UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
2.69K subscribers
5.09K photos
38 videos
505 files
5.26K links
Way to Success
🟢 Amogh classess में आप सभी का स्वागत है
🔴 ONLYPCS ONE ऐप से जुड़ने - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.onlypcs.one
🟠 YouTube चैनल से जुड़े https://www.youtube.com/@amoghclasses95
Download Telegram
📕जैवमंडल अभ्यारण्य

०संरक्षित क्षेत्र जहाँ जैव विविधता के संरक्षण, अनुसंधान व सतत विकास पर ध्यान दिया जाता है।
० इनका चयन यूनेस्को मानव एवं जैवमंडल कार्यक्रम( MAB) 1971 के तहत भी किया जाता है।
० इनमें तीन मुख्य क्षेत्र होते हैं-
a. कोर क्षेत्र: पूर्ण संरक्षण हेतु।
b. बफर क्षेत्र: अनुसंधान व शिक्षा हेतु।
c. संक्रमण क्षेत्र: मानवीय गतिविधियाँ

📕भारत में जैवमण्डल अभ्यारण्य:

1. भारत में कुल 18 जैवमंडल अभ्यारण्य है।
2. इनमें से 12 यूनेस्को की विश्व जैवमंडल नेटवर्क सूची में शामिल है।


📕महत्वपूर्ण उदाहरण:

० नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व- भारत का प्रथम बायोस्फीयर रिजर्व
० सुंदरबन( पश्चिम बंगाल): रॉयल बंगाल टाइगर, मैंग्रोव वनस्पति
० नोकरेक( मेघालय): दुर्लभ आर्किड एवं रेड पांडा


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk
❤1
📕इन्सुलिन (Insulin) :-

👉 अग्न्याशय के एक भाग लैंगरहैंस की द्वीपिका के B-कोशिका द्वारा स्रावित होता है।

👉इसकी खोज फ्रेडेरिक बैटिंग एवं चार्ल्स बेस्ट ने सन् 1921 ई. में की थी।

👉1922 ई. में पहली बार लियोनाड थॉम्प्सन को कनाडा में इंसुलिन का इंजेक्शन दिया गया था।

👉 यह ग्लूकोज से ग्लाइकोजेन बनने की क्रिया को नियंत्रित करता है।

📕- इन्सुलिन के अल्प स्रवण से मधुमेह (डाइबीटिज) नामक रोग हो जाता है।

नोट : रुधिर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ना मधुमेह कहलाता है।

इन्सुलिन के अतिस्रवण से हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) नामक रोग हो जाता है, जिसमें जनन क्षमता तथा दृष्टि-ज्ञान कम होने लगता है।
📕ग्लूकॉन (Glucagon) :-----

यह ग्लाइकोजेन को पुनः ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता है।

📕सोमेटोस्टेटिन (Somatostatin) :-

👉
यह पॉलीपेप्टाइड (Polypeptide) हार्मोन होता है, जो भोजन के स्वांगीकरण की अवधि को बढ़ाता है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk
❤1
उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्र(UPTET) की आजीवन वैधता के सम्बन्ध में।

https://t.me/Amoghclasses
📕BPSC 71वीं की प्रारम्भिक परीक्षा 13 सितम्बर को.
👉SCO सम्मेलन में भारत, रूस और चीन एक साथ

📕भारत -रूस के रिश्ते वैश्विक शांति स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम.

📕सुप्रीम फैसला -

👉शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य, शिक्षण सेवा में बने रहने व प्रोन्नति के लिया अनिवार्य

👉सेवारत शिक्षकों के लिए TET जरुरी,कोर्ट ने कहा -2 वर्ष में पास करनी होगी परीक्षा, या इस्तीफा दें
📕शंघाई सहयोग संगठन (SCO)

👉  25वीं राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक 30–31 अगस्त 2025 को तियानजिन, चीन में हुआ

👉भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में भाग लिए

👉यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी SCO शिखर सम्मेलन माना जा रहा है क्योंकि इसमें:

👉20 से अधिक विश्व नेताओं की भागीदारी होगी।
10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।

👉चीन इस बार की मेज़बानी कर रहा है और राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसकी अध्यक्षता करेंगे।

📕इस बार सम्मेलन का विषय है: 
“शंघाई भावना को कायम रखना: SCO की गतिशीलता”
चीन ने 2025 को “SCO सतत विकास वर्ष” भी घोषित किया है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk
📕 पारिस्थितिक अनुक्रमण


परिभाषा--
समय के साथ एक पारिस्थितिक समुदाय की प्रजातियों की संरचना में परिवर्तन की क्रमिक और व्यवस्थित प्रक्रिया है।

📕 अनुक्रमण के प्रकार-

प्राथमिक अनुक्रमण- निर्जीव सतह( नग्न चट्टान, ज्वालामुखी लावा, रेगिस्तान)पर होता है। अत्यंत धीमी प्रक्रिया है। मृदा निर्माण इसकी एक महत्वपूर्ण प्रकिया है

।
द्वितीयक अनुक्रमण-
पहले से विद्यमान समुदाय वाले क्षेत्र में( जैसे- आग, बाढ़, तूफ़ान के बाद)। यह प्रक्रिया तेजी से होती है। मिट्टी पहले से मौजूद रहती है

।

📕 अनुक्रमण के चरण:  Clements के अनुसार

(1)  न्यूडेशन( Nudation): नग्न सतह का निर्माण; ज्वालामुखी, भूकंप
(2) आक्रमण( Invasion): पायनियर प्रजातियों का आगमन
(3) प्रतिस्पर्द्धा( competition): प्रजातियों के बीच संसाधनों हेतु संघर्ष
(4) प्रतिक्रिया( Reaction): जीव समुदाय मृदा व पर्यावरण को बदलते हैं
(5) चरमावस्था( stabilization): स्थायी, जलवायु- नियंत्रित समुदाय



📕अनुक्रमण के रास्ते:

हाइड्रार्क अनुक्रमण: जल से भूमि की ओर
० झील- दलदल- घासभूमि- वन
जेरार्क अनुक्रमण: शुष्क क्षेत्र से शुरू होकर नमीयुक्त वन की ओर
० चट्टान- लाइकेन- काई- झाड़ी- वृक्ष- वन



📕सीरी(Sere):
अनुक्रमण में किसी विशेष स्थान पर एक के बाद एक बदलते हुए समुदायों की पूरी श्रृंखला
।


📕सीरी के प्रकार:
Hydrosere( हाइड्रोसीरी)-- जल में शुरू होने वाली सीरी
Xerosere( जेरोसीरी)-- शुष्क भूमि पर शुरू होने वाली सीरी; Lithosere- चट्टान पर, Psammosere- रेत पर।
Halosere( हैलोसीरी)-- लवणीय मिट्टी में या समुद्र तटीय क्षेत्र में।

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk
❤1
📕पश्चिमी घाट: जैव विविधता एवं संरक्षण

📕भौगोलिक स्थिति:
पश्चिमी घाट को सह्याद्रि पर्वतमाला कहा जाता है।
यह भारत के 6 राज्यों( गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु) के लगभग 1600 किमी० क्षेत्रफल में फैला है।
इसे वर्ष 2012 में UNESCO के विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया।
यह दुनिया में जैव विविधता के 8 Hottest Hotspot में से एक है।


📕 जैव-विविधता महत्व:
भारत के 4 हॉटस्पॉट में से एक।( पूर्वी हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो- बर्मा, सुंडालैण्ड)।
लगभग 325 स्थानिक प्रजातियाँ पायी जाती हैं।
विशिष्ट जीव-जंतु;  नीलगिरि तहर, लॉयन टेल्ड मकॉक, मालाबार सिवेट आदि

।

📕 पर्यावरणीय महत्व:
यह क्षेत्र मानसून वर्षा को नियंत्रित करता है।
गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, पेरियार, भरतपुझा माण्डवी जैसी महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल है।

📕संरक्षण प्रयास:

संरक्षित क्षेत्र- साइलेंट वैली( केरल), नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व।
०गाडगिल समिति रिपोर्ट(2011)- पश्चिमी घाट के 64% क्षेत्र को पर्याकियावरणीय संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश की।
० कस्तूरीरंगन समिति रिपोर्ट(2013)- केवल 37% क्षेत्र को संवेदनशील घोषित ।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk
📕 राष्ट्रीय आपातकाल के 50 वर्ष:-
50 वर्ष पूर्व 12 जून 1975 को, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा नेहरू गाँधी बनाम श्री राज नारायण केस, 1975 में इंदिरा गाँधी के 1971 के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप 25 जून 1975 को राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई, जो मार्च 1977 तक जारी रहा


📕राष्ट्रीय आपातकाल से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:–

👉 38वाँ संशोधन अधिनियम
, 1975 के द्वारा राष्ट्रपति को युद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह अथवा इसके आसन्न खतरे के आधार पर आपातकालीन उद्घोषणा जारी करने की अनुमति दी।

44वाँ संशोधन अधिनियम, 1978 के द्वारा "आंतरिक अशांति" के स्थान पर "सशस्त्र विद्रोह" शब्द को प्रतिस्थापित किया गया।

👉42वाँ संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा राष्ट्रपति को भारत के एक विशिष्ट हिस्से में आपातकाल लागू करने में सक्षम बनाया।

📕 संसदीय अनुमोदन:–
44वाँ संशोधन अधिनियम, 1978 के अनुसार, आपातकाल की घोषणा को एक माह के भीतर दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है (पूर्व में यह अवधि दो माह थी)।
यदि घोषणा के समय लोकसभा भंग हो, तो राज्यसभा का अनुमोदन वैध रहेगा, किंतु पुनर्गठित लोकसभा को अपनी पहली बैठक के 30 दिनों के भीतर इसे अनुमोदित करना होगा।


📕 अवधि :–
आपातकाल 6 माह तक लागू रहता है और इसे प्रत्येक 6 माह में संसद की स्वीकृति से अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है। (44वाँ संशोधन, 1978)।


📕 निरशन:–
आपातकाल को राष्ट्रपति द्वारा कभी भी, संसद की स्वीकृति के बिना वापस लिया जा सकता है।

लोकसभा द्वारा अस्वीकृति का प्रावधान:

यदि लोकसभा के कुल सदस्यों का दसवाँ हिस्सा अध्यक्ष (यदि सत्र चल रहा हो) या राष्ट्रपति (यदि सत्र स्थगित हो) को लिखित सूचना देता है, तो 14 दिनों के भीतर विशेष बैठक आहूत करनी होगी। इस बैठक में साधारण बहुमत से प्रस्ताव पारित कर आपातकाल को अस्वीकृत किया जा सकता है।

📕न्यायिक समीक्षा :–

38वाँ संशोधन अधिनियम, 1975 के द्वारा आपातकालीन घोषणा को न्यायिक समीक्षा से बाहर कर दिया था और बाद में 44वाँ संशोधन अधिनियम,1978 के द्वारा इस प्रावधान को विलोपित कर दिया गया

।

👉मिनर्वा मिल्स मामला, 1980:–
सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि यदि आपातकाल की घोषणा दुर्भावनापूर्ण, अप्रासंगिक तथ्यों या विकृत जानकारी पर आधारित हो, तो उसे चुनौती दी जा सकती है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk
📕 विभिन्न कॉलर वर्कर –

📕 ब्लू-कॉलर वर्कर:–
इसमें मज़दूर वर्ग शारीरिक श्रम के माध्यम से आय अर्जन करता है।

📕 व्हाइट-कॉलर वर्कर:–
यह एक वेतनभोगी पेशेवर है, जो आमतौर पर कार्यालय के प्रबंधन का कार्य करता करता है।

📕 गोल्ड-कॉलर वर्कर:–
अत्यधिक कुशल ज्ञान वाले लोगों को संदर्भित करने हेतु किया जाता है जो कंपनी के लिये अत्यधिक मूल्यवान होते हैं। उदाहरण: वकील, डॉक्टर, शोध वैज्ञानिक आदि।

📕 ग्रे-कॉलर वर्कर:–
यह व्हाइट या ब्लू-कॉलर के रूप में वर्गीकृत नहीं किये गए नियोजित लोगों को संदर्भित करता है।
हालाँकि ग्रे-कॉलर का प्रयोग उन लोगों का वर्णन करने के लिये भी किया जाता है जो सेवानिवृत्ति की आयु से परे काम करते हैं। उदाहरण: अग्निशामक, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर, सुरक्षा गार्ड आदि।


📕 ग्रीन-कॉलर वर्कर:–
ऐसे वर्कर जो अर्थव्यवस्था के पर्यावरणीय क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
उदाहरण: वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे- सौर पैनल, ग्रीनपीस, वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर आदि में काम करने वाले वर्कर।

📕 पिंक-कॉलर वर्कर
:– इसमें पारंपरिक रूप से महिलाओं का काम माना जाता है और अक्सर कम वेतन मिलता है।

📕 स्कारलेट-कॉलर वर्कर:–
जिसका इस्तेमाल अक्सर पोर्नोग्राफी उद्योग में काम करने वाले लोगों, विशेष रूप से इंटरनेट पोर्नोग्राफी के क्षेत्र में महिला उद्यमियों को संदर्भित करने के लिये किया जाता है।


📕रेड-कॉलर वर्कर:–
सभी प्रकार के सरकारी कर्मचारी।

📕 ओपन-कॉलर वर्कर:–
ऐसा वर्कर जो घर से खासकर इंटरनेट के ज़रिये काम करता है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#uppcs #pcs #uppcspre2025 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2025 #LT #gs #gk