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ब्रह्मचर्य का महत्व 💙
संसार में सबसे भयंकर वस्तु क्या है? संसार में ऐसी कौन सी वस्तु है जिसका नाम सुनते ही बड़े बड़े-बड़े योद्धा भी भयभीत होकर कांपने और थर्राने लगते हैं? उत्तर है मृत्यु। इस मृत्यु का नाम सुनकर विश्वविजेता नैपोलियन बोनापार्ट कांप उठता था। मृत्यु को अपने समक्ष उपस्थित देखकर महमूद ग़ज़नवी का हृदय दहल गया था। मृत्यु का समय निकट जानकर सिकंदर महान् के छक्के छूट गए थे। परंतु मृत्यु ब्रह्मचारी का कुछ नहीं बिगाड़ सकती ब्रह्मचारी हंसते और मुस्कुराते हुए मृत्यु का आलिंगन करता है। सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल को जब फांसी दी जाने लगी तो उनसे पूछा गया-"आपकी अंतिम इच्छा क्या है?" उन्होंने निर्भयतापूर्वक उत्तर दिया- "I wish the downfall of British Empire." मैं अंग्रेजी राज्य का सर्वनाश चाहता हूं यही मेरी अंतिम इच्छा है। यह कहकर उन्होंने हंसते और मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे को अपने गले में डाल लिया।
@brahmacharya
वैदिक धर्मोद्धारक, क्रांति के अग्रदूत, आदित्य ब्रह्मचारी महर्षि दयानन्द के पावन चरित्र को कौन नहीं जानता! जीवन के अंतिम समय में महर्षि को कालकूट विष दिया गया। वह विष इतना घातक एवं भयंकर था कि किसी साधारण व्यक्ति को दिया जाता तो 1 या 2 मिनट में ही उसका प्राणान्त हो जाता, परंतु वाह रे महर्षि! आप उस हलाहल विष का पान करके भी एक मास तक शरीर धारण किए रहे। महर्षि के शरीर के अंगों से नहीं रोम-रोम से विष फूट निकला था, आंखों की पुतलियों तक पर छाले हो गए थे। जो उन्हें देखते थे उनकी सहनशक्ति की सराहना करते थे। अत्यंत भयंकर वेदना होते हुए भी महर्षि मुख से आह तक नहीं निकालते थे। मृत्यु आती थी परंतु वह ठोकर लगा कर उसे दूर धकेल देते थे। एक मास तक उन्होंने मृत्यु को दूर ही रखा दीपावली के दिन क्षौरकर्म कराया, फिर स्नान आदि से निवृत्त होकर t.me/brahmacharya ईश्वर-स्तुति-प्रार्थना-उपासना के मंत्रों का गान किया और 'हे ईश्वर! तेरी इच्छा पूर्ण हो, तूने अच्छी लीला की' कह कर अपने प्राणों को त्याग दिया। उन्होंने हंसते-हंसते मृत्यु का आलिंगन किया।
भारतवर्ष का ऐसा कौन व्यक्ति होगा जो भीष्म पितामह के नाम से अपरिचित हो? आप अपने पिता की एक छोटी सी इच्छा को पूर्ण करने के लिए आजीवन ब्रह्मचारी रहे। इस ब्रम्हचर्य का ही प्रभाव था कि कौरवपांडवयुद्ध में 172 वर्ष के भीष्म पितामह प्रतिदिन 10 सहस्र सेना का संहार करके अपने शिविर में लौटते थे। उनकी तीखी मार से पांडव विचलित हो गए। दसवें दिन शिखंडी को आगे करके अर्जुन ने उनके ऊपर वह बाणदृष्टि की कि उनके सारे शरीर को गोद डाला। उनके शरीर का 1 इंच स्थान भी ऐसा नहीं जहां तीर न लगे हों। जब वे शरशय्या पर गिर गए तो उन्होंने पूछा सूर्य दक्षिणायन है या उत्तरायण उन्हें बताया गया कि इस समय सूर्य दक्षिणायन है उन्होंने फिर पूछा सूर्य को उत्तरायण आने में कितना समय लगेगा वहां उपस्थित लोगों ने बताया-"72 दिन।" भीष्म जी ने कहा-"अच्छा, जब तक सूर्य उत्तरायण में नहीं आ जाएगा तब तक मैं अपने प्राण नहीं छोडूंगा।" इतिहास इस बात का साक्षी है कि भीष्म पितामह 72 दिन तक अपने प्राणों को रोके रहे और शरशय्या पर लेटे हुए पांडवों को मनोहर उपदेश भी देते रहे। यह है ब्रह्मचर्य का प्रबल प्रताप!
वेद का संदेश है-
ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघनत। (अथर्व० ११|५|१९)
ब्रह्मचर्य रूपी तप के द्वारा विद्वान् लोग मृत्यु को भी मार भगाते हैं। महर्षि दयानंद और भीष्म पितामह के उदाहरण हैं।
साभार:- ब्रह्मचर्य गौरव, लेखक स्वामी जगदीश्वरानंद सरस्वती✅
संसार में सबसे भयंकर वस्तु क्या है? संसार में ऐसी कौन सी वस्तु है जिसका नाम सुनते ही बड़े बड़े-बड़े योद्धा भी भयभीत होकर कांपने और थर्राने लगते हैं? उत्तर है मृत्यु। इस मृत्यु का नाम सुनकर विश्वविजेता नैपोलियन बोनापार्ट कांप उठता था। मृत्यु को अपने समक्ष उपस्थित देखकर महमूद ग़ज़नवी का हृदय दहल गया था। मृत्यु का समय निकट जानकर सिकंदर महान् के छक्के छूट गए थे। परंतु मृत्यु ब्रह्मचारी का कुछ नहीं बिगाड़ सकती ब्रह्मचारी हंसते और मुस्कुराते हुए मृत्यु का आलिंगन करता है। सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल को जब फांसी दी जाने लगी तो उनसे पूछा गया-"आपकी अंतिम इच्छा क्या है?" उन्होंने निर्भयतापूर्वक उत्तर दिया- "I wish the downfall of British Empire." मैं अंग्रेजी राज्य का सर्वनाश चाहता हूं यही मेरी अंतिम इच्छा है। यह कहकर उन्होंने हंसते और मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे को अपने गले में डाल लिया।
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वैदिक धर्मोद्धारक, क्रांति के अग्रदूत, आदित्य ब्रह्मचारी महर्षि दयानन्द के पावन चरित्र को कौन नहीं जानता! जीवन के अंतिम समय में महर्षि को कालकूट विष दिया गया। वह विष इतना घातक एवं भयंकर था कि किसी साधारण व्यक्ति को दिया जाता तो 1 या 2 मिनट में ही उसका प्राणान्त हो जाता, परंतु वाह रे महर्षि! आप उस हलाहल विष का पान करके भी एक मास तक शरीर धारण किए रहे। महर्षि के शरीर के अंगों से नहीं रोम-रोम से विष फूट निकला था, आंखों की पुतलियों तक पर छाले हो गए थे। जो उन्हें देखते थे उनकी सहनशक्ति की सराहना करते थे। अत्यंत भयंकर वेदना होते हुए भी महर्षि मुख से आह तक नहीं निकालते थे। मृत्यु आती थी परंतु वह ठोकर लगा कर उसे दूर धकेल देते थे। एक मास तक उन्होंने मृत्यु को दूर ही रखा दीपावली के दिन क्षौरकर्म कराया, फिर स्नान आदि से निवृत्त होकर t.me/brahmacharya ईश्वर-स्तुति-प्रार्थना-उपासना के मंत्रों का गान किया और 'हे ईश्वर! तेरी इच्छा पूर्ण हो, तूने अच्छी लीला की' कह कर अपने प्राणों को त्याग दिया। उन्होंने हंसते-हंसते मृत्यु का आलिंगन किया।
भारतवर्ष का ऐसा कौन व्यक्ति होगा जो भीष्म पितामह के नाम से अपरिचित हो? आप अपने पिता की एक छोटी सी इच्छा को पूर्ण करने के लिए आजीवन ब्रह्मचारी रहे। इस ब्रम्हचर्य का ही प्रभाव था कि कौरवपांडवयुद्ध में 172 वर्ष के भीष्म पितामह प्रतिदिन 10 सहस्र सेना का संहार करके अपने शिविर में लौटते थे। उनकी तीखी मार से पांडव विचलित हो गए। दसवें दिन शिखंडी को आगे करके अर्जुन ने उनके ऊपर वह बाणदृष्टि की कि उनके सारे शरीर को गोद डाला। उनके शरीर का 1 इंच स्थान भी ऐसा नहीं जहां तीर न लगे हों। जब वे शरशय्या पर गिर गए तो उन्होंने पूछा सूर्य दक्षिणायन है या उत्तरायण उन्हें बताया गया कि इस समय सूर्य दक्षिणायन है उन्होंने फिर पूछा सूर्य को उत्तरायण आने में कितना समय लगेगा वहां उपस्थित लोगों ने बताया-"72 दिन।" भीष्म जी ने कहा-"अच्छा, जब तक सूर्य उत्तरायण में नहीं आ जाएगा तब तक मैं अपने प्राण नहीं छोडूंगा।" इतिहास इस बात का साक्षी है कि भीष्म पितामह 72 दिन तक अपने प्राणों को रोके रहे और शरशय्या पर लेटे हुए पांडवों को मनोहर उपदेश भी देते रहे। यह है ब्रह्मचर्य का प्रबल प्रताप!
वेद का संदेश है-
ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघनत। (अथर्व० ११|५|१९)
ब्रह्मचर्य रूपी तप के द्वारा विद्वान् लोग मृत्यु को भी मार भगाते हैं। महर्षि दयानंद और भीष्म पितामह के उदाहरण हैं।
साभार:- ब्रह्मचर्य गौरव, लेखक स्वामी जगदीश्वरानंद सरस्वती
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Aaj ka Task
Kal jo post bheja tha usse 2 baar padhna hai💙
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साथियों , बहुत ज्यादा युवा मोबाइल में अश्लील कंटेंट (गंदी वीडियो) देखने की गलत आदत का शिकार है और चाहकर भी इससे बाहर नहीं आ पा रहे है ।
आप अगले 21 दिन इस चैनल की सभी पोस्ट को पढ़ें ,दिए गए टास्क को पूरा करे तो आपको इसमें राहत मिलेगी ! इससे बाहर आने के कई कारगर तरीके एवं प्रैक्टिकल टिप्स आपको बताए जाएंगे ।
आप इस लत से बाहर आ सकते है । आपका सबसे ज्यादा टाइम और ऊर्जा इस नीच काम में लग रही है । अब इससे बाहर आना है किसी भी हाल में ।
हिम्मत नहीं हारनी है ।✔️
आप अगले 21 दिन इस चैनल की सभी पोस्ट को पढ़ें ,दिए गए टास्क को पूरा करे तो आपको इसमें राहत मिलेगी ! इससे बाहर आने के कई कारगर तरीके एवं प्रैक्टिकल टिप्स आपको बताए जाएंगे ।
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हिम्मत नहीं हारनी है ।
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अभी रुको मत , बार बार हार हो रही है तो भी उठ खड़े हो जाओ, पुरानी आदत है , थोड़ा टाइम लगेगा , इसलिए तुम रुको मत , आगे बढ़ते रहो ! 🔥
गलत आदते छोड़ने के 21 दिन के चैलेंज में हिस्सा लेवे 👇
t.me/brahmacharya पर✔️
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जिन्होंने ब्रह्मचर्य पालन शुरू किया है उनके लिए अग्निदेव जी की 2 पंक्तियां 🔥
आज का टिप्स : ब्रह्मचर्य के बारे में हर दिन कुछ ना कुछ जरूर पढ़ो चाहे 5 मिनट ही क्यों ना पढ़ो, लेकिन पढ़ो जरूर । इस चैनल में 5 मिनट हर दिन बिताओ , हर गंदी आदत से मुक्त होने से कोई नहीं रोक पाएगा आपको ❤️💙
आज का टिप्स : ब्रह्मचर्य के बारे में हर दिन कुछ ना कुछ जरूर पढ़ो चाहे 5 मिनट ही क्यों ना पढ़ो, लेकिन पढ़ो जरूर । इस चैनल में 5 मिनट हर दिन बिताओ , हर गंदी आदत से मुक्त होने से कोई नहीं रोक पाएगा आपको ❤️
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📝मन डोरी है, तन रूपी पतंग कि♥️💫
अर्थात
हम जितना अधिक नियंत्रण अपने मन पर रखेंगे । उतना ही अधिक उसे मित्र रूप में पाएंगे। और जहां उसकी गुलामी करेंगे। वहीँ उसे अपना शत्रु पाएंगे✅
अतःहमें मन को लक्ष्य पर एकाग्र करने के लिये कुछ कार्यो को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के बारे में विचार करना चाहियें । यह निम्न है:-
🎖️ध्यान : यह बहुत सहायता करेगा। मन की सारी ऊर्जा को एक महान लक्ष्य से जोड़ने में...💫
🎖️21 संकल्प: आप जो चाहते है वह संकल्प 21 बार पूर्ण विश्वास से करे। तब उनका सकारात्मक प्रभाव आपको जीवन में नज़र आएगा। और मन उसी दिशा में गति करने के लिये प्रेरित होगा...💫
🎖️स्वाध्याय:- दुनिया को कुछ भी बड़ा देने के लिये हमें खुद को जानना ज़रूरी है। खुद की ताकत और कमज़ोरियों को जानकर हम उसमें सुधार कर सकते है। अतः हमनें अब तक जो भी छोटी बड़ी गलतियां जो अपने जीवन में की है, उन्हें एक डायरी में लिख ले। औऱ उनका गहरा विश्लेषण करें। जहाँ ज़रूरी लगें वहां ख़ुद से प्रश्न भी कर सकते है👈
फिर उनसे सीख लेकर एक निष्कर्ष के साथ आगे बढ़ते जाए। सदा ध्यान रहें हमारी ठोकरें भी हमारी गुरु होती है...💫
🎖️आप ब्रह्मचर्य चैनल से टेलीग्राम पर अवश्य जुड़े। यह आपके पवित्र, सुखी व चरित्रवान जीवन के लिये हर दिन आपको दिशा देता है,और देता रहेगा। ताकि आप आत्मविश्वास भरा एक प्रेरणादायीं जीवन जी सके...💫
🆘 आज के लिये आपका टास्क है:-
आप यह Post एक व्यक्ति के साथ ज़रूर साझा करें। ताकि सबको इस अच्छाई से जुड़ने का मौका मिले।
📝आप इस link पर क्लिक कर जुड़ सकते है:-
http://T.me/brahmacharya
अच्छाई बाँटने से और गुना होकर हमारे जीवन में आती है, अतः
ओनली ONE share For Pure vibes😊
🏐 🏐 🏐
अर्थात
हम जितना अधिक नियंत्रण अपने मन पर रखेंगे । उतना ही अधिक उसे मित्र रूप में पाएंगे। और जहां उसकी गुलामी करेंगे। वहीँ उसे अपना शत्रु पाएंगे
अतःहमें मन को लक्ष्य पर एकाग्र करने के लिये कुछ कार्यो को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के बारे में विचार करना चाहियें । यह निम्न है:-
🎖️ध्यान : यह बहुत सहायता करेगा। मन की सारी ऊर्जा को एक महान लक्ष्य से जोड़ने में...
🎖️21 संकल्प: आप जो चाहते है वह संकल्प 21 बार पूर्ण विश्वास से करे। तब उनका सकारात्मक प्रभाव आपको जीवन में नज़र आएगा। और मन उसी दिशा में गति करने के लिये प्रेरित होगा...
🎖️स्वाध्याय:- दुनिया को कुछ भी बड़ा देने के लिये हमें खुद को जानना ज़रूरी है। खुद की ताकत और कमज़ोरियों को जानकर हम उसमें सुधार कर सकते है। अतः हमनें अब तक जो भी छोटी बड़ी गलतियां जो अपने जीवन में की है, उन्हें एक डायरी में लिख ले। औऱ उनका गहरा विश्लेषण करें। जहाँ ज़रूरी लगें वहां ख़ुद से प्रश्न भी कर सकते है👈
फिर उनसे सीख लेकर एक निष्कर्ष के साथ आगे बढ़ते जाए। सदा ध्यान रहें हमारी ठोकरें भी हमारी गुरु होती है...
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Why You Should Never Masturbate.pdf
35 MB
युवाओं की सबसे बड़ी बीमारी के ऊपर अति दुर्लभ किताब ✅
कभी भी हस्तमै*थून (Mast*erbate) क्यों नहीं करना चाहिए ?
Why You Should Never Master*bate?❌
हस्तमै*थुन की लत से कैसे बाहर आएं?
इस विषय पर दुनिया की सबसे शानदार किताबों में से एक✔️
🔺 भाषा : अंग्रेजी (English) लेकिन आप अनुवाद कर सकते हो और AI की हेल्प लेकर इसको आसानी से समझ सकते हो । समझना है इसे अच्छे से अगर जरा भी इसकी चपेट में आए हो तो !
पेज :396
सावधानी : जो इस लत से मुक्त है वो ये किताब न पढ़े ।🙅♂️
टेलीग्राम पर ऐसी बाकी किताबें👇
https://t.me/+RCBOO24o4PS1h2mj
कभी भी हस्तमै*थून (Mast*erbate) क्यों नहीं करना चाहिए ?
Why You Should Never Master*bate?
हस्तमै*थुन की लत से कैसे बाहर आएं?
इस विषय पर दुनिया की सबसे शानदार किताबों में से एक
पेज :396
सावधानी : जो इस लत से मुक्त है वो ये किताब न पढ़े ।
टेलीग्राम पर ऐसी बाकी किताबें👇
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❤23🙏3💯2👍1
🌷चेहरे पर मुँहासे ,
नेत्रों के चतुर्दिक नीली रेखाएँ,
दाढ़ी का अभाव,
धँसे हुए नेत्र,
रक्तक्षीणता से पीला चेहरा,
स्मृतिनाश,
दृष्टि की क्षीणता,🙂↕️
मूत्र के साथ वीर्यस्खलन,
दुर्बलता,
आलस्य,
उदासी,
हृदय-कम्प,
शिरोवेदना,
संधि-पीड़ा,
दुर्बल वृक्क,
निद्रा में मूत्र निकल जाना,
मानसिक अस्थिरता,
विचारशक्ति का अभाव,
दुःस्वप्न,
स्वप्नदोष
मानसिक अशांति।
और नुकसान यहां से पढ़े 👇
T.me/brahmacharya
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❤54👍10💯3