पता नही आखों में क्या हो गया
आज कल कोई अपना दिखाई नही दे रहा
✍✍Ak
आज कल कोई अपना दिखाई नही दे रहा
✍✍Ak
👍6❤3
मैंने सब्र तो कर लिया पर,
मुझे बहुत अफसोस हुआ उसके बदलने का!
✍✍Ak
मुझे बहुत अफसोस हुआ उसके बदलने का!
✍✍Ak
👍6❤3👏1
आओ बैठो कभी किसी इतवार को, मैं वैसा हूं नहीं, जैसा मिलता हूं, "सोमवार" को...
✍✍Ak
✍✍Ak
💯8👍5❤3
तुम भाजपा की तरह मोहब्बत तो क्या, हम कांग्रेस की तरह डूब ना जाए तो कहना।
✍✍Ak
✍✍Ak
👌7👍1💯1
मुझे बताया गया है बहुत बुरा हू में मैं अपने साथ भी बैठा तो दूर बैठूंगा
✍✍Ak
✍✍Ak
❤3
"Mere Marne se kuch nahi hoga...
Mere zinda rehne se kuch hua hai kya..
✍✍Ak
Mere zinda rehne se kuch hua hai kya..
✍✍Ak
👌3👍2