UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
2.6K subscribers
5K photos
37 videos
475 files
5.16K links
Way to Success
🟢 Amogh classess में आप सभी का स्वागत है
🔴 ONLYPCS ONE ऐप से जुड़ने - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.onlypcs.one
🟠 YouTube चैनल से जुड़े https://www.youtube.com/@amoghclasses95
Download Telegram
📕 भारतीय धार्मिक सामाजिक सुधार आंदोलन

📕आर्य समाज–

👉*स्थापना* –1875 ईस्वी में दयानंद सरस्वती ने मुंबई में की।

👉दयानंद सरस्वती ने "वेदों की ओर लौटो " का नारा दिया।

👉दयानंद सरस्वती ने शुद्धि आंदोलन चलाया तथा गौ रक्षिणी सभा की स्थापना की।

👉दयानंद सरस्वती ने सर्वप्रथम "स्वराज्य" शब्द का प्रयोग किया इन्होंने "सत्यार्थ प्रकाश" नामक पुस्तक की रचना की
।


📕रामकृष्ण मिशन–

👉 इसकी स्थापना 1897 ईस्वी में कोलकाता में स्वामी विवेकानंद द्वारा की गई।

👉1893 ईस्वी में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में भारत का नेतृत्व किया।

👉 1896 ईस्वी में अमेरिका में वेदांत सभा की स्थापना की।

👉सुभाष चंद्र बोस ने स्वामी विवेकानंद को आधुनिक राष्ट्रीय आंदोलन का आध्यात्मिक

पिता कहा।


📕 थियोसोफिकल सोसायटी–


👉 स्थापना – 1875 ईस्वी में न्यूयॉर्क में मैडम ब्लावट्स्की तथा कर्नल अलकांट द्वारा किया गया ।

👉 सन 1882 ईस्वी में इसका अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय मद्रास में खोला गया।

👉 1889 ईस्वी में एनी बेसेंट इसकी सदस्या बनी तथा 1893 ईस्वी में भारत आई।



Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤3
📕भारत की प्रमुख चोटियाँ (Major Peaks of India)

👉 चोटी का नाम – ऊँचाई (मीटर) – पर्वत श्रृंखला – स्थिति

1️⃣ कंचनजंगा – 8586 m – हिमालय – सिक्किम
2️⃣ नंदा देवी – 7817 m – गढ़वाल हिमालय – उत्तराखंड
3️⃣ कामेट – 7756 m – गढ़वाल हिमालय – उत्तराखंड
4️⃣ सालतोरो कांगरी – 7742 m – काराकोरम – लद्दाख
5️⃣ सासेर कांगरी – 7672 m – काराकोरम – लद्दाख
6️⃣ त्रिशूल – 7120 m – कुमाऊं हिमालय – उत्तराखंड
7️⃣ धौलागिरी – 8167 m – हिमालय – नेपाल सीमा के पास
8️⃣ अनामुड़ी – 2695 m – पश्चिमी घाट – केरल
9️⃣ डोडाबेटा – 2637 m – नीलगिरी पर्वतमाला – तमिलनाडु
🔟 गुरु शिखर – 1722 m – अरावली पर्वतमाला – राजस्थान
1️⃣1️⃣ कैलाश पर्वत – 6638 m – ट्रांस-हिमालय – तिब्बत
1️⃣2️⃣ माउंट आबू – 1220 m – अरावली श्रृंखला – राजस्थान
1️⃣3️⃣ शिवलिंग पीक – 6543 m – गढ़वाल हिमालय – उत्तराखंड
1️⃣4️⃣ कुबेर कांगरी – 7282 m – काराकोरम – लद्दाख
1️⃣5️⃣ मलयगिरि – 1187 m – छोटा नागपुर पठार – ओडिशा


📕 महत्वपूर्ण तथ्य:

▪️भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंगा (8586 m) है, जो सिक्किम में स्थित है।
▫️दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी अनामुड़ी (केरल) है।
🔺राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर (1722 m) है।
🔻कैलाश पर्वत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
📕भारतीय संविधान के भाग और उनसे संबंधित अनुच्छेद

👉भाग I : संघ और उसका क्षेत्र
● अनुच्छेद 1 से 4

👉भाग II : नागरिकता
● अनुच्छेद 5 से 11

👉भाग III : मौलिक अधिकार
● अनुच्छेद 12 से 35

👉भाग IV : राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत
● अनुच्छेद 36 से 51

👉 भाग IV (a): मौलिक कर्तव्य (42 वा संविधान संशोधन 1976 द्वारा जोड़ा गया)

👉 भाग V : संघभाग
● अनुच्छेद 52 से 151

👉 भाग VI : राज्य
● अनुच्छेद 152 से 237

👉भाग VII : पहली अनुसूची के भाग B में राज्य (7 वा संविधान संशोधन 1956 के द्वारा समाप्त)

👉 भाग VIII : केंद्र शासित प्रदेश
● अनुच्छेद 239 से 242

👉भाग IX : पंचायतें
● अनुच्छेद 243 से 243(O)

👉भाग IX(A) : नगर पालिकाएँ (74 वा संविधान संशोधन 1992 के द्वारा जोड़ा गया)
● अनुच्छेद 243(P) से 243(ZQ)

👉भाग IX(B) : सहकारी समितियाँ
● अनुच्छेद 243(ZH) (97 वा संविधान संशोधन 2011 द्वारा जोड़ा गया)

👉भाग X : अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र
● अनुच्छेद 244 से 244A

👉भाग XI : संघ और राज्यों के बीच संबंध
● अनुच्छेद 244 से 263

👉भाग XII : वित्त, संपत्ति, अनुबंध और वाद
● अनुच्छेद 264 से 300A

👉भाग XIII : भारत के क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम
● अनुच्छेद 301 से 307

👉भाग XIV : संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ
● अनुच्छेद 308 से 323

👉 भाग XIV(A) : न्यायाधिकरण( 42 वा संविधान संशोधन 1976 द्वारा जोड़ा गया)
● अनुच्छेद 323A से 323B

👉भाग XV : चुनाव
● अनुच्छेद 324 से 329

👉 भाग XVI : कुछ वर्गों से संबंधित विशेष प्रावधान
● अनुच्छेद 330 से 342

👉 भाग XVII : राजभाषा
● अनुच्छेद 343 से 351

👉भाग XVIII : आपातकालीन प्रावधान
● अनुच्छेद 352 से 360

👉 भाग XIX : विविध
● अनुच्छेद 361 से 367

👉भाग XX : संविधान का संशोधन
● अनुच्छेद 368 से 378

👉 भाग XXI : अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष प्रावधान
● अनुच्छेद 379 से 392

👉भाग XXII : संक्षिप्त शीर्षक, प्रारंभ, हिंदी में आधिकारिक पाठ और निरसन
● अनुच्छेद 393 से 394


Join 👉https://t.me/Amoghclasses

#uppcs #pcs #uppcspre2026 #mppsc #ukpcs #bpsc ,#uppcs #upsssc #pet2026 #LT #gs #gk
#targetlekhpal #lowerpcs
❤5
📕उत्तर प्रदेश के रक्षा क्षेत्र (Defense Sector)
​

​📕उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC)

​यह भारत के दो प्रमुख रक्षा गलियारों में से एक है। इसके तहत 6 नोड्स विकसित किए जा रहे हैं:

​लखनऊ: यहाँ मुख्य रूप से मिसाइल और एयरोस्पेस पर ध्यान केंद्रित है।

​कानपुर: गोला-बारूद (Ammunition), हथियार और छोटे हथियारों का केंद्र।

​झांसी: विस्फोटक और प्रोपल्शन सिस्टम के लिए 'सेंटर फॉर एम्युनिशन एंड एक्सप्लोसिव्स'।

​अलीगढ़: ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरणों का निर्माण।

​चित्रकूट: रडार और वायु रक्षा (Air Defense) प्रणालियों का केंद्र।

​आगरा: एयरोस्पेस और तकनीकी वस्त्रों (Technical Textiles) का हब।


​
📕प्रमुख रक्षा परियोजनाएं

​ब्रह्मोस मिसाइल (लखनऊ):

लखनऊ में ब्रह्मोस नेक्स्ट जेनरेशन (BrahMos-NG) मिसाइल की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू हो चुकी है। यहाँ प्रति वर्ष 80-100 मिसाइलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

​अडानी डिफेंस फैक्ट्री (कानपुर):

यह दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी गोला-बारूद और मिसाइल निर्माण इकाइयों में से एक है।

​BEL (चित्रकूट):

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) चित्रकूट नोड में लगभग ₹600 करोड़ के निवेश से QRSAM (Quick Reaction Surface-to-Air Missile) और आधुनिक रडार सिस्टम बना रहा है।

​ड्रोन हब (अलीगढ़):

अलीगढ़ नोड में ड्रोन और मानवरहित विमानों (UAVs) के निर्माण के लिए बड़ी कंपनियों ने निवेश किया है।

​HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड):
लखनऊ, कानपुर और अमेठी (कोरवा) में इसके विनिर्माण केंद्र हैं।

​ऑर्डनेंस फैक्ट्रियां:

कानपुर में 5 प्रमुख फैक्ट्रियां हैं (जैसे स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री, फील्ड गन फैक्ट्री), इसके अलावा मुरादनगर, गाजियाबाद और शाहजहाँपुर में भी इकाइयाँ हैं।

​अमेठी (कोरवा):

यहाँ AK-203 राइफल का उत्पादन रूस के सहयोग से किया जा रहा है।

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤6
📕रायसेन में तीन दिवसीय कृषि महाकुंभ (“उन्नत कृषि महोत्सव 2026")

👉कब - 11 से 13 अप्रैल 2026 तक

👉 "प्रशिक्षण, स्टार्ट अप और वैज्ञानिक संवाद: युवाओं के लिए नया क्षितिज"

Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤2
ViewPdf-7.pdf
7.5 MB
विज्ञापन संख्या-09-परीक्षा/2026, विधान भवन रक्षक एवं विधान भवन आग्निक/अग्निरक्षक मुख्य परीक्षा (प्रा0अ0प0-2025)/10 का विज्ञापन ।
📕आपदा प्रबंधन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते और संधियाँ

​1. सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework 2015-2030)

​यह वर्तमान में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के लिए सबसे प्रमुख वैश्विक ढांचा है। इसे मार्च 2015 में जापान के सेंडाई में आयोजित तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन में अपनाया गया था।

​उद्देश्य: 2030 तक आपदाओं से होने वाले नुकसान (जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक) में महत्वपूर्ण कमी लाना।

​सात लक्ष्य: इसमें सात विशिष्ट वैश्विक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
​चार प्राथमिकताएं:

​आपदा जोखिम को समझना।
​आपदा जोखिम के प्रबंधन के लिए शासन (Governance) को मजबूत करना।
​लचीलेपन (Resilience) के लिए आपदा न्यूनीकरण में निवेश करना।

​प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयारी बढ़ाना और पुनर्प्राप्ति में "Build Back Better" (बेहतर पुनर्निर्माण) को अपनाना।


​2. ह्योगो फ्रेमवर्क फॉर एक्शन (Hyogo Framework for Action - HFA 2005-2015)

​सेंडाई फ्रेमवर्क से पहले यह समझौता लागू था। इसे 2005 में जापान के कोबे (ह्योगो प्रांत) में अपनाया गया था।

​महत्व: यह आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए देशों और समुदायों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित था।

​विरासत: इसने आपदा प्रबंधन को केवल 'राहत और प्रतिक्रिया' से हटाकर 'पूर्व-तैयारी और रोकथाम' की ओर मोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।

​3. योकोहामा रणनीति (Yokohama Strategy, 1994)

​यह आपदा न्यूनीकरण पर पहला महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज था।

​केंद्र: इसमें यह स्वीकार किया गया कि विकासशील देश और गरीब समुदाय आपदाओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। इसने आपदाओं के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया।


​4. पेरिस जलवायु समझौता (Paris Agreement, 2015)

​हालांकि यह मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन से संबंधित है, लेकिन इसका आपदा प्रबंधन से सीधा संबंध है।

​जुड़ाव: जलवायु परिवर्तन के कारण चक्रवात, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है। पेरिस समझौता इन चरम मौसम की घटनाओं के अनुकूलन (Adaptation) और उनके प्रभाव को कम करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता की बात करता है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
🔥4❤1
📕भारत में आपदा प्रबंधन "प्रतिक्रिया-केंद्रित" (Response-centric) दृष्टिकोण से हटकर "निवारण और तैयारी" (Prevention and Preparedness) के मॉडल को अपनाया है।
​
​1. विधायी प्रावधान: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005

​यह भारत में आपदा प्रबंधन के लिए कानूनी आधार प्रदान करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कानून है।

​परिभाषा: यह अधिनियम आपदा को एक "तबाही या दुर्घटना" के रूप में परिभाषित करता है जो मानवीय या प्राकृतिक कारणों से होती है।
​शक्तियाँ:
यह केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं को अनिवार्य बनाता है।

​दंड का प्रावधान:

इसमें आपदा के समय राहत सामग्री के दुरुपयोग या बाधा डालने पर दंड और जुर्माने की व्यवस्था है।


​2. संस्थागत ढांचा (Institutional Framework)

​भारत में आपदा प्रबंधन के लिए एक त्रि-स्तरीय (Three-tier) संरचना अपनाई गई है:

​A. राष्ट्रीय स्तर (National Level)
​राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA):

यह भारत की शीर्ष संस्था है। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। यह नीतियां और दिशानिर्देश तैयार करता है।


​राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF):
यह आपदा के समय तत्काल कार्रवाई करने वाला विशेषज्ञ बल है।

​राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM):
यह प्रशिक्षण, शोध और क्षमता निर्माण का कार्य करता है।
​राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC): यह NDMA को सहायता प्रदान करती है और मंत्रालयों के बीच समन्वय करती है।

​B. राज्य स्तर (State Level)
​राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA):
इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं। यह राज्य की आपदा योजना बनाता है और राष्ट्रीय दिशानिर्देशों को लागू करता है।

​C. जिला स्तर (District Level)
​जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA):

इसके अध्यक्ष जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर होते हैं। यह आपदा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है जो स्थानीय स्तर पर योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है।

​3. वित्तीय प्रावधान (Financial Provisions)

​आपदाओं से निपटने के लिए दो विशेष निधियों का प्रावधान किया गया है:

​आपदा मोचन निधि (DRF):

यह आपातकालीन प्रतिक्रिया और राहत कार्यों के लिए है (NDRF और SDRF)।

​आपदा शमन निधि (DMF):

यह आपदा के जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक रोकथाम परियोजनाओं के लिए है (NDMF और SDMF)।

​4. प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएं और नीतियां
​राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति (2009):

यह नीति "सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी भारत" के निर्माण पर केंद्रित है।

​राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP):

इसे 2016 में जारी किया गया था। यह सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework) के लक्ष्यों के अनुरूप भारत की पहली राष्ट्रीय योजना है।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤5
📕हिंदी व्याकरण 'काल' (Tense)

👉​काल (Tense): परिभाषा

​क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय और उसकी पूर्णता या अपूर्णता का बोध हो, उसे काल कहते हैं।

📕भेद कुल 6

​1. वर्तमान काल (Present Tense)
​जो समय अभी चल रहा है। इसके मुख्य 5 भेद माने जाते हैं:

1-​सामान्य वर्तमान: क्रिया का वर्तमान में होना (जैसे- वह पढ़ता है)।

२- ​तत्कालिक (अपूर्ण) वर्तमान: क्रिया अभी चल रही है (जैसे- वह पढ़ रहा है)।

3-​पूर्ण वर्तमान: कार्य अभी-अभी पूरा हुआ है (जैसे- उसने पुस्तक पढ़ी है)।

4- ​संदिग्ध वर्तमान: क्रिया के होने में संदेह हो (जैसे- वह पढ़ता होगा)।

5- ​संभाव्य वर्तमान: कार्य के होने की संभावना हो (जैसे- वह आया हो, वह पढ़ता हो)।


📕 भविष्यत काल (Future Tense)

इसके मुख्य 3 भेद हैं:

१-सामान्य भविष्यत: भविष्य में सामान्य रूप से होना (जैसे- हम कल स्कूल जाएंगे)।

2-संभाव्य भविष्यत: होने की संभावना (जैसे- शायद आज वर्षा हो)।

3-हेतु-हेतुमद भविष्यत:

एक कार्य का होना दूसरे पर निर्भर करे (जैसे- वह आए तो मैं जाऊं)।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤5
📕​भूतकाल के मुख्य 6 भेद होते हैं:


​1. सामान्य भूतकाल (Simple Past)
​जब क्रिया के समाप्त होने के विशेष समय का बोध न हो, बल्कि यह पता चले कि काम बीते समय में हुआ है।

👉​पहचान: वाक्य के अंत में आ, ई, ए, या, यी, ये आता है।

👉​उदाहरण: * राम ने पत्र लिखा।
​बच्चे स्कूल गए।

​2. आसन्न भूतकाल (Immediate Past)
​
इससे यह पता चलता है कि क्रिया अभी-अभी या निकट भूतकाल में समाप्त हुई है।
👉​पहचान: सामान्य भूतकाल के क्रिया रूप के साथ 'है/हैं' जुड़ा होता है।

👉​उदाहरण: * मैंने खाना खाया है।
​वह अभी आई है।

​3. पूर्ण भूतकाल (Past Perfect)
​क्रिया के उस रूप को पूर्ण भूतकाल कहते हैं जिससे यह स्पष्ट हो कि कार्य बहुत समय पहले समाप्त हो चुका था।

👉​पहचान: क्रिया के अंत में था, थी, थे आता है।

👉​उदाहरण: * अंग्रेजों ने भारत पर राज किया था।
​उसने अपनी पुस्तक पढ़ ली थी।

​4. अपूर्ण भूतकाल (Past Continuous)
​
इससे यह पता चलता है कि क्रिया भूतकाल में हो रही थी, किंतु उसकी समाप्ति का पता नहीं चलता।

​पहचान: 👉वाक्य के अंत में रहा था, रही थी, रहे थे आता है।

​उदाहरण: 👉* बच्चे मैदान में खेल रहे थे।
​सीता गाना गा रही थी।


​5. संदिग्ध भूतकाल (Doubtful Past)
​जहाँ भूतकाल की क्रिया के होने में संदेह (Doubt) हो कि कार्य पूरा हुआ या नहीं।

​पहचान:👉 क्रिया के अंत में होगा, होगी, होंगे आता है।

​उदाहरण: 👉 बस छूट गई होगी।
👉​उसने खाना खा लिया होगा।

​6. हेतुहेतुमद् भूतकाल (Conditional Past)

​जहाँ भूतकाल की एक क्रिया दूसरी क्रिया पर निर्भर हो। इसमें कार्य होने वाला था, पर किसी कारणवश नहीं हो सका।

​पहचान:👉 यदि... तो... (वाक्य में शर्त होती है)।

​उदाहरण: 👉 यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।
​यदि तुम पढ़ते, तो पास हो जाते।


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤4
ये सभी मैटर लेखपाल , लोवर पीसीएस,UPP , हाई कोर्ट ROARO,HEO और UPPCS प्री 2026 के लिए दिया जा रहा है,

कंटेंट बनाने में बहुत hard work लगता है, यह किसी का कॉपी पेस्ट मैटर नहीं है

आप लोगों से विनम्र अनुरोध है आप लोग भी अपना कर्त्तव्य निभाते हुए चैनल को अधिक से अधिक शेयर करें🙏🙏🙏


Join 👉https://t.me/Amoghclasses
💯11❤3
ध्यान दें 👉 आप अपने किसी भी पुराने टूटे फूटे मोबाइल को कबाड़ी को न दे
😢4
🔰 पृष्ठ तनाव के कारण उत्पन्न घटनायें

👉पतली सूई का पारे की सतह पर तैरना

👉साबुन या डिटर्जेण्ट से कपड़े की धुलाई

👉साबुन के घोल के बड़े-बड़े बुलबुलों का बनना

👉जल की सतह पर मिट्टी के तेल छिड़कने से

👉मच्छरों के लार्वा का मरना

👉गरम सूप का स्वादिष्ट लगना

👉सेविंग ब्रश के बाल आपस में चिपके रहते है

👉 समुद्र की लहरों को शांत करने हेतु तेल का डाला जाना

👉तेल का पानी के तल पर फैल जाना

👉वर्षा की बूँदों का गोलाकार होना

👉छिड़काव फुहार से ठंडक का उत्पन्न होना

join👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs
❤7
📕भारत की स्वतंत्रता के बाद से गरीबी के मापन के लिए बनी समितियां

👉 योजना आयोग कार्य समूह - 1962
👉वी एम दांडेकर और एन रथ - 1971
👉अलघ समिति - 1979
👉लकड़वाला समिति - 1993
👉तेंदुलकर समिति - 2009
👉 रंग राजन समिति - 2014

join👉https://t.me/Amoghclasses
#targetlekhpal #lowerpcs