आगमन पर प्रकट की जाने वाली प्रसन्नता।
अणु – पदार्थ की सबसे छोटी इकाई।
परमाणु – तत्त्व की सबसे छोटी इकाई।
अधिक – आवश्यकता से बढ़कर।
अति – आवश्यकता से बहुत अधिक।
पर्याप्त – जितनी आवश्यकता हो।
अर्चना – मात्र बाह्य सत्कार।
पूजा – आन्तरिक एवं बाह्य दोनोँ सत्कार
अर्पण – छोटोँ द्वारा बड़ोँ को दिया जाना।
प्रदान – बड़ोँ द्वारा छोटोँ को दिया जाना।
अमूल्य – जिस वस्तु का कोई मूल्य ही न आँका जा सके।
बहुमूल्य – अधिक मूल्यवान वस्तु।
अशुद्धि – भाषा सम्बन्धी लिखने बोलने की गलती।
भूल – सामान्य गलती।
त्रुटि – बड़ी गलती।
असफल – व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है।
निष्फल – कार्य के लिए प्रयुक्त होता है।
अहंकार – घमण्ड, स्वयं को अत्यधिक समझना।
अभिमान – गौरव, दूसरोँ से श्रेष्ठ समझना।
आचार – सामान्य व्यवहार, चाल चलन।
व्यवहार – व्यक्ति विशेष के प्रति
परिस्थिति विशेष मेँ किया गया आचरण।
आनंद – खुशी का स्थायी और गंभीर भाव।
आह्लाद – क्षणिक एवं तीव्र आनंद।
उल्लास – सुख प्राप्ति की अल्पकालिक क्रिया, उमंग।
प्रसन्नता – साधारण आनंद का भाव।
आधि – मानसिक कष्ट।
व्याधि – शारीरिक कष्ट।
आवेदन – अधिकारी से की जाने वाली प्रार्थना।
निवेदन – विनयपूर्वक की जाने वाली प्रार्थना।
आशंका – अनिष्ट की कल्पना से उत्पन्न भय।
शंका – सन्देह।
आविष्कार – नवीन वस्तु का निर्माण करना।
अनुसंधान – रहस्य की खोज करना।
अन्वेषण – अज्ञात स्थान की खोज करना।
आज्ञा – बड़ोँ द्वारा छोटे को किसी कार्य को करने हेतु कहना।
अनुमति – स्वीकृति।
आवश्यक – किसी कार्य को करना जरूरी।
अनिवार्य – कार्य जिसे निश्चित रूप से करना हो।
आरम्भ – बहुत ही साधारण और सामान्य शुरुआत।
प्रारम्भ – ऐसी शुरुआत जिसमेँ औपचारिकता, महत्ता और साहित्यता हो।
ईर्ष्या – दूसरे की उन्नति पर जलना।
द्वेष – अकारण शत्रुता।
स्पर्धा – एक दूसरे से आगे बढ़ने की भावना।
उत्साह – निर्भीक होकर कार्य करना।
साहस – भय की उपस्थिति मेँ कार्य करना।
उत्तेजना – आवेग।
प्रोत्साहन – बढ़ावा।
उद्यम – परिश्रम, प्रवास।
उद्योग – उपाय, प्रयत्न।
उपकरण – साधन।
उपादान – सामग्री।
कष्ट – मुख्यतः शारीरिक पीड़ा।
क्लेश – मानसिक पीड़ा।
दुःख – सभी प्रकार से सामान्य दुःख को प्रकट करने वाला शब्द।
कन्या – वह अविवाहित लड़की जो रजस्वला न हुई हो।
लड़की – सामान्य अविवाहित या विवाहित किसी की लड़की।
पुत्री – अपनी बेटी।
कृपा – किसी का दुःख दूर करने का प्रयास।
दया – किसी के दुःख से प्रभावित होना।
संवेदना – अनुभूति जताना
।
सहानुभूति – किसी के दुःख से प्रभावित होकर अपनी अनुभूति जताना।
कृतज्ञ – उपकार मानने वाला।
आभारी – उपकार करने वाले के प्रति मन के भाव प्रकट करने वाला।
खेद – सामान्य दुःख।
शोक – स्वजनोँ के अनिष्ट से होने वाला दुःख।
विषाद – निराशापूर्ण दुःख।
तन्द्रा – हल्की नीँद।
निन्द्रा – गहरी नीँद।
नक्षत्र – स्वयं के प्रकाश से प्रकाशित आकाशीय पिण्ड।
ग्रह – सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित आकाशीय पिण्ड।
नमस्कार – बराबर वाले के प्रति नम्रता प्रकट करने हेतु।
प्रणाम – अपने से बड़ोँ को अभिवादन या उनके प्रति नम्रता प्रकट करने के लिए प्रणाम का प्रयोग शब्द का प्रयोग किया जाता है।
नमस्ते – यह छोटे एवं बड़े सभी के लिए अभिवादन का प्रचलित शब्द है।
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एकार्थक शब्द की परिभाषा
बहुत से शब्द ऐसे हैँ, जिनका अर्थ देखने और सुनने मेँ एक-सा लगता है, परन्तु वे समानार्थी नहीँ होते हैँ। ध्यान से देखने पर पता चलता है कि उनमेँ कुछ अन्तर भी है। इनके प्रयोग मेँ भूल न हो इसके लिए इनकी अर्थ-भिन्नता को जानना आवश्यक है।
एकार्थक शब्द के उदाहरण
समानार्थी प्रतीत होने वाले भिन्नार्थी शब्द:
अगम – जहाँ न पहुँचा जा सके।
दुर्गम – जहाँ पहुँचना कठिन हो।
अलौकिक – जो सामान्यतः लोक या दुनिया मेँ न पाया जाये।
अस्वाभाविक – जो प्रकृति के नियमोँ के विरुद्ध हो।
असाधारण – सांसारिक होकर भी अधिकता से न मिले, विशेष।
अनुज – छोटा भाई।
अग्रज – बड़ा भाई।
भाई – छोटे बड़े दोनों के लिए।.
अनुभव – व्यवहार या अभ्यास से प्राप्त ज्ञान।
अनुभूति – चिन्तन या मनन से प्राप्त आंतरिक ज्ञान।
अनुरूप – समानता या उपयुक्तता का बोध होता है।
अनुकूल – पक्ष या अनुसार का भाव प्रकट होता है।
अस्त्र – फेँककर चलाए जाने वाले हथियार।
शस्त्र – हाथ मेँ पकड़कर चलाए जाने वाले हथियार।
अवस्था – जीवन का बीता हुआ भाग।
आयु – सम्पूर्ण जीवन काल।
अपराध – कानून के विरुद्ध कार्य करना।
पाप – सामाजिक तथा धार्मिक नियमोँ के विरुद्ध आचरण।
अनुरोध – आग्रह (हठ) पूर्वक की गई प्रार्थना।
आग्रह – हठ।
अभिनन्दन – सराहना करना, बधाई।
अभिवन्दन – प्रणाम, नमस्कार करना।
स्वागत – किसी के आगमन पर प्रकट की जाने वाली प्रसन्नता।
अणु – पदार्थ की सबसे छोटी इकाई।
परमाणु – तत्त्व की सबसे छोटी इकाई।
अधिक – आवश्यकता से बढ़कर।
अति – आवश्यकता से बहुत अधिक।
पर्याप्त – जितनी आवश्यकता हो।
अर्चना – मात्र बाह्य सत्कार।
पूजा – आन्तरिक एवं बाह्य दोनोँ सत्कार
अर्पण – छोटोँ द्वारा बड़ोँ को दिया जाना।
प्रदान – बड़ोँ द्वारा छोटोँ को दिया जाना।
अमूल्य – जिस वस्तु का कोई मूल्य ही न आँका जा सके।
बहुमूल्य – अधिक मूल्यवान वस्तु।
अशुद्धि – भाषा सम्बन्धी लिखने बोलने की गलती।
भूल – सामान्य गलती।
त्रुटि – बड़ी गलती।
असफल – व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है।
निष्फल – कार्य के लिए प्रयुक्त होता है।
अहंकार – घमण्ड, स्वयं को अत्यधिक समझना।
अभिमान – गौरव, दूसरोँ से श्रेष्ठ समझना।
आचार – सामान्य व्यवहार, चाल चलन।
व्यवहार – व्यक्ति विशेष के प्रति
परिस्थिति विशेष मेँ किया गया आचरण।
आनंद – खुशी का स्थायी और गंभीर भाव।
आह्लाद – क्षणिक एवं तीव्र आनंद।
उल्लास – सुख प्राप्ति की अल्पकालिक क्रिया, उमंग।
प्रसन्नता – साधारण आनंद का भाव।
आधि – मानसिक कष्ट।
व्याधि – शारीरिक कष्ट।
आवेदन – अधिकारी से की जाने वाली प्रार्थना।
निवेदन – विनयपूर्वक की जाने वाली प्रार्थना।
आशंका – अनिष्ट की कल्पना से उत्पन्न भय।
शंका – सन्देह।
आविष्कार – नवीन वस्तु का निर्माण करना।
अनुसंधान – रहस्य की खोज करना।
अन्वेषण – अज्ञात स्थान की खोज करना।
आज्ञा – बड़ोँ द्वारा छोटे को किसी कार्य को करने हेतु कहना।
अनुमति – स्वीकृति।
आवश्यक – किसी कार्य को करना जरूरी।
अनिवार्य – कार्य जिसे निश्चित रूप से करना हो।
आरम्भ – बहुत ही साधारण और सामान्य शुरुआत।
प्रारम्भ – ऐसी शुरुआत जिसमेँ औपचारिकता, महत्ता और साहित्यता हो।
ईर्ष्या – दूसरे की उन्नति पर जलना।
द्वेष – अकारण शत्रुता।
स्पर्धा – एक दूसरे से आगे बढ़ने की भावना।
उत्साह – निर्भीक होकर कार्य करना।
साहस – भय की उपस्थिति मेँ कार्य करना।
उत्तेजना – आवेग।
प्रोत्साहन – बढ़ावा।
उद्यम – परिश्रम, प्रवास।
उद्योग – उपाय, प्रयत्न।
उपकरण – साधन।
उपादान – सामग्री।
कष्ट – मुख्यतः शारीरिक पीड़ा।
क्लेश – मानसिक पीड़ा।
दुःख – सभी प्रकार से सामान्य दुःख को प्रकट करने वाला शब्द।
कन्या – वह अविवाहित लड़की जो रजस्वला न हुई हो।
लड़की – सामान्य अविवाहित या विवाहित किसी की लड़की।
पुत्री – अपनी बेटी।
कृपा – किसी का दुःख दूर करने का प्रयास।
दया – किसी के दुःख से प्रभावित होना।
संवेदना – अनुभूति जताना
।
सहानुभूति – किसी के दुःख से प्रभावित होकर अपनी अनुभूति जताना।
कृतज्ञ – उपकार मानने वाला।
आभारी – उपकार करने वाले के प्रति मन के भाव प्रकट करने वाला।
खेद – सामान्य दुःख।
शोक – स्वजनोँ के अनिष्ट से होने वाला दुःख।
विषाद – निराशापूर्ण दुःख।
तन्द्रा – हल्की नीँद।
निन्द्रा – गहरी नीँद।
नक्षत्र – स्वयं के प्रकाश से प्रकाशित आकाशीय पिण्ड।
ग्रह – सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित आकाशीय पिण्ड।
नमस्कार – बराबर वाले के प्रति नम्रता प्रकट करने हेतु।
प्रणाम – अपने से बड़ोँ को अभिवादन या उनके प्रति नम्रता प्रकट करने के लिए प्रणाम का प्रयोग शब्द का प्रयोग किया जाता है।
नमस्ते – यह छोटे एवं बड़े सभी के लिए अभिवादन का प्रचलित शब्द है।
❤5
प्रलाप – व्यर्थ की बात।
विलाप – दुःख मेँ रोना।
परिणाम – किसी वस्तु का धीरे धीरे दूसरा रूप धारण करना।
फल – किसी स्थिति के कारण उत्पन्न होने वाला लाभ।
परिश्रम – सभी प्रकार की मेहनत को व्यक्त करने वाला शब्द।
श्रम – मात्र शारीरिक मेहनत।
परामर्श – सलाह मशविरा सूचक शब्द।
मंत्रणा – गोपनीय सलाह मशविरा।
प्रसिद्धि – बड़ाई।
ख्याति – विशेष प्रसिद्धि।
पीड़ा – शारीरिक कष्ट।
वेदना – सामान्य अल्पकालिक हार्दिक दुःख।
व्यथा – गंभीर दीर्घकालिक मानसिक दुःख।
पीछे – क्रम को सूचित करने वाला शब्द।
बाद मेँ – समय का भाव सूचित करने वारा शब्द।
बहुत – ज्यादा (बिना तुलना के)।
अधिक – ज्यादा (तुलना मेँ)।
भय – अनिष्ट के कारण मन मेँ उठा विचार (डर)।
आतंक – शारीरिक और मन मेँ उठा भय।
त्रास – भयवश होने वाला कष्ट।
यातना – दूसरोँ के द्वारा दिया गया कष्ट।
भवदीय – आपका, तुम्हारा।
प्रार्थी – प्रार्थना करने वाला।
भ्रम – किसी बात के लिए विषय गलत समझते हुए गलत धारणा बना लेना।
सन्देह – किसी के विषय मेँ निश्चय हो जाना।
भागना – भयवश दौड़ना।
दौड़ना – सामान्यतः तेज चलना।
भाषण – सामान्य व्याखान।
प्रवचन – धार्मिक विषय पर व्याख्यान।
मनुष्य – मानव जाति के स्त्री पुरुष दोनोँ का बोध कराने वाला शब्द।
पुरुष – मानव पुल्लिँग।
मंत्री – परामर्श देने वाला।
सचिव – मंत्री के आदेश को प्रचारित करने वाला।
मन – इन्द्रियोँ, विषयोँ का ज्ञान कराने वाला।
चित्त – चेतना का प्रतीक।
अन्तःकरण – सत् असत्, उचित अनुचित का ज्ञान कराने वाला।
महाशय – इस शब्द का प्रयोग प्रायः साधारण लोगोँ के लिए किया जाता है।
महोदय/मान्यवर – इस शब्द का प्रयोग बड़े लोगोँ के लिए किया जाता है।
मित्र – समवयस्क, जो अपने प्रति प्यार रखता हो।
सखा – साथ रहने वाला समवयस्क।
सगा – आत्मीयता रखने वाला।
सुहृदय – सुंदर हृदय वाला, जिसका व्यवहार अच्छा हो।
लड़का – बाल मानव।
पुत्र – अपना लड़का।
लज्जा – दूसरे के द्वारा अपने बारे मेँ गलत सोचने का अनुमान।
ग्लानि – अपनी गलती पर होने वाला पश्चाताप।
संकोच – किसी कार्य को करने मेँ होने वाली झिझक।
यथेष्ट – अपेक्षित या जितना वांछनीय हो।
पर्याप्त – पूरी तरह से प्राप्त।
व्यापार – किसी काम मेँ लगे रहना।
व्यवसाय – थोड़ी मात्रा मेँ खरीदने और बेचने का कार्य।
वाणिज्य – क्रय विक्रय और लेन देन।
व्याख्यान – मौखिक भाषण।
अभिभाषण – लिखित व्याख्यान।
विनय – अनुशासन एवं शिष्टतापूर्ण निवेदन।
अनुनय – किसी बात पर सहमत होनेकी प्रार्थना।
आवेदन – योग्यतानुसार किसी पद केलिए कथन द्वारा प्रस्तुत होना।
प्रार्थना – किसी कार्य सिद्धि के लिए विनम्रतापूर्ण कथन।
श्रद्धा – महानजनोँ के प्रति आदर भाव।
भक्ति – देवताओँ के प्रति आदर भाव।
श्रीयुत् – इस शब्द का प्रयोग आदर के लिए किया जाता है। हमारे यहाँ इसका प्रयोग बहुत कम होता है।
श्रीमान् – इस शब्द का प्रयोग भी आदर के लिए किया जाता है। हमारे यहाँ इसका प्रयोग अधिक होता है। श्रीयुत् और श्रीमान् का अर्थ समान सा ही है।
स्त्री – कोई भी नारी।
पत्नी – किसी की विवाहिता स्त्री।
स्नेह – बड़ोँ का छोटोँ के प्रति प्रेम।
प्रेम – प्यार
प्रणय – पति पत्नी, प्रेमी प्रेमिका का प्रेम।
सभ्यता – भौतिक विकास।
संस्कृति – कलात्मक एवं आध्यात्मिक विकास।
सुंदर – आकर्षक वस्तु।
चारु – पवित्र और सुंदर वस्तु।
रुचिर – सुरुचि जाग्रत करने वाली सुंदर वस्तु।
मनोहर – मन को लुभाने वाली वस्तु।
हेतु – अभिप्राय।
कारण – कार्य की पृष्ठभूमि।
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विलाप – दुःख मेँ रोना।
परिणाम – किसी वस्तु का धीरे धीरे दूसरा रूप धारण करना।
फल – किसी स्थिति के कारण उत्पन्न होने वाला लाभ।
परिश्रम – सभी प्रकार की मेहनत को व्यक्त करने वाला शब्द।
श्रम – मात्र शारीरिक मेहनत।
परामर्श – सलाह मशविरा सूचक शब्द।
मंत्रणा – गोपनीय सलाह मशविरा।
प्रसिद्धि – बड़ाई।
ख्याति – विशेष प्रसिद्धि।
पीड़ा – शारीरिक कष्ट।
वेदना – सामान्य अल्पकालिक हार्दिक दुःख।
व्यथा – गंभीर दीर्घकालिक मानसिक दुःख।
पीछे – क्रम को सूचित करने वाला शब्द।
बाद मेँ – समय का भाव सूचित करने वारा शब्द।
बहुत – ज्यादा (बिना तुलना के)।
अधिक – ज्यादा (तुलना मेँ)।
भय – अनिष्ट के कारण मन मेँ उठा विचार (डर)।
आतंक – शारीरिक और मन मेँ उठा भय।
त्रास – भयवश होने वाला कष्ट।
यातना – दूसरोँ के द्वारा दिया गया कष्ट।
भवदीय – आपका, तुम्हारा।
प्रार्थी – प्रार्थना करने वाला।
भ्रम – किसी बात के लिए विषय गलत समझते हुए गलत धारणा बना लेना।
सन्देह – किसी के विषय मेँ निश्चय हो जाना।
भागना – भयवश दौड़ना।
दौड़ना – सामान्यतः तेज चलना।
भाषण – सामान्य व्याखान।
प्रवचन – धार्मिक विषय पर व्याख्यान।
मनुष्य – मानव जाति के स्त्री पुरुष दोनोँ का बोध कराने वाला शब्द।
पुरुष – मानव पुल्लिँग।
मंत्री – परामर्श देने वाला।
सचिव – मंत्री के आदेश को प्रचारित करने वाला।
मन – इन्द्रियोँ, विषयोँ का ज्ञान कराने वाला।
चित्त – चेतना का प्रतीक।
अन्तःकरण – सत् असत्, उचित अनुचित का ज्ञान कराने वाला।
महाशय – इस शब्द का प्रयोग प्रायः साधारण लोगोँ के लिए किया जाता है।
महोदय/मान्यवर – इस शब्द का प्रयोग बड़े लोगोँ के लिए किया जाता है।
मित्र – समवयस्क, जो अपने प्रति प्यार रखता हो।
सखा – साथ रहने वाला समवयस्क।
सगा – आत्मीयता रखने वाला।
सुहृदय – सुंदर हृदय वाला, जिसका व्यवहार अच्छा हो।
लड़का – बाल मानव।
पुत्र – अपना लड़का।
लज्जा – दूसरे के द्वारा अपने बारे मेँ गलत सोचने का अनुमान।
ग्लानि – अपनी गलती पर होने वाला पश्चाताप।
संकोच – किसी कार्य को करने मेँ होने वाली झिझक।
यथेष्ट – अपेक्षित या जितना वांछनीय हो।
पर्याप्त – पूरी तरह से प्राप्त।
व्यापार – किसी काम मेँ लगे रहना।
व्यवसाय – थोड़ी मात्रा मेँ खरीदने और बेचने का कार्य।
वाणिज्य – क्रय विक्रय और लेन देन।
व्याख्यान – मौखिक भाषण।
अभिभाषण – लिखित व्याख्यान।
विनय – अनुशासन एवं शिष्टतापूर्ण निवेदन।
अनुनय – किसी बात पर सहमत होनेकी प्रार्थना।
आवेदन – योग्यतानुसार किसी पद केलिए कथन द्वारा प्रस्तुत होना।
प्रार्थना – किसी कार्य सिद्धि के लिए विनम्रतापूर्ण कथन।
श्रद्धा – महानजनोँ के प्रति आदर भाव।
भक्ति – देवताओँ के प्रति आदर भाव।
श्रीयुत् – इस शब्द का प्रयोग आदर के लिए किया जाता है। हमारे यहाँ इसका प्रयोग बहुत कम होता है।
श्रीमान् – इस शब्द का प्रयोग भी आदर के लिए किया जाता है। हमारे यहाँ इसका प्रयोग अधिक होता है। श्रीयुत् और श्रीमान् का अर्थ समान सा ही है।
स्त्री – कोई भी नारी।
पत्नी – किसी की विवाहिता स्त्री।
स्नेह – बड़ोँ का छोटोँ के प्रति प्रेम।
प्रेम – प्यार
प्रणय – पति पत्नी, प्रेमी प्रेमिका का प्रेम।
सभ्यता – भौतिक विकास।
संस्कृति – कलात्मक एवं आध्यात्मिक विकास।
सुंदर – आकर्षक वस्तु।
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रुचिर – सुरुचि जाग्रत करने वाली सुंदर वस्तु।
मनोहर – मन को लुभाने वाली वस्तु।
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परपीड़कोन्मुख में कौनसी संधी है
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46%
गुण स्वर संधी
39%
दीर्घ स्वर संधी
13%
यण स्वर संधी
3%
अयादी संधी
विचार + ऐक्य में कोंसी संधी है
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30%
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दीर्घ संधी
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बार बार पल पल घर घर आदि में कोनसा समास प्रयुक्त हुआ है
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43%
अवययीभाव
15%
तत्पुरुष
38%
द्वंद समास
4%
द्विगु समय
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निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा से सम्बन्धित है?
Anonymous Quiz
71%
(A) आगरा
12%
(B) गरीब
10%
(C) पानी
7%
(D) बचपन
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मानव' शब्द के लिए उपयुक्त 'भाववाचक संज्ञा' का चयन कीजिए।
Anonymous Quiz
3%
(A) मनस्वी
84%
(B) मानवता
13%
(C) मनुष्यत्व
1%
(D) आदमीयत
कवि' शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
Anonymous Quiz
16%
(A) व्यक्तिवाचक
77%
(B) जातिवाचक
4%
(C) द्रव्यवाचक
4%
(D) भाववाचक
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द द्रव्यवाचक संज्ञा हैं?
Anonymous Quiz
2%
(A) खटाई
10%
(B) मिठाई
84%
(C) दूध
4%
(D) ठण्ड
निम्नलिखित विशेषणों में से संज्ञा को पहचानिए?
Anonymous Quiz
28%
(A) आसमानी
22%
(B) नियमित
20%
(C) पश्र्चात्य
30%
(D) अनुशासन
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निम्न में कौन सी भाववाचक संज्ञा हैं?
Anonymous Quiz
0%
(A) दिल्ली
12%
(B) लड़का
7%
(C) मोहन
81%
(D) बीमारी
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पशु चर रहे हैं। रेखांकित पद हैं?
Anonymous Quiz
5%
(A) व्यक्तिवाचक संज्ञा
79%
(B) जातिवाचक संज्ञा
14%
(C) भाववाचक संज्ञा
3%
(D) द्रव्यवाचक संज्ञा
❤1