Brahmacharya™ (ब्रह्मचर्य) Celibacy
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The Real Brahmacharya ,The Vital Power

ब्रह्मचर्य पालन के लिए इस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और सबसे बड़ा चैनल

यूट्यूब चैनल लिंक
https://youtube.com/@brahmacharya_official?si=cLLiragp8mrWD00P
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होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

रंगों का त्योहार होली आपके जीवन में खुशियों की बहार लाए।
प्यार, उल्लास और समृद्धि से भरा यह पावन पर्व आपके परिवार में सुख-शांति बनाए रखे।

होली मुबारक!
खुश रहिए, मुस्कुराते रहिए और जिंदगी को रंगीन बनाइए!🏐
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❤23🙏6
वो स्वस्थ है, बलवान है
वीर्य रक्षण का जिसे ज्ञान
है...👌

जॉइन कीजिये:-

http://T.me/Brahmacharya

🌻🌻🌻
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अंधे 👁 को आइना 🤳दिखाना 🤔 ‼️
🙏27❤13👍3
एक दुखद दास्तान


कितना भी समझा दो आज कल के युवा पतन की और ही जाते है , ब्रह्मचर्य शब्द तो उन्हे समझ में ही नही आता ।

वो तो फैशन , सोशल मीडिया , चैटिंग , मूवीज ,वेब सीरीज के चंगुल में इस कदर फंसे है जो बात मत पूछो।

और कोई अच्छी चीज बताए तो उन्हे असहज महसूस होता है ।

जो कोई खुद खाई में गिरना चाहे तो भला कोन रोक सकता है उसे...

पर जो इस पोस्ट को पढ़ रहे है वो विकारों की गंदी खाई में मत गिरना , अरे उठ जाओ

हो गया सो हो गया ,बीत गई सो बात गई

गुलाम नही हो मालिक हो तुम ...

ऊपर से तुम इतनी बड़ी बाते करते हो और अंदर से झांको खुद में कितना कालापन है ??

उस कालेपन को साफ करने का टाइम है अब नही तो बहुत देर हो जायेगी ,खत्म हो जाओगे खत्म ....


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दिव्य विचारों को ग्रहण करे

यह मन ही है जो वास्तव में सभी कार्यों को करता है। आपके मन में एक इच्छा उठती है और फिर आप सोचते हैं। फिर आप कार्य करने के लिए आगे बढ़ें। मन के संकल्प को अमल में लाया जाता है। पहले संकल्प या विचार होता है और फिर क्रिया आती है। इसलिए कामुक विचारों को मन में प्रवेश न करने दें। कोई भी स्थान किसी भी समय खाली नहीं रहता है। यह प्रकृति का नियम है। यदि एक वस्तु एक स्थान से हटा दी जाती है, तो तुरन्त दूसरी वस्तु उसका स्थान लेने आ जाती है। आंतरिक मानसिक जगत के मामले में भी यही नियम लागू होता है।

इसलिए, बुरे विचारों को बदलने के लिए उदात्त दिव्य विचारों का मनोरंजन करना आवश्यक है।

"जैसा आप सोचते हैं, वैसा ही आप बन जाते हैं।" यह अपरिवर्तनीय मनोवैज्ञानिक नियम है। दैवीय विचारों को अपनाकर शातिर मन धीरे-धीरे दैवीय हो जाता है।
❤48👍6🔥1
Keep going with Pure intention....👍

🌺🌺🌺🌺
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तुम हो तो यह जीवन
विष्णु का सुदर्शन और
शिव का त्रिशूल है...
जो तुम नही तो
बिना खुशबू का कोई फूल है...
तुम हो तो यह जीवन
कृष्ण कि भगवद गीता है
वरना जैसे
बिना राम के सीता है...
तुम हो तो यह जीवन पवित्र प्रेम
कि    "शक्ति" है    "भक्ति" है
बिन तुम्हारे तो बस माया कि
आसक्ति है, माया कि आसक्ति है....

नारी शक्ति की जय....💐💐💐
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❤1
🏆🇮🇳 भारत विश्व विजेता!

आज पूरे देश के लिए गर्व का दिन है।
भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया।

हर खिलाड़ी को सलाम और पूरे देश को बधाई..❤️
❤69👍10
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जीवन शक्ति ( वीर्य ) का नाश करना कितना प्राण घातक है 🤯 🆘

अब जागो ✨

युवाओं जागो 🆘

14 से 40 तक की उम्र वालो जागो 🔥

30 दिन के खाने पीने से जितना वीर्य बनाता है वो एक बार काम क्रिया में तबाह हो जाता है !

ये कुकृत्य उस मूर्ख माली की तरह है जो महीने भर फूलों को चुनकर उनका रस निकलता है और महीना पूरे होने पर उससे बने हुए इत्र को गंदी नाली में डाल देता है!

इसी तरह अपनी जीवन शक्ति यानी वीर्य को नाश करना मूर्ख मनुष्य की निशानी है। एक बार खुद को आज जांच लो ,कही मूर्ख माली वाली हालत तो नही है ?

कभी कोई भी आपको ऐसी बातें नहीं बताएगा आज के टाइम जो आपका जीवन बदल दे। ये एक बात सुधार लो सब कुछ सही हो जायेगा । ✅


अनपढ़ भी समझ लेगा , आप तो पढ़े लिखे हो , बीत गया सो बीत गया ,अब अपने अनुभवों से जागो , सही राह पर चलो , वक्त नही है अब और ज्यादा गलती करने का ✅

सोशल Media , इंटरनेट ,विज्ञापन जो दिखा रहा उसके भ्रम में मत फसना , नही तो बस पश्चाताप ही पश्चाताप होगा अंत में , अभी भी वक्त है , उठो ,जागो ,आगे बढ़ो ♾🟢


💫जरूरी टिप्स ✅


डायरी में लिख लो ये बाते और रोज पढ़ो ।

नियमित व्यायाम करो ।

समय के महत्व को जानो

लक्ष्य बना उसकी दिशा में आगे बढ़ो ।

इस चैनल (T.me/Brahmacharya )पर एक बार दिन में जरूर आओ भले ही 5 मिनट

गलत चीज़े मत देखो ।

जल्दी सो जाओ ,जल्दी उठ जाओ

बीती बातें सोच कर खुद को दुख मत दो ।

गिर गए हो तो उठ जाओ , सब सही होगा बस हिम्मत से सही दिशा में आगे बढ़ो 👍

अच्छा कंटेंट शेयर करने में डरा मत करिए आप ✅

आगे और भी अच्छा कंटेंट आने वाला है , अपने भाई बहनों युवा साथियों को जरूर जोड़े इस समूह में , वो आपको पूरी जिंदगी दुआएं देगे। ✨

युवाओं के चरित्र निर्माण में कटिबद्ध टेलीग्राम का सबसे बड़ा ब्रह्मचर्य चैनल ⭐️
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🌷🌷ब्रह्मचर्य के पवित्र पथ पर
चलते रहने,
और वासना मुक्त
रहने के लिये नियमित
प्रार्थना करते रहिए🌷🌷


✨✨✨✨✨✨✨

👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻
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💓 डिप्रेशन की मानसिक समस्या से छुटकारा पाने की अनमोल शिक्षाएं 💓

🤹‍♂️ खुद को सदा व्यस्त रखे🤹‍♀️

_खुद को हलके फुल्के कार्यो में बिजी कर दे जिससे आपका मनोरंजन हो और आपको ख़ुशी मिले।

_जैसे की कोई स्पोर्ट गेम ,अपनी रूचि के अनुसार धार्मिक ,सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले।

🎯 अपना लक्ष्य निर्धारित करे।_ 🎯

_डिप्रेशन का एक कारण सही वक्त पर लक्ष्य पुरे न होना भी होता है। इससे बचने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित करे, बड़े बड़े कार्यो को छोटे छोटे हिस्से में बांटे , कुछ काम की प्राथमिकता निर्धारित करे और ऐसा काम करे जिसकी आपमे पूरी क्षमता हो।

🌐 सामाजिक रूप से सक्रिय हो।🌐

आपके करीबी लोगो के साथ समय बिताये। _किसी भरोसेमंद दोस्त या रिश्तेदार को अपनी गुप्त बातें बताये।_

_अपने आप को सबसे अलग करने की कोशिश न करे और दुसरो को अपनी हेल्प करने दे।_

राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करने से सकारात्मक विचारों को बल मिलता है। पॉवर फूल मेडिटेशन से मन शांत रहता है और मेन्टल स्टेट मेन्टेन रहती है।_ ⏳

_हो सके तो थोड़ी देर खुली हवा में टहले । प्रकृति का प्रभाव हमारे मन और तन दोनों पर पड़ता हैं।_

_ऎसे समय में घर वालो को पूरा सहयोग देना चाहिए। सपोर्ट ,लव और केअर करे।_

🧘🏻‍♂️ सकाश के द्वारा ,पॉजिटिव विचार_ 🧘‍♀️

हम पॉवरफुल मेडिटेशन और स्ट्रांग विल पॉवर से इस समस्या का समाधान कर सकते है।

_डिप्रेशन हमारी खुद की क्रिएशन जिस दिन हम ये ध्यान देने लगेंगे की मुझे इसे खुद से दूर करना है |

_मुझे बहुत एक्टिव बनना है , मुझमे कोई कमी नहीं है, मैं बहुत परफेक्ट हूँ, मेरे अंदर ऐसी कोई कमी नहीं है। में हर जगह स्टैंड कर सकता हूँ।

_तब इस तरह की पॉजिटिव थॉट से हम अपने डिप्रेशन को ख़त्म कर सकते हैं। क्यों , क्योंकि ये नेगेटिव चीज़े जो व्यक्ति सोच रहा होता है हालांकि होता ऐसा कुछ भी नहीं है ऐसी ऐसी बातों को सोच रहा होता है जिसका दूर दूर तक कोई कनेक्शन नहीं होता ।_

_हमें ऐसा लगता है की जैसा हम सोच रहे होते हैं वैसा होने वाला है तो बिलकुल वैसा होता है। क्योंकि जब बहुत बुरा सोचते हैं तो हमारे साथ बुरा होता है क्योंकि जो हम सोचते वही वापिस होता हैं । _

_व्यक्ति पहले से ही अनुमान कर लेता है की ऐसा होने वाला है और होंगे भी तो कैसे किस मार्ग में तो वो हमेशा नेगेटिव में ही लेता है। वो अगर सोचता भी है पहले से किसी चीज़ को सोचता भी तो नेगेटिव ही सोचता है। और फिर वो REALITY में कन्वर्ट होती हैं तो वो डिप्रेशन में चला जाता है और कहता मुझे पता था ये चीज़े ऐसे ही होने वाली थी।

सबसे पहले तो उसे खुद से प्यार करना होगा। खुद पर विश्वास करना होगा की उसके अंदर ऐसी एनर्जी है ऐसी शक्ति है जिसके द्वारा वो हर तरह की परेशानी से मुक्त हो सकता है!

_घर में भी अगर इस तरह का नेगेटिव वातावरण है तब जो डिप्रेशन से जुड़ा व्यक्ति है डिप्रेशन से कभी मुक्त नहीं हो सकता।

_क्योंकि लोग कहते है जो इंसान परेशान होता है वो इंसान कोई ऐसे हैप्पीएस्ट पर्सन से मिले जो बहुत ज्यादा खुशमिजाज़ हो, बहुत ज्यादा जॉय नेचर का हो, बहुत ज्यादा खुशदिल हो, जिसको हँसने की हमेशा आदत हो, हमेशा मुस्कुराता हो। तो हो सकता है की व्यक्ति अगर 5 मिनिट भी उस व्यक्ति के संपर्क में आए तो 24 घंटे में 5 मिनिट वो उस व्यक्ति के साथ हँसेगा ज़रूर।

क्यों क्योंकि डिप्रेशन वाला व्यक्ति ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आता है जो बहुत पॉजिटिव है ,उसको उसकी वाइब्रेशन मिलती है 5 मिनिट खुश होता है और उसको अच्छा फील होता है। क्योंकि पॉजिटिव एनर्जी की यही ख़ास बात है।🌹🇲🇰💖

डिप्रेशन से दूर रहने के लिए ज्वाइन करे 🔜 t.me/Brahmacharya ✅
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🔥🔥🔥🔥

"काम विकार (वासना) का जन्म ही मत होने दो"

एक मनुष्य ने शेर का बच्चा पाला था। बच्चा बहुत गरीब था । एक दिन नींद में वह बच्चा मालिक का बाँया हाथ चाटने लगा। चाटते- चाटते दाँत लग जाने से हाथ का थोड़ा-सा खून निकला। अब बच्चा कान टेढ़ा किये खून चाटने लगा। तकलीफ के मारे मालिक जग पड़ा और अपना हाथ हटाना चाहा। किंचित हाथ हटाते ही शेर एकदम खड़ा हो गया और जाति स्वभावानुसार "गुर्रर्रर्रर्रर्रर्रर्रर्रर्र गर्जन कर उसने हाथ को पंजे के नीचे मजबूती से दबा लिया और फिर रक्त चाटने लगा। मालिक ने सोचा 'अरे बाप रे! अब तो मामला बड़ा बेढब है। यदि मैं इसको और प्यार करूँ तो यह मुझे फाड़ खाये बिना नहीं रहेगा।' उसने निश्चय किया और तुरन्त सन्दूक में से पिस्तौल मँगवाई। पिस्तौल मिलते ही 'रे नमकहराम' ऐसा कहकर तत्काल धड़ाके से गोली छोड़कर उसे मार डाला।

ओ मेरे प्यारे भाईयो और बहनों ! यदि कामरूपी शेर तुम्हारा शोषण करना चाहता हो तो तुम भी उसे फौरन मार डालो। कम से कम 30 वर्ष तक विषय से बिलकुल दूर रहो । उसका स्मरण तक मत करो। क्योंकि पूर्वोक्त नव मैथुनों में से प्रत्येक मैथुन ब्रह्मचर्य का नाशक है।

🆘अन्धे को जैसे शीशा दिखलाना व्यर्थ है, वैसे ही कामान्ध पुरुष को भी उपदेश करना व्यर्थ है। उल्लू तो दिन ही में नहीं देख सकता किन्तु कामान्ध पुरुष डबल उल्लू होता है।

जो विषय अत्यन्त प्रिय व मधुर मालूम होता है और जो परमार्थ मनुष्य का इसी जीवन में अमृत तुल्य फल शान्ति देने वाला और अन्त में मुक्तिप्रद है तथा जिसका आधार ब्रह्मचर्य के ऊपर ही मुख्यतः निर्भर करता है: वह परमार्थ उन्हें विष के समान कडुआ मालूम होता है। जो वास्तव में विष है, उसे अमृत समझना और जो प्रत्यक्ष अमृत है उसे विष समझना, ये घोर पाप के लक्षण है!

यह बात निःसन्देह सत्य है कि जिसे साँप काटता है, उसको मिर्च भी तीती नहीं लगती है और न नीम कड़वी लगती है। परन्तु चीनी उसे बहुत कड़वी लगती है। ठीक यही हालत विषय रूपी सर्प से दंशित पुरुषों की भी समझिये। उन्हें सब उलटी ही बातें सूझती हैं और उनकी दृष्टि में पाप ही पाप भरा रहता है। सभी स्त्रियों की ओर पाप दृष्टि से देखते और इस प्रकार व्यर्थ पाप के भागी बन अन्त में नरक को जाते हैं।

आज, बड़े-बड़े देवस्थानों में भी नाच रङ्ग व व्यभिचार घुस गया है। कई मन्दिरों पर तो भद्दे चित्र भी खुदे हुए हैं। हा! पापी पुरुष क्या नहीं करेंगे। गंगा जी में गर्दन तक डूबे रहने पर भी उनकी पाप-दृष्टि नहीं जाती। देव-दर्शन के बहाने मन्दिरों में और वायु-सेवन के मिस से घाट पर तथा जगह-जगह कई गीध बैठे हुए नित्य दिखाई देते हैं। - धिक्कार है ऐसे नारकी जीवों को!

आभार : ये लेख स्वामी शिवानंद जी द्वारा लिखी गई बुक "ब्रह्मचर्य ही जीवन है !"से लिया गया है ।

ऐसे लेख पढ़ने के लिए टेलीग्राम पर इस लिंक से जुड़े 👇

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*प्रिय साथियों,*

हम सब यहाँ किसी न किसी वजह से जुड़े हैं —
➡️ कोई खुद को बदलना चाहता है,
➡️ कोई मजबूत बनना चाहता है,
➡️ तो कोई अपनी ज़िंदगी को सही दिशा देना चाहता है।

*सच यह है कि*
हमारी ज़िंदगी आज जैसी है,
वह हमारी आदतों का परिणाम है।
और अगर ज़िंदगी बदलनी है,
तो आदतें बदलनी ही होंगी।


गलतियाँ, कमजोरियाँ, गिरावट
उन्हें लेकर खुद को दोष देने का
वह मौका देता है खुद को बदलने का।

अब समय है: ❌ सारी बुरी आदतें छोड़ने का
❌ आलस, वासना, टाइम वेस्ट को अलविदा कहने का

और
✅ अनुशासन अपनाने का
✅ संयम, ब्रह्मचर्य और लक्ष्य के साथ जीने का
✅ एक नई, मजबूत और साफ़ ज़िंदगी शुरू करने का

*🔥 आओ संकल्प लें*
कल से —
नई सोच, नई ऊर्जा और नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

जो बीत गया, उसे यहीं छोड़ देते हैं।
जो बनना है, उसी की ओर अब कदम बढ़ाते हैं।

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📝The Poem : रे मन तू क्या चाहता है?♥️✨


रे मन तू क्या चाहता है ?
साधारण मनुज समझ नही पाता है
भोग विलास तुझे आकर्षित करते
लेकिन अंत मे तू वहां से भी डीग जाता है,


इंद्रियों के क्षणभंगुरसुख में दुनिया को पगलाया है
दैहिक आसक्ति का कैसा ये बाण चलाया है
खींचता है प्रलोभन ख़ुशी सहित जन को
आसक्ति ने उनको फिर बहुत रुलाया है

तू ही बिगाड़ता है काज भटकाकर
फिर तू ही अच्छा करने के उपदेश देता है
कभी माया के रंगीन सपने दिखाता है
तो कभी तू ही वैराग्य का भी संदेश देता है

समझने में समय तो लगता है
क्यूंकि तेरी चाल बड़ी निराली है
लेकिन जो समझ जाएं
जीवन मे उसके सदा खुशहाली है

तेरी अनियंत्रित चाल से ही लोग
भटककर छल करते है
विद्यार्थी अनेक टालमटोल कर
आज के काम को कल करते है

जटिल है तेरी मनमानी समझना लेकिन
प्रयास से साधक इसे सरल करते है
तुझ पर संयम की लगाम रखे जो
वे अपने जीवन को "सफल" करते है

रण तो अपना भी लम्बा चला है
तूने जाने अनजाने मुझे भी खूब छला है
लेकिन अब तू भी समझ गया है
ये अनन्त "मातृशक्ति" की गोद मे पला है

उनकी कृपा से कभी हिम्मत नही हारी है
समझा तेरी "निर्दयी" लीला को
और नाम जप संग व्यायाम के सतत
अभ्यास से अपनी नियति सँवारी है....

रे मन ढूंढ लिया है तेरा ठिकाना भी
अब षड्यंत्र करने पर तुझको जकड़ लेता हूँ
रोककर अपनी सांसो की गति
मैं तेरी गर्दन पकड़ लेता हूँ.....

समय लम्बा लगा तेरा निवास ढूंढने में
लेकिन तू तो श्वासों में छिपा रहता है
प्राण और वीर्य सब इसी से संतुलित है
अब मेरा दिल हरपल यही कहता है....

रे मन तूने खूब चलाया है मुझको
अब मैं भी तुझे चलाऊंगा
एक जीवन पहले था लेकिन
अब ज़िन्दगी अपनी शानदार तुझको दिखाऊंगा....

तेरी गति में चलना मेरे लिये हितकर नही
लेकिन अब मुझ संग चलने पर तेरा भी हित होगा
अब होगा यही आजीवन मनवा
भौतिक विकास संग आद्यात्मिक पथ उन्नत होगा....
आध्यात्मिक पथ उन्नत होगा....


Note:- यहाँ मुझ संग चलना का अर्थ है clarity/ समझ के साथ चलना। और वह समझ है , मन श्वासों की गति से नियंत्रित होता है।

धन्यवाद😊
माध्यम: कृतांत " " अनन्त नीरज....


प्यारे साथियों
यह कविता हमें सिखाती है कि यदि हमारा ध्यान हमारी साँसों पर है तो हमारा मन स्वतः नियंत्रित हो जाएगा, हमारे काम में भी हमारा फोकस बढ़ेगा और हमारी उत्पादक क्षमता बहुत अधिक हो जाएगी, हमारा मन शांत, एकाग्र और आनंदित रहने लगेगा। अतः हमें नियमित 11 गहरी साँसों का अभ्यास अवश्य करना चाहिए, इससे हमारे जीवन में संतुलन, शांति और स्थिरता की प्राप्ति होगी।

माता सरस्वती के आशीर्वाद से मुझे पूर्ण विश्वास है कि जब तक मनुष्य का अस्तित्व है जहां उसके साथ सांस और मन है तब तक यह कविता प्रासंगिक रहेगी....✍️

21 वी सदी हमारी है....
(17 मार्च 2026)

📝ओनली one share For Great Transformation वाइब्स....👍

🌺🌺🌺🌺
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क्या आप अच्छी आदतें अपनाना चाहते है पर उनमें नियमित नहीं बन पा रहे है?🏐

क्या आप स्वयं को मानसिक रूप से मजबूत 🏋️‍♀️और लक्ष्य 🎯 प्रति प्रभावशाली बनना चाहते हैं ? 🔥

अगर ऊपर हां तो इसी दिशा में दिल्ली के समीप मानेसर स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ORC) में 20 से 35 वर्ष तक के युवाओं के लिए एक 3 दिवसीय मेडिटेशन रिट्रीट 🧘 का आयोजन किया जा रहा है। 💎

इस रिट्रीट में ✨
वर्कशॉप , एक्टिविटीज 🏄‍♂️ , मेडिटेशन सेशन 🧘और साथ में रोचक इवेंट्स 🎹🥁 रहेंगी । जो आपको एक नई स्फूर्ति से भर देगी । ✅

🗓 दिनांक : 27 मार्च शाम 5 बजे से 29 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे तक

🔗Free Registration Link 👇
https://tinyurl.com/ylrorc26

(सीट्स सीमित है !)✅ ✔️

ये रिट्रीट केवल 20 से 35 वर्ष तक के युवाओं के लिए ही है । रिट्रीट में आपके भोजन और रुकने की व्यवस्था आयोजको द्वारा ही निःशुल्क की जायेगी। ✅

इस बारे में किसी तरह की कोई भी जानकारी आप @Brahmakumaris_bot पर मैसेज करके पूछ सकते हो । ✅
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🏔️ पर्वत कहता शीश उठाकर,
तुम भी ऊँचे बन जाओ।

🌊 सागर कहता है लहराकर,
मन में गहराई लाओ।

समझ रहे हो क्या कहती हैं
उठ उठ गिर गिर तरल तरंग
भर लो भर लो अपने दिल में
मीठी मीठी मृदुल उमंग!

🌍 पृथ्वी कहती धैर्य न छोड़ो
कितना ही हो सिर पर भार,

🌌 नभ कहता है फैलो इतना
ढक लो तुम सारा संसार!

- सोहनलाल द्विवेदी
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