अखंड भारत 🇮🇳🇮🇳
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इस चैनल का उद्देश्य देशभर में जागरूकता फैलाकर अंतरराष्ट्रीय साजिश से भारत को गुलाम बनने से बचाना है।
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अफ़्रीका

जिम्बाब्वे ने लंबे समय तक असर करने वाला एचआईवी- रोकथाम इंजेक्शन, लेनाकापाविर लॉन्च किया।

एचआईवी/ एड्स के खिलाफ लड़ाई में अभूतपूर्व प्रगति करने वाले देशों में से एक के रूप में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्र एचआईवी रोकथाम के लिए इस अभूतपूर्व अगली पीढ़ी की इंजेक्शन दवा को अपनाने वाले अग्रणी देशों में से एक बन गया है।
“मौ@त के 2 घंटे बाद भी नहीं दी जा रही छुट्‌टी’ - GMCH-32 में चौंकाने वाला खुलासा, सरप्राइज चेकिंग में सामने आई लापरवाही”

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अमेरिकी टेक अरबपति बिल गेट्स ने यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से रिश्तों को लेकर माफी मांगी है. गेट्स ने अपने गेट्स फाउंडेशन के कर्मचारियों से कहा कि मेरी वजह से सेवार्थ संस्था की छवि धूमिल हुई है.
पूरी खबर: https://p.dw.com/p/59Szt
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शिलांग के असम रेजिमेंटल सेंटर में शॉर्ट-टर्म अग्निपथ स्कीम के तहत ट्रेनिंग ले रहे दो ट्रेनी अग्निवीर सैनिकों की संदिग्ध मेनिंगोकोकल बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण मौत हो गई है। वहीं, दूसरे 28 ट्रेनी को ऑब्जर्वेशन के लिए शिलांग के मिलिट्री अस्पातल में रखा गया है, जहां उनकी हालत अभी स्थिर है। इस इन्फेक्शन के कारण एक ट्रेनी की पिछले हफ्ते और दूसरे की सोमवार को मौत हो गई थी। इन दोनों अग्निवीर सैनिकों में संदिग्ध मेनिंगोकोकल इन्फेक्शन जैसे लक्षण दिखे थे।

शिलांग में रक्षा मंत्रालय के पब्लिक रिलेशन्स ऑफिस ने बुधवार को एक बयान में कहा कि एहतियात और रोकथाम के उपाय तुरंत लागू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर सभी पहचाने गए कॉन्टैक्ट्स को एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लोक्सासिन की प्रोफिलैक्टिक डोज दी गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि कैंपस के अंदर मास्किंग और आने-जाने पर रोक के प्रोटोकॉल लागू हैं। उन्होंने ये भी कहा कि चिंता या घबराहट की कोई बात नहीं है।

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नर मादा, मादा नर
The rocket engines are 33 in this hypersonic rocket (forgot its name) but it is a real one. 33 is no coincidence, it's a free masonic code.. it's also found in many aspects of the world, primarily in news and magazines and it's astounding!
🤡1
एप्स्टीन फाइल्स के पीछे का असली खिलाड़ी "रॉथ्सचाइल्ड परिवार" है. 🤔

👉 "रॉथ्सचाइल्ड परिवार" की मुट्ठी में ही अमेरिका की सियासत है_ 😱

फरवरी 2016 में जेफरी एपस्टीन ने पेपाल के को-फाउंडर पीटर थिएल को एक ईमेल भेजा था_
👉 उसमें एक ऐसी बात लिखी है, जिसे दुनिया के हर अखबार की हेडलाइन होना चाहिये था_
"जैसा कि आप जानते ही होंगे, मैं "रॉथ्सचाइल्ड परिवार" का प्रतिनिधित्व (रिप्रेजेंट) करता हूँ" ⚠️

यह बात 'एपस्टीन फाइल्स' में दर्ज है_
जो अमेरिकी न्याय विभाग का एक आधिकारिक दस्तावेज है. लेकिन मीडिया इसे नहीं बताती है_ 🔇

जनवरी 2026 में जारी हुये 30 लाख पन्नों के दस्तावेजों में "रॉथ्सचाइल्ड" नाम 12,000 से ज्यादा बार लिखा गया है. लेकिन मीडिया सिस्टम में रॉथ्सचाइल्ड का नाम नहीं लेती है_ 👤🕳️

"विक्टोरिया सीक्रेट" के मालिक और एपस्टीन के सबसे बड़े मददगार अरबपति लेस वेक्सनर ने 18 फरवरी 2026 को अमेरिकी संसद के सामने गवाही दी है_
👉 जब उनसे पूछा गया_ "उन्होंने एपस्टीन जैसे आदमी को अपने पैसों और जायदाद के सारे अधिकार क्यों दिये.?"
👉 तो उन्होंने साफ कहा_ "फ्रांस में रॉथ्सचाइल्ड परिवार के लिये उसके काम को देखते हुये अधिकार दिये थे" 💀
👉 वेक्सनर ने यह भी कहा_ "मैंने एली डी रॉथ्सचाइल्ड से बात की थी, वह पूरे परिवार के मुखिया थे"
वेक्सनर ने यह बात शपथ लेकर अमेरिकी कांग्रेस के सामने बोली है_
उसी दौरान वेक्सनर के वकील को माइक पर अपने क्लाइंट से धीरे से यह कहते सुना गया_ "अगर तुमने अगले सवाल का जवाब पाँच शब्दों से ज्यादा में दिया, तो मैं तुम्हें जान से मार दूँगा" 😨
साफ है कि वे लोग बुरी तरह डरे हुये हैं_

दस्तावेज वही बताते हैं जो वेक्सनर ने कबूल किया की अक्टूबर 2015 में एपस्टीन की कंपनी ने रॉथ्सचाइल्ड की होल्डिंग कंपनी के साथ 2.5 करोड़ डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट किया था_
विषय था_ "रिस्क एनालिसिस" और "एल्गोरिदम का इस्तेमाल" 📜
एक सजायाफ्ता मुजरिम को यूरोप का सबसे अमीर परिवार 2.5 करोड़ डॉलर दे रहा था_ ⚡

एडमंड डी रॉथ्सचाइल्ड ग्रुप की सीईओ आरियान डी रॉथ्सचाइल्ड भी जेफरी एपस्टीन को हर महीने में दर्जनों ईमेल भेजती थीं_
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पुष्टि की है. जेफरी एपस्टीन को सजा मिलने के बाद भी आरियान उनसे कई बार मिलीं थी. बैंक ने पहले तो किसी भी संपर्क से इनकार किया था, लेकिन बाद में माना कि ये मुलाकातें उनके "काम का हिस्सा" थीं_ 👥
क्या एक अपराधी से बार-बार मिलना "नॉर्मल ड्यूटी" है? ❓

2014 में एपस्टीन ने आरियान को लिखा था_
"यूक्रेन में तख्तापलट होने से कई मौके पैदा होंगे" 🌍
बच्चों के शोषण का दोषी जेफरी एपस्टीन 236 अरब डॉलर के बैंकिंग साम्राज्य की वारिस से दुनिया की राजनीति और मुनाफे पर चर्चा कर रहा था_
यह खबर फ्रंट पेज पर होनी चाहिये थी, लेकिन मीडिया ने चुप्पी साध ली थी_ 🤫

हिलेरी क्लिंटन और लिन फॉरेस्टर डी रॉथ्सचाइल्ड के रिश्ते भी पहले ही उजागर हो चुके थे_
2010 में तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने लेडी रॉथ्सचाइल्ड से माफी मांगते हुये लिखा_
"उसने गलती से उनके एक निजी कार्यक्रम से टोनी ब्लेयर को बुला लिया था"
हिलेरी के शब्द थे_
"मुझे बताइये की इस गलती के लिये मुझे क्या हर्जाना (penance) भरना होगा.?" 💸
दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अमेरिका की विदेश मंत्री एक प्राइवेट नागरिक से 'हर्जाना' पूछ रही थी_
2015 में हिलेरी के चुनाव लड़ने के ऐलान से पहले ही लेडी रॉथ्सचाइल्ड उनकी आर्थिक नीतियां तैयार कर रही थीं_
इससे साफ है कि जो लोग राजनीति चलाते हैं, उनका नाम हमेशा बैलेट पेपर पर नहीं होता है_ 🗳️

एपस्टीन के वकील एलन डर्शोविट्ज़ ने 2019 में सरेआम कहा था_ "मुझे एपस्टीन से लेडी लिन रॉथ्सचाइल्ड ने मिलवाया था. उन्होंने ही एपस्टीन की मुलाकात बिल क्लिंटन और प्रिंस एंड्रयू से कराई थी" 🔗

जेफरी एपस्टीन और दुनिया के सबसे ताकतवर मर्दों के बीच का पुल यही "रॉथ्सचाइल्ड" नाम था_

सीनेटर जॉन मैक्केन की पत्नी सिंडी मैक्केन ने इस पूरी स्थिति को बड़ी बेबाकी से कहा_ "हम सबको पता था" जी हाँ, वे सब जानते थे, लेकिन सबने चुप रहना चुना_ 👀

इन दस्तावेजों से एक पैटर्न साफ नजर आता है_
जेफरी एपस्टीन रॉथ्सचाइल्ड परिवार के फाइनेंशियल एजेंट के तौर पर काम करता था. उसने इस रसूख का इस्तेमाल अरबपतियों, नेताओं और बड़े प्रोफेसरों का एक नेटवर्क बनाने के लिये किया_
यही नेटवर्क इतिहास के सबसे बड़े सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट की बुनियाद बना और जब पीड़ितों ने बोलना शुरू किया, तो बैंकिंग सिस्टम की ताकत से उनकी आवाज दबा दी गई है_ 🚫
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रॉथ्सचाइल्ड, रॉकफेलर, वारबर्ग_
ये वो सदियों पुराने अरबपति घराने हैं, जिन्हें कई विचारकों ने "दुनिया का असली मालिक" बताया है_
ये वो घराने हैं जो साम्राज्यों और विश्व युद्धों के बाद भी टिके रहते हैं, क्योंकि इनकी ताकत राजनीति से ऊपर है_
ये केंद्रीय बैंक (central banks) बनाते हैं, युद्धों में दोनों पक्षों को पैसा देते हैं और सरकारों को ऐसे बदलते हैं जैसे कोई टाई बदलता हो_ ⚔️

दुनिया की प्रेस मीडिया इन्हीं की दौलत पर टिकी है_
एपस्टीन फाइल्स के 30 लाख पन्नों ने उस बात पर मुहर लगा दी है, ये परिवार सत्ता की एक ऐसी परत है, जो सरकारों और कानून से ऊपर काम करती है और अपनों को बचाने के लिये पूंजी और खबरों दोनों पर कब्जा रखती है_ 💰

फरवरी 2026 में, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने एपस्टीन के इस पूरे काम को "ग्लोबल क्रिमिनल एंटरप्राइज" करार दिया है. एपस्टीन के दस्तावेजों में 12,000 बार रॉथ्सचाइल्ड का नाम है_
लेकिन मीडिया की चुप्पी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि सिस्टम बिल्कुल वैसे ही काम कर रहा है जैसा बताया गया है_
जिसके पास पैसा है, script वही लिखता है. और जो स्क्रिप्ट लिखता है, वही तय करता है कि किसे किस बात पर चुप रहना है_ 📝

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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने कुछ ही दिन पहले उस वक्त अपने बहुप्रतीक्षित $2.5 बिलियन के IPO के लिए रॉथ्सचाइल्ड एंड कंपनी को एक स्वतंत्र सलाहकार (Independent Advisor) के रूप में नियुक्त किया जब एप्स्टीन फाइल्स को लेकर रॉथ्सचाइल्ड परिवार चर्चे में था_ 😶‍🌫️

डरावना है ना? क्योंकि ये सिर्फ एक थ्योरी नहीं... ये फाइल्स में दर्ज जहर है, जो अब बाहर आ रहा है_ ☠️
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सरकारी स्कूलों के टीचर अब डर के साये में जी रहे हैं। 👨‍🏫 TET पास करना अनिवार्य है। फेल हुए तो सीधी रिटायरमेंट। 🚪 कोई नोटिस नहीं, कोई मौका नहीं—बस दो साल का वक्त और फिर घर।

सुप्रीम कोर्ट का सितंबर 2025 का फैसला साफ है: 5 साल से ज्यादा सर्विस बाकी है तो TET पास करो, वरना सर्विस छोड़ो। कंपल्सरी रिटायरमेंट, टर्मिनल बेनिफिट्स मिलेंगे—बस। लाखों टीचर प्रभावित हैं। महाराष्ट्र में ही 1.1 लाख से ज्यादा 50+ उम्र के टीचर TET के बिना हैं। J&K में फरवरी 2026 में ऑर्डर आया, फिर क्लैरिफिकेशन कि “तुरंत लागू नहीं”—लेकिन घड़ी चल रही है।

अब सवाल है: क्या सरकार सच में टीचर्स को बेहतर बनाना चाहती है? या ये बहाना है नौकरियां खाली करने का?

AI का जमाना है। 🤖 क्लासरूम में AI ट्यूटर आ रहे हैं—पढ़ाते हैं, टेस्ट लेते हैं, ग्रेडिंग करते हैं, 24/7। टीचर महंगे पड़ रहे हैं—पेंशन, सैलरी, लीव, यूनियन। TET जैसे टेस्ट से लाखों को बाहर का रास्ता दिखाओ, स्कूल खाली करो, बजट बचाओ, AI बैठाओ।

सरकार “डिजिटल इंडिया” और “स्किल इंडिया” की बात करती है—लेकिन स्कूलों में टीचर्स को TET में फंसाकर बाहर कर रही है। नौकरी लगी हुई है तो भी फर्क नहीं। पुराने टीचर “निकम्मे” कहकर बाहर। नए? TET पास करो, फिर भी AI आ गया तो क्या फायदा?

डरावना सच यह है कि TET सिर्फ क्वालिटी कंट्रोल नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियां खत्म करने का प्लान हो सकता है। 70% टीचर घर बैठेंगे—क्योंकि पास होना मुश्किल है, तैयारी का समय कम है, उम्र ज्यादा है, सिलेबस पुराना है। स्कूलों में टीचर कम होंगे, क्लासेस बंद होंगी, बच्चे AI ऐप्स से पढ़ेंगे। और टीचर बेरोजगार।

सरकार चाहती है—नौकरी न लगे, जो लगी हैं उन्हें भी निकालो। AI आएगा, इंसान जाएगा। शिक्षा अब किताबों की नहीं, कोड की होगी।

जागो टीचर्स। ये TET बहाना है या नहीं—लेकिन असर बड़ा होने वाला है। अगला टारगेट कौन?
भ्रष्टाचार तो कर्मचारियों की नसों में कूट कूट कर भरा है।
गुजरात सरकार 🏛️ ने गुजरात रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज एक्ट 📜 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। सुंदर लगता है ना? ✨ पारदर्शिता, परिवार की सुरक्षा 👨‍👩‍👧, "लव जिहाद" रोकना, धोखे से बचाना...

लेकिन ये सिर्फ दिखावा 🎭 है। असली चेहरा डरावना 😶‍🌫️ है।

दो consenting adults 💑, 18+ उम्र के, संविधान 📖 के Article 21 ⚖️ के तहत अपना जीवनसाथी चुनने का मौलिक अधिकार रखते हैं। सुप्रीम कोर्ट ⚖️ ने बार-बार कहा—शादी व्यक्तिगत liberty है, राज्य या परिवार की इजाजत की जरूरत नहीं।

फिर भी गुजरात 📍 कहता है:

शादी 💍 रजिस्टर कराने के लिए माता-पिता 👨‍👩‍👧 को बताओ।

उनके नाम, पता, आधार 🆔, फोन नंबर 📱 दो।

रजिस्ट्रार 🏢 खुद 10 दिनों में माता-पिता को नोटिस 📩 भेजेगा—SMS, WhatsApp 📲, या पोस्ट 📬 से।

30 दिन का वेटिंग पीरियड ⏳—वेरिफिकेशन के नाम पर।

अगर माता-पिता राजी नहीं? ❓ तो क्या होगा?


सरकार 🏛️ जानती है क्या होगा। माता-पिता राजी नहीं होंगे तो बच्चे घर से भागेंगे 🏃‍♂️🏃‍♀️। लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तो कानूनी शादी ⚖️ नहीं मानी जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन के क्या बचेगा? लाइव-इन रिलेशनशिप 🏠।

और सरकार यही चाहती है। लाइव-इन में कोई कानूनी बंधन नहीं ⚖️—न पति-पत्नी का दर्जा, न संपत्ति का हक 💰, न बच्चों का वैध दर्जा आसानी से। घर टूटेगा 🏚️। परिवार बिखरेगा 💔। समाज अलग-अलग टुकड़ों में बंटेगा—एक-दूसरे से दूर, संदेह में, डर में।

गाँव टूटेंगे 🌾। जाति-पाति के नाम पर पहले से टूटे रिश्ते और टूटेंगे। लड़के-लड़कियां घर छोड़कर शहरों 🏙️ में अकेले रहेंगे—काम के नाम पर, प्यार के नाम पर, लेकिन बिना किसी जड़ के। सामाजिक रिश्ते? खत्म। कौन किसे भरोसा करेगा? कौन साथ देगा?

ये कानून "सुरक्षा" 🛡️ के नाम पर नहीं। ये नियंत्रण का नया हथियार ⚠️ है। प्रेम को अपराध बनाना। व्यक्तिगत आजादी को कुचलना 🚫। परिवार को राज्य का जासूस बनाना 🕵️‍♂️।

और सबसे डरावना सच: ये सिर्फ गुजरात नहीं रुकेगा। अगर ये पास हुआ, तो अन्य राज्य कॉपी करेंगे। धीरे-धीरे पूरे देश 🇮🇳 में फैलेगा। शादी अब "मिया-बीवी राजी" नहीं रहेगी। शादी अब "माँ-बाप राजी" होगी। और अगर नहीं राजी? तो लिव-इन 🏠, टूटन 💔, अकेलापन 😔, समाज का विघटन।

देखने में सुंदर लगता है—परिवार बचाना ✨। लेकिन ये परिवार तोड़ने का ब्लूप्रिंट 📑 है। सरकार नहीं चाहती कि घर बसे। चाहती है कि लोग अकेले रहें, डरें, नियंत्रित रहें.

जागो ⚠️। क्योंकि कल तुम्हारा बेटा-बेटी भी इसी जाल 🕸️ में फँसेगा। और तब बहुत देर हो चुकी होगी। 😶‍🌫️

Suresh Zmedia
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