ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ)
1.86K subscribers
1.47K photos
62 videos
13 files
271 links
ब्रम्हचर्य पालन करने वालो के लिये विश्व का सर्वोत्तम टेलिग्राम चॅनल,
यहा पर आपको ब्रम्हचर्य के बारे मैं सटीक और सही जानकारी मिलेगी लेख, pdf और पुस्तके |
इस भारतवर्ष मैं फिर से ब्रम्हचर्य की महिमा का परिचय सबको कराये यही हमारा उद्देश है|
#hastag
Download Telegram
भोजन के उपरान्त घूमना, टहलना चाहिए अथवा बिस्तर पर लेटकर आराम करना चाहिए ?

भोजन ग्रहण करने के पश्चात् कम से कम सौ से पाँच सौ कदम चलना अति आवश्यक है। चलने से भोजन यदि आहारनाल में कही थोड़ा बहुत फंसा भी होता है तो वह आसानी से पेट में पहुँच जाता है। जबकि सोने से उसी स्थान पर रुका रह जाता है। भोजन करके आहार नाम में कभी-कभी समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। भोजन करके तुरन्त सोने से कई प्रकार के रोग उत्पन्न हो सकते हैं और बैठे रहने से पेट बढ़ जाता है।

#sanatandharma
#celibacyquestionanswer
#Celibacy

KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪

Share✅
Join✅
Support Us✅

https://t.me/bramachrya01
👍1
🔰Note:-ब्रह्मचर्य क्या है??
क्यों जरूरी है?

1. सामान्य अर्थ में तो सर्वोत्तम आचरण,और दिव्य दिनचर्या का व्यवहार ही ब्रह्मचर्य है। ✅

2. लेकिन शास्त्रानुसार मन, वचन और कर्म l यानी व्यवहार से पूरी तरह वासना और अश्लीलता के चिंतन का त्याग ही ब्रह्मचर्य है। ✅
क्योंकि तभी आपकी जीवनी शक्ति , जो सन्तान के निर्माण में उपयोगी होती है। वह व्यर्थ होने से बचकर,आपको बहुत सुंदर, पवित्र और बलशाली बनाती है l✅

3. जिस सन्तान को हम ईश्वर का उपहार कहते है। भला उसे खेल-खेल में नष्ट करना कितना उचित है???🤔

4. जिस कार्य को करने के बाद मुर्दा लाश जैसे पड़े होकर, सिर्फ पश्चाताप करे??🤔
क्या वह कभी आपका भला कर सकता है??खुद विचार कीजिये।🤔

दुर्भाग्य है देश का। जिसमें 40 करोड़ युवा तो है। लेकिन बहुत बड़ी संख्या में अश्लील फिल्मों में डूबकर अपनी शक्ति को जाने अनजाने नाली में बहा रहे है।😌😌😌

खुद में थोड़ा अब झांकिए l✅
🔰महापुरुष कह गए है, कि अनुभवों से प्राप्त ज्ञान ही सच्चा ज्ञान है l👍

🔰सम्भव है आपके एक share से किसी को इन बुरी आदतों से बाहर निकलने के लिये सही ज्ञान मिल जाय l✅
ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ) pinned «भोजन के उपरान्त घूमना, टहलना चाहिए अथवा बिस्तर पर लेटकर आराम करना चाहिए ? भोजन ग्रहण करने के पश्चात् कम से कम सौ से पाँच सौ कदम चलना अति आवश्यक है। चलने से भोजन यदि आहारनाल में कही थोड़ा बहुत फंसा भी होता है तो वह आसानी से पेट में पहुँच जाता है। जबकि सोने…»
🙏🙏🙏🙏🙏

“अवसर “और “सूर्योदय “

जल्दी जागने वालो को ही

दिखाई पड़ती हैं

देर से जागने वाले अक्सर इसे

खो दिया करते हैं।



#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy

KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪

Share✅
Join✅
Support Us✅

https://t.me/bramachrya01
"हस्तमैथुन" तो पशु भी नही करते
क्या इंसान पशुओं से भी गिरा हुआ है
विचार करें ....


#bramhachryamotivation
#Celibacy

KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪

Share✅
Join✅
Support Us✅

https://t.me/bramachrya01
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
दसवा अध्याय
श्लोक ६
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
दसवा अध्याय
श्लोक ७
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
भोजन के तुरन्त बाद पानी पीना चाहिए या नहीं?

भोजन के (30 मिनट) पहले पानी पीना अमृत समान है और भोजन के बाद पानी पीना विष के समान है, अतः भोजन करने के घंटे पश्चात् ही पानी पियें।
वैज्ञानिक कारण भोजन करने के पश्चात् शरीर में एक प्रकार की ऊष्णता (गर्मी) का अनुभव करते हैं। ऐसा क्यों? क्योंकि अन्न में गर्मी होती है और वह गर्मी पेट में भोजन के माध्यम से पहुँचती है। जठराग्नि उस भोजन को पचाने के कार्य में लग जाती है तथा अन्न की गर्मी से उत्पन्न गैस अपने मार्गों से बाहर निकलती है जबकि तुरन्त बाद पानी पीने से निकलने वाली ऊष्णता पानी की शीतलता से दब जाती है और बाद में अनेक प्रकार के विकार रोगों के रूप में उत्पन्न होते हैं।

#sanatandharma
#celibacyquestionanswer
#Celibacy

KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪

Share✅
Join✅
Support Us✅

https://t.me/bramachrya01
ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ) pinned «भोजन के तुरन्त बाद पानी पीना चाहिए या नहीं? भोजन के (30 मिनट) पहले पानी पीना अमृत समान है और भोजन के बाद पानी पीना विष के समान है, अतः भोजन करने के घंटे पश्चात् ही पानी पियें। वैज्ञानिक कारण भोजन करने के पश्चात् शरीर में एक प्रकार की ऊष्णता (गर्मी) का अनुभव…»
ब्राह्ममुहूर्त में उठने से होती है।

जो लोग ब्राह्ममुहूर्त में भी सोते रहते हैं और उम्रलायक लड़के (14 वर्ष से बड़े) यदि सावधान न रहे तो उनका जो वीर्य है वह स्खलित हो जाता है, ओज-तेज क्षीण हो जाता है। ब्राह्ममुहूर्त में उठने से वीर्यरक्षा होती है। जिस समय नक्षत्र दिखते हों, तारे दिखते हों उस समय नहा लेना चाहिए।

               - पूज्य बापूजी

योग व उच्च संस्कार साहित्य से
ओज क्या होता है?
शरीर की सभी धातुएं जब पुष्ट होकर वीर्य में बदलती है तब वह वीर्य हमारे अंडकोष के आस पास रहता है अर्थात उसका प्रवाह नीचे की तरफ होता है। प्रतिदिन के व्यायाम, प्राणायाम से जब नाड़ियां शुद्ध होकर समस्त अंगों को प्राण पहुचाती है तब वीर्य खपना आरम्भ होता है।

तब वह उर्ध्वगामी होने लगता है और ऊपर मष्तिष्क की ओर चढ़ता है। फिर वीर्य तेज में बदल जाता है और सभी अङ्गों को दैदीप्यमान कर देता है।

प्राण वायु द्वारा नाड़ियों के शोधन और मस्तिष्क एकाग्र होने पर यह ओज में बदल जाता है।

ओज को अंग्रेजी में AURA भी बोलते है, हर भौतिक और अभौतिक वस्तु का अपना एक मैग्नेटिक फील्ड होता है।

ब्रह्मचारी के शरीर पर भी ऐसे aura के पॉजिटिव रेंज बढ़ जाते है जो हर किसी को उसकी तरफ आकर्षित करते हैं।

जिसका ओज जितना अधिक होगा वह उतना ही प्रभावशाली होगा।


#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy

KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪

Share✅
Join✅
Support Us✅

https://t.me/bramachrya01
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
दसवा अध्याय
श्लोक ८
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
दसवा अध्याय
श्लोक ९
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
सभी नए सदस्यों का स्वागत है ।🙏💐
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM