📚📙
हमे ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो ,
मन कि शक्ति बड़े,
बुद्धि का विकास हो ,
ओर मनुष्य अपने पैरो पर खड़ा हो सके ।
🧠🧠
क्या आज जो शिक्षा दी जा रही वह उचित है मैकाले की पाश्चात्य शिक्षा ने इस देश की संस्कृति सभ्यता आर्थिक स्थिति सभी को बरबाद कर दिया हमे पुन: गुरुकुल की ओर लौटना होगा ।
💫💫💫💫💫💫💫💫
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
हमे ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो ,
मन कि शक्ति बड़े,
बुद्धि का विकास हो ,
ओर मनुष्य अपने पैरो पर खड़ा हो सके ।
🧠🧠
क्या आज जो शिक्षा दी जा रही वह उचित है मैकाले की पाश्चात्य शिक्षा ने इस देश की संस्कृति सभ्यता आर्थिक स्थिति सभी को बरबाद कर दिया हमे पुन: गुरुकुल की ओर लौटना होगा ।
💫💫💫💫💫💫💫💫
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
यदि तुम्हारी यह भ्रांति है कि सुंदर स्त्री से तुम सुखी जो जाओगे तो किसी सुंदर स्त्री वाले से जाकर पूछो क्या वे सुखी हो गए
या सुंदर पुरुष वालो से जाकर स्त्री पूछे क्या वे सुखी हो गए
विवाह का उदेश्य भोगना नहीं होता प्रत्यूत एक दूसरे का साथ देकर अपनी जीवन यात्रा को पूरा करना होता है एवम् इस आश्रम में व्यक्ति संयमी रहे
सुख ओर आनंद वीर्य रक्षा मे हे उसे निकालने मै तो दुख ही उत्पन्न होता है ।
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
या सुंदर पुरुष वालो से जाकर स्त्री पूछे क्या वे सुखी हो गए
विवाह का उदेश्य भोगना नहीं होता प्रत्यूत एक दूसरे का साथ देकर अपनी जीवन यात्रा को पूरा करना होता है एवम् इस आश्रम में व्यक्ति संयमी रहे
सुख ओर आनंद वीर्य रक्षा मे हे उसे निकालने मै तो दुख ही उत्पन्न होता है ।
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे भी !
जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क : तीखा खाने से हमारे पेट के अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं इससे पाचन तंत्र ठीक से संचालित होता है। अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है इससे पेट में जलन नहीं होती है ।
#sanatandharma
#celibacyquestionanswer
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क : तीखा खाने से हमारे पेट के अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं इससे पाचन तंत्र ठीक से संचालित होता है। अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है इससे पेट में जलन नहीं होती है ।
#sanatandharma
#celibacyquestionanswer
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
ब्रह्मचर्य का रहस्य | Rishi Dayanand
Brahmacharya Mahima
Sanyam
➠ एक बार ऋषि दयानंद (Rishi Dayanand) से किसी ने पूछाः “आपको कामदेव सताता है या नहीं ?”
➠ उन्होंने उत्तर दियाः “हाँ वह आता है, परन्तु उसे मेरे मकान के बाहर ही खड़े रहना पड़ता है क्योंकि वह मुझे कभी खाली ही नहीं पाता।”
➠ ऋषि दयानंद (Rishi Dayanand) कार्य में इतने व्यस्त रहते थे कि उन्हें सामान्य बातों के लिए फुर्सत ही नहीं थी। यही उनके ब्रह्मचर्य का रहस्य था।
➠हे युवानों ! अपने जीवन का एक क्षण भी व्यर्थ न गँवाओ। स्वयं को किसी-न-किसी दिव्य सत्प्रवृत्ति में संलग्न रखो। व्यस्त रहने की आदत डालो। खाली दिमाग शैतान का घर। निठल्ले व्यक्ति को ही विकार अधिक सताते हैं। आप अपने विचारों को पवित्र, सात्त्विक व उच्च बनाओ। विचारों की उच्चता बढ़ाकर आप अपनी आंतरिक दशा को परिवर्तित कर सकते हो। उच्च व सात्त्विक विचारों के रहते हुए राजसी व हल्के विचारों व कर्मों की दाल नहीं गलेगी। सात्त्विक व पवित्र विचार ही ब्रह्मचर्य (Brahmacharyalife) का आधार है।
~ अपने रक्षक आप
Brahmacharya Mahima
Sanyam
➠ एक बार ऋषि दयानंद (Rishi Dayanand) से किसी ने पूछाः “आपको कामदेव सताता है या नहीं ?”
➠ उन्होंने उत्तर दियाः “हाँ वह आता है, परन्तु उसे मेरे मकान के बाहर ही खड़े रहना पड़ता है क्योंकि वह मुझे कभी खाली ही नहीं पाता।”
➠ ऋषि दयानंद (Rishi Dayanand) कार्य में इतने व्यस्त रहते थे कि उन्हें सामान्य बातों के लिए फुर्सत ही नहीं थी। यही उनके ब्रह्मचर्य का रहस्य था।
➠हे युवानों ! अपने जीवन का एक क्षण भी व्यर्थ न गँवाओ। स्वयं को किसी-न-किसी दिव्य सत्प्रवृत्ति में संलग्न रखो। व्यस्त रहने की आदत डालो। खाली दिमाग शैतान का घर। निठल्ले व्यक्ति को ही विकार अधिक सताते हैं। आप अपने विचारों को पवित्र, सात्त्विक व उच्च बनाओ। विचारों की उच्चता बढ़ाकर आप अपनी आंतरिक दशा को परिवर्तित कर सकते हो। उच्च व सात्त्विक विचारों के रहते हुए राजसी व हल्के विचारों व कर्मों की दाल नहीं गलेगी। सात्त्विक व पवित्र विचार ही ब्रह्मचर्य (Brahmacharyalife) का आधार है।
~ अपने रक्षक आप
25 वर्ष की उम्र तक ब्रह्मचर्य क्यों?
🔰 हालांकि आयुर्वेद मानता है कि मनुष्य लगभग 113 वर्ष तक जीवित रह सकता है। हिंदू धर्म अनुसार इंसान की 100 वर्ष की आयु के चार भाग हैं। 25-25 वर्ष में विभाजित इन चार भागों को चार आश्रमों में बांटा गया है, ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास।
🔰 बाल्य और किशोरावस्था में व्यक्ति गुरुकुल में दीक्षा ग्रहण कर शिक्षा अर्जित करता था। यौवन में वह गृहस्थ के कर्तव्य का निर्वहन करता था। प्रौढ़ावस्था में वह भौतिक वस्तुओं और व्यक्तियों का मोह त्याग कर पूर्णत: सामाज और धर्म को जीवन समर्पित कर कार्य करता है। वानप्रस्थ का अर्थ यह भी है कि घर पर रहते हुए ही मनुष्य ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करे, संयम का अभ्यास करे, बच्चों को विद्या पढ़ाएं, फिर धीरे-धीरे अपनी जिम्मेदारी अपने बच्चों पर डालकर बाहर निकल जाए अंत में वृद्धावस्था में वह संन्यस्त होकर सभी वस्तुओं का त्याग कर संन्यासियों जैसा ही जीवन व्यतीत करता है।
🔰 इसमें पहला आश्रम है ब्रह्मचर्य आश्रम, जिसे आमतौर पर जीवन के पहले 25 साल तक माना गया है। 25 वर्ष की आयु तक हर व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। ब्रह्मचर्य का प्रथम अर्थ शक्तियों का संचय करना। दूसरा अर्थ ज्ञान का संचय करना भक्ति करना। और तीसरा अर्थ ब्रह्म की राह पर चलना। अर्थात सिर्फ संचय ही संचय करना। कुछ भी खर्च नहीं करना।
🔰 हिन्दू धर्मानुसार जन्म से लेकर 7 वर्ष की उम्र तक व्यक्ति अपने माता पिता के पास ही रहता है उसके बाद उसका विद्याआरंभ संस्कार होता है। इस दौरान वह किसी श्रेष्ठ गुरु के आश्रम में 25 वर्ष की उम्र तक रहकर शिक्षा, विद्या और भक्ति का पाठ पढ़ता है।
🔰 उपरोक्तानुसार बताए गए ब्रह्मचर्य के पालन से व्यक्ति के वीर्य का, शिक्षा का, विद्या का और भक्ति का संचय होता है। उक्त संचय से ही व्यक्ति का गृहस्थ जीवन पुष्ट और सफल बनता है। इसीलिए 25 वर्ष की आयु तक व्यक्ति को अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता को बढ़ाना चाहिए क्योंकि इसी दौरान इनका विकास होता है।
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
🔰 हालांकि आयुर्वेद मानता है कि मनुष्य लगभग 113 वर्ष तक जीवित रह सकता है। हिंदू धर्म अनुसार इंसान की 100 वर्ष की आयु के चार भाग हैं। 25-25 वर्ष में विभाजित इन चार भागों को चार आश्रमों में बांटा गया है, ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास।
🔰 बाल्य और किशोरावस्था में व्यक्ति गुरुकुल में दीक्षा ग्रहण कर शिक्षा अर्जित करता था। यौवन में वह गृहस्थ के कर्तव्य का निर्वहन करता था। प्रौढ़ावस्था में वह भौतिक वस्तुओं और व्यक्तियों का मोह त्याग कर पूर्णत: सामाज और धर्म को जीवन समर्पित कर कार्य करता है। वानप्रस्थ का अर्थ यह भी है कि घर पर रहते हुए ही मनुष्य ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करे, संयम का अभ्यास करे, बच्चों को विद्या पढ़ाएं, फिर धीरे-धीरे अपनी जिम्मेदारी अपने बच्चों पर डालकर बाहर निकल जाए अंत में वृद्धावस्था में वह संन्यस्त होकर सभी वस्तुओं का त्याग कर संन्यासियों जैसा ही जीवन व्यतीत करता है।
🔰 इसमें पहला आश्रम है ब्रह्मचर्य आश्रम, जिसे आमतौर पर जीवन के पहले 25 साल तक माना गया है। 25 वर्ष की आयु तक हर व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। ब्रह्मचर्य का प्रथम अर्थ शक्तियों का संचय करना। दूसरा अर्थ ज्ञान का संचय करना भक्ति करना। और तीसरा अर्थ ब्रह्म की राह पर चलना। अर्थात सिर्फ संचय ही संचय करना। कुछ भी खर्च नहीं करना।
🔰 हिन्दू धर्मानुसार जन्म से लेकर 7 वर्ष की उम्र तक व्यक्ति अपने माता पिता के पास ही रहता है उसके बाद उसका विद्याआरंभ संस्कार होता है। इस दौरान वह किसी श्रेष्ठ गुरु के आश्रम में 25 वर्ष की उम्र तक रहकर शिक्षा, विद्या और भक्ति का पाठ पढ़ता है।
🔰 उपरोक्तानुसार बताए गए ब्रह्मचर्य के पालन से व्यक्ति के वीर्य का, शिक्षा का, विद्या का और भक्ति का संचय होता है। उक्त संचय से ही व्यक्ति का गृहस्थ जीवन पुष्ट और सफल बनता है। इसीलिए 25 वर्ष की आयु तक व्यक्ति को अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता को बढ़ाना चाहिए क्योंकि इसी दौरान इनका विकास होता है।
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy
KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪
Share✅
Join✅
Support Us✅
https://t.me/bramachrya01
👍1
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
(द्वितीय भाग)
चक्षु स्नान,उष:पान और शौच आदि
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
(द्वितीय भाग)
चक्षु स्नान,उष:पान और शौच आदि
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
(द्वितीय भाग)
चक्षु स्नान और उष:पान
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
To be Continue..........
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
(द्वितीय भाग)
चक्षु स्नान और उष:पान
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
To be Continue..........