UPSC NOTES
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आचार सुधारिणी सभा -1910

राजपूताना मध्य भारत सभा की स्थापना-1918

राजस्थान सेवा संघ की स्थापना-1919


मारवाड़ सेवा संघ की स्थापना 1920 में जय नारायण व्यास तथा चांदमल सुराणा ने की थी
राजपूताना गजट समाचार पत्र मौलवी मुराद अली ने 1882 में शुरू किया था।
राजस्थान समाचार ब्यावर से ऋषिदत्त मेहता के द्वारा साप्ताहिक रूप से प्रकाशित होता था
राजस्थान टाइम्स नामक समाचार पत्र 1885 में लक्ष्मण दास के द्वारा शुरू किया गया था

राजपूताना हेराल्ड - यह समाचार पत्र 1885 में हनुमान सिंह के द्वारा शुरू किया गया था

राजपूताना समाचार- समर्थदान चारण
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खुरचनी तथा वेधक किस काल के महत्वपूर्ण उपकरण थे
1. पूर्व पुरा पाषाण काल
2. मध्य पुरा पाषाण काल
3. उच्च पुरा पाषाण काल
4. मध्य पाषाण काल
उत्तर -2
व्याख्या -
मध्य पुरा पाषाण काल:-
एच डी सांकलिया ने मध्य पुरा पाषाण काल को फलक संस्कृति नाम दिया
खुरचनी तथा वेधक सबसे महत्वपूर्ण उपकरण होने के कारण इसे खुरचनी -वेधक संस्कृति भी कहा जाता है ।इसे मस्तूरियन संस्कृति भी कहते हैं
इस काल के प्रमुख उपकरण जैस्पर ,चर्ट और फि्लंट निर्मित है
महाराष्ट्र स्थित नेवासा मध्य पुरा पाषाण काल का प्रारूप स्थल है। एच डी सांकलिया ने इसे नेवासा उद्योग नाम दिया
पोतवार पठार तथा पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत की संघावों गुफाओं से इस काल के प्रमाण मिले हैं
अरावली के पश्चिम वाले लूनी नदी क्षेत्र से इस काल के पत्थर के औजार मिले हैं ।बी एन मिश्र ने इसे 'लूणी उद्योग' नाम दिया
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मांडी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित है। यहां से सर्वाधिक मात्रा में स्वर्ण सिक्के एवं सोने के छल्ले प्राप्त हुए हैं।
यहां से टकसाल गृह के प्रमाण मिले हैं
कनमेर गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है ।
स्थानीय लोग इसे बकरकोट कहते हैं
चन्हूदड़ों को सैंधव सभ्यता का औद्योगिक शहर कहा गया है ।यह शिल्प गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था।
अर्नेस्ट मैके ने इसे प्राचीन भारत का सैफिल्ड कहा है ।
यहां से भाला फेंकते हुए पुरुष नर्तक की खंडित मूर्ति , टेराकोटा गाड़ी का मॉडल, खिलौने बनाने का कारखाना ,तांबे की दो गाड़ियों के मॉडल , एक जार में एक महिला की खोपड़ी आदि प्राप्त हुए हैं।
सिंधु घाटी सभ्यता नगरीय सभ्यता थी लेकिन वैदिक सभ्यता पुरी तरह ग्रामीण सभ्यता... सिंधु घाटी सभ्यता व्यापार प्रधान जी वही वैदिक सभ्यता कृषि प्रधान थी... सिंधु घाटी सभ्यता में लिपि का प्रचलन था लेकिन वैदिक सभ्यता में लेखन कला का अभाव था... असल में वैदिक सभ्यता थी या नहीं...
रणथंबोर के शासक वीर नारायण के समय इल्तुतमिश ने रणथंबोर पर आक्रमण किया बाद में सुल्तान ने दिल्ली ले जाकर उसका वध करवा दिया ।
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🎟️ प्रवेश पत्र जारी: 19 December 2025
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बिजोलिया अभिलेख सोमेश्वर चौहान के समय का है जिसकी तिथि 5 फरवरी 1170 है

सोमेश्वर चौहान को बिजोलिया अभिलेख में 'प्रताप लंकेश्वर'की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
अजय राज का शासन काल चौहानों का साम्राज्य निर्माण काल माना जाता है

अजय रजनी मालवा के परमार शासक नरवर्मन को पराजित कर उसके सेनापति सुल्हण को बंदी बना लिया था

अजय राज के सिक्कों पर उसकी रानी सोमल्ल देवी का नाम मिलता है
नोट - मालवा के नरवर्मन को अर्णोराज ने भी पराजित किया था
नागभट्ट द्वितीय प्रतिहार वंश का वह शासक था जिसने कन्नौज को जीतकर उसे अपनी राजधानी बनाया था

इस विजय के उपलक्ष्य में उसने 'परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर' की उपाधि धारण की थी


नागभट्ट द्वितीय ने त्रिपक्षीय संघर्ष को भी समाप्त किया था