📝The Poem : रे मन तू क्या चाहता है?♥️✨
रे मन तू क्या चाहता है ?
साधारण मनुज समझ नही पाता है
भोग विलास तुझे आकर्षित करते
लेकिन अंत मे तू वहां से भी डीग जाता है,
इंद्रियों के क्षणभंगुरसुख में दुनिया को पगलाया है
दैहिक आसक्ति का कैसा ये बाण चलाया है
खींचता है प्रलोभन ख़ुशी सहित जन को
आसक्ति ने उनको फिर बहुत रुलाया है
तू ही बिगाड़ता है काज भटकाकर
फिर तू ही अच्छा करने के उपदेश देता है
कभी माया के रंगीन सपने दिखाता है
तो कभी तू ही वैराग्य का भी संदेश देता है
समझने में समय तो लगता है
क्यूंकि तेरी चाल बड़ी निराली है
लेकिन जो समझ जाएं
जीवन मे उसके सदा खुशहाली है
तेरी अनियंत्रित चाल से ही लोग
भटककर छल करते है
विद्यार्थी अनेक टालमटोल कर
आज के काम को कल करते है
जटिल है तेरी मनमानी समझना लेकिन
प्रयास से साधक इसे सरल करते है
तुझ पर संयम की लगाम रखे जो
वे अपने जीवन को "सफल" करते है
रण तो अपना भी लम्बा चला है
तूने जाने अनजाने मुझे भी खूब छला है
लेकिन अब तू भी समझ गया है
ये अनन्त "मातृशक्ति" की गोद मे पला है
उनकी कृपा से कभी हिम्मत नही हारी है
समझा तेरी "निर्दयी" लीला को
और नाम जप संग व्यायाम के सतत
अभ्यास से अपनी नियति सँवारी है....
रे मन ढूंढ लिया है तेरा ठिकाना भी
अब षड्यंत्र करने पर तुझको जकड़ लेता हूँ
रोककर अपनी सांसो की गति
मैं तेरी गर्दन पकड़ लेता हूँ.....
समय लम्बा लगा तेरा निवास ढूंढने में
लेकिन तू तो श्वासों में छिपा रहता है
प्राण और वीर्य सब इसी से संतुलित है
अब मेरा दिल हरपल यही कहता है....
रे मन तूने खूब चलाया है मुझको
अब मैं भी तुझे चलाऊंगा
एक जीवन पहले था लेकिन
अब ज़िन्दगी अपनी शानदार तुझको दिखाऊंगा....
तेरी गति में चलना मेरे लिये हितकर नही
लेकिन अब मुझ संग चलने पर तेरा भी हित होगा
अब होगा यही आजीवन मनवा
भौतिक विकास संग आद्यात्मिक पथ उन्नत होगा....
आध्यात्मिक पथ उन्नत होगा....
Note:- यहाँ मुझ संग चलना का अर्थ है clarity/ समझ के साथ चलना। और वह समझ है , मन श्वासों की गति से नियंत्रित होता है।
धन्यवाद😊
माध्यम: कृतांत " " अनन्त नीरज....
प्यारे साथियों
यह कविता हमें सिखाती है कि यदि हमारा ध्यान हमारी साँसों पर है तो हमारा मन स्वतः नियंत्रित हो जाएगा, हमारे काम में भी हमारा फोकस बढ़ेगा और हमारी उत्पादक क्षमता बहुत अधिक हो जाएगी, हमारा मन शांत, एकाग्र और आनंदित रहने लगेगा। अतः हमें नियमित 11 गहरी साँसों का अभ्यास अवश्य करना चाहिए, इससे हमारे जीवन में संतुलन, शांति और स्थिरता की प्राप्ति होगी।
माता सरस्वती के आशीर्वाद से मुझे पूर्ण विश्वास है कि जब तक मनुष्य का अस्तित्व है जहां उसके साथ सांस और मन है तब तक यह कविता प्रासंगिक रहेगी....✍️
21 वी सदी हमारी है....
(17 मार्च 2026)
📝ओनली one share For Great Transformation वाइब्स....👍
🌺🌺🌺🌺
रे मन तू क्या चाहता है ?
साधारण मनुज समझ नही पाता है
भोग विलास तुझे आकर्षित करते
लेकिन अंत मे तू वहां से भी डीग जाता है,
इंद्रियों के क्षणभंगुरसुख में दुनिया को पगलाया है
दैहिक आसक्ति का कैसा ये बाण चलाया है
खींचता है प्रलोभन ख़ुशी सहित जन को
आसक्ति ने उनको फिर बहुत रुलाया है
तू ही बिगाड़ता है काज भटकाकर
फिर तू ही अच्छा करने के उपदेश देता है
कभी माया के रंगीन सपने दिखाता है
तो कभी तू ही वैराग्य का भी संदेश देता है
समझने में समय तो लगता है
क्यूंकि तेरी चाल बड़ी निराली है
लेकिन जो समझ जाएं
जीवन मे उसके सदा खुशहाली है
तेरी अनियंत्रित चाल से ही लोग
भटककर छल करते है
विद्यार्थी अनेक टालमटोल कर
आज के काम को कल करते है
जटिल है तेरी मनमानी समझना लेकिन
प्रयास से साधक इसे सरल करते है
तुझ पर संयम की लगाम रखे जो
वे अपने जीवन को "सफल" करते है
रण तो अपना भी लम्बा चला है
तूने जाने अनजाने मुझे भी खूब छला है
लेकिन अब तू भी समझ गया है
ये अनन्त "मातृशक्ति" की गोद मे पला है
उनकी कृपा से कभी हिम्मत नही हारी है
समझा तेरी "निर्दयी" लीला को
और नाम जप संग व्यायाम के सतत
अभ्यास से अपनी नियति सँवारी है....
रे मन ढूंढ लिया है तेरा ठिकाना भी
अब षड्यंत्र करने पर तुझको जकड़ लेता हूँ
रोककर अपनी सांसो की गति
मैं तेरी गर्दन पकड़ लेता हूँ.....
समय लम्बा लगा तेरा निवास ढूंढने में
लेकिन तू तो श्वासों में छिपा रहता है
प्राण और वीर्य सब इसी से संतुलित है
अब मेरा दिल हरपल यही कहता है....
रे मन तूने खूब चलाया है मुझको
अब मैं भी तुझे चलाऊंगा
एक जीवन पहले था लेकिन
अब ज़िन्दगी अपनी शानदार तुझको दिखाऊंगा....
तेरी गति में चलना मेरे लिये हितकर नही
लेकिन अब मुझ संग चलने पर तेरा भी हित होगा
अब होगा यही आजीवन मनवा
भौतिक विकास संग आद्यात्मिक पथ उन्नत होगा....
आध्यात्मिक पथ उन्नत होगा....
Note:- यहाँ मुझ संग चलना का अर्थ है clarity/ समझ के साथ चलना। और वह समझ है , मन श्वासों की गति से नियंत्रित होता है।
धन्यवाद😊
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प्यारे साथियों
यह कविता हमें सिखाती है कि यदि हमारा ध्यान हमारी साँसों पर है तो हमारा मन स्वतः नियंत्रित हो जाएगा, हमारे काम में भी हमारा फोकस बढ़ेगा और हमारी उत्पादक क्षमता बहुत अधिक हो जाएगी, हमारा मन शांत, एकाग्र और आनंदित रहने लगेगा। अतः हमें नियमित 11 गहरी साँसों का अभ्यास अवश्य करना चाहिए, इससे हमारे जीवन में संतुलन, शांति और स्थिरता की प्राप्ति होगी।
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🏔️ पर्वत कहता शीश उठाकर,
तुम भी ऊँचे बन जाओ।
🌊 सागर कहता है लहराकर,
मन में गहराई लाओ।
समझ रहे हो क्या कहती हैं
उठ उठ गिर गिर तरल तरंग
भर लो भर लो अपने दिल में
मीठी मीठी मृदुल उमंग!
🌍 पृथ्वी कहती धैर्य न छोड़ो
कितना ही हो सिर पर भार,
🌌 नभ कहता है फैलो इतना
ढक लो तुम सारा संसार!
- सोहनलाल द्विवेदी
तुम भी ऊँचे बन जाओ।
🌊 सागर कहता है लहराकर,
मन में गहराई लाओ।
समझ रहे हो क्या कहती हैं
उठ उठ गिर गिर तरल तरंग
भर लो भर लो अपने दिल में
मीठी मीठी मृदुल उमंग!
🌍 पृथ्वी कहती धैर्य न छोड़ो
कितना ही हो सिर पर भार,
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ढक लो तुम सारा संसार!
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जो कभी रोशनी दूर तक ना दिखें
जिंदगी में कभी जिंदगी कम लगे
जो कभी आदमी से डरे आदमी
जो दिलों में कभी
प्यार की हो कमी
भटके ना तेरा इंसा
भटके ना तेरा इंसा
कोई रस्ता निकाल लेना
मालिक संभाल लेना
हमको संभाल लेना
हिम्मत हमें तू देना
मालिक संभाल लेना
मेहनतों पे जिएं
भागे और दौड़े हम
ज़िंदा है जब तलक
जीना ना छोड़े हम
और कभी जो लगे रौनकें खो गई
भेजना पेड़ों पर पत्तियां तू नई
सुनसान डालियों पे
सुनसान डालियों पे
परिंदे उतार देना
मालिक संभाल लेना
हमको संभाल लेना
हिम्मत हमें तू देना
मालिक संभाल लेना
मालिक संभाल लेना
हमको संभाल लेना
हिम्मत हमें तू देना
मालिक संभाल लेना
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अब लिंक एक्टिवेट हो गया है , सभी कर लीजिए रजिस्टर 👍
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किसी महान व्यक्ति ने कहा है कि "यह जीवन एक युद्ध है और आपकी वीर्य शक्ति आपकी सेना है अतः इसकी रक्षा और सदुपयोग करे। यह आपको विजयी बनाएगी....
Never give up
सर्वे भवन्तु सुखिनः....✍️
🌺🌺🌺🌺
Never give up
सर्वे भवन्तु सुखिनः....✍️
🌺🌺🌺🌺
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⚜ HOW TO BE MENTALLY STRONG
1. Don't fear alone time.
2. Dont dwell on the past.
3. Don't feel the world owes you.
4. Don't expet immediate result.
5. Don't worry about pleasing everyone
6. Don't waste time feling sory for yourself.
7. Dont waste energy on things you cant control
8. Don't let others infiluence your emotions.
9. Don't resent on other people's success.
10. Don't shy away from responsibilities.
11. Dont give up after the first failure.
12. Dont fear taking calculated risks.
....Read more
1. Don't fear alone time.
2. Dont dwell on the past.
3. Don't feel the world owes you.
4. Don't expet immediate result.
5. Don't worry about pleasing everyone
6. Don't waste time feling sory for yourself.
7. Dont waste energy on things you cant control
8. Don't let others infiluence your emotions.
9. Don't resent on other people's success.
10. Don't shy away from responsibilities.
11. Dont give up after the first failure.
12. Dont fear taking calculated risks.
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