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वक़ीलों ने इस छात्रा (लड़की) को पुलिस से बचाया -दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
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दिल्ली पुलिस की बर्बरता की ये तस्वीरें देखिए!👇 ➥दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
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NSUI badla legi | Demands Resignation ➥दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
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राहुल गाँधी के सामने रितु ने बताया Delhi Police ने कैसे किया टॉर्चर ? ➥
दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
राहुल गाँधी यूनाइटेड नेशन CIA का एजेंट और डीप स्टेट का दल्ला है!
भारत देश मे साल 2027 मे इमरजेंसी - EMERGENCY और गृह युद्ध लगनी तय है उसी की माहौल बनाई जा रही है और तैयारी की जा रही है!
दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
राहुल गाँधी यूनाइटेड नेशन CIA का एजेंट और डीप स्टेट का दल्ला है!
भारत देश मे साल 2027 मे इमरजेंसी - EMERGENCY और गृह युद्ध लगनी तय है उसी की माहौल बनाई जा रही है और तैयारी की जा रही है!
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Protesters से Delhi Police बोली- हम पापा हैं ➥दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
राहुल गाँधी यूनाइटेड नेशन CIA का एजेंट और डीप स्टेट का दल्ला है!
भारत देश मे साल 2027 मे इमरजेंसी - EMERGENCY और गृह युद्ध लगनी तय है उसी की माहौल बनाई जा रही है और तैयारी की जा रही है!
राहुल गाँधी यूनाइटेड नेशन CIA का एजेंट और डीप स्टेट का दल्ला है!
भारत देश मे साल 2027 मे इमरजेंसी - EMERGENCY और गृह युद्ध लगनी तय है उसी की माहौल बनाई जा रही है और तैयारी की जा रही है!
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अमित शाह , ये हिंदुस्तान है | राहुल गाँधी....दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट
राहुल गाँधी यूनाइटेड नेशन CIA का एजेंट और डीप स्टेट का दल्ला है!
भारत देश मे साल 2027 मे इमरजेंसी - EMERGENCY और गृह युद्ध लगनी तय है उसी की माहौल बनाई जा रही है और तैयारी की जा रही है!
राहुल गाँधी यूनाइटेड नेशन CIA का एजेंट और डीप स्टेट का दल्ला है!
भारत देश मे साल 2027 मे इमरजेंसी - EMERGENCY और गृह युद्ध लगनी तय है उसी की माहौल बनाई जा रही है और तैयारी की जा रही है!
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दिल्ली पुलिस BJP और RSS के गुंडे है!
दिल्ली जंतर - मंतर 10 अक्टूबर
दिल्ली जंतर - मंतर 10 अक्टूबर
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आंदोलन के नाम पे यह लोग हमें खुद बुला लेते है सड़कों पर पीटने के लिए और खुद घर में बैठे रहते हैं.... ये लड़का पूरा खेल समझ चुका है जो हमने पहले ही बता दिया था..👆👆
🚨अखंड भारत चैंनल मे हमने पहले ही सवाल उठाया और पूछा था की 👇👇
जितने भी दल, पार्टी नेता, सांसद, सेलिब्रिटी, अभिनेता आंदोलन कारी के मुखिया जो मुख्य भूमिका मे भाग लेते हैं..चाहे वो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका, ध्रुव राठी, नेहा बोरा, राहुल गाँधी जैसे तमाम लोगो से मेरा सवाल की जब भी पुलिस लाठी चार्ज या लठ बरसाती है तब यह लोग अचानक से कहाँ गायब हो जाते है और भाग जाते हैं और लठ बरसाने से पहले इन्हे अचानक से पहले डिटेन कर लिया जाता है और वो बस डिटेन करके एकांत जगह पर चली जाती है... और आम जनता और नागरिक को जबरदस्त लठ से पेला जाता है और पुलिस उनका खूब जमकर स्वागत करती है!
🚨नीचे के सभी जरुरी पोस्ट को देखे और पढ़े 👇👇
🚨अखंड भारत चैंनल मे हमने पहले ही सवाल उठाया और पूछा था की 👇👇
जितने भी दल, पार्टी नेता, सांसद, सेलिब्रिटी, अभिनेता आंदोलन कारी के मुखिया जो मुख्य भूमिका मे भाग लेते हैं..चाहे वो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका, ध्रुव राठी, नेहा बोरा, राहुल गाँधी जैसे तमाम लोगो से मेरा सवाल की जब भी पुलिस लाठी चार्ज या लठ बरसाती है तब यह लोग अचानक से कहाँ गायब हो जाते है और भाग जाते हैं और लठ बरसाने से पहले इन्हे अचानक से पहले डिटेन कर लिया जाता है और वो बस डिटेन करके एकांत जगह पर चली जाती है... और आम जनता और नागरिक को जबरदस्त लठ से पेला जाता है और पुलिस उनका खूब जमकर स्वागत करती है!
🚨नीचे के सभी जरुरी पोस्ट को देखे और पढ़े 👇👇
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बारै मे गिन्नी अनेजा जी को जो सच्चाई अभी पता चली वो बात हमलोगो ने CJP के बनते समय ही कह दी थी की सब स्क्रिप्ट है!👆👆
विस्तार से जाने पूरे खेल को 👇👇
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अखंड भारत 🇮🇳🇮🇳
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बारै मे गिन्नी अनेजा जी को जो सच्चाई अभी पता चली वो बात हमलोगो ने CJP के बनते समय ही कह दी थी की सब स्क्रिप्ट है!👆👆 विस्तार से जाने पूरे खेल को 👇👇
🚨अखंड भारत चैंनल मे हमने पहले ही सवाल उठाया और पूछा था की 👇👇
जितने भी दल, पार्टी नेता, सांसद, सेलिब्रिटी, अभिनेता आंदोलन कारी के मुखिया जो मुख्य भूमिका मे भाग लेते हैं..चाहे वो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका, ध्रुव राठी, नेहा बोरा, राहुल गाँधी जैसे तमाम लोगो से मेरा सवाल की जब भी पुलिस लाठी चार्ज या लठ बरसाती है तब यह लोग अचानक से कहाँ गायब हो जाते है और भाग जाते हैं और लठ बरसाने से पहले इन्हे अचानक से पहले डिटेन कर लिया जाता है और वो बस डिटेन करके एकांत जगह पर चली जाती है... और आम जनता और नागरिक को जबरदस्त लठ से पेला जाता है और पुलिस उनका खूब जमकर स्वागत करती है!
पूरे खेल को और विस्तार से समझें 👇👇
🚨हमने पहले ही बोला था की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका एवं Gen Z दल की मुखिया नेहा बोरा - ये सभी फ्रीमेसनरी सीक्रेट सोसाइटी के दल्ले है जो यूनाइटेड नेशन CIA द्वारा फंडेड एवं एजेंट है जिसके पीछे डीप स्टेट है जिसे पूरा कंट्रोल करती है!
🚨यूनाइटेड नेशन के CIA और इजराइल के डार्क वेब एवं डीप स्टेट ने भात मे Gen Z का कार्यप्रणाली नरेंद्र मोदी,अमित शाह, राहुल गाँधी, अन्य पार्टी एवं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका, ध्रुव राठी, नेहा बोरा और तमाम ऐसे लाखों Gen Z को कार्य मे लगा दिया गया है... न्यू वर्ल्ड ऑर्डर और एजेंडा 2030 को जल्द से जल्द स्थापित करने के लिए!
अब समझ मे आया ना हमने पहले ही बोला था की ये पूरा खेल स्क्रिप्टड है... ये जितने भी आंदोलन भारत मे हो रहे है इसमें पूरे तरह से CIA और डीप स्टेट का हाथ है...भारत मे ऐसे आंदोलन इसलिए करवाये जा रहे है ताकि सच के खिलाफ आवाज उठाने वाले और प्रश्न पूछने वाले और बोलने वाले प्रोटेस्टर, पत्रकार, यूट्यूबर, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट तमाम ऐसे लोगो को चुप कराया जा सके, उन्हें चिन्हित किया जा सके, उनपे 24 घंटे नज़र रखी जा सके..और सबसे महत्वपूर्ण सभी को लठ मारकर, डराकर, बंदूक की गोली चलाकर, डिटेन करकर, UAPA एक्ट लगाकर, जेल मे डालकर, महिलाओ के साथ गलत दुर्व्यवहार करकर सभी युवा के मनोबल तोड़ने और उनके दिल मे डर पैदा करना असल मकसद है... ताकि भविष्य मे जब बड़ा गेम यानि झूठी महामारी, पेंडेमिक, झूठा युद्ध, गृह युद्ध, वर्ल्ड वॉर 3, 6G हाई रेडीएशन टेस्टिंग, महामंदी, साइबर अटैक, बैंकिंग क्रेस, शेयर मार्केट कॉलेप्स, भुखमरी जानबूझकर जब लाई जाएगी... तब आप के मन मे अभी साल 2026 की यादें दिमाग़ मे आएगी तब किसी के मन मे हिम्मत क्या दिमाग़ मे भी ये सोच नहीं आएगी की हमें घर से बाहर निकलकर प्रोटेस्ट या आंदोलन करनी चाहिए इसलिए ये सारा गेम अभी खेल के वो पहले से ही आप के मन मे खौफ और डर पैदा करना चाहते है!
इनका असल मकसद भारत की जनता के ऊपर शुरू से डर पैदा करना रहा है और गुलाम बनाकर रखना है!👇👇
🚨🚨🚨👉 आगे इसी डर से CBDC की नई कंट्रोल करेंसी को सोशल क्रेडिट स्कोर से आप के आवाज को बंद किया जाएगा 💯% (टोटल कंट्रोल - गुलाम भारत)
मनोज कुमार
जितने भी दल, पार्टी नेता, सांसद, सेलिब्रिटी, अभिनेता आंदोलन कारी के मुखिया जो मुख्य भूमिका मे भाग लेते हैं..चाहे वो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका, ध्रुव राठी, नेहा बोरा, राहुल गाँधी जैसे तमाम लोगो से मेरा सवाल की जब भी पुलिस लाठी चार्ज या लठ बरसाती है तब यह लोग अचानक से कहाँ गायब हो जाते है और भाग जाते हैं और लठ बरसाने से पहले इन्हे अचानक से पहले डिटेन कर लिया जाता है और वो बस डिटेन करके एकांत जगह पर चली जाती है... और आम जनता और नागरिक को जबरदस्त लठ से पेला जाता है और पुलिस उनका खूब जमकर स्वागत करती है!
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🚨हमने पहले ही बोला था की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका एवं Gen Z दल की मुखिया नेहा बोरा - ये सभी फ्रीमेसनरी सीक्रेट सोसाइटी के दल्ले है जो यूनाइटेड नेशन CIA द्वारा फंडेड एवं एजेंट है जिसके पीछे डीप स्टेट है जिसे पूरा कंट्रोल करती है!
🚨यूनाइटेड नेशन के CIA और इजराइल के डार्क वेब एवं डीप स्टेट ने भात मे Gen Z का कार्यप्रणाली नरेंद्र मोदी,अमित शाह, राहुल गाँधी, अन्य पार्टी एवं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका, ध्रुव राठी, नेहा बोरा और तमाम ऐसे लाखों Gen Z को कार्य मे लगा दिया गया है... न्यू वर्ल्ड ऑर्डर और एजेंडा 2030 को जल्द से जल्द स्थापित करने के लिए!
अब समझ मे आया ना हमने पहले ही बोला था की ये पूरा खेल स्क्रिप्टड है... ये जितने भी आंदोलन भारत मे हो रहे है इसमें पूरे तरह से CIA और डीप स्टेट का हाथ है...भारत मे ऐसे आंदोलन इसलिए करवाये जा रहे है ताकि सच के खिलाफ आवाज उठाने वाले और प्रश्न पूछने वाले और बोलने वाले प्रोटेस्टर, पत्रकार, यूट्यूबर, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट तमाम ऐसे लोगो को चुप कराया जा सके, उन्हें चिन्हित किया जा सके, उनपे 24 घंटे नज़र रखी जा सके..और सबसे महत्वपूर्ण सभी को लठ मारकर, डराकर, बंदूक की गोली चलाकर, डिटेन करकर, UAPA एक्ट लगाकर, जेल मे डालकर, महिलाओ के साथ गलत दुर्व्यवहार करकर सभी युवा के मनोबल तोड़ने और उनके दिल मे डर पैदा करना असल मकसद है... ताकि भविष्य मे जब बड़ा गेम यानि झूठी महामारी, पेंडेमिक, झूठा युद्ध, गृह युद्ध, वर्ल्ड वॉर 3, 6G हाई रेडीएशन टेस्टिंग, महामंदी, साइबर अटैक, बैंकिंग क्रेस, शेयर मार्केट कॉलेप्स, भुखमरी जानबूझकर जब लाई जाएगी... तब आप के मन मे अभी साल 2026 की यादें दिमाग़ मे आएगी तब किसी के मन मे हिम्मत क्या दिमाग़ मे भी ये सोच नहीं आएगी की हमें घर से बाहर निकलकर प्रोटेस्ट या आंदोलन करनी चाहिए इसलिए ये सारा गेम अभी खेल के वो पहले से ही आप के मन मे खौफ और डर पैदा करना चाहते है!
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मनोज कुमार
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जारी है : स्मार्ट मीटर का स्मार्ट लूट
एक पीड़ित महिला
"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"
एक पीड़ित महिला
"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"
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यह किस समाचार पत्र का संपादकीय है मित्रों? और यह महानुभाव संपादक सतीश शर्मा कौन हैं ?
इतने खुले शब्दों में वर्तमान स्थिति का विवरण छापना वाकई बहुत बड़ी हिम्मत का काम है, काबिले तारीफ है.
💐🙏
भारत के लोकतंत्र को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि BJP-RSS ने कार्यपालिका, न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं के साथ मिलकर खेला जनमत की हत्या का पूरा खेल.....
इतने खुले शब्दों में वर्तमान स्थिति का विवरण छापना वाकई बहुत बड़ी हिम्मत का काम है, काबिले तारीफ है.
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भारत के लोकतंत्र को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि BJP-RSS ने कार्यपालिका, न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं के साथ मिलकर खेला जनमत की हत्या का पूरा खेल.....
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Look at her go — a serval mother launches into the air in a perfect pounce while her little kitten watches from the grass, taking notes. Hunting school is in session. Think the kitten will grow up this graceful?
#Wildlife #mother
उसे देखो — एक सर्वल माँ एकदम सटीक छलांग लगाती है, जबकि उसका छोटा बच्चा घास पर बैठकर उसे देखता रहता है और ध्यान से सीखता रहता है। शिकार का प्रशिक्षण चल रहा है। लगता है यह बच्चा बड़ा होकर ऐसा ही बनेगा।
#Wildlife #mother
उसे देखो — एक सर्वल माँ एकदम सटीक छलांग लगाती है, जबकि उसका छोटा बच्चा घास पर बैठकर उसे देखता रहता है और ध्यान से सीखता रहता है। शिकार का प्रशिक्षण चल रहा है। लगता है यह बच्चा बड़ा होकर ऐसा ही बनेगा।
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अखंड भारत 🇮🇳🇮🇳
Look at her go — a serval mother launches into the air in a perfect pounce while her little kitten watches from the grass, taking notes. Hunting school is in session. Think the kitten will grow up this graceful? #Wildlife #mother उसे देखो — एक सर्वल माँ…
प्रकृति में इंसानों की तरह ही पशु और पक्षियों की माताओं में भी अपने बच्चों को पालने, उनकी रक्षा करने और उन्हें जीवन जीने की कठिन ट्रेनिंग (कौशल) देने की गजब की क्षमता होती है।
पशु-पक्षियों की यह ट्रेनिंग मुख्य रूप से सर्वाइवल (जीवित रहने), शिकार करने, उड़ने और दुश्मनों से बचने के लिए होती है।
पक्षियों और पशुओं की दुनिया से इसके कुछ बेहतरीन उदाहरण नीचे दिए गए हैं:
1. पक्षियों की दुनिया में ट्रेनिंग
मादा बाज (Eagle) की कठिन ट्रेनिंग: पक्षियों में सबसे सख्त ट्रेनिंग मादा बाज अपने चूजे को देती है। जब चूजा छोटा होता है, तो वह उसे अपने पंजे में दबोचकर आसमान में करीब 12 किलोमीटर ऊपर ले जाती है। वहां से वह बच्चे को नीचे छोड़ देती है। बच्चा नीचे गिरते हुए डर से अपने पंख फड़फड़ाता है। जब वह जमीन के बिल्कुल करीब पहुंचने वाला होता है और उड़ नहीं पाता, तो मां बाज झपट्टा मारकर उसे फिर से बचा लेती है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कि बच्चा उड़ना नहीं सीख जाता।
चिड़ियों का उड़ना सिखाना: आम चिड़ियाँ अपने बच्चों को घोंसले के किनारे पर लाकर खाना दिखाती हैं ताकि बच्चा भोजन के लालच में आगे बढ़े और अपने पंख फैलाए। कई बार वे बच्चों को घोंसले से हल्का सा धक्का भी देती हैं ताकि वे हवा में संतुलन बनाना सीखें।
सुरक्षा और संवाद: बतख (Duck) अपनी माँ से तैरना और पानी में शिकार करना सीखते हैं। कुछ पक्षी तो ऐसे होते हैं जिनके बच्चे अंडे के अंदर रहते हुए ही अपनी माँ की आवाज़ सुनकर संवाद करना सीख जाते हैं।
2. पशुओं की दुनिया में ट्रेनिंग
बाघिन और शेरनी (Big Cats): बाघिन अपने शावकों को लगभग दो साल तक अपने साथ रखती है। शुरुआत में वह खुद शिकार करके लाती है और बच्चों को केवल देखना होता है। धीरे-धीरे वह अधमरा शिकार बच्चों के सामने छोड़ देती है ताकि वे खुद झपट्टा मारना और शिकार को काबू करना सीखें।
हथिनी (Elephant): हाथियों के झुंड में माँ और नानी मिलकर बच्चे को ट्रेनिंग देती हैं। वे बच्चे को सिखाती हैं कि दलदल से कैसे निकलना है, सूंड का इस्तेमाल पानी पीने या पेड़ की छाल छीलने के लिए कैसे करना है, और संकट के समय झुंड की सुरक्षा में कैसे रहना है।
चीता (Cheetah): मादा चीता अपने बच्चों को शिकार छुपाना और दुश्मनों (जैसे शेर या लकड़बग्घे) से छिपकर भागना सिखाती है। चीते की गति तेज होती है, इसलिए माँ बच्चों को दौड़ने के दौरान अचानक मुड़ने की ट्रेनिंग भी देती है।
संक्षेप में कहें तो, चाहे जमीन पर चलने वाले जानवर हों या आसमान में उड़ने वाले परिंदे, ममता और गुरु दोनों का फर्ज हर माँ बखूबी निभाती है ताकि उसका बच्चा आत्मनिर्भर हो सके।
मनोज कुमार
पशु-पक्षियों की यह ट्रेनिंग मुख्य रूप से सर्वाइवल (जीवित रहने), शिकार करने, उड़ने और दुश्मनों से बचने के लिए होती है।
पक्षियों और पशुओं की दुनिया से इसके कुछ बेहतरीन उदाहरण नीचे दिए गए हैं:
1. पक्षियों की दुनिया में ट्रेनिंग
मादा बाज (Eagle) की कठिन ट्रेनिंग: पक्षियों में सबसे सख्त ट्रेनिंग मादा बाज अपने चूजे को देती है। जब चूजा छोटा होता है, तो वह उसे अपने पंजे में दबोचकर आसमान में करीब 12 किलोमीटर ऊपर ले जाती है। वहां से वह बच्चे को नीचे छोड़ देती है। बच्चा नीचे गिरते हुए डर से अपने पंख फड़फड़ाता है। जब वह जमीन के बिल्कुल करीब पहुंचने वाला होता है और उड़ नहीं पाता, तो मां बाज झपट्टा मारकर उसे फिर से बचा लेती है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कि बच्चा उड़ना नहीं सीख जाता।
चिड़ियों का उड़ना सिखाना: आम चिड़ियाँ अपने बच्चों को घोंसले के किनारे पर लाकर खाना दिखाती हैं ताकि बच्चा भोजन के लालच में आगे बढ़े और अपने पंख फैलाए। कई बार वे बच्चों को घोंसले से हल्का सा धक्का भी देती हैं ताकि वे हवा में संतुलन बनाना सीखें।
सुरक्षा और संवाद: बतख (Duck) अपनी माँ से तैरना और पानी में शिकार करना सीखते हैं। कुछ पक्षी तो ऐसे होते हैं जिनके बच्चे अंडे के अंदर रहते हुए ही अपनी माँ की आवाज़ सुनकर संवाद करना सीख जाते हैं।
2. पशुओं की दुनिया में ट्रेनिंग
बाघिन और शेरनी (Big Cats): बाघिन अपने शावकों को लगभग दो साल तक अपने साथ रखती है। शुरुआत में वह खुद शिकार करके लाती है और बच्चों को केवल देखना होता है। धीरे-धीरे वह अधमरा शिकार बच्चों के सामने छोड़ देती है ताकि वे खुद झपट्टा मारना और शिकार को काबू करना सीखें।
हथिनी (Elephant): हाथियों के झुंड में माँ और नानी मिलकर बच्चे को ट्रेनिंग देती हैं। वे बच्चे को सिखाती हैं कि दलदल से कैसे निकलना है, सूंड का इस्तेमाल पानी पीने या पेड़ की छाल छीलने के लिए कैसे करना है, और संकट के समय झुंड की सुरक्षा में कैसे रहना है।
चीता (Cheetah): मादा चीता अपने बच्चों को शिकार छुपाना और दुश्मनों (जैसे शेर या लकड़बग्घे) से छिपकर भागना सिखाती है। चीते की गति तेज होती है, इसलिए माँ बच्चों को दौड़ने के दौरान अचानक मुड़ने की ट्रेनिंग भी देती है।
संक्षेप में कहें तो, चाहे जमीन पर चलने वाले जानवर हों या आसमान में उड़ने वाले परिंदे, ममता और गुरु दोनों का फर्ज हर माँ बखूबी निभाती है ताकि उसका बच्चा आत्मनिर्भर हो सके।
मनोज कुमार
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Forwarded from Dr Mike Yeadon solo channel (Mike Yeadon)
https://interestofjustice.substack.com/p/expert-evidence-admitted-against
Thank you, Interest of Justice, for publicising the recent change of mind of the Netherlands court, which has now accepted as evidence the video testimony of myself, Sasha Latypova, Joseph Sansone and Catherine Austin Fitts.
Best wishes
Mike
Thank you, Interest of Justice, for publicising the recent change of mind of the Netherlands court, which has now accepted as evidence the video testimony of myself, Sasha Latypova, Joseph Sansone and Catherine Austin Fitts.
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Mike
Substack
Expert Evidence Admitted Against Bill Gates & Pfizer's CEO in COVID Shot Lawsuit— the sworn expert testimony a Dutch court first…
Finally some rather good news! Rejected exhibit 157 was resubmitted without the Attorney speaking and now the witness evidence testimony was APPROVED yesterday!
अखंड भारत 🇮🇳🇮🇳
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पटना हाईकोर्ट ने बेगूसराय के एक मामले में सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है कि किसी महिला के घर में घुसकर लालटेन बुझाना, उसके ऊपर लेटना और चिल्लाने से रोकने के लिए उसका मुंह दबाना केवल तैयारी (Preparation) की श्रेणी में आता है, और जब तक पैनेट्रेशन (Penetration / शारीरिक संबंध बनाने) की दिशा में कोई ठोस कृत्य न हो, तब तक इसे दुष्कर्म की कोशिश (Attempt to Rape) नहीं माना जा सकता है।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
मामला: यह मामला साल 2010 का बेगूसराय का था, जिसमें मोहम्मद ऐनुल हक (Md Ainul Haque) पर आरोप था कि वह रात में महिला के घर में घुसा, लालटेन बुझाई, उसके ऊपर लेटा और मुंह दबाया।
निचली अदालत का फैसला: निचली अदालत (Begusarai Trial Court) ने 29 जुलाई 2013 को आरोपी को आईपीसी की धारा 376/511 (दुष्कर्म की कोशिश) और धारा 448 (घर में जबरन घुसना) के तहत दोषी मानते हुए 4 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट का फैसला: न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने इस सजा को बदलते हुए कहा कि इस मामले में यह साबित नहीं हुआ कि आरोपी ने पैनेट्रेशन की दिशा में कोई स्पष्ट कदम उठाया हो या उसने अपना या पीड़िता का कपड़ा उतारा हो।
धारा में बदलाव और सजा: हाईकोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास के बजाय भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला) और धारा 448 के तहत दोषी करार दिया।
सजा कम करना: करीब 16 साल पुराने 2026 मे इस मामले में आरोपी के पहले के रिकॉर्ड को देखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी सजा को घटाकर ढाई महीने (जितनी सजा वह पहले काट चुका था) कर दिया और पीड़िता को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
मामला: यह मामला साल 2010 का बेगूसराय का था, जिसमें मोहम्मद ऐनुल हक (Md Ainul Haque) पर आरोप था कि वह रात में महिला के घर में घुसा, लालटेन बुझाई, उसके ऊपर लेटा और मुंह दबाया।
निचली अदालत का फैसला: निचली अदालत (Begusarai Trial Court) ने 29 जुलाई 2013 को आरोपी को आईपीसी की धारा 376/511 (दुष्कर्म की कोशिश) और धारा 448 (घर में जबरन घुसना) के तहत दोषी मानते हुए 4 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट का फैसला: न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने इस सजा को बदलते हुए कहा कि इस मामले में यह साबित नहीं हुआ कि आरोपी ने पैनेट्रेशन की दिशा में कोई स्पष्ट कदम उठाया हो या उसने अपना या पीड़िता का कपड़ा उतारा हो।
धारा में बदलाव और सजा: हाईकोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास के बजाय भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला) और धारा 448 के तहत दोषी करार दिया।
सजा कम करना: करीब 16 साल पुराने 2026 मे इस मामले में आरोपी के पहले के रिकॉर्ड को देखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी सजा को घटाकर ढाई महीने (जितनी सजा वह पहले काट चुका था) कर दिया और पीड़िता को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
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पटना हाई कोर्ट ने कहा कि रात में जबरन घर में घुसकर दीया बुझाना और महिला का मुंह दबाना और उसके ऊपर लेटना दुष्कर्म का प्रयास नहीं है. कोर्ट ने आरोपी की 4 साल की सजा घटाकर ढाई महीने की हिरासत तक कर दी लेकिन महिला की गरिमा भंग करने के लिए दोषी ठहराते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जो पीड़िता को मिलेगा.
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कनाडाई सरकार ने कोविड - 19 वैक्सीन 💉💉 से होने वाली चोटों के मुआवजे कार्यक्रम का जिम्मा संभाला
https://www.cbc.ca/news/health/vaccine-injury-compensation-phac-9.7148810
https://www.cbc.ca/news/health/vaccine-injury-compensation-phac-9.7148810