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2015 मे ही प्लानिंग की गई थी की एक नई महामारी कैसे लाई जाएगी और कोविड 19 (COVID 19) झूठी महामारी सें लोगों को कैसे डराई जाएगी और कैसे वैक्सीन 💉💉 ठोकी जाएगी यह सारा संयंत्र का चर्चा और पर्दाफाश एपस्टीन फाइल ने कर दिया है...
अब सुनो असली डरावना सच, पढ़ी-लिखी लेकिन मूर्ख जनता के लिए 😱💥🔥:
☠️⚡ SURESH ZMEDIA:
सभी बैंक डूबने वाले हैं –
ये बात हम 2020 से बोलते आ रहे हैं, और अब सच साबित हो रहा है! 😤
अभी तक टोटल 200+ छोटे और कुछ बड़े बैंक बंद किये जा चुके हैं (मर्ज या फेल होकर गायब), और अब 2 बैंक और कर दिए हैं (IDFC और AU को सरकारी काम से बाहर)! 🏦❌
ये सब क्या है? सरकार और RBI मिलकर पूरे पहले तीन बैंक रखे जाएंगे – बड़े-बड़े मर्जर से सिर्फ कुछ चुनिंदा "मेगा बैंक" बचेंगे। उसके बाद सिर्फ एक बैंक रखा जाएगा जो पूर्णतय डिजिटल होगा – कोई ब्रांच नहीं, कोई इंसान नहीं, बस ऐप और स्क्रीन! 📱💻 सब कुछ ऑनलाइन, सब कुछ कंट्रोल में... लेकिन तुम्हारा पैसा? वो कहीं भी उड़ सकता है! 🚨💸
2020 से अब तक पब्लिक सेक्टर बैंक 27 से घटकर 12 हो गए – बड़े मर्जर से "मजबूत" बने, लेकिन असल में छोटे-मोटे बैंक खत्म हो रहे हैं। 🔻🏦
अब "Merger 2.0" की बात चल रही है – 12 से घटाकर 4 या फिर सिर्फ कुछ ही बचेंगे। छोटे बैंक मर्ज होकर बड़े में समा जाएंगे, और अंत में? एक डिजिटल सुपर बैंक जहां सब कुछ AI और ऐप से चलेगा 🤖📲।
सरकार खुद प्राइवेट बैंकों से पैसा निकाल रही है क्योंकि भरोसा टूट गया – 590 करोड़ का फ्रॉड IDFC में! 💰⚠️ तो जनता का पैसा क्यों सुरक्षित रहेगा? कल को तुम्हारा FD, RD, सैलरी अकाउंट भी "मर्ज" होकर गायब हो सकता है! 😭💔
तुरंत जागो, मूर्ख मत बनो! ⚡
अपना पैसा बैंक से निकालो 💸🏃♂️
सोना खरीदो 🪙 (चमकेगा, कोई फ्रॉड नहीं हड़प सकता) ✨
चांदी जमा करो 🪙💎
खेत की जमीन में निवेश करो 🌾 (पैसा मिट्टी में दबा रहेगा, बैंक में उड़ने नहीं जाएगा) 🌱
सरकार को खुद भरोसा नहीं है बैंकों पर – वो अपना पैसा बचा रही है, तुम क्यों जोखिम लो? 🔥💀
अगर अभी नहीं निकाला, तो कल रोना मत – क्योंकि बैंक डूबेंगे, मर्ज होंगे, डिजिटल हो जाएंगे... और तुम्हारा पैसा? "सिस्टेमिक इश्यू नहीं" कहकर भूल जाएगा! 😡⚡
जल्दी करो, बैंक की लाइन में लग जाओ... वरना सब कुछ "डिजिटल फ्रॉड" में बदल जाएगा! 🚨💔📲
☠️⚡ SURESH ZMEDIA:
सभी बैंक डूबने वाले हैं –
ये बात हम 2020 से बोलते आ रहे हैं, और अब सच साबित हो रहा है! 😤
अभी तक टोटल 200+ छोटे और कुछ बड़े बैंक बंद किये जा चुके हैं (मर्ज या फेल होकर गायब), और अब 2 बैंक और कर दिए हैं (IDFC और AU को सरकारी काम से बाहर)! 🏦❌
ये सब क्या है? सरकार और RBI मिलकर पूरे पहले तीन बैंक रखे जाएंगे – बड़े-बड़े मर्जर से सिर्फ कुछ चुनिंदा "मेगा बैंक" बचेंगे। उसके बाद सिर्फ एक बैंक रखा जाएगा जो पूर्णतय डिजिटल होगा – कोई ब्रांच नहीं, कोई इंसान नहीं, बस ऐप और स्क्रीन! 📱💻 सब कुछ ऑनलाइन, सब कुछ कंट्रोल में... लेकिन तुम्हारा पैसा? वो कहीं भी उड़ सकता है! 🚨💸
2020 से अब तक पब्लिक सेक्टर बैंक 27 से घटकर 12 हो गए – बड़े मर्जर से "मजबूत" बने, लेकिन असल में छोटे-मोटे बैंक खत्म हो रहे हैं। 🔻🏦
अब "Merger 2.0" की बात चल रही है – 12 से घटाकर 4 या फिर सिर्फ कुछ ही बचेंगे। छोटे बैंक मर्ज होकर बड़े में समा जाएंगे, और अंत में? एक डिजिटल सुपर बैंक जहां सब कुछ AI और ऐप से चलेगा 🤖📲।
सरकार खुद प्राइवेट बैंकों से पैसा निकाल रही है क्योंकि भरोसा टूट गया – 590 करोड़ का फ्रॉड IDFC में! 💰⚠️ तो जनता का पैसा क्यों सुरक्षित रहेगा? कल को तुम्हारा FD, RD, सैलरी अकाउंट भी "मर्ज" होकर गायब हो सकता है! 😭💔
तुरंत जागो, मूर्ख मत बनो! ⚡
अपना पैसा बैंक से निकालो 💸🏃♂️
सोना खरीदो 🪙 (चमकेगा, कोई फ्रॉड नहीं हड़प सकता) ✨
चांदी जमा करो 🪙💎
खेत की जमीन में निवेश करो 🌾 (पैसा मिट्टी में दबा रहेगा, बैंक में उड़ने नहीं जाएगा) 🌱
सरकार को खुद भरोसा नहीं है बैंकों पर – वो अपना पैसा बचा रही है, तुम क्यों जोखिम लो? 🔥💀
अगर अभी नहीं निकाला, तो कल रोना मत – क्योंकि बैंक डूबेंगे, मर्ज होंगे, डिजिटल हो जाएंगे... और तुम्हारा पैसा? "सिस्टेमिक इश्यू नहीं" कहकर भूल जाएगा! 😡⚡
जल्दी करो, बैंक की लाइन में लग जाओ... वरना सब कुछ "डिजिटल फ्रॉड" में बदल जाएगा! 🚨💔📲
🔥 आप किसी ऐसे इंसान को नहीं बचा सकते जो अपने पिंजरे से प्यार करता हो 🕊️🔒
ज़िंदगी में एक मोड़ आता है ⏳🛤️ जब एहसास होता है कि आप किसी को जबरन आगे नहीं बढ़ा सकते ⛔➡️।
आप प्यार करके किसी को ठीक नहीं कर सकते ❤️🩹❌।
आप बहस करके किसी को जगा नहीं सकते 🗣️⚡❌।
कुछ लोग अपने दर्द से गहराई से जुड़े होते हैं 💔🔗।
वही उनकी पहचान बन जाता है 🪞।
वही उन्हें दोष देने का सहारा देता है 👉🎭।
और सच ये है… वे अपनी उस पहचान को पूरी ताकत से बचाते हैं 🛡️⚔️।
लंबे समय तक हम दूसरों को बचाने की कोशिश करते रहते हैं 🤝🆘।
सोचते हैं — अगर और समझाएं 🧠,
और सच्चाई दिखाएं 💡,
और जगह दें ⏰ —
तो वे बदल जाएंगे 🔄।
लेकिन आगे बढ़ना एक चॉइस है 🚪✨… और हर कोई इसे नहीं चुनता।
दया और खुद को कुर्बान करने में फर्क होता है ⚖️।
मदद करने और निर्भर बना देने में फर्क होता है 🤲🔄।
साथ खड़े होने और सहारा बन जाने में फर्क होता है 🧍♂️🧍♀️।
अगर कोई अपनी आज़ादी से ज़्यादा अपनी जंजीरों से प्यार करता है 🔗❤️,
तो वही उसका रास्ता है 🛤️।
आप उन जंजीरों को तोड़ने के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं 🧩❌।
अपनी एनर्जी बचाएं ⚡🛡️।
उन लोगों में इन्वेस्ट करें जो खुद में इन्वेस्ट करते हैं 📈🤝।
उनके साथ खड़े हों जो बनाना चाहते हैं 🏗️🌱,
न कि उनके साथ जो एक ही घर को बार-बार जलाने में सहज हैं 🔥🏚️।
आप यहां हर किसी को बचाने नहीं आए हैं 🚫🦸♂️।
आप यहां उठने के लिए हैं ⬆️✨…
और उनके साथ चलने के लिए भी जो उठ रहे हैं 🚶♂️🚶♀️🌅।
ज़िंदगी में एक मोड़ आता है ⏳🛤️ जब एहसास होता है कि आप किसी को जबरन आगे नहीं बढ़ा सकते ⛔➡️।
आप प्यार करके किसी को ठीक नहीं कर सकते ❤️🩹❌।
आप बहस करके किसी को जगा नहीं सकते 🗣️⚡❌।
कुछ लोग अपने दर्द से गहराई से जुड़े होते हैं 💔🔗।
वही उनकी पहचान बन जाता है 🪞।
वही उन्हें दोष देने का सहारा देता है 👉🎭।
और सच ये है… वे अपनी उस पहचान को पूरी ताकत से बचाते हैं 🛡️⚔️।
लंबे समय तक हम दूसरों को बचाने की कोशिश करते रहते हैं 🤝🆘।
सोचते हैं — अगर और समझाएं 🧠,
और सच्चाई दिखाएं 💡,
और जगह दें ⏰ —
तो वे बदल जाएंगे 🔄।
लेकिन आगे बढ़ना एक चॉइस है 🚪✨… और हर कोई इसे नहीं चुनता।
दया और खुद को कुर्बान करने में फर्क होता है ⚖️।
मदद करने और निर्भर बना देने में फर्क होता है 🤲🔄।
साथ खड़े होने और सहारा बन जाने में फर्क होता है 🧍♂️🧍♀️।
अगर कोई अपनी आज़ादी से ज़्यादा अपनी जंजीरों से प्यार करता है 🔗❤️,
तो वही उसका रास्ता है 🛤️।
आप उन जंजीरों को तोड़ने के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं 🧩❌।
अपनी एनर्जी बचाएं ⚡🛡️।
उन लोगों में इन्वेस्ट करें जो खुद में इन्वेस्ट करते हैं 📈🤝।
उनके साथ खड़े हों जो बनाना चाहते हैं 🏗️🌱,
न कि उनके साथ जो एक ही घर को बार-बार जलाने में सहज हैं 🔥🏚️।
आप यहां हर किसी को बचाने नहीं आए हैं 🚫🦸♂️।
आप यहां उठने के लिए हैं ⬆️✨…
और उनके साथ चलने के लिए भी जो उठ रहे हैं 🚶♂️🚶♀️🌅।
👍1
एक तरफ करोड़ों लोग भूखे सोते हैं 😢🍽️ और दूसरी तरफ 65 लाख टन अनाज गोदामों में सड़ जाता है 🏚️🌾🪦।
यह अनाज अपने आप खराब नहीं हुआ ⚠️— अधिकारियों की लापरवाही ने इसे बर्बाद किया है 🚨📉।
किसान धूप में पसीना बहाकर फसल उगाता है 🌞👨🌾💦, लेकिन प्रशासन उसे सुरक्षित नहीं रख पा रहा 🏚️📦❌।
भंडारण और लॉजिस्टिक्स की कमी 🚛📉 की वजह से यह राशन कचरा बन रहा है 🗑️🍚।
यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं 💸❗, बल्कि उन गरीबों के साथ धोखा है 🤲🥀 जिन्हें इसकी जरूरत थी 🍲।
जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी ⚖️⏳, तब तक टैक्सपेयर का पैसा ऐसे ही गोदामों में सड़ता रहेगा 🏦➡️🗑️।
सिस्टम का फेलियर ⚠️🏛️ है कि हम अपनी ही पैदावार को संभाल कर नहीं रख सकते 🤦♂️🌾।
#poor 😔🥀
यह अनाज अपने आप खराब नहीं हुआ ⚠️— अधिकारियों की लापरवाही ने इसे बर्बाद किया है 🚨📉।
किसान धूप में पसीना बहाकर फसल उगाता है 🌞👨🌾💦, लेकिन प्रशासन उसे सुरक्षित नहीं रख पा रहा 🏚️📦❌।
भंडारण और लॉजिस्टिक्स की कमी 🚛📉 की वजह से यह राशन कचरा बन रहा है 🗑️🍚।
यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं 💸❗, बल्कि उन गरीबों के साथ धोखा है 🤲🥀 जिन्हें इसकी जरूरत थी 🍲।
जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी ⚖️⏳, तब तक टैक्सपेयर का पैसा ऐसे ही गोदामों में सड़ता रहेगा 🏦➡️🗑️।
सिस्टम का फेलियर ⚠️🏛️ है कि हम अपनी ही पैदावार को संभाल कर नहीं रख सकते 🤦♂️🌾।
#poor 😔🥀
शिकारी नया है, जाल पुराना....लालच वही, तरीका सुहाना। 🕸️🐍
शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा...
और जनता कहेगी - 500 में करोड़पति बन जाएँगे 💸💥
भारत टैक्सी 🚕
भारत टैक्सी (Bharat Taxi) ऐप के पीछे सरकार की हकीकत 🏛️
ये है कि ये "ड्राइवरों का अपना ऐप" और "शोषण मुक्त" होने का बड़ा-बड़ा दावा करके लॉन्च हुआ, लेकिन ग्राउंड पर पायलट स्टेज (दिल्ली-NCR और गुजरात) में ही इतनी समस्याएं सामने आ चुकी हैं कि कई ड्राइवर अब इसे "नई लूट" या "पॉलिटिकल प्रोजेक्ट" कह रहे हैं। फरवरी 2026 तक की रियलिटी चेक से ये बातें निकलकर आई हैं: 🔍⚠️
1. राइड्स बहुत कम, कमाई नाममात्र – ड्राइवर निराश और कर्ज में डूबते जा रहे 💸😔
पायलट में ड्राइवर 10-12 घंटे ऑनलाइन रहते हैं, लेकिन दिन में सिर्फ 1-2 राइड्स मिल रही हैं (कई ने बताया "दूसरी राइड आज की पहली थी") 🕒🚕
ओला/उबर से तुलना में बुकिंग्स 80-90% कम – क्योंकि ऐप नया है, यूजर्स कम हैं, मार्केटिंग नहीं हो रही 📉📲
ड्राइवर ने ₹500 निवेश किया (शेयर के लिए), लेकिन अगर कमाई नहीं हुई तो ये पैसा भी डूब सकता है 💔💰। अमित शाह ने कहा "3 साल बाद 80% प्रॉफिट मिलेगा", लेकिन अगर स्केल नहीं बढ़ा तो ये सिर्फ खाली वादा बन जाएगा ❌
2. फिक्स्ड फेयर से पैसेंजर को महंगा, ड्राइवर को कम 💸💀
शुरुआती तुलना में एक ही रूट पर भारत टैक्सी ₹945-1100 दिखा रहा, जबकि उबर ₹967 (प्रोमो के साथ) – मतलब कई जगह महंगा पड़ रहा 💵
कोई सर्ज नहीं, लेकिन कम डिमांड से ड्राइवर की कुल कमाई घट रही है 📉
ड्राइवर शिकायत कर रहे हैं कि "फेयर कम है, वॉल्यूम नहीं है – नतीजा जीरो" ⚠️
हकीकत: अगर पैसेंजर महंगा देखकर वापस ओला/उबर चला गया, तो ऐप कभी बड़ा नहीं होगा – और ड्राइवर फंस जाएंगे 🚫
3. पेमेंट डिले, हिडन चार्जेस और ऑपरेशनल गड़बड़ियां ⏳💳
कई ड्राइवरों ने बताया कि पेमेंट काउंटर अब सिर्फ एक बार खुलता है (दोपहर 12:30 से 2-3 घंटे), लंबी कतारें, 20+ ट्रिप्स पेंडिंग ⌛🚶♂️
ऑफिशियल 0% कमीशन का दावा, लेकिन कुछ ड्राइवर कह रहे हैं 7% तक कट रहा है (या डेली ₹30 एक्सेस फी + अन्य चार्जेस) 💸
ऐप में ग्लिच: मैप रुक जाता है, ETA गलत, राइड कैंसल हो जाती है – पैसेंजर भड़कता है, ड्राइवर को गाली पड़ती है 🛑📍
4. पॉलिटिकल ढोंग और स्केल की कमी – असली मकसद क्या? 🎭🏛️
अमित शाह खुद टाउन हॉल में ड्राइवरों से मिले और कहा "धैर्य रखो, शुरुआती दिक्कतें हैं" – लेकिन 2029 तक नेशनल रोलआउट का दावा कितना रियल है? 🤔
ये कोऑपरेटिव मॉडल है (Sahakar Taxi Cooperative Ltd), लेकिन बोर्ड में असली ड्राइवर कम, बड़े कोऑपरेटिव्स (Amul, IFFCO जैसे) का दबदबा ⚠️
सच्चाई: अगर ये फेल हुआ तो सरकारी पैसा (₹300 करोड़ इनिशियल कॉर्पस) कहां जाएगा? पुरानी सरकारी स्कीम्स की तरह भ्रष्टाचार या घोटाला का खतरा ⚡💀
ओला/उबर की हड़ताल के बीच सरकार ये लॉन्च कर रही है – लेकिन असल में ड्राइवरों की समस्या सॉल्व नहीं हो रही, बस नया "विकल्प" देकर समय खींच रही 🕳️
निष्कर्ष 📝
ये ऐप "स्वदेशी, ड्राइवर-ओन्ड" का चेहरा दिखाकर लॉन्च हुआ, लेकिन अभी ग्राउंड पर फेलियर की कगार पर है – कम राइड्स, कम कमाई, ग्लिच, पेमेंट इश्यू ⚠️💸। ड्राइवर फंस गए हैं (कर्ज + निवेश), पैसेंजर महंगा/अनरिलायबल पा रहे हैं 💀💰। अगर स्केल नहीं बढ़ा तो ये एक और सरकारी फेल प्रोजेक्ट बन जाएगा, जहां ड्राइवरों का पैसा और उम्मीदें डूब जाएंगी 🌪️💔।
दिल्ली में हो (आपकी लोकेशन से), तो खुद ट्राई करके देख लो – लेकिन उम्मीद कम रखना, क्योंकि अभी ये ओला/उबर का किल है 🚫📲.
शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा...
और जनता कहेगी - 500 में करोड़पति बन जाएँगे 💸💥
भारत टैक्सी 🚕
भारत टैक्सी (Bharat Taxi) ऐप के पीछे सरकार की हकीकत 🏛️
ये है कि ये "ड्राइवरों का अपना ऐप" और "शोषण मुक्त" होने का बड़ा-बड़ा दावा करके लॉन्च हुआ, लेकिन ग्राउंड पर पायलट स्टेज (दिल्ली-NCR और गुजरात) में ही इतनी समस्याएं सामने आ चुकी हैं कि कई ड्राइवर अब इसे "नई लूट" या "पॉलिटिकल प्रोजेक्ट" कह रहे हैं। फरवरी 2026 तक की रियलिटी चेक से ये बातें निकलकर आई हैं: 🔍⚠️
1. राइड्स बहुत कम, कमाई नाममात्र – ड्राइवर निराश और कर्ज में डूबते जा रहे 💸😔
पायलट में ड्राइवर 10-12 घंटे ऑनलाइन रहते हैं, लेकिन दिन में सिर्फ 1-2 राइड्स मिल रही हैं (कई ने बताया "दूसरी राइड आज की पहली थी") 🕒🚕
ओला/उबर से तुलना में बुकिंग्स 80-90% कम – क्योंकि ऐप नया है, यूजर्स कम हैं, मार्केटिंग नहीं हो रही 📉📲
ड्राइवर ने ₹500 निवेश किया (शेयर के लिए), लेकिन अगर कमाई नहीं हुई तो ये पैसा भी डूब सकता है 💔💰। अमित शाह ने कहा "3 साल बाद 80% प्रॉफिट मिलेगा", लेकिन अगर स्केल नहीं बढ़ा तो ये सिर्फ खाली वादा बन जाएगा ❌
2. फिक्स्ड फेयर से पैसेंजर को महंगा, ड्राइवर को कम 💸💀
शुरुआती तुलना में एक ही रूट पर भारत टैक्सी ₹945-1100 दिखा रहा, जबकि उबर ₹967 (प्रोमो के साथ) – मतलब कई जगह महंगा पड़ रहा 💵
कोई सर्ज नहीं, लेकिन कम डिमांड से ड्राइवर की कुल कमाई घट रही है 📉
ड्राइवर शिकायत कर रहे हैं कि "फेयर कम है, वॉल्यूम नहीं है – नतीजा जीरो" ⚠️
हकीकत: अगर पैसेंजर महंगा देखकर वापस ओला/उबर चला गया, तो ऐप कभी बड़ा नहीं होगा – और ड्राइवर फंस जाएंगे 🚫
3. पेमेंट डिले, हिडन चार्जेस और ऑपरेशनल गड़बड़ियां ⏳💳
कई ड्राइवरों ने बताया कि पेमेंट काउंटर अब सिर्फ एक बार खुलता है (दोपहर 12:30 से 2-3 घंटे), लंबी कतारें, 20+ ट्रिप्स पेंडिंग ⌛🚶♂️
ऑफिशियल 0% कमीशन का दावा, लेकिन कुछ ड्राइवर कह रहे हैं 7% तक कट रहा है (या डेली ₹30 एक्सेस फी + अन्य चार्जेस) 💸
ऐप में ग्लिच: मैप रुक जाता है, ETA गलत, राइड कैंसल हो जाती है – पैसेंजर भड़कता है, ड्राइवर को गाली पड़ती है 🛑📍
4. पॉलिटिकल ढोंग और स्केल की कमी – असली मकसद क्या? 🎭🏛️
अमित शाह खुद टाउन हॉल में ड्राइवरों से मिले और कहा "धैर्य रखो, शुरुआती दिक्कतें हैं" – लेकिन 2029 तक नेशनल रोलआउट का दावा कितना रियल है? 🤔
ये कोऑपरेटिव मॉडल है (Sahakar Taxi Cooperative Ltd), लेकिन बोर्ड में असली ड्राइवर कम, बड़े कोऑपरेटिव्स (Amul, IFFCO जैसे) का दबदबा ⚠️
सच्चाई: अगर ये फेल हुआ तो सरकारी पैसा (₹300 करोड़ इनिशियल कॉर्पस) कहां जाएगा? पुरानी सरकारी स्कीम्स की तरह भ्रष्टाचार या घोटाला का खतरा ⚡💀
ओला/उबर की हड़ताल के बीच सरकार ये लॉन्च कर रही है – लेकिन असल में ड्राइवरों की समस्या सॉल्व नहीं हो रही, बस नया "विकल्प" देकर समय खींच रही 🕳️
निष्कर्ष 📝
ये ऐप "स्वदेशी, ड्राइवर-ओन्ड" का चेहरा दिखाकर लॉन्च हुआ, लेकिन अभी ग्राउंड पर फेलियर की कगार पर है – कम राइड्स, कम कमाई, ग्लिच, पेमेंट इश्यू ⚠️💸। ड्राइवर फंस गए हैं (कर्ज + निवेश), पैसेंजर महंगा/अनरिलायबल पा रहे हैं 💀💰। अगर स्केल नहीं बढ़ा तो ये एक और सरकारी फेल प्रोजेक्ट बन जाएगा, जहां ड्राइवरों का पैसा और उम्मीदें डूब जाएंगी 🌪️💔।
दिल्ली में हो (आपकी लोकेशन से), तो खुद ट्राई करके देख लो – लेकिन उम्मीद कम रखना, क्योंकि अभी ये ओला/उबर का किल है 🚫📲.
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इस पृथ्वी में इंसान को पहले इंसान बनना होगा🥲🥲
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ओशो का संदेश 👆👆
इस पृथ्वी में ऐसा लगता है की लोग प्रतिदिन सिर्फ अपने पेट की भूख को मिटाने के लिए भागे जा रहे है.... लेकिन प्रकृति बोल रही है तुम मत भागो मै तुम्हारा पेट भर दूंगी बस तुम सत्य को जानो 🥲🥲
उस किताब को कौन पढ़ेगा जो ईश्वर ने सभी अपने बच्चों के लिए एक खुली हुई किताब सभी के सामने रख दी है..... लेकिन लोग उस किताब को पढ़ने में लगे है जो किताब ईश्वर से दूर और सत्य से दूर हमें ले जाती है.... और लोग अपना कीमती समय को यूँही बर्बाद कर रहे हैंl
मनोज कुमार 🙏🙏
इस पृथ्वी में ऐसा लगता है की लोग प्रतिदिन सिर्फ अपने पेट की भूख को मिटाने के लिए भागे जा रहे है.... लेकिन प्रकृति बोल रही है तुम मत भागो मै तुम्हारा पेट भर दूंगी बस तुम सत्य को जानो 🥲🥲
उस किताब को कौन पढ़ेगा जो ईश्वर ने सभी अपने बच्चों के लिए एक खुली हुई किताब सभी के सामने रख दी है..... लेकिन लोग उस किताब को पढ़ने में लगे है जो किताब ईश्वर से दूर और सत्य से दूर हमें ले जाती है.... और लोग अपना कीमती समय को यूँही बर्बाद कर रहे हैंl
मनोज कुमार 🙏🙏
अखंड भारत 🇮🇳🇮🇳
https://youtu.be/BpnvvqYf_Yo?si=SXo3aGFEjkq4_6T2 विनोद कुमार सचान - कृषि वैज्ञानिक
*जो किसान धरती मां को बचाने का कार्य करेगा उसे धरती मां कभी निराश नहीं करेगी*
अतः खेती करतें समय सबसे अधिक जरूरी है कि धरती में ह्यूमस बढ़ाने की सोचें भी और ह्यूमस बढ़ाएं भी।
इसके लिए खेत की मेड जरूरी है और मेड पर पेड़ जरूरी है साथ ही फसलों के अवशेष खेत से बाहर नहीं जाने चाहिए, खरपतवार को रसायन डालकर कभी न नष्ट करें जीवामृत बनाएं और फसल की बुवाई के पहले खेत में प्रयोग करें।
ग्रुप के बहुत से किसान भाई बहुत समझ के साथ यह कार्य कर रहे है
*मै विनोद कुमार सचान ऐसे सभी किसान भाइयों को हृदय से प्रणाम करता हूं*
साथियों प्राकृतिक ही खेती हमारी आने पीढ़ियों को जीवन दे पाएगी बकाया रसायनिक खेती तो हर किसी को मौत बांट रही है।
मिट्टी खराब हो गई, किसान कर्ज में डूब गया, खाने वाले बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे है किसान के बच्चे रोजगार के लिए शहरों में पलायन कर रहे है।
खेती एक *सनातनी* व्यवस्था है सनातन का अर्थ है जो परमात्मा ने बनाया, जो परमात्मा ने बनाया है उसे नष्ट करने का अधिकार हम मनुष्यों को नहीं है। जो व्यक्ति लोभ लालच में फंसकर सनातन को नष्ट करेगा वह मनुष्य नहीं हो सकता और ऐसे व्यक्ति चाहे जितने धार्मिक आडंबर करें ईश्वर कभी उनकी नहीं सुनेगा।
ईश्वर ने मुझे दो हाथ भगवान का काम करने के लिए दिए है भगवान के सामने हाथ जोड़ने के लिए नहीं।
कर्म फल का सिद्धांत अटल है *अच्छे कर्म करेंगे तो फल मीठा मिलेगा*
रसायनिक खेती अच्छा कर्म नहीं है इससे सनातन की व्यवस्था नष्ट हो रही है यानि धरती पर ईश्वर की व्यवस्था खराब हो रही है।
शीघ्र ही इस विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ करूंगा, अभी व्यवस्थाएं पूर्ण नहीं हो पाई है मै सोचता था कि 9 मार्च के पहले सभी कार्य सम्पन्न हो जाएंगे लेकिन अभी कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है।
जैसे ही सभी व्यवस्थाएं जुटा लूंगा आप सभी को सूचित करूंगा।
अतः खेती करतें समय सबसे अधिक जरूरी है कि धरती में ह्यूमस बढ़ाने की सोचें भी और ह्यूमस बढ़ाएं भी।
इसके लिए खेत की मेड जरूरी है और मेड पर पेड़ जरूरी है साथ ही फसलों के अवशेष खेत से बाहर नहीं जाने चाहिए, खरपतवार को रसायन डालकर कभी न नष्ट करें जीवामृत बनाएं और फसल की बुवाई के पहले खेत में प्रयोग करें।
ग्रुप के बहुत से किसान भाई बहुत समझ के साथ यह कार्य कर रहे है
*मै विनोद कुमार सचान ऐसे सभी किसान भाइयों को हृदय से प्रणाम करता हूं*
साथियों प्राकृतिक ही खेती हमारी आने पीढ़ियों को जीवन दे पाएगी बकाया रसायनिक खेती तो हर किसी को मौत बांट रही है।
मिट्टी खराब हो गई, किसान कर्ज में डूब गया, खाने वाले बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे है किसान के बच्चे रोजगार के लिए शहरों में पलायन कर रहे है।
खेती एक *सनातनी* व्यवस्था है सनातन का अर्थ है जो परमात्मा ने बनाया, जो परमात्मा ने बनाया है उसे नष्ट करने का अधिकार हम मनुष्यों को नहीं है। जो व्यक्ति लोभ लालच में फंसकर सनातन को नष्ट करेगा वह मनुष्य नहीं हो सकता और ऐसे व्यक्ति चाहे जितने धार्मिक आडंबर करें ईश्वर कभी उनकी नहीं सुनेगा।
ईश्वर ने मुझे दो हाथ भगवान का काम करने के लिए दिए है भगवान के सामने हाथ जोड़ने के लिए नहीं।
कर्म फल का सिद्धांत अटल है *अच्छे कर्म करेंगे तो फल मीठा मिलेगा*
रसायनिक खेती अच्छा कर्म नहीं है इससे सनातन की व्यवस्था नष्ट हो रही है यानि धरती पर ईश्वर की व्यवस्था खराब हो रही है।
शीघ्र ही इस विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ करूंगा, अभी व्यवस्थाएं पूर्ण नहीं हो पाई है मै सोचता था कि 9 मार्च के पहले सभी कार्य सम्पन्न हो जाएंगे लेकिन अभी कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है।
जैसे ही सभी व्यवस्थाएं जुटा लूंगा आप सभी को सूचित करूंगा।
*दिवंगत जैन मुनि तरुण सागर जी द्वारा रचित कविता*
*"आदमी की औकात"*
*फिर घमंड कैसा*
घी का एक लोटा,
लकड़ियों का ढेर,
कुछ मिनटों में राख.....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात !!!!*
एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया,
अपनी सारी ज़िन्दगी,
परिवार के नाम कर गया,
कहीं रोने की सुगबुगाहट,
तो कहीं ये फुसफुसाहट....
अरे जल्दी ले चलो
कौन रखेगा सारी रात.....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात!!!!*
मरने के बाद नीचे देखा तो
नज़ारे नज़र आ रहे थे,
मेरी मौत पे.....
कुछ लोग ज़बरदस्त,
तो कुछ ज़बरदस्ती
रोए जा रहे थे।
नहीं रहा........चला गया.....
दो चार दिन करेंगे बात.....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात!!!!*
बेटा अच्छी सी तस्वीर बनवायेगा,
उसके सामने अगरबत्ती जलायेगा,
खुश्बुदार फूलों की माला होगी....
अखबार में अश्रुपूरित श्रद्धांजली होगी.........
बाद में कोई उस तस्वीर के
जाले भी नही करेगा साफ़....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात ! ! ! !*
जिन्दगी भर,
मेरा- मेरा- किया....
अपने लिए कम ,
अपनों के लिए ज्यादा जिया....
फिर भी कोई न देगा साथ.....
जाना है खाली हाथ.... क्या तिनका ले जाने के लायक भी,
होंगे हमारे हाथ ??? बस
*ये है हमारी औकात....!!!!*
*जाने कौन सी शोहरत पर,*
*आदमी को नाज है!*
*जो आखरी सफर के लिए भी,*
*औरों का मोहताज है!!!!*
*फिर घमंड कैसा ?*
*बस इतनी सी हैं*
*हमारी औकात...*
*❤️जीवन में "ठंड" और "घमंड"*
*दोनों से बच कर रहिए ....*
*क्योंकि दोनों ही से*
*"अकड़न" आ जाती है .. !!*❤️
*"आदमी की औकात"*
*फिर घमंड कैसा*
घी का एक लोटा,
लकड़ियों का ढेर,
कुछ मिनटों में राख.....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात !!!!*
एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया,
अपनी सारी ज़िन्दगी,
परिवार के नाम कर गया,
कहीं रोने की सुगबुगाहट,
तो कहीं ये फुसफुसाहट....
अरे जल्दी ले चलो
कौन रखेगा सारी रात.....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात!!!!*
मरने के बाद नीचे देखा तो
नज़ारे नज़र आ रहे थे,
मेरी मौत पे.....
कुछ लोग ज़बरदस्त,
तो कुछ ज़बरदस्ती
रोए जा रहे थे।
नहीं रहा........चला गया.....
दो चार दिन करेंगे बात.....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात!!!!*
बेटा अच्छी सी तस्वीर बनवायेगा,
उसके सामने अगरबत्ती जलायेगा,
खुश्बुदार फूलों की माला होगी....
अखबार में अश्रुपूरित श्रद्धांजली होगी.........
बाद में कोई उस तस्वीर के
जाले भी नही करेगा साफ़....
बस इतनी-सी है
*आदमी की औकात ! ! ! !*
जिन्दगी भर,
मेरा- मेरा- किया....
अपने लिए कम ,
अपनों के लिए ज्यादा जिया....
फिर भी कोई न देगा साथ.....
जाना है खाली हाथ.... क्या तिनका ले जाने के लायक भी,
होंगे हमारे हाथ ??? बस
*ये है हमारी औकात....!!!!*
*जाने कौन सी शोहरत पर,*
*आदमी को नाज है!*
*जो आखरी सफर के लिए भी,*
*औरों का मोहताज है!!!!*
*फिर घमंड कैसा ?*
*बस इतनी सी हैं*
*हमारी औकात...*
*❤️जीवन में "ठंड" और "घमंड"*
*दोनों से बच कर रहिए ....*
*क्योंकि दोनों ही से*
*"अकड़न" आ जाती है .. !!*❤️
1775: ब्रिटिश राज में सिर्फ 2% कर... “बस इतना ही, हमारी रक्षा के लिए…” 😏
लेकिन वो "रक्षा" नाम की लूट थी—भारत की संपत्ति लंदन जाती थी।
2016: 40% तक कर (सुरचार्ज + सेस मिलाकर)... “आपकी सुरक्षा, विकास और सबके लिए…” 🛡️
GST आया, नोटबंदी आई—हर ट्रांजेक्शन पर नजर, हर कमाई पर कटौती।
2026: 70% तक प्रभावी कर (उच्च स्लैब + सरचार्ज + सेस + छिपे टैक्स)... “आपके पास अब कुछ बचेगा ही नहीं…” 📈😨
नई इनकम टैक्स एक्ट, हर डिजिटल पेमेंट ट्रैक, Aadhaar से लिंक, बैंक अकाउंट फ्रीज का डर।
2036: 100% कर... “आप आज्ञाकारी रहने के लिए स्वतंत्र हैं…” ⛓️🚫
सारी कमाई सरकार की, सारी आजादी नाम की। हर कदम CCTV, AI निगरानी, हर खर्च पर रिपोर्टिंग।
आप कमाओगे, सरकार खाएगी। आप जीओगे, सरकार बताएगी कैसे।
ये कोई sci-fi नहीं—ये धीरे-धीरे हो रहा है।
कर बढ़ते जा रहे हैं, निगरानी घनी होती जा रही है, और आपकी जेब खाली होती जा रही है।
जागो... वरना कल वो दिन आएगा जब "आपका पैसा" सिर्फ एक मजाक बन जाएगा।
⚖️💀🇮🇳
कितना और सहोगे?
लेकिन वो "रक्षा" नाम की लूट थी—भारत की संपत्ति लंदन जाती थी।
2016: 40% तक कर (सुरचार्ज + सेस मिलाकर)... “आपकी सुरक्षा, विकास और सबके लिए…” 🛡️
GST आया, नोटबंदी आई—हर ट्रांजेक्शन पर नजर, हर कमाई पर कटौती।
2026: 70% तक प्रभावी कर (उच्च स्लैब + सरचार्ज + सेस + छिपे टैक्स)... “आपके पास अब कुछ बचेगा ही नहीं…” 📈😨
नई इनकम टैक्स एक्ट, हर डिजिटल पेमेंट ट्रैक, Aadhaar से लिंक, बैंक अकाउंट फ्रीज का डर।
2036: 100% कर... “आप आज्ञाकारी रहने के लिए स्वतंत्र हैं…” ⛓️🚫
सारी कमाई सरकार की, सारी आजादी नाम की। हर कदम CCTV, AI निगरानी, हर खर्च पर रिपोर्टिंग।
आप कमाओगे, सरकार खाएगी। आप जीओगे, सरकार बताएगी कैसे।
ये कोई sci-fi नहीं—ये धीरे-धीरे हो रहा है।
कर बढ़ते जा रहे हैं, निगरानी घनी होती जा रही है, और आपकी जेब खाली होती जा रही है।
जागो... वरना कल वो दिन आएगा जब "आपका पैसा" सिर्फ एक मजाक बन जाएगा।
⚖️💀🇮🇳
कितना और सहोगे?
🌑 इजराइल की छाया: दुनिया के बड़े नामों पर कंट्रोल का खेल 🌑
.. एक छोटा सा देश, इजराइल 🇮🇱, जो दुनिया की सुपरपावरों को अपनी मुट्ठी में बंद कर रखा है। नक्शे पर छोटा, लेकिन साजिशों का साम्राज्य इतना बड़ा कि आपकी रूह कांप जाए। ये कोई फिल्म नहीं—ये वो हकीकत है जो छिपी हुई है, लेकिन अब बाहर आ रही है।
✡️ जेफरी एपस्टीन 🕵️♂️—सेक्स स्कैंडल का राजा, जिसने अमीरों और नेताओं को अपनी जाल में फंसाया। लड़कियां, द्वीप, पार्टियां... लेकिन पीछे कौन? इजराइली इंटेलिजेंस? एपस्टीन की मौत जेल में—आत्महत्या या साइलेंस? वो इजराइल से जुड़ा था, और उसके जरिए ब्लैकमेल का जाल फैला।
⚖️ गिस्लेन मैक्सवेल 👩⚖️—एपस्टीन की साथी, अब जेल में। लेकिन उसका पिता? रॉबर्ट मैक्सवेल, इजराइली जासूस! वो मोसाद (इजराइल की गुप्त एजेंसी) के लिए काम करता था। क्या गिस्लेन भी उसी नेटवर्क का हिस्सा? वो गिरफ्तार हुई, लेकिन असली कंट्रोलर कौन?
💻 बिल गेट्स 🌐—माइक्रोसॉफ्ट का मालिक, वैक्सीन का बादशाह। एपस्टीन से मीटिंग्स, दान... लेकिन क्यों? इजराइल की टेक कंपनियां गेट्स के साथ पार्टनर। क्या वो वैक्सीन से दुनिया को कंट्रोल करने का प्लान है? गेट्स की तलाक, स्कैंडल—क्या इजराइल ने दबाव डाला?
🚀 एलॉन मस्क 🛰️—टेस्ला, स्पेसएक्स, X... लेकिन इजराइल की साइबर टेक उसके साथ। मस्क की कंपनियां इजराइली AI इस्तेमाल करती हैं। क्या स्टारलिंक सैटेलाइट्स से पूरी दुनिया पर नजर? मस्क की हर ट्वीट, हर फैसला—क्या तेल अवीव से आता है?
🏛️ डोनाल्ड ट्रंप 🦅—अमेरिका का पूर्व राष्ट्रपति, इजराइल का सबसे बड़ा दोस्त। जेरूसलम को राजधानी माना, Golan Heights दिया। लेकिन एपस्टीन से कनेक्शन? ट्रंप की बेटी इवांका का पति जेरेड कुश्नर—इजराइली लिंक्स! क्या ट्रंप मोहरा हैं?
👑 प्रिंस एंड्र्यू 👔—ब्रिटिश राजघराने का शहजादा, एपस्टीन स्कैंडल में फंसा। इंटरव्यू में झूठ, लेकिन क्यों नहीं जेल? क्योंकि इजराइल की रॉयल कनेक्शन? वो द्वीप पर था—ब्लैकमेल का शिकार या प्लेयर?
📜 बिल क्लिंटन 🏛️—अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति, एपस्टीन के द्वीप पर 26 बार! लॉग्स में नाम, लेकिन कोई जांच नहीं। क्लिंटन फाउंडेशन इजराइल से फंड? क्या वो अब भी स्ट्रिंग्स से बंधे हैं?
ये सब नाम... एक धागे से जुड़े: 🇮🇱 इजराइल। मोसाद की जासूसी, ब्लैकमेल, टेक कंट्रोल। दुनिया की अर्थव्यवस्था, राजनीति, मीडिया—सब पर कब्जा। आप सोचते हैं ये संयोग है? नहीं, ये प्लान है।
कल क्या होगा? जब इजराइल का कंट्रोल पूरा हो जाएगा... आपकी आजादी, आपका पैसा, आपकी जिंदगी—सब उनकी मुट्ठी में। कोई बचाव नहीं, कोई छिपने की जगह नहीं।
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.. एक छोटा सा देश, इजराइल 🇮🇱, जो दुनिया की सुपरपावरों को अपनी मुट्ठी में बंद कर रखा है। नक्शे पर छोटा, लेकिन साजिशों का साम्राज्य इतना बड़ा कि आपकी रूह कांप जाए। ये कोई फिल्म नहीं—ये वो हकीकत है जो छिपी हुई है, लेकिन अब बाहर आ रही है।
✡️ जेफरी एपस्टीन 🕵️♂️—सेक्स स्कैंडल का राजा, जिसने अमीरों और नेताओं को अपनी जाल में फंसाया। लड़कियां, द्वीप, पार्टियां... लेकिन पीछे कौन? इजराइली इंटेलिजेंस? एपस्टीन की मौत जेल में—आत्महत्या या साइलेंस? वो इजराइल से जुड़ा था, और उसके जरिए ब्लैकमेल का जाल फैला।
⚖️ गिस्लेन मैक्सवेल 👩⚖️—एपस्टीन की साथी, अब जेल में। लेकिन उसका पिता? रॉबर्ट मैक्सवेल, इजराइली जासूस! वो मोसाद (इजराइल की गुप्त एजेंसी) के लिए काम करता था। क्या गिस्लेन भी उसी नेटवर्क का हिस्सा? वो गिरफ्तार हुई, लेकिन असली कंट्रोलर कौन?
💻 बिल गेट्स 🌐—माइक्रोसॉफ्ट का मालिक, वैक्सीन का बादशाह। एपस्टीन से मीटिंग्स, दान... लेकिन क्यों? इजराइल की टेक कंपनियां गेट्स के साथ पार्टनर। क्या वो वैक्सीन से दुनिया को कंट्रोल करने का प्लान है? गेट्स की तलाक, स्कैंडल—क्या इजराइल ने दबाव डाला?
🚀 एलॉन मस्क 🛰️—टेस्ला, स्पेसएक्स, X... लेकिन इजराइल की साइबर टेक उसके साथ। मस्क की कंपनियां इजराइली AI इस्तेमाल करती हैं। क्या स्टारलिंक सैटेलाइट्स से पूरी दुनिया पर नजर? मस्क की हर ट्वीट, हर फैसला—क्या तेल अवीव से आता है?
🏛️ डोनाल्ड ट्रंप 🦅—अमेरिका का पूर्व राष्ट्रपति, इजराइल का सबसे बड़ा दोस्त। जेरूसलम को राजधानी माना, Golan Heights दिया। लेकिन एपस्टीन से कनेक्शन? ट्रंप की बेटी इवांका का पति जेरेड कुश्नर—इजराइली लिंक्स! क्या ट्रंप मोहरा हैं?
👑 प्रिंस एंड्र्यू 👔—ब्रिटिश राजघराने का शहजादा, एपस्टीन स्कैंडल में फंसा। इंटरव्यू में झूठ, लेकिन क्यों नहीं जेल? क्योंकि इजराइल की रॉयल कनेक्शन? वो द्वीप पर था—ब्लैकमेल का शिकार या प्लेयर?
📜 बिल क्लिंटन 🏛️—अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति, एपस्टीन के द्वीप पर 26 बार! लॉग्स में नाम, लेकिन कोई जांच नहीं। क्लिंटन फाउंडेशन इजराइल से फंड? क्या वो अब भी स्ट्रिंग्स से बंधे हैं?
ये सब नाम... एक धागे से जुड़े: 🇮🇱 इजराइल। मोसाद की जासूसी, ब्लैकमेल, टेक कंट्रोल। दुनिया की अर्थव्यवस्था, राजनीति, मीडिया—सब पर कब्जा। आप सोचते हैं ये संयोग है? नहीं, ये प्लान है।
कल क्या होगा? जब इजराइल का कंट्रोल पूरा हो जाएगा... आपकी आजादी, आपका पैसा, आपकी जिंदगी—सब उनकी मुट्ठी में। कोई बचाव नहीं, कोई छिपने की जगह नहीं।
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जल्द से जल्द ये लोग पैसे बंद करना चाहते है.... CBDC नई प्रोग्रामिंग करेंसी जल्द से जल्द लाना है इन्हे इसलिए ये सारे छापे मारने का खेल चल रहा है... 👆👆