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➡️RRB Group D Form Filling Last Date Extended 🎯💐 ये लोग 1 करोड़ फॉर्म भरवाकर ही मानेंगे 😅 ✅ RRB Group D (Level-1) के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि अब 22 फरवरी से बढ़ाकर 1 मार्च 2024 कर दी गई है! 📝⏳
🔜RRB Group D आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी से 1 मार्च कर दी गई है 💐🎯
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उत्तर प्रदेश बजट 2025-26
बजट का आकार - 8 लाख 8 हजार 736 करोड़ 6 लाख रूपए
(8,08,736.06 करोड़ रुपए)
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Uppcs full notification Out 2025
महात्मा गांधी ने कई आंदोलन चलाए थे, जिनमें से कुछ प्रमुख आंदोलन ये रहे:
दांडी मार्च
12 मार्च, 1930 को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से गांधी जी ने दांडी गांव तक 24 दिन का पैदल मार्च निकाला था. इस आंदोलन को नमक सत्याग्रह भी कहा जाता है. इस आंदोलन के ज़रिए गांधी जी ने नमक पर ब्रिटिश सरकार के एकाधिकार को खत्म करना चाहा था.
भारत छोड़ो आंदोलन
अगस्त 1942 में महात्मा गांधी ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था. इस आंदोलन के कारण अंग्रेज़ों को भारत छोड़कर जाना पड़ा था.
चंपारण सत्याग्रह
भारत लौटने के दो साल बाद गांधी जी ने बिहार के चंपारण में सत्याग्रह शुरू किया था.
खेड़ा आंदोलन
यह आंदोलन साल 1918 में हुआ था.
खिलाफ़त आंदोलन
यह आंदोलन साल 1919 में हुआ था.
असहयोग आंदोलन
यह आंदोलन साल 1920 में हुआ था.
छुआछूत विरोधी आंदोलन
8 मई, 1933 से गांधी जी ने छुआछूत विरोधी आंदोलन शुरू किया था.
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दांडी मार्च
12 मार्च, 1930 को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से गांधी जी ने दांडी गांव तक 24 दिन का पैदल मार्च निकाला था. इस आंदोलन को नमक सत्याग्रह भी कहा जाता है. इस आंदोलन के ज़रिए गांधी जी ने नमक पर ब्रिटिश सरकार के एकाधिकार को खत्म करना चाहा था.
भारत छोड़ो आंदोलन
अगस्त 1942 में महात्मा गांधी ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था. इस आंदोलन के कारण अंग्रेज़ों को भारत छोड़कर जाना पड़ा था.
चंपारण सत्याग्रह
भारत लौटने के दो साल बाद गांधी जी ने बिहार के चंपारण में सत्याग्रह शुरू किया था.
खेड़ा आंदोलन
यह आंदोलन साल 1918 में हुआ था.
खिलाफ़त आंदोलन
यह आंदोलन साल 1919 में हुआ था.
असहयोग आंदोलन
यह आंदोलन साल 1920 में हुआ था.
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UPSSSC,UPPSC,UPP,UPSI, TET, CTET, TEACHING, SSC CGL, CHSL ,MTS ,GD ,CPO AHC RO/ARO ,UPPCL & ALL STATE ONE DAY EXAM
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🔳 भारत में कोयले के प्रकार
कार्बन, वाष्प व जल की मात्रा के आधार पर भारतीय कोयला निम्न चार प्रकार का होता है-
1. एन्थ्रेसाइट कोयला - यह सबसे उत्तम कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 90 से 95 प्रतिशत, होती है। जलते समय यह धुँआ नहीं देता तथा ताप सबसे अधिक देता है। यह जम्मू-कश्मीर राज्य से प्राप्त होता है।
2. बिटुमिनस कोयला - यह द्वितीय श्रेणी का कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 55% से 80%,होती है |यह जलते समय साधारण धुँआ देता है। गोंडवाना काल का कोयला इसी प्रकार का है। देश के 90 प्रतिशत से अधिक कोयला भंडार एवं उत्पादन में गोंडवाना क्षेत्र के कोयला का ही योगदान है। यह क्षेत्र देश के कुल 113 कोयला क्षेत्रों में से 80 कोयला क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है।
3. लिग्नाइट कोयला (Lignite Coal)- यह घटिया किस्म का भूरा कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 40 प्रतिशत से 55 % तक होती है। इसमें गंधक की प्रचुर मात्रा (2 से 7%) होने के कारण यह कुछ उद्योगों के लिए प्रयुक्त नहीं होता है। यह कोयला तमिलनाडु (नेवेली, मन्नारगुड़ी), राजस्थान, मेघालय, असोम (माकूम), वेल्लोर, दार्जिलिंग (पं. बंगाल) में मिलता है।
4. पीट (Peet)- कोयले का स्वरूप जिसमें कार्बन की मात्रा 40 प्रतिशत से कम तथा जो जलाने पर अधिक राख एवं धुआँ निकालता है, पीट कोयला कहलाता है। यह सबसे निम्न कोटि का कोयला होता है, जिसमें आर्द्रता अधिक होती है
#Impfacts #RO2023 #UPPCSpre2025
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1. एन्थ्रेसाइट कोयला - यह सबसे उत्तम कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 90 से 95 प्रतिशत, होती है। जलते समय यह धुँआ नहीं देता तथा ताप सबसे अधिक देता है। यह जम्मू-कश्मीर राज्य से प्राप्त होता है।
2. बिटुमिनस कोयला - यह द्वितीय श्रेणी का कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 55% से 80%,होती है |यह जलते समय साधारण धुँआ देता है। गोंडवाना काल का कोयला इसी प्रकार का है। देश के 90 प्रतिशत से अधिक कोयला भंडार एवं उत्पादन में गोंडवाना क्षेत्र के कोयला का ही योगदान है। यह क्षेत्र देश के कुल 113 कोयला क्षेत्रों में से 80 कोयला क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है।
3. लिग्नाइट कोयला (Lignite Coal)- यह घटिया किस्म का भूरा कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 40 प्रतिशत से 55 % तक होती है। इसमें गंधक की प्रचुर मात्रा (2 से 7%) होने के कारण यह कुछ उद्योगों के लिए प्रयुक्त नहीं होता है। यह कोयला तमिलनाडु (नेवेली, मन्नारगुड़ी), राजस्थान, मेघालय, असोम (माकूम), वेल्लोर, दार्जिलिंग (पं. बंगाल) में मिलता है।
4. पीट (Peet)- कोयले का स्वरूप जिसमें कार्बन की मात्रा 40 प्रतिशत से कम तथा जो जलाने पर अधिक राख एवं धुआँ निकालता है, पीट कोयला कहलाता है। यह सबसे निम्न कोटि का कोयला होता है, जिसमें आर्द्रता अधिक होती है
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✍10 जिलों में टेक्सटाइल पार्क बनेंगे 40000 को मिलेगा रोजगार
कानपुर, मऊ ,लोनी (गाजियाबाद )पिलखुआ (हापुर) भदोही ,खलीलाबाद( संत कबीर नगर) बाराबंकी, संडीला (हरदोई), गोरखपुर में बनेंगे
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कानपुर, मऊ ,लोनी (गाजियाबाद )पिलखुआ (हापुर) भदोही ,खलीलाबाद( संत कबीर नगर) बाराबंकी, संडीला (हरदोई), गोरखपुर में बनेंगे
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