📕साइमन कमीशन (1927)
📕नेहरु रिपोर्ट -
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👉साइमन कमीशन की नियुक्ति ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सर जॉन साइमन के नेतृत्व में की थी।
👉 इस कमीशन में सात सदस्य थे, जो सभी ब्रिटेन की संसद के मनोनीत सदस्य थे। यही कारण था कि इसे 'श्वेत कमीशन' कहा गया।
👉ब्रिटेन में होने वाले 1929 ईस्वी में आम चुनाव को ध्यान में रखकर सरकार ने 9 नवम्बर 1927 ईस्वी में साइमन कमीशन की नियुक्ति की।
👉 इस कमीशन में अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य थे 1. जॉन साइमन 2. मि. बाथम 3. स्ट्रैथ कोना 4. लेन फोक्स 5. कैडेगन 6. एटली 7. बर्नोन हार्ट शोन
👉साइमन कमीशन की घोषणा 8 नवम्बर, 1927 ईस्वी को की गई। कमीशन को इस बात की जाँच करनी थी कि क्या भारत इस लायक़ हो गया है कि यहाँ लोगों को संवैधानिक अधिकार दिये जाएँ। इस कमीशन में किसी भी भारतीय को शामिल नहीं किया गया, जिस कारण इसका बहुत ही तीव्र विरोध हुआ।
👉साइमन कमीशन 3 फरवरी, 1928 को बंबई पहुंचा और मार्च 1928 तक यहाँ रहा था। अपनी दूसरी यात्रा (11 अक्टूबर, 1928 से 13 अप्रैल, 1929) के दौरान, साइमन कमीशन ने देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और लाहौर, कराची, पेशावर, पूना, पटना, कलकत्ता, शिलांग, मद्रास, नागपुर और रंगून में अपने सत्र आयोजित किए। अंततः यह कमिशन दिल्ली आ गया।
📕नेहरु रिपोर्ट -
👉साइमन कमीशन (1927) के प्रत्युत्तर में नेहरू रिपोर्ट (1928) तैयार की गई थी, जिसमें भारत के नए डोमिनियन संविधान का खाका था।Join 👉https://t.me/Amoghclasses
👉इसे तैयार करने वाली सर्वदलीय समिति के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू थे। जवाहरलाल नेहरु इस के सचिव थे। 2 मुस्लिमों सहित कुल 9 अन्य लोग इस समिति के सदस्य थे।
👉भारतीय संविधान का मसविदा तैयार करने की दिशा में भारतीयों का प्रथम प्रयास। भारत को औपनिवेशिक स्वराज्य का दर्जा दिये जाने की मांग।
👉पृथक निर्वाचन व्यवस्था का विरोध, अल्पसंख्यकों हेतु पृथक स्थान आरक्षित किये जाने का विरोध करते हुए संयुक्त निर्वाचन पद्धति की मांग।
👉भाषायी आधार पर प्रांतों के गठन की मांग। 19 मौलिक अधिकारों की मांग। केंद्र एवं प्रांतो में उत्तरदायी सरकार की स्थापना की मांग।
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📕सल्तनतकालीन प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत
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▪️तारीख उल हिंद – इस पुस्तक की रचना अलबरूनी द्वारा की गई।Join 👉https://t.me/Amoghclasses
▪️चचनामा – यह पुस्तक अरबी भाषा में लिखी गई है।
▪️ताज उल मासिर – इसकी रचना हसन निजामी द्वारा की गई।
▪️तारीख ए फिरोजशाही – इसकी रचना जियाउद्दीन बरनी द्वारा की गई।
▪️ फुतूहात ए फिरोजशाही – फिरोजशाह तुगलक द्वारा लिखा गया।
▪️जैनुल अखबार – इस पुस्तक के लेखक अबू सईद थे।
▪️तबकात ए नासिर – इस पुस्तक के लेखक मिनहाज उस सिराज हैं।
▪️किताब उल रेहला –इसका लेखक अफ्रीकन यात्री इब्नबतूता था।
▪️किताब उल यामिनी – इसकी रचना "उत्बी" के द्वारा की गई थी।
▪️फतवा ए जहादारी – इस पुस्तक की रचना जियाउद्दीन बरनी ने की थी।
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📕 स्वराज्य पार्टी की स्थापना (1923)
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👉 स्वराज पार्टी को उत्तर भारत के सम्पन्न वकीलों में से एक मोतीलाल नेहरू (1861-1931 ई.) ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर से शुरू किया था। 'स्वराज' शब्द का वास्तविक अर्थ है- 'अपना स्वयं का शासन'।
👉सी.आर. दास ने (इस दौरान वे कांग्रेस के अध्यक्ष थे) कांग्रेस की अध्यक्षता से त्यागपत्र दे दिया और 1 जनवरी 1923 को मोतीलाल नेहरू के साथ मिलकर स्वराज पार्टी की स्थापना की।
👉इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य चुनावों के माध्यम से काउंसिलो में प्रवेश कर तथा उन्हें काम न करने देकर 1919 के भारत शासन अधिनियम का उच्छेदन करना था।
👉सीआर दास स्वराज पार्टी के अध्यक्ष तथा मोतीलाल नेहरू इसके महासचिव थे। श्रीनिवास अयंगर (मद्रास प्रांत स्वराज पार्टी के संस्थापक) तथा एन. सी. केलकर स्वराज दल के मुख्य नेता थे।
👉1925 में विठ्ठल भाई पटेल का सेंट्रल लेजिस्लेटिव (केंद्रीय विधानमंडल) असेंबली का अध्यक्ष चुना जाना स्वराजियों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
👉चितरंजन दास को 'देशबंधु' के नाम से जाना जाता था।
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कल भी आप लोगों को history का ही रिवीजन कराया जाएगा
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🔳 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन
।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।
◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)
।
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)
◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।
◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नैरोजी।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया गया।
◆ स्थान - सूरत।
◆ अध्यक्ष - रास बिहारी घोष।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन ।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - विशन नारायण दर।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार जन गण मन का गान किया गया।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - अम्बिकचरण मजूमदार।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस-लीग के बीच लखनऊ पैक्ट (पृथक निर्वाचन स्वीकार)
◆ नरम दल और गरम दल एक हुए।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - एनी बेसेंट ( कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी )
◆ तीन महिलाएं कांग्रेस की अध्यक्ष बनी ।
◆ 1917 में एनी बेसेंट।
◆ 1925 में सरोजिनी नायडू (प्रथम भातीय महिला )
◆ 1933 में नलनी सेन गुप्ता।
◆ स्थान - अमृतसर।
◆ अध्यक्ष - मोती लाल नेहरू ( दो बार अध्यक्ष बने 1919,1928)
◆ स्थान - नागपुर।
◆ अध्यक्ष - वीर राघवाचारी।
◆ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ कांग्रेस द्वारा पहली बार भाषाई आधार पर प्रान्तों के गठन की बात की गई।
◆ स्थान - बेलगाँव ( कर्नाटक )
◆ अध्यक्ष - महात्मा गांधी ( मात्र एक बार )
।
◆ स्थान - लाहौर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया गया।
◆ स्थान - कराची।
◆ अध्यक्ष - बल्लभ भाई पटेल।
◆ इस अधिवेशन में मौलिक अधिकार सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया गया।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था गाँधी मर सकते हैं परतन्तु गांधीवाद नहीं।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इसी अधिवेशन में नेहरू ने कहा मैं समाजवादी हूँ।
◆ स्थान - फैजपुर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ पहली बार कांग्रेस का अधिवेशन किसी गॉव में हुआ।
◆ स्थान - हरिपुरा ( गुजरात )
◆ अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन।
◆ स्थान - त्रिपुरी ( जबलपुर, मध्यप्रदेश)
◆ अध्यक्ष -सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी जी से विवाद होने के कारण सुभाष द्वारा त्यागपत्र दिया जाना तथा राजेन्द्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया।
◆ स्थान - रामगढ़।
◆ अध्यक्ष - अबुल कलाम आजाद।
◆ ये सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे 1940-1945 तक।
🔳 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन
अधिवेशन।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।
◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)
◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।
◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
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🟡 1885 का कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन
।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।
🟡 1886 कांग्रेस का अधिवेशन ।
◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)
🟡 1887 का कांग्रेस अधिवेशन
।
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)
🟡 1888 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)
🟡 1896 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।
🟡 1905 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
🟡 1906 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नैरोजी।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया गया।
🟡 1907 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - सूरत।
◆ अध्यक्ष - रास बिहारी घोष।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन ।
🟡 1911 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - विशन नारायण दर।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार जन गण मन का गान किया गया।
🟡 1916 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - अम्बिकचरण मजूमदार।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस-लीग के बीच लखनऊ पैक्ट (पृथक निर्वाचन स्वीकार)
◆ नरम दल और गरम दल एक हुए।
🟡 1917 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - एनी बेसेंट ( कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी )
◆ तीन महिलाएं कांग्रेस की अध्यक्ष बनी ।
◆ 1917 में एनी बेसेंट।
◆ 1925 में सरोजिनी नायडू (प्रथम भातीय महिला )
◆ 1933 में नलनी सेन गुप्ता।
🟡 1919 का कांग्रेस अधिवेशन
◆ स्थान - अमृतसर।
◆ अध्यक्ष - मोती लाल नेहरू ( दो बार अध्यक्ष बने 1919,1928)
🟡 1920 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - नागपुर।
◆ अध्यक्ष - वीर राघवाचारी।
◆ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ कांग्रेस द्वारा पहली बार भाषाई आधार पर प्रान्तों के गठन की बात की गई।
🟡 1924 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - बेलगाँव ( कर्नाटक )
◆ अध्यक्ष - महात्मा गांधी ( मात्र एक बार )
🟡 1929 का कांग्रेस अधिवेशन
।
◆ स्थान - लाहौर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया गया।
🟡 1931 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कराची।
◆ अध्यक्ष - बल्लभ भाई पटेल।
◆ इस अधिवेशन में मौलिक अधिकार सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया गया।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था गाँधी मर सकते हैं परतन्तु गांधीवाद नहीं।
🟡 1936 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इसी अधिवेशन में नेहरू ने कहा मैं समाजवादी हूँ।
🟡 1937 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - फैजपुर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ पहली बार कांग्रेस का अधिवेशन किसी गॉव में हुआ।
🟡 1938 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - हरिपुरा ( गुजरात )
◆ अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन।
🟡 1939 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - त्रिपुरी ( जबलपुर, मध्यप्रदेश)
◆ अध्यक्ष -सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी जी से विवाद होने के कारण सुभाष द्वारा त्यागपत्र दिया जाना तथा राजेन्द्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया।
🟡 1940 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - रामगढ़।
◆ अध्यक्ष - अबुल कलाम आजाद।
◆ ये सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे 1940-1945 तक।
🔳 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन
🟡 1885 का कांग्रेस का प्रथम
अधिवेशन।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।
🟡 1886 कांग्रेस का अधिवेशन ।
◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)
🟡 1887 का कांग्रेस अधिवेशन ।
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)
🟡 1888 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)
🟡 1896 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।
🟡 1905 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
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📕महात्मा गांधी की दी गई उपाधि तथा सम्बोधनकर्ता:-
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👉कैसर-ए-हिन्द- प्रथम विश्व युद्ध के समय
👉भर्ती करने वाला सार्जेंट- प्रथम विश्व युद्ध के समय
👉कुली बैरिस्टर- दक्षिण अफ्रीका के अंग्रेज मजिस्ट्रेट
👉आधुनिक युग के अज्ञात शत्रु- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
👉मलंग बाबा- कबायलियों द्वारा
👉बापू - सी. एफ एण्डूज व जवाहरलाल
👉अर्द्धनग्न/देशद्रोही फकीर- विंस्टन चर्चिल
👉भिखारियों का राजा- पं. मदन मोहन मालवीय
👉राष्ट्रपिता- सुभाष चन्द्र बोस
👉वन मैन ब्राउंड्री फोर्स- लॉर्ड माउंटबेटन
👉महात्मा- रवीन्द्रनाथ टैगोर
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📕मुगलकालीन चित्रकार
📕 बाबर काल के चित्रकार
📕 हुमायूं काल के चित्रकार
📕 अकबर काल के चित्रकार
📕 जहांगीर काल के चित्रकार
चित्र कला का स्वर्णिम काल
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📕 बाबर काल के चित्रकार
बिहजाद (पूर्व राफेल)
📕 हुमायूं काल के चित्रकार
मीर सैयद अली, अब्दुस्समद
📕 अकबर काल के चित्रकार
दसवंत, बसावान, महेश, लाल, मुकुंद, सावल दास तथा अब्दुस्समद
📕 जहांगीर काल के चित्रकार
चित्र कला का स्वर्णिम काल
अबुल हसन, उस्ताद मंसूर ,फारूक वेग ,विशनदास, आकारिजा, मनोहर, मोहम्मद मुराद मोहम्मद नासिर ,दौलत, गोवर्धन📕 शाहजहां काल के चित्रकार
फकीर उल्ला, मीर हाशिम, मुरार, मोहम्मद नादिर अनूप एवं चित्रा
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सैंधव स्थलों से प्राप्त अवशेष एवं वस्तुएँ।
📕हड़प्पा:
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📕मोहनजोदड़ो:
📕चन्हूदड़ो:
📕कालीबंगा:
📕लोथल:
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📕सुरकोटदा:
📕बनावली:
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📕हड़प्पा:
कब्रिस्तान आर-37, शवाधान पेटिका, शंख का बना बैल, स्त्री के गर्भ से निकला हुआ पौधा (उर्वरता की देवी), गेहूँ व जौ के दाने, अन्नागार, स्वास्तिक एवं चक्र के साक्ष्य, सीपी का पैमाना इत्यादि
।
📕मोहनजोदड़ो:
वृहद् स्नानागार, मातृदेवी की मूर्ति, काँसे की नर्तकी की मूर्ति, राज मुद्रांक, मुद्रा पर अंकित पशुपति नाथ की मूर्ति, सूती कपड़ा, हाथी का कपाल खंड, गीली मिट्टी के दीये के साक्ष्य, गले हुए तांबे के ढेर, सीपी की बनी हुई पटरी, कुंभकारों के 6 'भट्टों के अवशेष', तथा मिट्टी का तराजू, सबसे बड़ी ईंट का साक्ष्य आदि।
📕चन्हूदड़ो:
अलंकृत हाथी, वक्राकार ईंटें, कंघा, लिपस्टिक, चार पहियों वाली गाड़ी, अलंकृत हाथी, मनके इत्यादि।
📕कालीबंगा:
आयताकार 7 अग्नि वेदिकाएँ, जुते हुए खेत के साक्ष्य, काँच व मिट्टी की चूड़ियाँ, सिलबट्टा, सूती कपड़े की छाप, माणिक्य एवं मिट्टी के मनके, बेलनाकार मुहरें, मिट्टी के खिलौने तथा प्रतीकात्मक समाधियाँ आदि।
📕लोथल:
बंदरगाह, धान (चावल) और बाजरे का साक्ष्य, फारस की मुहर, तीन युगल समाधियाँ, धान की भूसी, मनका उद्योग के साक्ष्य, तांबे का कुत्ता, छोटा दिशा मापक यंत्र इत्यादि
।
📕सुरकोटदा:
घोड़े की अस्थियाँ एवं एक विशेष प्रकार का कब्रगाह आदि।
📕बनावली:
हल की आकृति वाले मिट्टी के खिलौने, जौ, तांबे के बाणाग्र आदि।
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क्रिप्स मिशन
👉मार्च, 1942 में भारत आया।
👉 प्रस्ताव
1. युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन राज्य का दर्जा दिया जाएगा जो किसी बाहरी सत्ता के अधीन नहीं होगा।
2. भारतीयों को अपना संविधान निर्मित करने का अधिकार दिया जाएगा, जिसके लिए युद्ध के बाद एक संविधान निर्मात्री परिषद बनेगी, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों के निर्वाचित सदस्य और देशी रजवाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
3. ब्रिटिश भारत का कोई प्रांत यदि नए संविधान को स्वीकार न करना चाहे, तो उसे वर्तमान संवैधानिक स्थिति बनाए रखने का अधिकार होगा। नए संविधान को न स्वीकार करने वाले प्रांतों को अपना अलग संविधान बनाने की आज्ञा होगी।
4. युद्ध के दौरान ब्रिटिश वायसराय की एक नई कार्यकारी परिषद का गठन किया जाएगा, जिसमें भारतीय जनता के प्रमुख वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होंगे लेकिन रक्षा मंत्रालय ब्रिटिश नेतृत्व के पास होगा।
👉महात्मा गांधी ने इसे 'उत्तर तिथीय चेक' (Post-Dated Cheque) की संज्ञा दी।
👉क्रिप्स मिशन के साथ कांग्रेस के आधिकारिक वार्ताकार पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं मौलाना आजाद थे।
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कैबिनेट मिशन योजना (1946)
👉कैबिनेट मिशन 24 मार्च, 1946 को दिल्ली आया
👉 इसके अध्यक्ष भारत मंत्री लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे तथा अन्य दो सदस्य स्टैफोर्ड क्रिप्स (अध्यक्ष बोर्ड ऑफ ट्रेड) तथा ए.वी. एलेक्जेंडर (नौसेना मंत्री) थे।
👉कैबिनेट मिशन ने त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था को सुझाया।
👉 प्रांतों के छोटे अथवा बड़े गुट बनाने के अधिकार की पुष्टि की तथा प्रांतों को अ, ब और स तीन श्रेणियों में विभक्त किया।
👉 कैबिनेट मिशन ने अपने प्रस्तावों की घोषणा की, इसके प्रमुख प्रस्ताव थे-
(1) भारत की एकता बनाई रखी जाए।
(2) मुस्लिम लीग की पाकिस्तान कीमांग ठुकरा दी गई।
(3) भारत एक संघ होगा जिसमें ब्रिटिश प्रांत तथा देशी रियासतें शामिल होंगी।
(4) संविधान निर्मात्री संस्था या संविधान सभा का गठन प्रांतीय विधानसभाओं तथा देशी रियासतों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाए।
कैबिनेट मिशन, 1946 ने वायसराय की एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन कर अंतरिम सरकार के गठन का सुझाव दिया
👉कैबिनेट मिशन योजना के पक्ष में गांधीजी पूरी तरह से थे।
👉 इस योजना के संदर्भ में गांधीजी ने कहा-' यह योजना उस समय की परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में सबसे उत्कृष्ट योजना थी, जिसमें ऐसे बीज थे, जिनसे दुःख की मारी भारत भूमि यातना से मुक्त हो सकती थी।"
👉 मौलाना अबुल कलाम आजाद कैबिनेट मिशन के भारत आगमन के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
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👉12 अगस्त, 1946 को लॉर्ड वेवेल ने कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अंतरिम सरकार के गठन के लिए निमंत्रण दिया।
👉24 अगस्त, 1946 को पं. नेहरू के नेतृत्व में भारत की पहली अंतरिम राष्ट्रीय सरकार की घोषणा
👉2 सितंबर, 1946 को इसका गठन हुआ, जिसमें प्रारंभ में मुस्लिम लीग की भागीदारी नहीं थी।
👉 डॉ. राजेंद्र प्रसाद _ खाद्य एवं कृषि मंत्री
👉रक्षा विभाग बलदेव सिंह
👉 विदेश मामले तथा राष्ट्रमंडल _ जवाहरलाल नेहरू
👉 आसफ अली _ रेल और परिवहन विभाग
👉अक्टूबर, 1946 में लीग के पांच सदस्य सरकार में शामिल हो गए।
👉लियाकत अली _ वित्त मंत्री
👉, जिन्होंने नया बजट प्रस्तुत करते समय उद्योगपतियों और व्यापारियों पर अत्यधिक कर लगाए।
👉 अंतरिम सरकार में अबुल कलाम आजाद मंत्री नहीं थे। * इस सरकार में शामिल होने वाले 12 कांग्रेसी मंत्री थे-पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आसफ अली, सी. राजगोपालाचारी, शरत चंद्र बोस, डॉ. जॉन मथाई, सरदार बलदेव सिंह, सर शफात अहमद खां, जगजीवन राम, सैयद अली जहीर और सी.एच. भाभा ।
👉 हालांकि 2 सितंबर, 1946 को गठित अंतरिम सरकार में लियाकत अली प्रारंभ में शामिल नहीं थे,
👉लियाकत अली सहित लीग के 5 सदस्यों को 26 अक्टूबर, 1946 को सरकार में मंत्री बनाया गया जिसके कारण तीन कांग्रेसी सदस्यों सैयद अली जहीर, शरत चंद्र बोस तथा सर शफात अहमद खां को हटना पड़ा।
👉बंगाल में ए. के. फजलुल हक के नेतृत्व में कृषक प्रजा पार्टी तथा मुस्लिम लीग की गठबंधन सरकार वर्ष 1946 के चुनाव में सत्ता में आई किंतु बाद में मुस्लिम लीग का मंत्रिमंडल गठित हुआ, जो 14 अगस्त, 1947 तक सत्ता में रहा।
👉 इसके प्रधानमंत्री एच. एस. सुहरावर्दी थे।
👉16 अगस्त, 1946 की तिथि मुस्लिम लीग द्वारा "सीधी कार्यवाही दिवस" हेतु सुनिश्चित की गई थी।
👉 इस कार्यवाही में 'नोआखाली' दंगे का प्रमुख केंद्र रहा।
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🔰सिक्ख संप्रदाय के 10 गुरू
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👉गुरू नानक - सिक्ख धर्म के संस्थापक
👉गुरू अंगद - गुरूमुखी लिपि के जनक
👉गुरु अमरदास - गुरु प्रसाद हेतु 22 गद्दियों का निर्माण
👉गुरू रामदास - अमृतसर के संस्थापक
👉गुरू अर्जुनदास - गुरू ग्रंथ साहिब का संकलन, स्वर्ण मंदिर निर्णमा,जहांगीर ने फांसी दी
👉गुरू हरगोविन्द - अकाल तख्त की स्थापना
👉गुरू हरराय - मुगलों के उत्तराधिकार युद्ध में भाग लिया
👉गुरु हरिकृष्ण - अल्प वयस्क अवस्था में मृत्यु
👉गुरु तेग बहादुर - औरंगजेब ने फांसी दी
👉गुरू गोविन्द सिंह - खालसा सेना का गठन
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कल का टॉपिक polity होगा
आप लोग तैयार है न
हा ❤️
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📕 भाषा
नोट 👉आयोग यहां से हर बार एक प्रश्न पूछता है
📕 शास्त्रीय भाषा कुल 11
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आठवीं अनुसूची - इसमें भारतीय संविधान द्वारा वर्तमान में मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है।
मूलतः इसमें 14 भाषाएं थीं।
👉वर्ष 1967 में सिंधी को 21वें संविधान संशोधन द्वारा,
👉वर्ष 1992 में कोंकणी, नेपाली तथा मणिपुरी को 71वें संविधान संशोधन द्वारा
👉वर्ष 2004 में संथाली, डोगरी, मैथिली तथा बोडो को 92वें संविधान संशोधन, 2003 द्वारा आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है।
नोट 👉आयोग यहां से हर बार एक प्रश्न पूछता है
📕 शास्त्रीय भाषा कुल 11
👉तमिल 2004
👉 संस्कृत 2005
👉 तेलगु 2008
👉कन्नड़ 2008
👉 मलयालम 2013
👉 उड़िया 2014
नोट👉2024 में 5 नई भाषा जोड़ी गई
1 _मराठी,2 _पाली, 3_प्राकृत, 4_असमिया,5_बंगाली
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