📕 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
👉स्थापना–एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम द्वारा 1885ई.
👉 पहला अधिवेशन – 28 दिसंबर 1885 को बंबई के "गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज" में किया गया ।
👉इस समय वायसराय लॉर्ड डफरिन था।
👉प्रथम अधिवेशन में भाग लेने वाले सदस्यों की संख्या 72 थी।
👉प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी तथा सचिव ए. ओ. ह्यूम थे।
👉 प्रथम पारसी अध्यक्ष – दादाभाई नौरोजी(कलकत्ता,1886)
👉 प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष – बदरुद्दीन तैयबजी(मद्रास,1887)
👉 प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष – जॉर्ज युले(इलाहाबाद,1888)
👉 प्रथम महिला अध्यक्ष – एनी बेसेंट (कलकत्ता,1917)
👉 प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष – श्रीमती सरोजिनी नायडू ( कानपुर,1925)
👉1907 ईस्वी में कांग्रेस में विभाजन हुआ।
📕 बंगाल विभाजन ( 1905)–
👉गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन के काल में ।
👉20 जुलाई,1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा हुई।
👉7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा हुई
👉16 अक्टूबर 1905 से बंगाल विभाजन की घोषणा लागू हुई।
👉कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में स्वदेशी आंदोलन का अनुमोदन किया गया।
👉इसी दौरान अंग्रेज अधिकारी वैलेंटाइंस शिरोल ने तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा ।
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👉स्थापना–एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम द्वारा 1885ई.
👉 पहला अधिवेशन – 28 दिसंबर 1885 को बंबई के "गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज" में किया गया ।
👉इस समय वायसराय लॉर्ड डफरिन था।
👉प्रथम अधिवेशन में भाग लेने वाले सदस्यों की संख्या 72 थी।
👉प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी तथा सचिव ए. ओ. ह्यूम थे।
👉 प्रथम पारसी अध्यक्ष – दादाभाई नौरोजी(कलकत्ता,1886)
👉 प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष – बदरुद्दीन तैयबजी(मद्रास,1887)
👉 प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष – जॉर्ज युले(इलाहाबाद,1888)
👉 प्रथम महिला अध्यक्ष – एनी बेसेंट (कलकत्ता,1917)
👉 प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष – श्रीमती सरोजिनी नायडू ( कानपुर,1925)
👉1907 ईस्वी में कांग्रेस में विभाजन हुआ।
📕 बंगाल विभाजन ( 1905)–
👉गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन के काल में ।
👉20 जुलाई,1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा हुई।
👉7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा हुई
👉16 अक्टूबर 1905 से बंगाल विभाजन की घोषणा लागू हुई।
👉कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में स्वदेशी आंदोलन का अनुमोदन किया गया।
👉इसी दौरान अंग्रेज अधिकारी वैलेंटाइंस शिरोल ने तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा ।
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📕 सामाजिक सुधार हेतु उठाए गए प्रमुख कदम –
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▪️ सती प्रथा– लॉर्ड विलियम बेंटिक द्वारा दिसंबर 1829 में नियम 18 के तहत इसको प्रतिबंधित कर दिया गया।
▪️ विधवा पुनर्विवाह – ईश्वर चंद्र विद्यासागर द्वारा इसके लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए।
▪️ सिविल मैरिज एक्ट या नेटिव मैरिज एक्ट 1872– वायसराय नॉर्थब्रुक के समय पारित किया गया, इसमें लड़कियों की विवाह की आयु 14 वर्ष तथा लड़कों की 18 वर्ष कर दी गई तथा बहु विवाह प्रथा को समाप्त कर दिया गया।
▪️ सम्मति आयु अधिनियम 1891– मुंबई के पारसी बहरामजी मालाबारी के प्रयत्न से पारित किया गया ,इसमें लड़कियों की विवाह की आयु 12 वर्ष कर दी गई ।इस समय भारत का वायसराय लॉर्ड लैंसडाउन था।
▪️ बाल विवाह निषेध अधिनियम ,1929 (शारदा एक्ट) – यह डॉक्टर हरविलास शारदा के पर्यटन से पारित किया गया , इसमें लड़कियों की विवाह की उम्र 14 वर्ष तथा लड़कों की 18 वर्ष कर दी गई ।इस समय भारत का वायसराय लॉर्ड इरविन था।
▪️ 1856 का विधवा पुनर्विवाहअधिनियम– यह लॉर्ड कैनिंग के समय में पारित हुआ इसमें विधवाओं को पुनर्विवाह की कानूनी मान्यता प्रदान की गई।
▪️ ठगी प्रथा– लॉर्ड विलियम बैंटिक ने इसका उन्मूलन किया। इसके लिए उन्होंने अधिकारी कर्नल स्लीमैंन की नियुक्ति की।
▪️ शिशु वध– गवर्नर जनरल जॉन शोर के समय में 1795 में इसको समाप्त किया गया।
▪️ दास प्रथा– गवर्नर जनरल लॉर्ड एलनबरों ने 1843 में भारत में दास प्रथा को भारतीय दास अधिनियम 1843 के द्वारा प्रतिबंधित कर दिया।
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बौद्ध ग्रंथों (अंगुत्तर निकाय) और जैन ग्रंथों (भगवती सूत्र) में उल्लेख
16 महाजनपदों की सूची:
1. अंग - आधुनिक बिहार।
2. मगध - मध्य बिहार।
3. काशी - वाराणसी।
4. कोसल - पूर्वी उत्तर प्रदेश।
5. वज्जि (वृज्जि) - उत्तरी बिहार (गणतंत्र)।
6. मल्ल - पूर्वी उत्तर प्रदेश (गणतंत्र)।
7. चेदि - बुंदेलखंड।
8. वत्स - इलाहाबाद क्षेत्र।
9. कुरु - दिल्ली और हरियाणा।
10. पंचाल - पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
11. मत्स्य - राजस्थान (जयपुर)।
12. सुरसेन - मथुरा क्षेत्र।
13. अस्सक - महाराष्ट्र और तेलंगाना।
14. अवंती - उज्जैन (मध्य प्रदेश)।
15. गांधार - उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान।
16. कम्बोज - उत्तरी पाकिस्तान।
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16 महाजनपदों की सूची:
1. अंग - आधुनिक बिहार।
2. मगध - मध्य बिहार।
3. काशी - वाराणसी।
4. कोसल - पूर्वी उत्तर प्रदेश।
5. वज्जि (वृज्जि) - उत्तरी बिहार (गणतंत्र)।
6. मल्ल - पूर्वी उत्तर प्रदेश (गणतंत्र)।
7. चेदि - बुंदेलखंड।
8. वत्स - इलाहाबाद क्षेत्र।
9. कुरु - दिल्ली और हरियाणा।
10. पंचाल - पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
11. मत्स्य - राजस्थान (जयपुर)।
12. सुरसेन - मथुरा क्षेत्र।
13. अस्सक - महाराष्ट्र और तेलंगाना।
14. अवंती - उज्जैन (मध्य प्रदेश)।
15. गांधार - उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान।
16. कम्बोज - उत्तरी पाकिस्तान।
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सल्तनत काल की प्रमुख रचनाएँ
पुस्तक लेखक 🔰 🔰
📙तारीख-ए-फिरोजशाही➖ जियाउद्दीन बरनी
📘फतवा-ए-जहांदारी➖जियाउद्दीन बरनी
📗तबाकर-ए-नासिर ➖मिनहाज-उस-सिराज
📕फुतूहात-उस-सलातीन➖ख्वाजा अबू वक्र इसामी
📙किताब-उल-रहला➖इब्नेबतूता
📘फुतूहात-उल-फिरोजशाही➖ फिरोजशाह तुगलक
📗तहकीक-ए-हिन्द➖अलबरूनी
📕तारीख-ए-मुबारकशाही➖याहिया बिन अहमद सरहिन्दी
📙तारीख-ए-सलातीन-ए-अफगान➖ अहमद यादगार
📘ताज-उल-मासिर➖ हसन निजामी
📗खजाय-नुल-फुतूह➖अमीर खुसरो
📕तारीख-ए-अलाई➖अमीर खुसरो
📙तुगलकनामा ➖अमीर खुसरो
📘ब्रह्मसूत्र ➖रामानुजन
📗तारीख-ए-मुहम्मदी➖मुहम्मद बिहमद खान
📕मुनशत-ए-महरू➖मुल्तानी
📙तारीख-ए-सिन्ध➖मीर मुहम्मद मसूम
📘तारीख-ए-यामिनी ➖उत्बी
📗हम्मीर मद-मर्दन➖जयसिंह सूरी
📕गीत गोविन्द➖जयदेव
📙हरकेलि नाटक➖जयदेव
📘ललित विग्रहराज➖जयदेव
📗प्रसन्न राघव➖जयदेव
📕प्रद्युम्नाभ्युदय➖रविवर्मन
📙पार्वती परिणय➖वामन भट्ट
📘पृथ्वीराज रासो➖चंद बरदाई
📗जाम्बवती कल्याणम ➖कृष्णदेव राय
📕राजतरंगिणी ➖कल्हण
📙बीसलदेव रासो➖नरपतिनाथ
📘चंदावत➖ मुल्ला दाउद
📗आल्हखंड➖ जगनिक
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पुस्तक लेखक 🔰 🔰
📙तारीख-ए-फिरोजशाही➖ जियाउद्दीन बरनी
📘फतवा-ए-जहांदारी➖जियाउद्दीन बरनी
📗तबाकर-ए-नासिर ➖मिनहाज-उस-सिराज
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📙किताब-उल-रहला➖इब्नेबतूता
📘फुतूहात-उल-फिरोजशाही➖ फिरोजशाह तुगलक
📗तहकीक-ए-हिन्द➖अलबरूनी
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📙तारीख-ए-सलातीन-ए-अफगान➖ अहमद यादगार
📘ताज-उल-मासिर➖ हसन निजामी
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📕तारीख-ए-अलाई➖अमीर खुसरो
📙तुगलकनामा ➖अमीर खुसरो
📘ब्रह्मसूत्र ➖रामानुजन
📗तारीख-ए-मुहम्मदी➖मुहम्मद बिहमद खान
📕मुनशत-ए-महरू➖मुल्तानी
📙तारीख-ए-सिन्ध➖मीर मुहम्मद मसूम
📘तारीख-ए-यामिनी ➖उत्बी
📗हम्मीर मद-मर्दन➖जयसिंह सूरी
📕गीत गोविन्द➖जयदेव
📙हरकेलि नाटक➖जयदेव
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📗प्रसन्न राघव➖जयदेव
📕प्रद्युम्नाभ्युदय➖रविवर्मन
📙पार्वती परिणय➖वामन भट्ट
📘पृथ्वीराज रासो➖चंद बरदाई
📗जाम्बवती कल्याणम ➖कृष्णदेव राय
📕राजतरंगिणी ➖कल्हण
📙बीसलदेव रासो➖नरपतिनाथ
📘चंदावत➖ मुल्ला दाउद
📗आल्हखंड➖ जगनिक
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🔰प्रमुख पर्यावरणीय कन्वेंशन
🔰रामसर कन्वेंशन
🔰बॉन कन्वेंशन
🔰वियना कन्वेंशन
🔰मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
🔰बेसल कन्वेंशन
🔰जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD)
🔰क्योटो प्रोटोकोल
🔰रॉट्टरडैम कन्वेंशन
🔰कार्टाजेना प्रोटोकॉल
🔰स्टॉकहोम कन्वेंशन
🔰नागोया प्रोटोकॉल
🔰मिनामाता कन्वेंशन
🔰किगाली समझौता
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🔰रामसर कन्वेंशन
०इसे वेटलैंड्स पर कन्वेंशन कहा जाता है।
०इसे 1971 में ईरान के ’रामसर’ शहर में अपनाया गया।
०1975 में लागू।
🔰बॉन कन्वेंशन
०यह जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर एक सम्मेलन है।
०इसे 1979 में अपनाया गया।
०1983 में लागू।
🔰वियना कन्वेंशन
०ओजोन परत के संरक्षण से संबधित।
०1985 में अपनाया गया।
०1988 में लागू।
🔰मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
०ओजोन परत का क्षरण करने वाले पदार्थों पर एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण प्रोटोकॉल।
०1987 में अपनाया गया।
०1989 में लागू।
🔰बेसल कन्वेंशन
०खतरनाक अपशिष्टों की सीमापार गतिविधियों के नियंत्रण और उनके निपटान से सम्बन्धित।
०1989 में अपनाया गया।
०1992 में लागू ।
🔰जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD)
०जैव विविधता के संरक्षण से सम्बन्धित।
० 1992 में अपनाया गया।
० 1993 में लागू।
🔰क्योटो प्रोटोकोल
०ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने से सम्बन्धित।
०1997 में अपनाया गया।
०2005 में लागू।
🔰रॉट्टरडैम कन्वेंशन
०अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में कुछ खतरनाक रसायनों और कीटनाशकों के लिए पूर्व सूचित सहमति प्रक्रिया से संबधित।
०1998 में अपनाया गया ।
०2004 में लागू।
🔰कार्टाजेना प्रोटोकॉल
०यह जैव विविधता पर कन्वेंशन के लिए जैव सुरक्षा पर एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण प्रोटोकॉल है।
० 2000 में अपनाया गया।
०2003 में लागू।
🔰स्टॉकहोम कन्वेंशन
०Persistent Organic Pollutants (POPs) से सम्बन्धित है।
०इसे 2001 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में अपनाया गया।
० 2004 में लागू।
🔰नागोया प्रोटोकॉल
०यह आनुवंशिक संसाधनों तक पहुंच और उनके उपयोग (ABS) से उत्पन्न होने वाले लाभों के उचित और न्यायसंगत बंटवारे से सम्बन्धित है।
०2010 में अपनाया गया।
०2014 में लागू।
🔰मिनामाता कन्वेंशन
०पारा के प्रतिकूल प्रभावों से मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा करना है।
० 2013 में अपनाया गया था।
०2017 में लागू।
🔰किगाली समझौता
०ओजोन क्षरण से सम्बन्धित(मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में संशोधन)।
० 2016 में अपनाया गया।
०2019 में लागू।
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👉उत्तर प्रदेश का 12वाँ और भारत का 99वाँ रामसर साइट#Lekhpal #Lowerpcs
👉शेखा झील वर्ड सेंचुरी अलीगढ़
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📕नासा वर्ल्ड नाइट मैप: उत्तर प्रदेश की
उपलब्ध
👉दुनिया के सबसे अधिक रोशन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश का प्रमुखता से उभरना
👉योगी सरकार की ऊर्जा नीति एवं "हर घर रोशनी" के संकल्प को अंतरराष्ट्रीय मुहर
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📕 पारिस्थितिक अनुक्रमण
परिभाषा--
📕 अनुक्रमण के प्रकार-
।
द्वितीयक अनुक्रमण-
।
📕 अनुक्रमण के चरण: Clements के अनुसार
📕अनुक्रमण के रास्ते:
📕सीरी(Sere):
📕सीरी के प्रकार:
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परिभाषा--
समय के साथ एक पारिस्थितिक समुदाय की प्रजातियों की संरचना में परिवर्तन की क्रमिक और व्यवस्थित प्रक्रिया है।
📕 अनुक्रमण के प्रकार-
प्राथमिक अनुक्रमण- निर्जीव सतह( नग्न चट्टान, ज्वालामुखी लावा, रेगिस्तान)पर होता है। अत्यंत धीमी प्रक्रिया है। मृदा निर्माण इसकी एक महत्वपूर्ण प्रकिया है
।
द्वितीयक अनुक्रमण-
पहले से विद्यमान समुदाय वाले क्षेत्र में( जैसे- आग, बाढ़, तूफ़ान के बाद)। यह प्रक्रिया तेजी से होती है। मिट्टी पहले से मौजूद रहती है
।
📕 अनुक्रमण के चरण: Clements के अनुसार
(1) न्यूडेशन( Nudation): नग्न सतह का निर्माण; ज्वालामुखी, भूकंप
(2) आक्रमण( Invasion): पायनियर प्रजातियों का आगमन
(3) प्रतिस्पर्द्धा( competition): प्रजातियों के बीच संसाधनों हेतु संघर्ष
(4) प्रतिक्रिया( Reaction): जीव समुदाय मृदा व पर्यावरण को बदलते हैं
(5) चरमावस्था( stabilization): स्थायी, जलवायु- नियंत्रित समुदाय
📕अनुक्रमण के रास्ते:
हाइड्रार्क अनुक्रमण: जल से भूमि की ओर
० झील- दलदल- घासभूमि- वन
जेरार्क अनुक्रमण: शुष्क क्षेत्र से शुरू होकर नमीयुक्त वन की ओर
० चट्टान- लाइकेन- काई- झाड़ी- वृक्ष- वन
📕सीरी(Sere):
अनुक्रमण में किसी विशेष स्थान पर एक के बाद एक बदलते हुए समुदायों की पूरी श्रृंखला
।
📕सीरी के प्रकार:
Hydrosere( हाइड्रोसीरी)-- जल में शुरू होने वाली सीरी
Xerosere( जेरोसीरी)-- शुष्क भूमि पर शुरू होने वाली सीरी; Lithosere- चट्टान पर, Psammosere- रेत पर।
Halosere( हैलोसीरी)-- लवणीय मिट्टी में या समुद्र तटीय क्षेत्र में।
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📕जैवमंडल अभ्यारण्य
📕भारत में जैवमण्डल अभ्यारण्य:
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०संरक्षित क्षेत्र जहाँ जैव विविधता के संरक्षण, अनुसंधान व सतत विकास पर ध्यान दिया जाता है।
० इनका चयन यूनेस्को मानव एवं जैवमंडल कार्यक्रम( MAB) 1971 के तहत भी किया जाता है।
० इनमें तीन मुख्य क्षेत्र होते हैं-
a. कोर क्षेत्र: पूर्ण संरक्षण हेतु।
b. बफर क्षेत्र: अनुसंधान व शिक्षा हेतु।
c. संक्रमण क्षेत्र: मानवीय गतिविधियाँ
📕भारत में जैवमण्डल अभ्यारण्य:
1. भारत में कुल 18 जैवमंडल अभ्यारण्य है।
2. इनमें से 12 यूनेस्को की विश्व जैवमंडल नेटवर्क सूची में शामिल है।
📕महत्वपूर्ण उदाहरण:
० नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व- भारत का प्रथम बायोस्फीयर रिजर्व
० सुंदरबन( पश्चिम बंगाल): रॉयल बंगाल टाइगर, मैंग्रोव वनस्पति
० नोकरेक( मेघालय): दुर्लभ आर्किड एवं रेड पांडा
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