अमित आर्यावर्त (भारत योगी) pinned «मुझे ये देख कर हैरानी हुई कि मेरे साथ अधिकतर नास्तिक या विधर्मी ही जुड़े हुए हैं, मुझे लगता था कि मेरे साथ अधिकतर व्यक्ति मेरी समान विचार धारा के जुड़े होंगे , जिन्हें अपने प्राचीन इतिहास से प्रेम होगा और उन्हें वीरों योगियों की ऐतिहासिक घटनाएं जानने में रुचि…»
यदि जानना चाहते हो कि वैदिक काल में योगी कैसे हुआ करते थे उनका चिंतन क्या था धर्म राष्ट्र समाज के लिए तो आपको ऋषि दयानंद को पढ़ना चाहिए
धर्म क्या है, योग क्या है, बल क्या है, राष्ट्र क्या है, गौ वंश क्या है, ईश्वर क्या है , ये सब कुछ एक ही व्यक्ति को पढ़ कर मालूम चल जाएगा और वो हैं ऋषि दयानंद
यही कारण था कि मोदी जी ने बोला था कि सभी युवाओं को ऋषि दयानंद पर खोज करनी चाहिए, तो ये राष्ट्र पूरा ही बदल जाएगा
आज अधिकतर हिंदुओ को भय सताता है कि कहीं ये राष्ट्र इस्लामिक मुल्क ना बन जाए, यदि हम सभी आर्य होगे तो भारत तो छोड़िए आस पास के जो इस्लामिक मुल्क गजवाए हिन्द का स्वप्न पाले बैठे हैं उन्हें अपनी ही भूमि बचानी मुश्किल हो जाएगी
हमे याद रखना चाहिए कि भारत की स्वतंत्रता में लगे 80% क्रांतिकारी आर्य समाजी थे और जो आर्यसमाजी नहीं भी थे वे भी शरण आर्यसमाज में ही लिया करते थे आर्यसमाज देश की स्वतंत्रता का मुख्य केंद्र था
हमे भूलना नहीं चाहिए 1938 का हैदराबाद का आंदोलन जहां का नवाब हिंदुओ को दबाकर रखता था अत्याचार करता था , उस नवाब को उसकी औकात इन्हीं आर्य समाजियों ने दिखाई थी जिनके बारे में आज पाखंडी लोग विष फैला रहे हैं
भूलना मत वेद का सूर्य फिर निकलेगा और ऐसा चमकेगा की सब मत सब पाखंड स्वाहा जाएगा
अमित आर्य
🚩ओ३म्🚩
धर्म क्या है, योग क्या है, बल क्या है, राष्ट्र क्या है, गौ वंश क्या है, ईश्वर क्या है , ये सब कुछ एक ही व्यक्ति को पढ़ कर मालूम चल जाएगा और वो हैं ऋषि दयानंद
यही कारण था कि मोदी जी ने बोला था कि सभी युवाओं को ऋषि दयानंद पर खोज करनी चाहिए, तो ये राष्ट्र पूरा ही बदल जाएगा
आज अधिकतर हिंदुओ को भय सताता है कि कहीं ये राष्ट्र इस्लामिक मुल्क ना बन जाए, यदि हम सभी आर्य होगे तो भारत तो छोड़िए आस पास के जो इस्लामिक मुल्क गजवाए हिन्द का स्वप्न पाले बैठे हैं उन्हें अपनी ही भूमि बचानी मुश्किल हो जाएगी
हमे याद रखना चाहिए कि भारत की स्वतंत्रता में लगे 80% क्रांतिकारी आर्य समाजी थे और जो आर्यसमाजी नहीं भी थे वे भी शरण आर्यसमाज में ही लिया करते थे आर्यसमाज देश की स्वतंत्रता का मुख्य केंद्र था
हमे भूलना नहीं चाहिए 1938 का हैदराबाद का आंदोलन जहां का नवाब हिंदुओ को दबाकर रखता था अत्याचार करता था , उस नवाब को उसकी औकात इन्हीं आर्य समाजियों ने दिखाई थी जिनके बारे में आज पाखंडी लोग विष फैला रहे हैं
भूलना मत वेद का सूर्य फिर निकलेगा और ऐसा चमकेगा की सब मत सब पाखंड स्वाहा जाएगा
अमित आर्य
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ये भाई सचमे अच्छे पवित्र हृदय का व्यक्ति है और अपनी सनातन धर्म की जड़ों से जुड़ा हुआ है, इस भाई ने पूरा व्याख्यान हिन्दी में दिया है
एक तरफ भारत के , मध्यम परिवार, धनवान सभी मौका मिलने खुद को अंग्रेज दिखाने से नहीं चूकते , वही दूसरी तरफ भारत का सबसे धनवान ये युवा अपने व्याख्यान के लिए हिंदी भाषा को चुनता है इससे अच्छी बात ओर क्या होगी,
एक तरफ भारत के , मध्यम परिवार, धनवान सभी मौका मिलने खुद को अंग्रेज दिखाने से नहीं चूकते , वही दूसरी तरफ भारत का सबसे धनवान ये युवा अपने व्याख्यान के लिए हिंदी भाषा को चुनता है इससे अच्छी बात ओर क्या होगी,
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रहस्यमय योद्धा ने फिर से भारत के दुश्मनों को ठोकना शुरू किया
आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी के आने के बाद भारत इतना शक्तिशाली बना है कि अपने दुश्मनों को उनके ही देश में ठोकता है, वास्तविक स्वतंत्रता 2014 के बाद ही मिली है, पहले कुछ कुछ समय के लिए हलचल हुई किंतु सही स्वतंत्रता 14 के बाद मिली ,
आने वाले समय में भारत अत्यंत शक्तिशाली बने और हिंदुओ को कुछ सद्बुद्धि आए कि वो अपने आर्य श्रेष्ठ पूर्वजों की तरह एक ईश्वर एक वेद के मार्ग पर चलें तो हमारी अधिकतर समस्याएं समाप्त हो जाएंगी फिर एकता होगी अखंड ओर यही मार्ग होगा अखंड भारत का
भारत में इसीपरकार राष्ट्रवादी नेतृत्व बना रहे सीधे रस्ते से नहीं तो छल से बल से ही बनाना पड़े किंतु 100 साल तक राष्ट्रवादी हिंदुओं की मूक समर्थक सरकार ही सत्ता में रहे तो देश हर प्रकार से मजबूत बनेगा योजनाओं पर कार्य करने का भरपूर समय मिलेगा
रहस्यमय योद्धा ने फिर से भारत के दुश्मनों को ठोकना शुरू किया
आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी के आने के बाद भारत इतना शक्तिशाली बना है कि अपने दुश्मनों को उनके ही देश में ठोकता है, वास्तविक स्वतंत्रता 2014 के बाद ही मिली है, पहले कुछ कुछ समय के लिए हलचल हुई किंतु सही स्वतंत्रता 14 के बाद मिली ,
आने वाले समय में भारत अत्यंत शक्तिशाली बने और हिंदुओ को कुछ सद्बुद्धि आए कि वो अपने आर्य श्रेष्ठ पूर्वजों की तरह एक ईश्वर एक वेद के मार्ग पर चलें तो हमारी अधिकतर समस्याएं समाप्त हो जाएंगी फिर एकता होगी अखंड ओर यही मार्ग होगा अखंड भारत का
भारत में इसीपरकार राष्ट्रवादी नेतृत्व बना रहे सीधे रस्ते से नहीं तो छल से बल से ही बनाना पड़े किंतु 100 साल तक राष्ट्रवादी हिंदुओं की मूक समर्थक सरकार ही सत्ता में रहे तो देश हर प्रकार से मजबूत बनेगा योजनाओं पर कार्य करने का भरपूर समय मिलेगा
रहस्यमय योद्धा ने फिर से भारत के दुश्मनों को ठोकना शुरू किया
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ये भारत के लिए गर्व का विषय है
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के युटुब चैनल पर एक वीडियो अपलोड हुई हैं, जिसमें हर्क्यूलिस पिलर्स इवेंट में, भारतीय स्ट्रॉन्गमैन विस्पी खराड़ी ने इन पिलर्स को 2 मिनट 10.75 सेकंड तक पकड़कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
दोनों खंभों का वजन लगभग 336 किलो के आस पास है यानी एक खंभे का वजन 168 के आस पास है
भाई सचमे वीडियो देख कर आनंद आगया, जानते हो विदेशी अंग्रेजो को लगता था कि ये कार्य कोई भारतीय नहीं कर सकता
अंग्रेज लोग अक्सर भारतीयों का मजाक बनाते रहते हैं, किंतु भारतीय जैसे जैसे व्यायाम करते जाएंगे वैसे वैसे भारतीयों की नस्ल प्राचीन आर्यों के जैसी होती जाएगी यानी श्रेष्ठ मजबूत ओर प्राचीन आर्यों से बलवान कोई नहीं था
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के युटुब चैनल पर एक वीडियो अपलोड हुई हैं, जिसमें हर्क्यूलिस पिलर्स इवेंट में, भारतीय स्ट्रॉन्गमैन विस्पी खराड़ी ने इन पिलर्स को 2 मिनट 10.75 सेकंड तक पकड़कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
दोनों खंभों का वजन लगभग 336 किलो के आस पास है यानी एक खंभे का वजन 168 के आस पास है
भाई सचमे वीडियो देख कर आनंद आगया, जानते हो विदेशी अंग्रेजो को लगता था कि ये कार्य कोई भारतीय नहीं कर सकता
अंग्रेज लोग अक्सर भारतीयों का मजाक बनाते रहते हैं, किंतु भारतीय जैसे जैसे व्यायाम करते जाएंगे वैसे वैसे भारतीयों की नस्ल प्राचीन आर्यों के जैसी होती जाएगी यानी श्रेष्ठ मजबूत ओर प्राचीन आर्यों से बलवान कोई नहीं था
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😆कुछ भाइयों की बाते सुनकर सच में खूब हसी आती है , कुछ कांग्रेसी या नोटा दबाने वाले बोलते हैं अरे देखो मोदी के कारण स्टोक मार्किट गिर रही है
अब इन्हें कौन समझाएं भाई उतार चढ़ाव तो इस दुनिया का नियम है, रोज दिन रात होते हैं, वैदिक सिद्धांतों के अनुसार ये ब्रह्मांड भी लगभग 4 अरब साल से कुछ ऊपर का होता है फिर इतनी ही काल रात्री होती है, मोक्ष ना होने तक हम भी शरीर बदलते रहते हैं, ये स्थूल दिखने वाली प्रकृति भी एक दिन अपने मूल में समा जाती है फिर समय होने पर सर्वव्यापक ईश्वर रूपी चित्रकार फिर रचदेता है उसी प्रकृति के मूल से इस दृश्यमान प्रकृति को
अरे कांग्रेसी या नोटा दबाने वालों क्या तुम कभी कपड़े नहीं बदलते क्या? क्या वो मैले नहीं होते क्या? या फिर ये बोलोगे की तुम्हारे वस्त्र भी मोदी के कारण मैले हो गए
तो भाई स्टॉक मार्किट कौनसा दुनिया से अलग है कभी ऊपर कभी नीचे ये तो चलता ही रहता है, चार्ट देखलो ऐसे ही चलती है मार्किट
हां भाई मालूम है अब तुम वही राग गाओ ये तो जुआ है ये तो जुआ है 😄
वैसे अभी पोरकीस्थान में भारत के दुश्मन आतंकियों को ठोका जा रहा है अदृश्य योद्धाओं के द्वारा इससे तो तुम्हे कोई समस्या नहीं होती होगी? देख लेना कही मोदी का विरोध करते करते तुम देश का ही विरोध ना करने लगना
अब इन्हें कौन समझाएं भाई उतार चढ़ाव तो इस दुनिया का नियम है, रोज दिन रात होते हैं, वैदिक सिद्धांतों के अनुसार ये ब्रह्मांड भी लगभग 4 अरब साल से कुछ ऊपर का होता है फिर इतनी ही काल रात्री होती है, मोक्ष ना होने तक हम भी शरीर बदलते रहते हैं, ये स्थूल दिखने वाली प्रकृति भी एक दिन अपने मूल में समा जाती है फिर समय होने पर सर्वव्यापक ईश्वर रूपी चित्रकार फिर रचदेता है उसी प्रकृति के मूल से इस दृश्यमान प्रकृति को
अरे कांग्रेसी या नोटा दबाने वालों क्या तुम कभी कपड़े नहीं बदलते क्या? क्या वो मैले नहीं होते क्या? या फिर ये बोलोगे की तुम्हारे वस्त्र भी मोदी के कारण मैले हो गए
तो भाई स्टॉक मार्किट कौनसा दुनिया से अलग है कभी ऊपर कभी नीचे ये तो चलता ही रहता है, चार्ट देखलो ऐसे ही चलती है मार्किट
हां भाई मालूम है अब तुम वही राग गाओ ये तो जुआ है ये तो जुआ है 😄
वैसे अभी पोरकीस्थान में भारत के दुश्मन आतंकियों को ठोका जा रहा है अदृश्य योद्धाओं के द्वारा इससे तो तुम्हे कोई समस्या नहीं होती होगी? देख लेना कही मोदी का विरोध करते करते तुम देश का ही विरोध ना करने लगना
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‼️ओ३म्‼️🚩
भगत सिंह को देश प्रेम की प्रेरणा कहां से मिली।
आर्यों द्वारा स्थापित डीएवी कॉलेज, लाहौर का भव्य भवन जहा पर भाई परमानंद जी ने भगत सिंह नाम की चिंगारी को मशाल मे बदल दिया था...
भगत सिंह के दादा श्री अर्जुन सिंह जी का यज्ञोपवीत संस्कार स्वयं "महर्षि दयानंद सरस्वती जी" ने ही करवाया था ओर तो ओर दादा ने अपने दोनो पोतों का....."स्मरण" रहे सिख समाज मे यज्ञोपवित संस्कार नही होता हैं...
सरदार अर्जुन सिंह जी एक कट्टर आर्य समाजी थे। वे महर्षि दयानंद जी के आरम्भिक शिष्यों में से एक थे जिनका यज्ञोपवित संस्कार स्वयं महर्षि दयानंद जी ने करवाया था ।
लोगो ने तो मंदिर से आर्य समाज तक का सफ़र तय किया था लेकिन सरदार अर्जुन सिंह जी ने गुरुद्वारे से आर्य समाज तक का सफर तय किया था।
उनको वैदिक साहित्य का इतना अध्ययन
था की मूर्ति पूजा श्राद्ध आदि विषयों पर आर्य समाज की तरफ से शास्त्रार्थ लड़ते थे । प्रतिदिन यज्ञ करना उनकी आदत थी ।
जब वे सफ़र में जाते थे तब भी अपनी हवन सामग्री यज्ञ कुंड इत्यादि साथ लेकर चलते थे ।
जब उन्होंने अपने दोनों पोतो जगत सिंह और भगत सिंह का यज्ञोपवीत करवाया था तब उन्होंने अपने दोनों पोतो को दायं और बायं बाजू के निचे लेकर ये प्रतिज्ञा ली थी की मै अपने दोनों पोतो को देश की बली वेदी पर दान करता हूँ।
भगतसिंह जी के पिता जी का नाम सरदार किशन सिंह था और माँ का नाम विद्यावती था । दोनों परिवार सिख थे लेकिन उनका विवाह शुद्ध वैदिक तरीके से हुआ था अर्थात फेरे गुरु
ग्रन्थ साहिब के स्थान पर यज्ञ वेदि के फेरे लिए थे । उस समय लोगो ने कहा की देखो कैसा दामाद आया है जो खुद मन्त्र पढ़ रहा है ।
भगत सिंह जी के चाचा अजित सिंह जी भी दृढ़ आर्य समाजी थे । आर्य समाज के लिए उन्होंने बहुत ट्रैक्ट लिखे जिनमे से ' विधवा की पुकार' मुख्य है ।
भगत सिंह अपने दादा जी को जब भी पत्र लिखते थे तो ओ३म् और नमस्ते ही लिखते थे। भगत सिंह लाला लाजपत राय जी द्वारा संचालित नेशनल कोलेज के छात्र थे । और प्रसिद्ध आर्य विद्वान जयचन्द्र विद्यालंकार , उदयवीर शास्त्री तथा भाई
परमानन्द जी के शिष्य थे ।
भगतसिंह का जनेऊ संस्कार "पूजनीय प्रभो हमारे...." के रचनाकार पूज्य लोकनाथ वाचस्पति जी द्वारा हुआ था । भगतसिंह का प्रसिद्ध चित्र तिरछी टोपी वाला आर्यसमाज कलकत्ता(विधान सारणी) में लिया गया था क्योंकी भगत सिंह ने लाहौर में सांडर्स को मारने के बाद वेश बदलकर वही शरण ली थी ।
‼️ओ३म्‼️🚩
भगत सिंह को देश प्रेम की प्रेरणा कहां से मिली।
आर्यों द्वारा स्थापित डीएवी कॉलेज, लाहौर का भव्य भवन जहा पर भाई परमानंद जी ने भगत सिंह नाम की चिंगारी को मशाल मे बदल दिया था...
भगत सिंह के दादा श्री अर्जुन सिंह जी का यज्ञोपवीत संस्कार स्वयं "महर्षि दयानंद सरस्वती जी" ने ही करवाया था ओर तो ओर दादा ने अपने दोनो पोतों का....."स्मरण" रहे सिख समाज मे यज्ञोपवित संस्कार नही होता हैं...
सरदार अर्जुन सिंह जी एक कट्टर आर्य समाजी थे। वे महर्षि दयानंद जी के आरम्भिक शिष्यों में से एक थे जिनका यज्ञोपवित संस्कार स्वयं महर्षि दयानंद जी ने करवाया था ।
लोगो ने तो मंदिर से आर्य समाज तक का सफ़र तय किया था लेकिन सरदार अर्जुन सिंह जी ने गुरुद्वारे से आर्य समाज तक का सफर तय किया था।
उनको वैदिक साहित्य का इतना अध्ययन
था की मूर्ति पूजा श्राद्ध आदि विषयों पर आर्य समाज की तरफ से शास्त्रार्थ लड़ते थे । प्रतिदिन यज्ञ करना उनकी आदत थी ।
जब वे सफ़र में जाते थे तब भी अपनी हवन सामग्री यज्ञ कुंड इत्यादि साथ लेकर चलते थे ।
जब उन्होंने अपने दोनों पोतो जगत सिंह और भगत सिंह का यज्ञोपवीत करवाया था तब उन्होंने अपने दोनों पोतो को दायं और बायं बाजू के निचे लेकर ये प्रतिज्ञा ली थी की मै अपने दोनों पोतो को देश की बली वेदी पर दान करता हूँ।
भगतसिंह जी के पिता जी का नाम सरदार किशन सिंह था और माँ का नाम विद्यावती था । दोनों परिवार सिख थे लेकिन उनका विवाह शुद्ध वैदिक तरीके से हुआ था अर्थात फेरे गुरु
ग्रन्थ साहिब के स्थान पर यज्ञ वेदि के फेरे लिए थे । उस समय लोगो ने कहा की देखो कैसा दामाद आया है जो खुद मन्त्र पढ़ रहा है ।
भगत सिंह जी के चाचा अजित सिंह जी भी दृढ़ आर्य समाजी थे । आर्य समाज के लिए उन्होंने बहुत ट्रैक्ट लिखे जिनमे से ' विधवा की पुकार' मुख्य है ।
भगत सिंह अपने दादा जी को जब भी पत्र लिखते थे तो ओ३म् और नमस्ते ही लिखते थे। भगत सिंह लाला लाजपत राय जी द्वारा संचालित नेशनल कोलेज के छात्र थे । और प्रसिद्ध आर्य विद्वान जयचन्द्र विद्यालंकार , उदयवीर शास्त्री तथा भाई
परमानन्द जी के शिष्य थे ।
भगतसिंह का जनेऊ संस्कार "पूजनीय प्रभो हमारे...." के रचनाकार पूज्य लोकनाथ वाचस्पति जी द्वारा हुआ था । भगतसिंह का प्रसिद्ध चित्र तिरछी टोपी वाला आर्यसमाज कलकत्ता(विधान सारणी) में लिया गया था क्योंकी भगत सिंह ने लाहौर में सांडर्स को मारने के बाद वेश बदलकर वही शरण ली थी ।
‼️ओ३म्‼️🚩
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उस समय मेरी आयु 6 या 7 वर्ष होगी तब मैं दिल्ली रहता था वही पड़ोस में एक घटना घटी एक लड़की ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने पति को मार दिया और उसे नाले में फेंक दिया बाद में वो लड़की ओर उसका आशिक पकड़े गए , मैं बालक था जब मैने ये सब सुना तो मेरे बाल मन पर एक बात छप गई कि महिलाएं भी दुष्टता में किसी जल्लाद से कम नहीं होती इससे पहले मैं सोचता था कि महिलाओं में केवल दया करुणा ही होती है
पहले इस प्रकार की घटनाएं कम होती थी किंतु आज पुरुषों की हत्याएं खूब हो रही हैं
कोई पुरुष दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है किसी पुरुष को कोई महिला अपने आशिक के साथ मिलकर मार देती है
कही कोई पुरुष अपनी पत्नी को पढ़ाता है जब पत्नी पढ़कर बड़े पद पर पहुंच जाती है तो उसे अपना पति कम पढ़ा लिखा लगने लगता है ओर वो महिला किसी ओर के साथ भाग जाती है
समाज में विवाहित चरित्रहीन स्त्री और पुरुषों की बाढ़ सी आ चुकी है,
पहले महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता था किंतु अब कानून की आड में महिलाओं द्वारा पुरुषों को बहुत अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है
तब से लेकर अब तक ना जाने कितनी ही घटनाएं ऐसी सुनी जिन्हें सुनकर विश्वास नहीं होता कि कितनी तेजी से हमारा समाज पतन की ओर है
आप चाहे कितने ही कानून बना लो समाज का पतन नहीं रुकेगा
मार्ग एक है आधुनिक तकनीकी शिक्षा को गुरुकुलीय शिक्षा के साथ जोड़ कर फिर से गुरुकुल ही गुरुकुल हों और स्कूल कोलिज को बंद किया जाए तो समाज फिर से चरित्रवान बन सकता है
आपको नहीं भूलना चाहिए कि अंग्रेजो के आने से पहले व्यापार में धन में ऐश्वर्य में भारत का दुनिया में अकेला दबदबा रहा है और ऐसा सदियों से रहा है और उस काल में केवल गुरुकुल शिक्षा पद्धति ही थी
आज भारत में थोड़े बहुत सबसे अच्छे आर्ष गुरुकुल है वो केवल आर्यसमाज ही चलाता है सबसे श्रेष्ठ कन्या गुरुकुल चलाने का गौरव केवल ऋषि दयानंद के शिष्यों को ही जाता है
आप सभी भाई राजीव दीक्षित जी को जरूर सुने गुरुकुल शिक्षा पर अंग्रेजो के आने से पहले गुरुकुल में क्या क्या शिक्षा मिलती थी आपको लगेगा कि आज के स्कूल कोलिज तो कुछ भी नहीं है उनके आगे
आज स्कूल कोलिज से चरित्रहीन और बेरोजगार निकलते हैं उस समय चरित्रवान योग्य व्यक्ति निकलते थे
हमारी सारी समस्याओं का समाधान गुरुकुल से होकर ही निकलेगा
अमित आर्य
पहले इस प्रकार की घटनाएं कम होती थी किंतु आज पुरुषों की हत्याएं खूब हो रही हैं
कोई पुरुष दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है किसी पुरुष को कोई महिला अपने आशिक के साथ मिलकर मार देती है
कही कोई पुरुष अपनी पत्नी को पढ़ाता है जब पत्नी पढ़कर बड़े पद पर पहुंच जाती है तो उसे अपना पति कम पढ़ा लिखा लगने लगता है ओर वो महिला किसी ओर के साथ भाग जाती है
समाज में विवाहित चरित्रहीन स्त्री और पुरुषों की बाढ़ सी आ चुकी है,
पहले महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता था किंतु अब कानून की आड में महिलाओं द्वारा पुरुषों को बहुत अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है
तब से लेकर अब तक ना जाने कितनी ही घटनाएं ऐसी सुनी जिन्हें सुनकर विश्वास नहीं होता कि कितनी तेजी से हमारा समाज पतन की ओर है
आप चाहे कितने ही कानून बना लो समाज का पतन नहीं रुकेगा
मार्ग एक है आधुनिक तकनीकी शिक्षा को गुरुकुलीय शिक्षा के साथ जोड़ कर फिर से गुरुकुल ही गुरुकुल हों और स्कूल कोलिज को बंद किया जाए तो समाज फिर से चरित्रवान बन सकता है
आपको नहीं भूलना चाहिए कि अंग्रेजो के आने से पहले व्यापार में धन में ऐश्वर्य में भारत का दुनिया में अकेला दबदबा रहा है और ऐसा सदियों से रहा है और उस काल में केवल गुरुकुल शिक्षा पद्धति ही थी
आज भारत में थोड़े बहुत सबसे अच्छे आर्ष गुरुकुल है वो केवल आर्यसमाज ही चलाता है सबसे श्रेष्ठ कन्या गुरुकुल चलाने का गौरव केवल ऋषि दयानंद के शिष्यों को ही जाता है
आप सभी भाई राजीव दीक्षित जी को जरूर सुने गुरुकुल शिक्षा पर अंग्रेजो के आने से पहले गुरुकुल में क्या क्या शिक्षा मिलती थी आपको लगेगा कि आज के स्कूल कोलिज तो कुछ भी नहीं है उनके आगे
आज स्कूल कोलिज से चरित्रहीन और बेरोजगार निकलते हैं उस समय चरित्रवान योग्य व्यक्ति निकलते थे
हमारी सारी समस्याओं का समाधान गुरुकुल से होकर ही निकलेगा
अमित आर्य
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Forwarded from अमित आर्यावर्त (भारत योगी)
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ये मुस्लिम आतंकवादी मुस्लिम नियुज़ चैनल वाला, कोड वर्ड में क्या बता रहा है,
सही कहा है , बच्चे से लेकर बड़े तक ये सभी आतंकियों के पिल्ले हैं
ये तयारी तुम्हारी क्यों नही?
सही कहा है , बच्चे से लेकर बड़े तक ये सभी आतंकियों के पिल्ले हैं
ये तयारी तुम्हारी क्यों नही?
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पाकिस्तान हो या बांग्लादेश सभी स्थानों पर दलित हिंदुओं को मारा जाता है वहां के मुस्लमान और मुस्लिम सरकार दलित हिंदुओं पर हर प्रकार का अत्याचार करते हैं
भारत में जो दलितों के नेता बने फिरते हैं वे पाकिस्तान ओर बांग्लादेश के विरोध में एक शब्द नहीं बोलते
आज जो हालत पाकिस्तान ओर बांग्लादेश के दलित हिंदुओं की है तो इसका जिम्मेदार केवल उस समय के दलित नेता है जैसे जोगेंद्रनाथ मंडल था
आज भारत के दलित नेता जो गंदी राजनीति कर रहे हैं इसीपरकार की गंदी राजनीति जोगेंद्रनाथ मंडल जैसे नेता किया करते थे
आज दलित नेताओं के कारण भीमवादी अपने बच्चों को घृणा से भरा हुआ बम बना रहे है
आप हैरान मत होना यदि कल को जिहादी भीमवादियों के बच्चो का प्रयोग हिंदुओ के विरुद्ध करें तो क्योंकि घृणा तो उनके माता पिता पहले ही कूट कूट कर भर रहे हैं आपको ऐसे बच्चों की वीडियो मिल जाएगी जो भगवान राम कृष्ण का अपमान करते हैं
घर में जातिवाद की गंदगी फैली हो तो उसे आर्यसमाजियों की तरह घर में रहकर ही साफ किया जाता है आर्यसमाजियों की तरह अपने शुद्ध धर्म ग्रंथ ओर अपने इतिहास महाभारत रामायण से पाखंडी पण्डो को जवाब दिया जाता है
लेकिन दलित नेता अपने दुश्मन जिहादियों से मिलकर घर की नींव को ही खोद रहे हैं दलित नेता घर की गंदगी को साफ करने के स्थान पर जिहादियों के साथ मिलकर घर को ही खत्म कर देना चाहते हैं
ओर जातिवाद क्या दलितों में नहीं है? क्या जो जो जातियां अपने को दलित समझती हैं क्या वे आपस में विवाह करते हैं? क्या वे एक दूसरे के घर खाना खाते हैं? क्या वे एक दूसरे के विरुद्ध जाती सूचक शब्दों का प्रयोग नहीं करते? मैने बच्चों से अभी तक ये सारे रोग सभी जातियों में देखें हैं
हम सभी को मिलकर ऐसे समाज के निर्माण पर जोर देना चाहिए जहां हमारे श्रेष्ठ आर्य पूर्वजों की तरह कर्म पर ध्यान दिया गया हो ना कि जन्म आधारित जाती पर ओर इसकी शुरुआत आपको आर्ष ग्रंथों को पढ़कर अपने बच्चों को शिक्षा देने से होनी चाहिए इसमें आपकी मदद इकलौता आर्यसमाज ही कर सकता है और कोई नहीं यदि आप अपनी विद्या बढ़ाना चाहते हो तो आर्यसमाज से जुड़ जाओ यही एक मार्ग है
राजस्थान में एक आचार्य जी है आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी आप इनके साथ जुड़िए युटुब पर इनका चैनल भी है और पढ़िए आर्ष पुस्तकों को ओर जानिए वास्तव में धर्म क्या है
अमित आर्य
भारत में जो दलितों के नेता बने फिरते हैं वे पाकिस्तान ओर बांग्लादेश के विरोध में एक शब्द नहीं बोलते
आज जो हालत पाकिस्तान ओर बांग्लादेश के दलित हिंदुओं की है तो इसका जिम्मेदार केवल उस समय के दलित नेता है जैसे जोगेंद्रनाथ मंडल था
आज भारत के दलित नेता जो गंदी राजनीति कर रहे हैं इसीपरकार की गंदी राजनीति जोगेंद्रनाथ मंडल जैसे नेता किया करते थे
आज दलित नेताओं के कारण भीमवादी अपने बच्चों को घृणा से भरा हुआ बम बना रहे है
आप हैरान मत होना यदि कल को जिहादी भीमवादियों के बच्चो का प्रयोग हिंदुओ के विरुद्ध करें तो क्योंकि घृणा तो उनके माता पिता पहले ही कूट कूट कर भर रहे हैं आपको ऐसे बच्चों की वीडियो मिल जाएगी जो भगवान राम कृष्ण का अपमान करते हैं
घर में जातिवाद की गंदगी फैली हो तो उसे आर्यसमाजियों की तरह घर में रहकर ही साफ किया जाता है आर्यसमाजियों की तरह अपने शुद्ध धर्म ग्रंथ ओर अपने इतिहास महाभारत रामायण से पाखंडी पण्डो को जवाब दिया जाता है
लेकिन दलित नेता अपने दुश्मन जिहादियों से मिलकर घर की नींव को ही खोद रहे हैं दलित नेता घर की गंदगी को साफ करने के स्थान पर जिहादियों के साथ मिलकर घर को ही खत्म कर देना चाहते हैं
ओर जातिवाद क्या दलितों में नहीं है? क्या जो जो जातियां अपने को दलित समझती हैं क्या वे आपस में विवाह करते हैं? क्या वे एक दूसरे के घर खाना खाते हैं? क्या वे एक दूसरे के विरुद्ध जाती सूचक शब्दों का प्रयोग नहीं करते? मैने बच्चों से अभी तक ये सारे रोग सभी जातियों में देखें हैं
हम सभी को मिलकर ऐसे समाज के निर्माण पर जोर देना चाहिए जहां हमारे श्रेष्ठ आर्य पूर्वजों की तरह कर्म पर ध्यान दिया गया हो ना कि जन्म आधारित जाती पर ओर इसकी शुरुआत आपको आर्ष ग्रंथों को पढ़कर अपने बच्चों को शिक्षा देने से होनी चाहिए इसमें आपकी मदद इकलौता आर्यसमाज ही कर सकता है और कोई नहीं यदि आप अपनी विद्या बढ़ाना चाहते हो तो आर्यसमाज से जुड़ जाओ यही एक मार्ग है
राजस्थान में एक आचार्य जी है आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी आप इनके साथ जुड़िए युटुब पर इनका चैनल भी है और पढ़िए आर्ष पुस्तकों को ओर जानिए वास्तव में धर्म क्या है
अमित आर्य
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"मुसलमानी राज्य में भी सत्य कहता "
जोधपुर का राज्याधिकारी मियाँ फैजुल्ला खा ने एक दिन आवेश में आ कर स्वामी जी से कहा -"यदि आप मुसलमानी शासन में होते और इस प्रकार इस्लाम का खंडन करते तो हुक्मरान आपको जिन्दा नहीं छोड़ते " -स्वामी जी ने निर्भीक भाव से उत्तर दिया -"में तो उस युग में भी "सत्य" कहने से पीछे नहीं हटता । यदि कोई शासक मुझ पर अत्याचार करता तो में भी उसके मुकाबले में किसी शिवाजी या दुर्गादास जैसे वीर पुरुष को खड़ा कर देता " ।
.............................
.... ऋषि की निर्भीकता की जय हो ..........
अंग्रेजी राज्य में भी तो यही हुआ आप खुद देखलो, ऋषि दयानंद के शिष्य श्यामजी कृष्ण वर्मा जी ने इंग्लैंड की धरती पर कितनी क्रांतियां करवाई अनेकों योग्य क्रांतिकारी युवाओं को स्कॉलरशिप देकर इंग्लैंड बुलवाया, लाल लाजपत राय, भगतसिंह का पूरा परिवार , ब्रह्मचारी राम प्रसाद बिस्मिल आदि आदि अनेकों वीर ऋषि दयानंद को अपना गुरु मानते थे
आचार्य चाणक्य, आदिगुरु शंकराचार्य, हरित मुनि (बप्पारावल के गुरु), ओर ऋषि दयानंद एसे योगी पुरुषों ने संकट काल में भारत भूमि पर जन्म लेकर हमे मार्ग दिखाया है
अमित आर्य
जोधपुर का राज्याधिकारी मियाँ फैजुल्ला खा ने एक दिन आवेश में आ कर स्वामी जी से कहा -"यदि आप मुसलमानी शासन में होते और इस प्रकार इस्लाम का खंडन करते तो हुक्मरान आपको जिन्दा नहीं छोड़ते " -स्वामी जी ने निर्भीक भाव से उत्तर दिया -"में तो उस युग में भी "सत्य" कहने से पीछे नहीं हटता । यदि कोई शासक मुझ पर अत्याचार करता तो में भी उसके मुकाबले में किसी शिवाजी या दुर्गादास जैसे वीर पुरुष को खड़ा कर देता " ।
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.... ऋषि की निर्भीकता की जय हो ..........
अंग्रेजी राज्य में भी तो यही हुआ आप खुद देखलो, ऋषि दयानंद के शिष्य श्यामजी कृष्ण वर्मा जी ने इंग्लैंड की धरती पर कितनी क्रांतियां करवाई अनेकों योग्य क्रांतिकारी युवाओं को स्कॉलरशिप देकर इंग्लैंड बुलवाया, लाल लाजपत राय, भगतसिंह का पूरा परिवार , ब्रह्मचारी राम प्रसाद बिस्मिल आदि आदि अनेकों वीर ऋषि दयानंद को अपना गुरु मानते थे
आचार्य चाणक्य, आदिगुरु शंकराचार्य, हरित मुनि (बप्पारावल के गुरु), ओर ऋषि दयानंद एसे योगी पुरुषों ने संकट काल में भारत भूमि पर जन्म लेकर हमे मार्ग दिखाया है
अमित आर्य
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इनका नाम लोकेश है...
ये रेलवे में ड्राइवर हैं, 1 लाख से अधिक सैलरी
आज इनका वीडियो वायरल हुआ है जिसमें इनकी पत्नी इनको अपनी माँ और भाई के साथ पीट रही है
लोकेश हाथ जोड़ रहा, पैर पड़ रहा, गिड़गिड़ा
रहा लेकिन पत्नी लगातार पीट रही है
ऐसा इसलिए नहीं कि लोकेश कमज़ोर है
बल्कि इसलिए क्यूंकि वो एक कानून से डरता है
अभी तो वो अकेला पिस रहा लेकिन अगर कुछ बोला तो लोकेश की माँ बहन भाई बहनोई सब रोयेंगे..
जिसके लिए उसकी पत्नी को किसी सबूत की
जरूरत नहीं पड़ेगी, वो मामला सीधे दर्ज होता है
ये अकेला लोकेश नहीं, कानून का आड़ लेकर
न जाने कितनी डायने पुरुषों को नपुंसक बनाकर रखती हैं इसके खिलाफ अगर अब भी चुप रहे तो रोज़ कोई न कोई अखिलेश फंदे पे लटका मिलेगा
ये रेलवे में ड्राइवर हैं, 1 लाख से अधिक सैलरी
आज इनका वीडियो वायरल हुआ है जिसमें इनकी पत्नी इनको अपनी माँ और भाई के साथ पीट रही है
लोकेश हाथ जोड़ रहा, पैर पड़ रहा, गिड़गिड़ा
रहा लेकिन पत्नी लगातार पीट रही है
ऐसा इसलिए नहीं कि लोकेश कमज़ोर है
बल्कि इसलिए क्यूंकि वो एक कानून से डरता है
अभी तो वो अकेला पिस रहा लेकिन अगर कुछ बोला तो लोकेश की माँ बहन भाई बहनोई सब रोयेंगे..
जिसके लिए उसकी पत्नी को किसी सबूत की
जरूरत नहीं पड़ेगी, वो मामला सीधे दर्ज होता है
ये अकेला लोकेश नहीं, कानून का आड़ लेकर
न जाने कितनी डायने पुरुषों को नपुंसक बनाकर रखती हैं इसके खिलाफ अगर अब भी चुप रहे तो रोज़ कोई न कोई अखिलेश फंदे पे लटका मिलेगा
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ये जानकारी सभी मां भारती के बच्चो तक पहुंचादो , पाकिस्तान ओर उसके पाले सूअरों को फाड़ना है, जय जननी जय जन्मभूमि
https://youtu.be/z1Kn86VCT5o?si=5LEi9L70b3Wn_ex8
https://youtu.be/z1Kn86VCT5o?si=5LEi9L70b3Wn_ex8
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वीर सावरकर पर राहुल गांधी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक न उड़ाएं।
अदालत ने राहुल से कहा कि वीर सावरकर जैसे लोगों ने हमें आजादी दिलाई थी और आप उनके साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं।
बेंच ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या राहुल गांधी को पता है कि महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों से संवाद में खुद के लिए 'आपका वफादार सेवक' शब्द का इस्तेमाल किया था।
मित्रो विरसावरकर जी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए कठोर से भी कठोर यातनाएं भोगी थी आप तो विरसावरकर की 1% जितनी यातनाएं भी नहीं झेल पाएंगे तो आप अपना मुख बंद रखे क्रांतिकारियों के विषय में , विरसावरकर जी की लिखी पुस्तक "1857 का स्वातंत्र्य समर" को भगत सिंह क्रांतिकारियों को देते थे, भगत सिंह भी विरसावरकर को अपना आदर्श पुरुष मानते थे
मैं जानता हूं इतना पढ़ने के बाद भी कुछ कुत्ते बुद्धि के लोग विरसावरकर जी का अपमान करते रहेंगे, किंतु ध्यान रहे जिस दिन आप किसी असली देश भक्त के सामने ऐसा करेंगे तो हो सकता है वो आपके जीवन का अंतिम दिन हो क्योंकि सबकी भावनाएं भिन भिन होती हैं क्रांतिकारियों को लेकर
🚩जय जननी जय जन्मभूमि🚩
अदालत ने राहुल से कहा कि वीर सावरकर जैसे लोगों ने हमें आजादी दिलाई थी और आप उनके साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं।
बेंच ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या राहुल गांधी को पता है कि महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों से संवाद में खुद के लिए 'आपका वफादार सेवक' शब्द का इस्तेमाल किया था।
मित्रो विरसावरकर जी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए कठोर से भी कठोर यातनाएं भोगी थी आप तो विरसावरकर की 1% जितनी यातनाएं भी नहीं झेल पाएंगे तो आप अपना मुख बंद रखे क्रांतिकारियों के विषय में , विरसावरकर जी की लिखी पुस्तक "1857 का स्वातंत्र्य समर" को भगत सिंह क्रांतिकारियों को देते थे, भगत सिंह भी विरसावरकर को अपना आदर्श पुरुष मानते थे
मैं जानता हूं इतना पढ़ने के बाद भी कुछ कुत्ते बुद्धि के लोग विरसावरकर जी का अपमान करते रहेंगे, किंतु ध्यान रहे जिस दिन आप किसी असली देश भक्त के सामने ऐसा करेंगे तो हो सकता है वो आपके जीवन का अंतिम दिन हो क्योंकि सबकी भावनाएं भिन भिन होती हैं क्रांतिकारियों को लेकर
🚩जय जननी जय जन्मभूमि🚩
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अमित आर्यावर्त (भारत योगी)
पिछले लगभग 3 महीनो का परिणाम है ये जब 8 साल का था तो होली पर किसी ने केमिकल का रंग लगा दिया तब तो आंखो की रोशनी लगभग खतम हो गई थी बादमें चिकित्सा से ठीक ठाक दिखने लगा, तब से अब तक मेरी दूर की नजर कमजोर है योग प्राणायाम करने के कारण ज्यादा कमजोर तो होने नही…
लो जी होगी मेरी आंख 99% ठीक, आज आंख दिखाने गया था कि कितना फर्क पड़ा है देखें तो एक्यूप्रेशर ने क्या कमाल दिखाया है, उल्टी आंख का नंबर बिल्कुल ठीक होगया और सीधी आंख का नंबर 0.5 आया है ये भी जल्द ही ठीक हो जाएगा, डॉक्टर तो बोल रहे थे कि आंख ऐसे ठीक नहीं हो सकती
बचपन में रंग डलने से आंखे खराब हो गई थी आपको बताया था, मैने कभी चश्मा नहीं लगाया , एक्यूप्रेशर के कारण आज मेरी आंख लगभग ठीक हो चुकी हैं, जो मामूली सी ना के बराबर दिक्कत है वो भी जल्द ही ठीक हो जाएगी
अभी जब मैं डॉक्टर के पास गया तो उनके अनुसार आंखे ऐसे ठीक नहीं हो सकती ,
यदि कोई ये कहे कि मैने कभी चश्मा नहीं कोई दवाई नहीं डाली, केवल प्राणायाम, भोजन ओर 70% एक्यूप्रेशर से मेरी आँखें ठीक हो गई तो इस बात पर कोई डॉक्टर नहीं मानेगा,
एक्यूप्रेशर एक अद्भुत विद्या है जो हमारे शरीर की ऊर्जा पर कार्य करती है , किसी दिन इस विषय पर वीडियो बनाऊंगा, एक बार खोज लूं कि मेरा नंबर वास्तव में था कितना फिर आपको एक्यूप्रेशर का चमत्कार दिखाता हूं और आप प्रयोग करके खुद अनुभव कर लेना
बचपन में रंग डलने से आंखे खराब हो गई थी आपको बताया था, मैने कभी चश्मा नहीं लगाया , एक्यूप्रेशर के कारण आज मेरी आंख लगभग ठीक हो चुकी हैं, जो मामूली सी ना के बराबर दिक्कत है वो भी जल्द ही ठीक हो जाएगी
अभी जब मैं डॉक्टर के पास गया तो उनके अनुसार आंखे ऐसे ठीक नहीं हो सकती ,
यदि कोई ये कहे कि मैने कभी चश्मा नहीं कोई दवाई नहीं डाली, केवल प्राणायाम, भोजन ओर 70% एक्यूप्रेशर से मेरी आँखें ठीक हो गई तो इस बात पर कोई डॉक्टर नहीं मानेगा,
एक्यूप्रेशर एक अद्भुत विद्या है जो हमारे शरीर की ऊर्जा पर कार्य करती है , किसी दिन इस विषय पर वीडियो बनाऊंगा, एक बार खोज लूं कि मेरा नंबर वास्तव में था कितना फिर आपको एक्यूप्रेशर का चमत्कार दिखाता हूं और आप प्रयोग करके खुद अनुभव कर लेना
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विपक्ष की चाल में नहीं फसना आचार्य चाणक्य ने बोला है अचानक से कड़वा बोने वाला मीठा बोलने लगे तो कुछ दाल में काला है, अपने एक एक दुश्मन को पहचानना सीखो हिंदू भाइयों
वो विपक्ष जिसने भगवा आतंकवाद का झूठ फैलाने का पूरा प्रयास किया
वो विपक्ष जिसकी साथी पार्टी मुस्लिम लीग केरल में लाखों जिहादियों की रैली निकाल कर हिंदुओ को मंदिर के बाहर उल्टा लटकाने की बाते करती है
विपक्ष का पप्पू नेता हिंदू को मंदिर के बाहर उल्टा टांगने की बात करने वाली मुस्लिम लीग को सबसे अच्छी पार्टी बताता है
वो विपक्ष जिसका नेता बोलता है कि हिंदू मंदिर में लड़की छेड़ने जाते हैं
वो विपक्ष जो सम्प्रदायिक कानून लाना चाहता था जिसमें दोष चाहे किसका भी हो लेकिन हर हालत में हिंदू मारा जाता वक्फ जैसा ही ये कानून होता यानी उद्देश्य सनातन का पतन
वो विपक्ष जिसके सत्ता से जाते ही पाकिस्तान तेजी से भिखारी होने लगा
वो विपक्ष जिसके राज में मुंबई हमला हुआ और उसने पाकिस्तान को कोई सजा नहीं दी
वो टीपक्ष जिनकी बार डांसर आतंकियों की मृत्यु पर रोती है
आज वही विपक्ष अचानक से पाकिस्तान से युद्ध के लिए भारत सरकार का समर्थन करता है मीठा बोलता है
ओर काफी हिंदू भाई इन्हें धन्यवाद बोल रहे हैं क्या तुमने थोड़ा सा भी आचार्य चाणक्य को नहीं पढ़ा क्या?
पाकिस्तान का नाश तो तय है लेकिन वो हमारी सरकार हमारी सेना अपने हिसाब से करेगी किसके उतावलेपन से नहीं
सावधान– सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के पाले सुअर घूम रहे हैं जो कमेंट या झूठी वीडियो आदि से आपको भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं
वो विपक्ष जिसने भगवा आतंकवाद का झूठ फैलाने का पूरा प्रयास किया
वो विपक्ष जिसकी साथी पार्टी मुस्लिम लीग केरल में लाखों जिहादियों की रैली निकाल कर हिंदुओ को मंदिर के बाहर उल्टा लटकाने की बाते करती है
विपक्ष का पप्पू नेता हिंदू को मंदिर के बाहर उल्टा टांगने की बात करने वाली मुस्लिम लीग को सबसे अच्छी पार्टी बताता है
वो विपक्ष जिसका नेता बोलता है कि हिंदू मंदिर में लड़की छेड़ने जाते हैं
वो विपक्ष जो सम्प्रदायिक कानून लाना चाहता था जिसमें दोष चाहे किसका भी हो लेकिन हर हालत में हिंदू मारा जाता वक्फ जैसा ही ये कानून होता यानी उद्देश्य सनातन का पतन
वो विपक्ष जिसके सत्ता से जाते ही पाकिस्तान तेजी से भिखारी होने लगा
वो विपक्ष जिसके राज में मुंबई हमला हुआ और उसने पाकिस्तान को कोई सजा नहीं दी
वो टीपक्ष जिनकी बार डांसर आतंकियों की मृत्यु पर रोती है
आज वही विपक्ष अचानक से पाकिस्तान से युद्ध के लिए भारत सरकार का समर्थन करता है मीठा बोलता है
ओर काफी हिंदू भाई इन्हें धन्यवाद बोल रहे हैं क्या तुमने थोड़ा सा भी आचार्य चाणक्य को नहीं पढ़ा क्या?
पाकिस्तान का नाश तो तय है लेकिन वो हमारी सरकार हमारी सेना अपने हिसाब से करेगी किसके उतावलेपन से नहीं
सावधान– सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के पाले सुअर घूम रहे हैं जो कमेंट या झूठी वीडियो आदि से आपको भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं
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