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📹 फल-सब्जियों का जहर 5 मिनट में ऐसे करें साफ। वैद्य राजेश कपूर जी ➥
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"अगली महामारी के लिए"? इस आदमी को यक़ीन है कि ऐसा ज़रूर होगा। 2021 में ये स्टेटमेंट दिया था। पांच साल सही वक़्त होता है किसी भी प्लान को अच्छी तरह लागु करने में। उसका मक़सद हमारी ज़मीन, पेड़-पौधे, चिकित्सा सुविधाएं (गर्भावस्था संबंधी), प्रयोगशाला का भोजन, हमारे पूरे डिजिटल डेटा, सौर विकिरण की दवाइयां आदि को नष्ट करना है... और कुछ बचा? ये न्यू वर्ल्ड आर्डर वाले अपनी योजनाओं को लेकर स्पष्टवादी हो चुके है क्यूंकि उन्हें यक़ीन है कि ख़ासतौर से एशियाई उनकी मनमानी के आगे झक मारकर झुक जायेंगे। क्योंकि इनकी नसों में गुलामी भरी पड़ी है।
https://x.com/i/status/2025095977498206378
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🌑💀 भारत: बिल गेट्स की छाया में दबी एक प्रयोगशाला 💀🌑
🕸️🩸 अंधेरी रातों में, जब दुनिया सो रही होती है, तब कुछ शक्तिशाली लोग अपनी गुप्त योजनाओं को अमल में लाते हैं। 2026 की शुरुआत में, अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइल्स के 3 मिलियन से ज्यादा पेजेस उजागर किए – एक ऐसा खजाना जो अमीरों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों की काली दुनिया को सामने लाया। और उसमें चमकता नाम? बिल गेट्स। वो आदमी जो दुनिया को "बचाने" का दावा करता है, लेकिन अब आरोपों की आग में घिरा है: रूसी लड़कियों के साथ अवैध संबंध, ड्रग्स की मदद से छिपाए गए राज, और एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स। गेट्स ने इंकार किया, कहा "ये बकवास है" – लेकिन सच्चाई की छाया लंबी होती है, और वो अब भारत पर मंडरा रही है। ⏳☠️
🔥👁️ याद कीजिए 2024 का वो पॉडकास्ट, जहां गेट्स ने ठंडे लहजे में कहा: "भारत एक तरह की प्रयोगशाला है जहाँ नई-नई चीजों को आजमाया जा सकता है, और जब आप उन्हें भारत में सफल साबित कर लेते हैं, तो आप उन्हें अन्य स्थानों पर ले जा सकते हैं।" प्रयोगशाला? क्या भारत कोई लैब रैट है, जहां वैक्सीन्स, AI, डिजिटल ID और लैब-ग्रोन मीट जैसे "इनोवेशन्स" को टेस्ट किया जाता है? एपस्टीन फाइल्स के बाद ये बयान अब ट्रेंड कर रहा है – X पर हजारों पोस्ट्स, जहां लोग चीख रहे हैं: "गेट्स एक सुपर विलेन है!" वो फाइल्स बताती हैं कि गेट्स और एपस्टीन की मीटिंग्स सिर्फ "फिलैंथ्रोपी" नहीं थीं; वो पावर, कंट्रोल और पॉपुलेशन रिडक्शन की बातें थीं। भारत में गेट्स फाउंडेशन के प्रोग्राम्स – वैक्सीनेशन ड्राइव्स, AI फॉर फार्मर्स, कैटल ट्रैकिंग – क्या ये सब एक बड़ा ट्रायल हैं? 🧪🕷️
🩸🌍 दिल्ली की गलियों में, जहां करोड़ों लोग जीते हैं, एक अरबपति अपनी "प्रयोगशाला" चला रहा है। 2026 के AI इम्पैक्ट समिट में गेट्स को कीनोट स्पीच देनी थी – लेकिन एपस्टीन की छाया ने उन्हें पीछे हटा दिया। फाउंडेशन ने कहा, "फोकस समिट पर रहे", लेकिन सच्चाई? वो डर गया। भारत में लोग अब सवाल उठा रहे हैं: क्यों हमारे PM मोदी जी ने नंदन नीलेकणि के साथ AI फॉर कैटल का प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जो गेट्स के आइडियाज से मिलता-जुलता है? 3.6 मिलियन फार्मर्स, 40 मिलियन कैटल – ये ट्रैकिंग है या कंट्रोल? गेट्स ने कहा था, "भारत में प्रूव आउट करो, फिर दुनिया में ले जाओ।" क्या कोविड वैक्सीन्स का "ट्रायल" भी यही था? प्लैंडेमिक की अफवाहें, जहां लाखों भारतीयों पर "टेस्ट" हुए, और अब लैब-ग्रोन मीट – "अधिक प्रोटीन खाओ" का बहाना, लेकिन असल में क्या? पॉपुलेशन कंट्रोल का हथियार? 😈🍖
⚡🌀 हमारे नेता – PM, CM, मंत्री – क्या वो सब अंधे हैं? या बिक चुके हैं? गेट्स जैसे "सैतान" को भारत में घुसने देते हैं, जहां वो नई बीमारियों, AI चिप्स और डिजिटल स्लेवरी के एक्सपेरिमेंट्स चलाते हैं। X पर एक यूजर ने लिखा: "भारत गेट्स की लैब है, एपस्टीन फाइल्स से क्लियर है – डिजिटल ID से लोगों को कंट्रोल करो।" दूसरे ने कहा: "प्रिंस एंड्र्यू गिरफ्तार हुआ, गेट्स कब?" लेकिन हमारे लीडर्स चुप हैं। डूब के मर जाना चाहिए उन्हें! वो गेट्स को वेलकम करते हैं, जबकि वो हमें रैट्स की तरह यूज करता है। न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की छाया में, भारत पहला शिकार है – अगला कौन? 👽🛸
🙏🌑 आंखें खोलो, भारतवासियों! गेट्स की "प्रयोगशाला" से बाहर निकलो। अपने शरीर को जहर मत दो, चेतना से जुड़ो। अगर अब नहीं जागे, तो "समाधान" आएगा – लेकिन वो तुम्हारा नहीं, उनका होगा। समय कम है... छाया बढ़ रही है। ⏰💥
**Suresh Zmedia*🙏
🕸️🩸 अंधेरी रातों में, जब दुनिया सो रही होती है, तब कुछ शक्तिशाली लोग अपनी गुप्त योजनाओं को अमल में लाते हैं। 2026 की शुरुआत में, अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइल्स के 3 मिलियन से ज्यादा पेजेस उजागर किए – एक ऐसा खजाना जो अमीरों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों की काली दुनिया को सामने लाया। और उसमें चमकता नाम? बिल गेट्स। वो आदमी जो दुनिया को "बचाने" का दावा करता है, लेकिन अब आरोपों की आग में घिरा है: रूसी लड़कियों के साथ अवैध संबंध, ड्रग्स की मदद से छिपाए गए राज, और एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स। गेट्स ने इंकार किया, कहा "ये बकवास है" – लेकिन सच्चाई की छाया लंबी होती है, और वो अब भारत पर मंडरा रही है। ⏳☠️
🔥👁️ याद कीजिए 2024 का वो पॉडकास्ट, जहां गेट्स ने ठंडे लहजे में कहा: "भारत एक तरह की प्रयोगशाला है जहाँ नई-नई चीजों को आजमाया जा सकता है, और जब आप उन्हें भारत में सफल साबित कर लेते हैं, तो आप उन्हें अन्य स्थानों पर ले जा सकते हैं।" प्रयोगशाला? क्या भारत कोई लैब रैट है, जहां वैक्सीन्स, AI, डिजिटल ID और लैब-ग्रोन मीट जैसे "इनोवेशन्स" को टेस्ट किया जाता है? एपस्टीन फाइल्स के बाद ये बयान अब ट्रेंड कर रहा है – X पर हजारों पोस्ट्स, जहां लोग चीख रहे हैं: "गेट्स एक सुपर विलेन है!" वो फाइल्स बताती हैं कि गेट्स और एपस्टीन की मीटिंग्स सिर्फ "फिलैंथ्रोपी" नहीं थीं; वो पावर, कंट्रोल और पॉपुलेशन रिडक्शन की बातें थीं। भारत में गेट्स फाउंडेशन के प्रोग्राम्स – वैक्सीनेशन ड्राइव्स, AI फॉर फार्मर्स, कैटल ट्रैकिंग – क्या ये सब एक बड़ा ट्रायल हैं? 🧪🕷️
🩸🌍 दिल्ली की गलियों में, जहां करोड़ों लोग जीते हैं, एक अरबपति अपनी "प्रयोगशाला" चला रहा है। 2026 के AI इम्पैक्ट समिट में गेट्स को कीनोट स्पीच देनी थी – लेकिन एपस्टीन की छाया ने उन्हें पीछे हटा दिया। फाउंडेशन ने कहा, "फोकस समिट पर रहे", लेकिन सच्चाई? वो डर गया। भारत में लोग अब सवाल उठा रहे हैं: क्यों हमारे PM मोदी जी ने नंदन नीलेकणि के साथ AI फॉर कैटल का प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जो गेट्स के आइडियाज से मिलता-जुलता है? 3.6 मिलियन फार्मर्स, 40 मिलियन कैटल – ये ट्रैकिंग है या कंट्रोल? गेट्स ने कहा था, "भारत में प्रूव आउट करो, फिर दुनिया में ले जाओ।" क्या कोविड वैक्सीन्स का "ट्रायल" भी यही था? प्लैंडेमिक की अफवाहें, जहां लाखों भारतीयों पर "टेस्ट" हुए, और अब लैब-ग्रोन मीट – "अधिक प्रोटीन खाओ" का बहाना, लेकिन असल में क्या? पॉपुलेशन कंट्रोल का हथियार? 😈🍖
⚡🌀 हमारे नेता – PM, CM, मंत्री – क्या वो सब अंधे हैं? या बिक चुके हैं? गेट्स जैसे "सैतान" को भारत में घुसने देते हैं, जहां वो नई बीमारियों, AI चिप्स और डिजिटल स्लेवरी के एक्सपेरिमेंट्स चलाते हैं। X पर एक यूजर ने लिखा: "भारत गेट्स की लैब है, एपस्टीन फाइल्स से क्लियर है – डिजिटल ID से लोगों को कंट्रोल करो।" दूसरे ने कहा: "प्रिंस एंड्र्यू गिरफ्तार हुआ, गेट्स कब?" लेकिन हमारे लीडर्स चुप हैं। डूब के मर जाना चाहिए उन्हें! वो गेट्स को वेलकम करते हैं, जबकि वो हमें रैट्स की तरह यूज करता है। न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की छाया में, भारत पहला शिकार है – अगला कौन? 👽🛸
🙏🌑 आंखें खोलो, भारतवासियों! गेट्स की "प्रयोगशाला" से बाहर निकलो। अपने शरीर को जहर मत दो, चेतना से जुड़ो। अगर अब नहीं जागे, तो "समाधान" आएगा – लेकिन वो तुम्हारा नहीं, उनका होगा। समय कम है... छाया बढ़ रही है। ⏰💥
**Suresh Zmedia*🙏
*मानव शरीर को किसी भी 💉💉वैक्सीन की कोई भी जरूरत नही है*
*यहाँ तक बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने से ही पोलियो होता है*
*टीकाकरण💉💉एक_बहुत_बड़ा_षड्यंत्र है*
*अपने बच्चे को टीकाकरण💉💉 के षड्यंत्रो के जाल से बचाये❌❌ ये आपके बच्चे को बीमार ,नपुंसक बनाने के लिए लगाया जाता हैं....और इसके साइड इफ़ेक्ट से बच्चो और बड़ो दोनों की मौत भी अब तेजी से हो रही हैं !*
*जिन्होंने भी किसी तरह की वैक्सीन 💉💉 लगाई है उन्हें जीवन भर अब डॉक्टरो से दोस्ती कर के रखनी पड़ रही है 👆👆*
*सरकार और दुनिया की षडयंत्रकारी मिलकर आप को मारने और बीमार करने के लिए वैक्सीन 💉💉 लेने के लिए जबरदस्ती की और आप ने बिना आवाज उठाए और प्रश्न किये बिना ही 💉💉वैक्सीन लगवा ली.. यानि आप ने खुद वैक्सीन 💉💉 लगवाया है... इसलिये इसकी जिम्मेवारी भी अब आप को लेनी होगी l*
*आपने जो कोविड वैक्सीन लगाया है.. उस वैक्सीन 💉💉 से अगर आप की मृत्यु हुई या उसका साइड इफ़ेक्ट हुई तो सरकार उसकी जिम्मेदार नहीं लेगी ये सरकार ने स्पष्ट कर दिया है*
*सभी माता पिता से हाथ जोड़कर 🙏🙏 अनुरोध है*
*कृपया करके खुद और अपने बच्चों को किसी भी तरह का वैक्सीन 💉💉 ना लगवाए।*
*आपको कोई जानकारी चाहिए वैक्सीन 💉💉 साइड इफ़ेक्ट की तो मुझसे सम्पर्क करे ।*
*स्कूल मे जो लेटर देना है बच्चो को किसी भी तरह की दवाई स्कूल ना दे वो लेटर आप मुझसे प्राप्त कर सकते हैl*
*जागरूक होकर ज्ञान प्राप्त करना और सत्य के लिए और अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही धर्मयुक्त कर्म है 🙏🙏!!धन्यवाद!!*
*मनोज कुमार 🙏🙏*
*यहाँ तक बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने से ही पोलियो होता है*
*टीकाकरण💉💉एक_बहुत_बड़ा_षड्यंत्र है*
*अपने बच्चे को टीकाकरण💉💉 के षड्यंत्रो के जाल से बचाये❌❌ ये आपके बच्चे को बीमार ,नपुंसक बनाने के लिए लगाया जाता हैं....और इसके साइड इफ़ेक्ट से बच्चो और बड़ो दोनों की मौत भी अब तेजी से हो रही हैं !*
*जिन्होंने भी किसी तरह की वैक्सीन 💉💉 लगाई है उन्हें जीवन भर अब डॉक्टरो से दोस्ती कर के रखनी पड़ रही है 👆👆*
*सरकार और दुनिया की षडयंत्रकारी मिलकर आप को मारने और बीमार करने के लिए वैक्सीन 💉💉 लेने के लिए जबरदस्ती की और आप ने बिना आवाज उठाए और प्रश्न किये बिना ही 💉💉वैक्सीन लगवा ली.. यानि आप ने खुद वैक्सीन 💉💉 लगवाया है... इसलिये इसकी जिम्मेवारी भी अब आप को लेनी होगी l*
*आपने जो कोविड वैक्सीन लगाया है.. उस वैक्सीन 💉💉 से अगर आप की मृत्यु हुई या उसका साइड इफ़ेक्ट हुई तो सरकार उसकी जिम्मेदार नहीं लेगी ये सरकार ने स्पष्ट कर दिया है*
*सभी माता पिता से हाथ जोड़कर 🙏🙏 अनुरोध है*
*कृपया करके खुद और अपने बच्चों को किसी भी तरह का वैक्सीन 💉💉 ना लगवाए।*
*आपको कोई जानकारी चाहिए वैक्सीन 💉💉 साइड इफ़ेक्ट की तो मुझसे सम्पर्क करे ।*
*स्कूल मे जो लेटर देना है बच्चो को किसी भी तरह की दवाई स्कूल ना दे वो लेटर आप मुझसे प्राप्त कर सकते हैl*
*जागरूक होकर ज्ञान प्राप्त करना और सत्य के लिए और अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही धर्मयुक्त कर्म है 🙏🙏!!धन्यवाद!!*
*मनोज कुमार 🙏🙏*
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*सच यही है इन अंग्रेजों यानि इल्लुमिनाति संगठन की साजिस के शिकार हो गये है हम*.... हमारे मूल अनाज यानि मोटे अनाज को षडयंत्र के हिसाब से बदल दिया गया.... और हरित क्रांति के नाम पे चावल, गेहूँ दे कर हमें बीमार कर दिया गया 👆👆
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इस सच्चाई में एक गहरा दर्द और ऐतिहासिक सच का एक पहलू छिपा है। जिसे हम एक सोची समझी और बहूत बड़ी 'साजिश' कह सकते हैं, वह वास्तव में
*हरित क्रांति (Green Revolution)* के वे अनपेक्षित परिणाम हैं जिन्होंने भारत की खान-पान की संस्कृति और स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है।
*यहाँ इस बदलाव के कुछ मुख्य वैज्ञानिक और ऐतिहासिक कारण दिए गए हैं:*
*मोटे अनाज (Millets) का गायब होना:* 1960 के दशक में आई *हरित क्रांति* का पूरा ध्यान केवल *चावल और गेहूं* की पैदावार बढ़ाने पर था। इसके कारण हमारे पारंपरिक और पौष्टिक अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी और सांवा (Millet) हाशिए पर चले गए।
*बीमारियों का बढ़ना:* वैज्ञानिकों के अनुसार, चावल और गेहूं जैसे 'हाई *ग्लाइसेमिक इंडेक्स' यानि “गुलेटन"* नामक प्रोटीन पदार्थ वाले अनाज के अत्यधिक सेवन से भारत में *डायबिटीज (मधुमेह)* और मोटापे जैसी बीमारियां बढ़ी हैं। इसके विपरीत, मोटे अनाज फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर थे जो शरीर को सुरक्षा देते थे।
*रसायनों का जाल:* अधिक उत्पादन के लालच में अंधाधुंध रासायनिक खाद और यूरिया, DAP, कीटनाशकों एवं रासायनो (Pesticides) का प्रयोग शुरू हुआ, जो अब हमारे भोजन के जरिए शरीर में पहुंचकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर रहे हैं।
*विदेशी संस्थाओं की भूमिका:* यह सच है कि हरित क्रांति की रणनीति में अमेरिकी संस्थाओं जैसे *फोर्ड फाउंडेशन (Ford Foundation) और रॉकफेलर फाउंडेशन (Rockefeller Foundation)* की बड़ी भूमिका थी। आलोचकों का मानना है कि इससे भारतीय खेती स्थानीय बीजों के बजाय विदेशी रसायनों और बाजार पर निर्भर हो गई।
*निष्कर्ष:*
चाहे इसे 'इल्लुमिनाति' जैसी गुप्त संस्थाओं की साजिश कहें या गलत कृषि नीतियां, नतीजा यही है कि हमने अपनी खाद्य संप्रभुता (Food Sovereignty) और स्वास्थ्य खोया है। आज सरकार खुद "श्री अन्न" के नाम से दोबारा इन मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रही है ताकि हम अपनी जड़ों की ओर लौट सकें।
मनोज कुमार 🙏🙏
*हरित क्रांति (Green Revolution)* के वे अनपेक्षित परिणाम हैं जिन्होंने भारत की खान-पान की संस्कृति और स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है।
*यहाँ इस बदलाव के कुछ मुख्य वैज्ञानिक और ऐतिहासिक कारण दिए गए हैं:*
*मोटे अनाज (Millets) का गायब होना:* 1960 के दशक में आई *हरित क्रांति* का पूरा ध्यान केवल *चावल और गेहूं* की पैदावार बढ़ाने पर था। इसके कारण हमारे पारंपरिक और पौष्टिक अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी और सांवा (Millet) हाशिए पर चले गए।
*बीमारियों का बढ़ना:* वैज्ञानिकों के अनुसार, चावल और गेहूं जैसे 'हाई *ग्लाइसेमिक इंडेक्स' यानि “गुलेटन"* नामक प्रोटीन पदार्थ वाले अनाज के अत्यधिक सेवन से भारत में *डायबिटीज (मधुमेह)* और मोटापे जैसी बीमारियां बढ़ी हैं। इसके विपरीत, मोटे अनाज फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर थे जो शरीर को सुरक्षा देते थे।
*रसायनों का जाल:* अधिक उत्पादन के लालच में अंधाधुंध रासायनिक खाद और यूरिया, DAP, कीटनाशकों एवं रासायनो (Pesticides) का प्रयोग शुरू हुआ, जो अब हमारे भोजन के जरिए शरीर में पहुंचकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर रहे हैं।
*विदेशी संस्थाओं की भूमिका:* यह सच है कि हरित क्रांति की रणनीति में अमेरिकी संस्थाओं जैसे *फोर्ड फाउंडेशन (Ford Foundation) और रॉकफेलर फाउंडेशन (Rockefeller Foundation)* की बड़ी भूमिका थी। आलोचकों का मानना है कि इससे भारतीय खेती स्थानीय बीजों के बजाय विदेशी रसायनों और बाजार पर निर्भर हो गई।
*निष्कर्ष:*
चाहे इसे 'इल्लुमिनाति' जैसी गुप्त संस्थाओं की साजिश कहें या गलत कृषि नीतियां, नतीजा यही है कि हमने अपनी खाद्य संप्रभुता (Food Sovereignty) और स्वास्थ्य खोया है। आज सरकार खुद "श्री अन्न" के नाम से दोबारा इन मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रही है ताकि हम अपनी जड़ों की ओर लौट सकें।
मनोज कुमार 🙏🙏
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https://atulmishranagpur.com/trump-next-plandemic-strategy-analysis/
अगली महामारी की तैयारी या वैश्विक रणनीति ? ट्रंप के 5.5 अरब डॉलर फंड का रहस्य By Atul Mishra Nagpur
बहुत जल्द महामारी संधि एक्टिव हो जाएगी
दोस्तों, हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक जारी किये एपस्टीन फाइल में पूरी दुनिया उलझ गयी | हर न्यूज़ चैनल , हर सोशल मीडिया पर एपस्टीन फाइल के बारे में बताया जा रहा है | पर यह किसी ने नहीं सोचा की ट्रम्प ने 2026 के शुरुवात में “पीस ऑफ़ बोर्ड” पर हस्ताक्षर किया और उसके कुछ समय बाद ही एपस्टीन फाइल को जारी किया गया |
पूरी दुनिया को एपस्टीन फाइल में उलझाकर back door से ‘ चुपचाप ‘ दुनिया से छुपाकर ट्रम्प “अगली वैश्विक महामारी” की तयारी कर रहा है जहा World Health Organization से दूरी बनाने की बात कर रहा था , वहीं दूसरी ओर के साथ “अगली महामारी” की तयारी के लिए अरबो डॉलर को मंजूरी दी गई।
किस तरह लोगो के साथ छल किया गया दुनिया को भरमाकर ट्रम्प “अगली महामारी” की तयारी कर रहा है |
देखेंगे इस ब्लॉग में
पूरा एजेंडा समझने के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ें:
https://atulmishranagpur.com/trump-next-plandemic-strategy-analysis/
अतुल मिश्रा नागपुर
#atulmishranagpur
#thegreatawakeningoftheendtime
अगली महामारी की तैयारी या वैश्विक रणनीति ? ट्रंप के 5.5 अरब डॉलर फंड का रहस्य By Atul Mishra Nagpur
बहुत जल्द महामारी संधि एक्टिव हो जाएगी
दोस्तों, हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक जारी किये एपस्टीन फाइल में पूरी दुनिया उलझ गयी | हर न्यूज़ चैनल , हर सोशल मीडिया पर एपस्टीन फाइल के बारे में बताया जा रहा है | पर यह किसी ने नहीं सोचा की ट्रम्प ने 2026 के शुरुवात में “पीस ऑफ़ बोर्ड” पर हस्ताक्षर किया और उसके कुछ समय बाद ही एपस्टीन फाइल को जारी किया गया |
पूरी दुनिया को एपस्टीन फाइल में उलझाकर back door से ‘ चुपचाप ‘ दुनिया से छुपाकर ट्रम्प “अगली वैश्विक महामारी” की तयारी कर रहा है जहा World Health Organization से दूरी बनाने की बात कर रहा था , वहीं दूसरी ओर के साथ “अगली महामारी” की तयारी के लिए अरबो डॉलर को मंजूरी दी गई।
किस तरह लोगो के साथ छल किया गया दुनिया को भरमाकर ट्रम्प “अगली महामारी” की तयारी कर रहा है |
देखेंगे इस ब्लॉग में
पूरा एजेंडा समझने के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ें:
https://atulmishranagpur.com/trump-next-plandemic-strategy-analysis/
अतुल मिश्रा नागपुर
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#thegreatawakeningoftheendtime
The Great Awakening Of The End Time
अगली महामारी की तैयारी या वैश्विक रणनीति ? ट्रंप के 5.5 अरब डॉलर फंड का रहस्य By Atul Mishra Nagpur – The Great Awakening Of The…
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भविष्य की अगली महामारी की तैयारी के लिए 5.5 अरब डॉलर की मंजूरी और WHO के साथ बदलते संबंधों के पीछे उठते सवालों का विश्लेषण।
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रविश कुमार - नंबर सबका आएगा
दो बिल्ली की लड़ाई में पूरी रोटी बन्दर खायेगा?
दो बिल्ली की लड़ाई में पूरी रोटी बन्दर खायेगा?
IDFC FIRST Bank Hit by ₹590 Crore Fraud
IDFC FIRST Bank has reported a big fraud of about ₹590 crore at its Chandigarh branch. It happened with accounts linked to the Haryana government. The issue came up when one department asked to close their account and move money, but the balances didn’t match. Checks on other government accounts showed the same problem. The bank thinks it’s only in these specific accounts and not others.
What happened: Some bank employees and others did unauthorized and fake activities. The bank has suspended four staff, filed a police case, and started a full check with outside experts.
The fraud amount is more than their last quarter’s PAT of ₹503 crore
IDFC FIRST Bank has reported a big fraud of about ₹590 crore at its Chandigarh branch. It happened with accounts linked to the Haryana government. The issue came up when one department asked to close their account and move money, but the balances didn’t match. Checks on other government accounts showed the same problem. The bank thinks it’s only in these specific accounts and not others.
What happened: Some bank employees and others did unauthorized and fake activities. The bank has suspended four staff, filed a police case, and started a full check with outside experts.
The fraud amount is more than their last quarter’s PAT of ₹503 crore