अब ख़्वाब भी देखो ना मुक़म्मल यार हो गया।
है मेरा नसीब सुबह-सुबह तेरा दीदार हो गया।
✍✍Ak
है मेरा नसीब सुबह-सुबह तेरा दीदार हो गया।
✍✍Ak
👍1
तुम ही बताओ कब तक बचाकर रखोगे तुम अपने दिल को।
हम क़ायल कर चुके हैं लफ़्ज़ों से तमाम महफ़िल को।
✍✍Ak
हम क़ायल कर चुके हैं लफ़्ज़ों से तमाम महफ़िल को।
✍✍Ak
👍1
हो गया है असर देखो इसपर भी मेरे प्यार का।
अब आने लगा है चाँद को भी सुकून इंतज़ार का।
✍✍Ak
अब आने लगा है चाँद को भी सुकून इंतज़ार का।
✍✍Ak
👍1
इश्क़ में तहज़ीब के हैं और ही कुछ फलसफ़े,
तुम से हो कर खफ़ा, हम ख़ुद से खफ़ा रहने लगे !!
✍✍Ak
तुम से हो कर खफ़ा, हम ख़ुद से खफ़ा रहने लगे !!
✍✍Ak
👍1
मैं जो चुलबुला था अब बदल गया हूँ बहुत...
तेरी बेरुखी ने छीन लीं हैं शरारतें मेरी...
✍✍Ak
तेरी बेरुखी ने छीन लीं हैं शरारतें मेरी...
✍✍Ak
👍2
मोहब्बत के बदले में आख़िर तुझसे क्या भला लेंगे।
आपकी यादें हैं ना बस उसी से काम चला लेंगे।
✍✍Ak
आपकी यादें हैं ना बस उसी से काम चला लेंगे।
✍✍Ak
👍1
गुलाब की तरह आज दिखे जो खिलखिलाए तुम।
है सुकून हमें के हमारे साथ आकर मुस्कुराए तुम।
✍✍Ak
है सुकून हमें के हमारे साथ आकर मुस्कुराए तुम।
✍✍Ak
👍1
गुलाब की तरह आज दिखे जो खिलखिलाए तुम।
है सुकून हमें के हमारे साथ आकर मुस्कुराए तुम।
✍✍AK
है सुकून हमें के हमारे साथ आकर मुस्कुराए तुम।
✍✍AK
👍1
इस इश्क ने देखो कैसे तबाही मचा रखी है..??
आधी दूनिया पागल, आधी शायर बना रखी है...!!
✍🏼✍🏼AK
आधी दूनिया पागल, आधी शायर बना रखी है...!!
✍🏼✍🏼AK
👍2
जब होगी तेरी इनायत, तब हम इबादत करेंगे...!!
तेरे ही गले लगके तुझसे तेरी शिकायत करेंगे...!!
✍🏼✍🏼AK
तेरे ही गले लगके तुझसे तेरी शिकायत करेंगे...!!
✍🏼✍🏼AK
👍1
मिले जो महबूब तो शराब सा मिले....
कि बेखुदी ऐसी हो कि फिर होश ना रहे...
✍🏼✍🏼AK
कि बेखुदी ऐसी हो कि फिर होश ना रहे...
✍🏼✍🏼AK
👍2
तुम्हारा बदलना मुबारक हो तुम्हे,
हम बदले तो मोहब्बत बदनाम हो जाएगी...!!!
✍🏼✍🏼AK
हम बदले तो मोहब्बत बदनाम हो जाएगी...!!!
✍🏼✍🏼AK
👍1
ना जाने किस हुनर को शायरी कहते हो तुम...
हम तो वो लिखते है जो तुमसे कह नही सकते है...
✍🏼✍🏼AK
हम तो वो लिखते है जो तुमसे कह नही सकते है...
✍🏼✍🏼AK
👍1
छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे,
वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है...!!!
✍🏼✍🏼AK
वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है...!!!
✍🏼✍🏼AK
👍1
स्त्री कभी हारती नहीं है उसे हराया जाता है...
समाज क्या कहेगा यह कहकर डराया जाता है...
✍🏼✍🏼AK
समाज क्या कहेगा यह कहकर डराया जाता है...
✍🏼✍🏼AK
👍1🔥1
चंद कलियाँ निशात की चुनकर,
मुद्दतों मायूस रहता हूँ,
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही,
तुझसे मिलकर उदास रहता हूँ।
✍✍AK
मुद्दतों मायूस रहता हूँ,
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही,
तुझसे मिलकर उदास रहता हूँ।
✍✍AK
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है,
मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की...
AK✍🏼✍🏼
मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की...
AK✍🏼✍🏼
खूबिओं से नहीं होती मोहब्बत भी सदा,
कमियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है...
AK✍🏼✍🏼
कमियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है...
AK✍🏼✍🏼
मैं अपने-आप से दूर रहता हूँ अब हर दिन,
एक अजनबी सा तक़ल्लुफ़ नये लिबास में हैं...
AK✍🏼✍🏼
एक अजनबी सा तक़ल्लुफ़ नये लिबास में हैं...
AK✍🏼✍🏼
मोहब्बत की डगर से हम कभी अंजान न होते..!!
ग़र बहारें साथ में चलतीं तो हम वीरान न होते....!!!!
AK✍🏼✍🏼
ग़र बहारें साथ में चलतीं तो हम वीरान न होते....!!!!
AK✍🏼✍🏼