🌾 दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए भारत का मिशन
🇮🇳 "2030-31 तक भारत को दलहन में आत्मनिर्भर बनाने की छह वर्षीय योजना"
🎯 11 अक्टूबर, 2025 को शुरू हुआ यह मिशन 11 अक्टूबर, 2026 को अपना एक वर्ष पूरा कर रहा है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक के लिए इस मिशन का वित्तीय परिव्यय ₹11,440 करोड़ है।
🌟मुख्य विशेषताएं🌟
🌱 बढ़ता दलहन उत्पादन
📈 दलहन उत्पादन 2024-25 में 256.83 लाख टन से बढ़कर 2025-26 में 274.09 लाख टन हो गया है।
🎯 2030-31 के लिए लक्ष्य
🌾 मिशन का लक्ष्य लगभग 350 लाख टन दलहन उत्पादन और 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उपज प्राप्त करना है। इसका लक्ष्य खेती का विस्तार 310 लाख हेक्टेयर तक करना और छह वर्षों में 87.5 लाख मुफ्त बीज किट वितरित करना है।
📉 आयात में गिरावट, निर्यात में वृद्धि
💹 दलहन का आयात 2024-25 में ₹46,427.60 करोड़ से 31.52% घटकर 2025-26 में ₹31,793.59 करोड़ हो गया है। निर्यात में 13.40% की वृद्धि हुई है और 2025-26 में यह 969.53 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
🇮🇳 "2030-31 तक भारत को दलहन में आत्मनिर्भर बनाने की छह वर्षीय योजना"
🎯 11 अक्टूबर, 2025 को शुरू हुआ यह मिशन 11 अक्टूबर, 2026 को अपना एक वर्ष पूरा कर रहा है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक के लिए इस मिशन का वित्तीय परिव्यय ₹11,440 करोड़ है।
🌟मुख्य विशेषताएं🌟
🌱 बढ़ता दलहन उत्पादन
📈 दलहन उत्पादन 2024-25 में 256.83 लाख टन से बढ़कर 2025-26 में 274.09 लाख टन हो गया है।
🎯 2030-31 के लिए लक्ष्य
🌾 मिशन का लक्ष्य लगभग 350 लाख टन दलहन उत्पादन और 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उपज प्राप्त करना है। इसका लक्ष्य खेती का विस्तार 310 लाख हेक्टेयर तक करना और छह वर्षों में 87.5 लाख मुफ्त बीज किट वितरित करना है।
📉 आयात में गिरावट, निर्यात में वृद्धि
💹 दलहन का आयात 2024-25 में ₹46,427.60 करोड़ से 31.52% घटकर 2025-26 में ₹31,793.59 करोड़ हो गया है। निर्यात में 13.40% की वृद्धि हुई है और 2025-26 में यह 969.53 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
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किशनगढ़
सबसे ज्यादा खुशी तो बच्चों के माता पिता के हंसते चेहरे देखकर होती है....
जब वो कहते है पूरे घर में आशु सर ,आशु सर लगा रहता है.....
आपकी सफलता ही मेरी जीत
दीपावली के बाद
आशु सर पुलिस अकादमी खोलेंगे
जिसमें दिल्ली पुलिस ,ssc Gd, rajsthan पुलिस और सब इंस्पेक्टर परीक्षा के लिए
हॉस्टल ,फिजिकल,और पढ़ाई के लिए अलग ही माहौल तैयार करेंगे
बेरोजगार तो मेहनती को नहीं रहने दूंगा ये वादा है
सबसे ज्यादा खुशी तो बच्चों के माता पिता के हंसते चेहरे देखकर होती है....
जब वो कहते है पूरे घर में आशु सर ,आशु सर लगा रहता है.....
आपकी सफलता ही मेरी जीत
दीपावली के बाद
आशु सर पुलिस अकादमी खोलेंगे
जिसमें दिल्ली पुलिस ,ssc Gd, rajsthan पुलिस और सब इंस्पेक्टर परीक्षा के लिए
हॉस्टल ,फिजिकल,और पढ़ाई के लिए अलग ही माहौल तैयार करेंगे
बेरोजगार तो मेहनती को नहीं रहने दूंगा ये वादा है
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सूचना का अधिकार दिवस
🔹 जानकारी नागरिकों की शक्ति है और पारदर्शिता लोकतंत्र की नींव!
सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कार्यों, नीतियों और निर्णयों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है। यह शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाता है।
जागरूक नागरिक, पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रशासन, यही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
🔹 जानकारी नागरिकों की शक्ति है और पारदर्शिता लोकतंत्र की नींव!
सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कार्यों, नीतियों और निर्णयों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है। यह शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाता है।
जागरूक नागरिक, पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रशासन, यही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
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✅ भारत की पहली हाई-अल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी का शुभारंभ 🐆🏔️
🔹 शुरुआत: 7 अक्टूबर 2026 को लद्दाख के लेह स्थित चोगलमसर संरक्षित वन में।
🔹 उद्घाटनकर्ता: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना।
🔹 संचालन: स्नो लेपर्ड एंड हाई-अल्टीट्यूड नेचर कंजर्वेशन (SHAN) सोसाइटी एवं लद्दाखके वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग द्वारा।
🔹 प्रमुख सफारी क्षेत्र: रुम्बक, शांग और उले
मुख्य उद्देश्य: हिम तेंदुओं के संरक्षण, अवैध ऑफ-रोडिंग पर रोक, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना।
🔹 शुरुआत: 7 अक्टूबर 2026 को लद्दाख के लेह स्थित चोगलमसर संरक्षित वन में।
🔹 उद्घाटनकर्ता: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना।
🔹 संचालन: स्नो लेपर्ड एंड हाई-अल्टीट्यूड नेचर कंजर्वेशन (SHAN) सोसाइटी एवं लद्दाखके वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग द्वारा।
🔹 प्रमुख सफारी क्षेत्र: रुम्बक, शांग और उले
मुख्य उद्देश्य: हिम तेंदुओं के संरक्षण, अवैध ऑफ-रोडिंग पर रोक, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना।
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