महान स्वतंत्रता सेनानी, @GitaPress के संस्थापक सदस्य हनुमान प्रसाद पोद्दार 'भाई जी' ने 1906 में कपड़ों में गाय की चर्बी के प्रयोग किए जाने के ख़िलाफ़ आंदोलन चलाया और विदेशी वस्तुओं और कपड़ों के बहिष्कार के लिए संघर्ष छेड़ दिया।
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विश्व जल दिवस 2026
#WorldWaterDay
22 मार्च
Theme: Water and Gender
यह दिन पानी के महत्व को याद दिलाता है और वैश्विक जल संकट से निपटने के लिए लोगों को प्रेरित करता है।
विश्व जल दिवस 2026 की थीम है "जल और लैंगिक समानता" (Water and Gender)।
इस थीम का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता तक पहुँच एक मानव अधिकार है और यह लैंगिक समानता के लिए बेहद ज़रूरी है।
जल संकट सभी को प्रभावित करता है, लेकिन सबसे ज़्यादा बोझ महिलाओं और लड़कियों पर पड़ता है, जो पानी लाने और घर-परिवार की ज़रूरतें पूरी करने की ज़िम्मेदारी उठाती हैं।
#WorldWaterDay
22 मार्च
Theme: Water and Gender
यह दिन पानी के महत्व को याद दिलाता है और वैश्विक जल संकट से निपटने के लिए लोगों को प्रेरित करता है।
विश्व जल दिवस 2026 की थीम है "जल और लैंगिक समानता" (Water and Gender)।
इस थीम का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता तक पहुँच एक मानव अधिकार है और यह लैंगिक समानता के लिए बेहद ज़रूरी है।
जल संकट सभी को प्रभावित करता है, लेकिन सबसे ज़्यादा बोझ महिलाओं और लड़कियों पर पड़ता है, जो पानी लाने और घर-परिवार की ज़रूरतें पूरी करने की ज़िम्मेदारी उठाती हैं।
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SI वालों शाम 09 बजे तैयार रहना One Shot Class रहने वाली है https://youtube.com/live/IsweGhMi3bo
YouTube
Rajasthan SI World Geography Marathon Class | SI 2026 Classes | Sub Inspector World Geo |By Ashu Sir
#ashugktrick
Rajasthan SI World Geography Marathon Class | Rajasthan SI 2026 Classes | Sub Inspector Exam 2026 |By Ashu Sir
#rajasthansiworldgeography
#worldgeographyforsiexam2026
#rajasthasnsi2026
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Rajasthan SI World Geography Marathon Class | Rajasthan SI 2026 Classes | Sub Inspector Exam 2026 |By Ashu Sir
#rajasthansiworldgeography
#worldgeographyforsiexam2026
#rajasthasnsi2026
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स्वदेश में उत्पाद से अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार तक"
मुख्य बिंदु
भारतीय औषधि उद्योग मात्रा के हिसाब से वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा और मूल्य के हिसाब से 11 वां सबसे बड़ा उद्योग है।
घरेलू बाज़ार का आकार 60 अरब अमेरिकी डॉलर है , जबकि 2030 से 130 अरब अमेरिकी डॉलर तक का अनुमान है।
दवा क्षेत्र का वार्षिक कारोबार वित्त वर्ष 25 में 4.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कीमत के आधार पर , भारत में वर्तमान में फार्मास्यूटिकल्स में वैश्विक स्तर पर 11 वें स्थान पर है , और वर्ष 2024-25 में 191 देशों में शामिल किया गया है।
दवा 30.5 अरब अमेरिकी डॉलर रही , जो 2000-01 के 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में लगभग 16 गुना अधिक है।
साल 2025-26 (अप्रैल-सितंबर) के दौरान एफ बिजनेस में 13,193 करोड़ रुपये दर्ज हुए।
केंद्रीय बजट 2026-27 में , भारत को ग्लोबल बायोफार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना के लिए ' बायोफार्मा शक्ति ' का प्रस्ताव रखा गया है , जिसके लिए अगले पांच वर्षों में कुल 10,000 करोड़ रुपये का निवेश निर्धारित किया गया है।
मुख्य बिंदु
भारतीय औषधि उद्योग मात्रा के हिसाब से वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा और मूल्य के हिसाब से 11 वां सबसे बड़ा उद्योग है।
घरेलू बाज़ार का आकार 60 अरब अमेरिकी डॉलर है , जबकि 2030 से 130 अरब अमेरिकी डॉलर तक का अनुमान है।
दवा क्षेत्र का वार्षिक कारोबार वित्त वर्ष 25 में 4.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कीमत के आधार पर , भारत में वर्तमान में फार्मास्यूटिकल्स में वैश्विक स्तर पर 11 वें स्थान पर है , और वर्ष 2024-25 में 191 देशों में शामिल किया गया है।
दवा 30.5 अरब अमेरिकी डॉलर रही , जो 2000-01 के 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में लगभग 16 गुना अधिक है।
साल 2025-26 (अप्रैल-सितंबर) के दौरान एफ बिजनेस में 13,193 करोड़ रुपये दर्ज हुए।
केंद्रीय बजट 2026-27 में , भारत को ग्लोबल बायोफार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना के लिए ' बायोफार्मा शक्ति ' का प्रस्ताव रखा गया है , जिसके लिए अगले पांच वर्षों में कुल 10,000 करोड़ रुपये का निवेश निर्धारित किया गया है।
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राजस्थान एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी-2026
कैबिनेट की मंजूरी:-21 जनवरी 2026 को
नीति लॉन्च:- 18 मार्च 2026 को जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल द्वारा
ड्राफ्ट जारी:- 21 मार्च 2026 को
...
उद्देश्य:-राजस्थान में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देना, साथ ही राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण हब बनाना।
मुख्य प्रावधानः-
विनिर्माण परियोजनाओं के तहतः-
लार्ज श्रेणी:-न्यूनतम 50 करोड रुपए से 300 करोड रुपए तक अचल पूंजी निवेश
मेगा श्रेणी:-300 करोड़ से 1000 करोड़
अल्ट्रा मेगा श्रेणी:-1000 करोड रुपए से अधिक का निवेश
सर्विस सेक्टर के लिए:-
लार्ज श्रेणी:-25 करोड रुपए से 100 करोड रुपए तक अचल पूंजी निवेश
मेगा श्रेणी:-100 करोड़ से 250 करोड रुपए
अल्ट्रा मेगा श्रेणी:- 250 करोड रुपए से अधिक की परियोजनाएं।
इस नीति के तहत पात्र एयरोस्पेस एवं डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सेवा उद्योगों को एसिड क्रिएशन इनिशिएटिव के रूप में 7 वर्षों तक राज्य करके 75% पुनर्भरण की निवेश अनुदान,
विनिर्माण उद्योगों के लिए 20 से 28% और सर्विस सेक्टर के लिए 14 से 20% तक 10 वर्षों में वितरित पूंजीगत अनुदान अथवा
10 वर्षों तक वार्षिक किस्तों में देय 1.2% से 2% तक टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन में से किसी एक विकल्प का चयन करने की सुविधा दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त इन प्रोत्साहनों पर टॉप अप के रूप में 10 से 15% तक एम्प्लॉयमेंट बूस्टर पहले 3 मेगा अथवा अल्ट्रामेगा इकाइयों के लिए 25% सनराइज बूस्टर, 10% एंकर बूस्टर और 20% भ्रस्ट बूस्टर जैसे लाभ भी प्रदान किए जाएंगे ।
रीको से भूमि लेने वाले मेगा, अल्ट्रा मेगा विनिर्माण उद्योगों को 10 वर्षों तक फैलेजिबली लैंड पेमेंट और 5 वर्षों के लिए 25% ऑफिस स्पेस के लिए लीज रेंटल सब्सिडी दी जाएगी ।
कैप्टिव पावर प्लांट में किए गए निवेश का 51% पत्र स्थाई पूंजीगत निवेश में शामिल करने जैसे विशेष प्रावधान भी किया गया है।
एयरोस्पेस एंड डिफेंस उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देने के लिए:-
7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट
√7 वर्षों तक मंडी शुल्क अथवा बाजार शुल्क का 100% पुनर्भरण
स्टांप शुल्क, रूपांतरण शुल्क में 75% छूट तथा 25% पुनर्भरण की व्यवस्था भी की गई है।
स्रोतः सुजस
कैबिनेट की मंजूरी:-21 जनवरी 2026 को
नीति लॉन्च:- 18 मार्च 2026 को जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल द्वारा
ड्राफ्ट जारी:- 21 मार्च 2026 को
...
उद्देश्य:-राजस्थान में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देना, साथ ही राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण हब बनाना।
मुख्य प्रावधानः-
विनिर्माण परियोजनाओं के तहतः-
लार्ज श्रेणी:-न्यूनतम 50 करोड रुपए से 300 करोड रुपए तक अचल पूंजी निवेश
मेगा श्रेणी:-300 करोड़ से 1000 करोड़
अल्ट्रा मेगा श्रेणी:-1000 करोड रुपए से अधिक का निवेश
सर्विस सेक्टर के लिए:-
लार्ज श्रेणी:-25 करोड रुपए से 100 करोड रुपए तक अचल पूंजी निवेश
मेगा श्रेणी:-100 करोड़ से 250 करोड रुपए
अल्ट्रा मेगा श्रेणी:- 250 करोड रुपए से अधिक की परियोजनाएं।
इस नीति के तहत पात्र एयरोस्पेस एवं डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सेवा उद्योगों को एसिड क्रिएशन इनिशिएटिव के रूप में 7 वर्षों तक राज्य करके 75% पुनर्भरण की निवेश अनुदान,
विनिर्माण उद्योगों के लिए 20 से 28% और सर्विस सेक्टर के लिए 14 से 20% तक 10 वर्षों में वितरित पूंजीगत अनुदान अथवा
10 वर्षों तक वार्षिक किस्तों में देय 1.2% से 2% तक टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन में से किसी एक विकल्प का चयन करने की सुविधा दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त इन प्रोत्साहनों पर टॉप अप के रूप में 10 से 15% तक एम्प्लॉयमेंट बूस्टर पहले 3 मेगा अथवा अल्ट्रामेगा इकाइयों के लिए 25% सनराइज बूस्टर, 10% एंकर बूस्टर और 20% भ्रस्ट बूस्टर जैसे लाभ भी प्रदान किए जाएंगे ।
रीको से भूमि लेने वाले मेगा, अल्ट्रा मेगा विनिर्माण उद्योगों को 10 वर्षों तक फैलेजिबली लैंड पेमेंट और 5 वर्षों के लिए 25% ऑफिस स्पेस के लिए लीज रेंटल सब्सिडी दी जाएगी ।
कैप्टिव पावर प्लांट में किए गए निवेश का 51% पत्र स्थाई पूंजीगत निवेश में शामिल करने जैसे विशेष प्रावधान भी किया गया है।
एयरोस्पेस एंड डिफेंस उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देने के लिए:-
7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट
√7 वर्षों तक मंडी शुल्क अथवा बाजार शुल्क का 100% पुनर्भरण
स्टांप शुल्क, रूपांतरण शुल्क में 75% छूट तथा 25% पुनर्भरण की व्यवस्था भी की गई है।
स्रोतः सुजस
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