UPSC NOTES
42.4K subscribers
326 photos
1 video
416 links
अगर आप अपने Telegram ग्रुप(group), चैनल(Channal), साइट(Site), यूट्यूब (YouTube)चैनल, Education App या Book's 📚 का प्रमोशन कराना चाहते है तो सम्पर्क करें 👇
@prmogg

👉CONTACT TELEGRAM ID👉 @prmogg
@prmogg
Download Telegram
इटली प्रारंभिक समय में जर्मनी ऑस्ट्रिया के साथ था और 1882 में गठित ट्रिपल एलायंस गठबंधन के साथ था लेकिन 1915 में मित्र राष्ट्रों के साथ इसने लंदन की गुप्त संधि की और इसी के तहत 23 मई 1915 को वह प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हो गया

पेरिस शांति सम्मेलन में वह फ्यूम की प्राप्ति चाहता था लेकिन विल्सन के विरोध के कारण उसे यह सफलता नहीं मिली जिसके कारण नाराज होकर वह सम्मेलन छोड़कर भाग गया
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लड़ी लड़ाईयां

1.मार्न की लड़ाई 6- 10 सितंबर 1914

2.वार ऑफ एट्रिशन 21 फ़रवरी 1916 to 18 दिसंबर 1916

3.जटलेंड का सामुद्रिक युद्ध -31मई 1916 to 1 जून 1916

4.सोम/सोमे की लड़ाई- 1 जुलाई 1916 to 13 नवंबर 1916( इस युद्ध में पहली बार टैंको का प्रयोग किया गया था)
जर्मनी ने फ्रांस के सिंहद्वार के नाम से प्रसिद्ध वर्दून पर आक्रमण किया था और इस युद्ध को जर्मनी ने ऑपरेशन गरीच नाम दिया था
28 जुलाई 1914 को आस्ट्रिया ने सर्बिया पर आक्रमण कर दिया ।

1 अगस्त 1914 को जर्मनी ने रूस के विरुद्ध आक्रमण कर दिया।

3 अगस्त 1914 को जर्मनी ने फ्रांस के विरुद्ध आक्रमण कर दिया ।

4 अगस्त 1914 को इंग्लैंड ने जर्मनी पर आक्रमण कर दिया ।
प्रथम विश्व युद्ध से पहले महत्वपूर्ण घटनाएं

1. मोरक्को की समस्या पर विचार करने के लिए 1906 ईस्वी में अल्जेसिरास सम्मेलन (स्पेन )में आयोजित किया गया


2.कासाब्लांका की घटना फ्रांस और जर्मनी में तनाव का कारण बनी

3. डोंगर बैंक की घटना के कारण इंग्लैंड व रूस के मध्य तनाव की स्थिति बन गई थी

4. 1911 ईस्वी में मोरक्को की राजधानी फेज में विद्रोह हो गया यूरोपियन लोगों के जनजीवन की रक्षा के बहाने फ्रांस ने वहां अपनी सेना भेज दी । इसके विरोध में जर्मनी ने पैंथर नामक युद्ध पोत अगादिर के बंदरगाह पर भेज दिया जो द्वितीय मोरक्को संकट का कारण बना
UP Police महा मॉक टेस्ट LIVE शुरू!
अभी जुड़े और अपनी तैयारी जांचें
Join Now👇👇

https://www.youtube.com/watch?v=pexRwui-XUA
प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात बुल्गारिया के साथ न्युईली की संधि 27 नवंबर 1919 को हुई थी

ऑस्ट्रिया के साथ सेंट जर्मेन की संधि 10 सितंबर 1919 को हुई थी

हंगरी के साथ ट्रियानो की संधि 4 जून 1920 को हुई थी

तुर्की के साथ सेव्रे की संधि 10 अगस्त 1920 को हुई थी
त्रिसम्राट सन्धि - 1872-72, जर्मनी, आस्ट्रिया और रूस

द्विगुट सन्धि - 1879 में जर्मनी और आस्ट्रिया

त्रिगुट सन्धि - 1882 में जर्मनी, आस्ट्रिया और इटली ( इसे ट्रिपल एलायंस भी कहा जाता है)

ट्रिपल एलायंस -1882

रूस फ्रांस सन्धि -1894

इंग्लैंड फ्रांस सन्धि -1904

ट्रिपल एतांत -1907
जर्मनी ने 1915 में लुसिटानिया नामक जहाज को दिया था जिसमें लगभग 1200 यात्री थे

जर्मनी ने 1916 में ससेक्स नामक जहाज को डुबो दिया था जो फ्रांस का था

इन जहाजो में अमेरिकी नागरिक भी मारे गए थे जिसके कारण 6 अप्रैल 1917 को अमेरिका प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हो गया
18 जनवरी 1919 को पेरिस के वर्साय के महल में शांति सम्मेलन का आयोजन किया गया इस कारण इसे वर्साय का सम्मेलन भी कहा जाता है

इस सम्मेलन का उद्घाटन फ्रांस के राष्ट्रपति पोइंकारे ने किया था

फ्रांस के प्रधानमंत्री जार्ज क्लीमेंशू को सर्वसम्मति से सम्मेलन का सभापति बनाया गया
मौलाना अबुल कलाम आजाद जयंती विशेष


1. मौलाना अबुल कलाम आजाद ने 1912 ईस्वी में उर्दू भाषा में अल हिलाल नामक समाचार पत्र शुरू किया ।
2. मौलाना अबुल कलाम आजाद ने बंगाल विभाजन का विरोध किया था
3. मौलाना अबुल कलाम आजाद जिन्ना की Two nation theory के खिलाफ रहें।
4.मौलाना अबुल कलाम आजाद ने खिलाफत आंदोलन तथा असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी ।
मौलाना अबुल कलाम आजाद 1923 में 35 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने
मौलाना अबुल कलाम आजाद के द्वारा लिखी गई पुस्तकें

1. इंडिया विन्स फ्रीडम
2. गुब्बार ए खातिर
3. दास्तान ए कर्बला

अबुल कलाम आजाद की पत्रकारिता से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

1912 में इनके द्वारा उर्दू साप्ताहिक पत्रिका अल हिलाल का कोलकाता से प्रकाशन किया था

यह समाचार पत्र 1914 में बंद कर दिया गया था तब 1915 में अल बिलाग समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया था
टामस पैन की रचनाएं
1. राइट ओफ मैन
2. अमेरिकन क्राइसिस
3. अमेरिकन वार ओफ इंडीपेंडेंस
सारिपुत्र प्रकरण की रचना अश्वघोष ने की।
मुद्राराक्षस व देवी चंद्रगुप्तम की रचना विशाखदत्त ने की थी।
मुद्रा राक्षस एकमात्र नाटक है जिसमें नायिका के पात्र का अभाव है।
शूद्रक ने मृच्छकटिकम की रचना की थी जिसमें उज्जैनी की गणिका बसंत सेना तथा एक ब्राह्मण व्यापारी चारुदत्त का उल्लेख है ।
वासवदत्ता की रचना सुबंधु ने की
कल्हण द्वारा रचित राजतरंगिणी के म्बंध में महत्वपूर्ण तथ्य
अशोक के उत्तराधिकारी जालौक को शैव समर्थक बताया गया है
खूय नामक इंजीनियर का उल्लेख है
इसमें कनिष्क का उल्लेख किया गया है

राजतरंगिणी को भारत की प्रथम ऐतिहासिक पुस्तक एवं कल्हण को भारत का प्रथम इतिहासकार कहा जाता है ।
इसमें कुल 8 तरंग तथा 8000 श्लोक हैं ।
यह संस्कृत भाषा में है ।
महाभारत की अलंकृत शैली के आधार पर कश्मीर में लिखी गई थी।
कल्हण कश्मीर के शासक हर्ष के आश्रित कवि थे ।
कल्हण ने अपने से पहले के 11 इतिहासकारों का उल्लेख किया है।
इसमें 64 उपजातियों तथा राजपूतों के 36 वंशो का उल्लेख है ।
उनके अनुसार कश्मीर में प्रथम सती रानी वाक्पुष्टा थी ।
इस पुस्तक में सिकंदर के आक्रमण ,चंद्रगुप्त मौर्य, समुद्रगुप्त, स्कंद गुप्त, पुलकेशिन, नागभट्ट व शंकराचार्य का उल्लेख नहीं है
Forwarded from E-Books
👉🏻अगर आप *LDC | High Court Group D | Animal Attendant | Lab Assistant* या राजस्थान की किसी भी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो *Tricks Wale App आपके लिए लाया है Exciting Offer!!*🤩

👉🏻*Tricks Wale App के सभी Online Courses और ट्रिकों वाली किताबों पर भारी डिस्काउंट!*🥳

⚠️ ध्यान रहें : *ऑफर का आज Last Day है !!*🚨

⏳ _समय कम है, तैयारी शुरू करें!_

👉🏻*Download the Tricks Wale App Now:*
📌
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.trickswale.pkg
👉🏻*Subscribe Tricks Wale Youtube Channel*

📌https://youtube.com/@laxman_sir_tricks_wale?si=CbOS9IDVpjDY9PmQ
❤2
UPSC NOTES pinned a photo
जो छात्र: छात्रां कोचिंग नहीं ले सकते वह हमारे फ़्री TEST SERIES "APP ग्रुप में जुड़ने के लिए नीचे दी लिंक पर क्लिक करें ❤️👇

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.trickswale.pkg

आज भर OFFERS है सिर्फ मात्र 100 Students Join कीजिये जल्दी ☝️
▪️सियार उल मुत्खैरीन – पुस्तक से प्लासी युद्ध का वर्णन मिलता है.
इसके लेखक गुलाम हुसैन।।

▪️ब्लैक होल ट्रेजडी घटना का वर्णन जॉन जैड. हाॅलवेल ने अपने Alive the wonder पेपर में दिया है ।।
ब्लैक होल घटना (Black Hole Tragedy) 1756 की ऐतिहासिक घटना को संदर्भित करती है, जब बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला ने कलकत्ता (अब कोलकाता) पर कब्जा करने के बाद 146 ब्रिटिश कैदियों को एक छोटे से कालकोठरी में बंद कर दिया, जहां गर्मी और दम घुटने से 123 की मौत हो गयी ।और केवल 23 जीवित बचे।। —(हालवेल )
इतिहासकार इस आंकड़े को संदिग्ध बताते है ....
स्टेनले रिपोर्ट के अनुसार 64 कैदी थे.
D. प्रियर 43 कैदी बताते हैं।।

कुछ इतिहासकार जैसे अक्षयकुमार मैत्रेय (Akshay Kumar Maitreya) ने अपनी पुस्तक Sirajuddaula / सिराजुद्दीन में इस घटना को अतिशयोक्तिपूर्ण या मनगढ़ंत बताते हुए सिराजुद्दौला की छवि को साफ किया, यह दावा करते हुए कि समकालीन स्रोतों में इसका कोई प्रमाणिक उल्लेख नहीं है। यह विवाद ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास लेखन का हिस्सा रहा।।
👉Contact paid promotion @Helpersoyalhelper

Share support our group link👉 https://t.me/rasreetgs
❤1