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आप ऊर्जा के अभ्यस्त नहीं हैं, जैसे ही ब्रह्मचर्य / वीर्यरक्षा / नोफेप पर दिन बढ़ते हैं, आपकी ऊर्जा बढ़ने लगती है। यह ऊर्जा आपके लिए अपनी वर्तमान स्थिति को संभालने के लिए बहुत शक्तिशाली है। आप इसमें सहज नहीं हैं। आप इसे प्रबंधित नहीं कर सकते, इसलिए आपको इस ऊर्जा को बाहर निकालने का मन करता है।
यह वह जगह है जहां यौन परिवर्तन आता है, आपको इस ऊर्जा को नियंत्रित करना सीखना चाहिए, और इसे अपने लाभ के लिए निर्देशित करना चाहिए। मेरा सुझाव है कि आपको जब भी कोई वासना सताए तो आप ध्यान करें, अपनी ऊर्जा पर ध्यान दें। स्वम् को अपने विचारों से अलग कर के मस्तिष्क में चल रहे विचारों को देखें, बिना उनपर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया या जजमेंट दिए कि ये बुरी विचार है या अच्छी । आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ
वीर्यरक्षा से आपकी आवाज मधुर हो जाती है, आपकी आंखें देवदूत हो जाती हैं, आपका दिल प्यार और करुणा से भर जाता है, भोजन अच्छा लगता है, आप बात करते हैं और आत्मविश्वास और उद्देश्य से चलते हैं, भले ही आप चुप रहें, आपकी चुप्पी का अर्थ होना शुरू हो जाएगा। आपके चारों ओर एक सकारात्मक आभा होगी, लोग ऊर्जा को महसूस करेंगे, आपकी ओर आकर्षित होंगे।
ये सभी चीजें हैं जो मैंने व्यक्तिगत रूप से अनुभव की हैं, मैं आमतौर पर एक बहुत ही तार्किक व्यक्ति हूं और "जादुई" चीजों में विश्वास नहीं करता, लेकिन मेरा मानना है कि हम अपने शरीर के बारे में बहुत कम जानते हैं और बहुत कुछ खोजा जाना बाकी है।
आप केवल इस बात से अवगत नहीं हैं कि आप कितनी ऊर्जा में सक्षम हैं, आप इसकी कल्पना नहीं कर सकते हैं, आप इसे केवल स्वयं अनुभव कर सकते हैं। आपके पूर्वजो ने बाघों और शेरों से लड़ाई लड़ी है, आप अरबों वर्षों के सफल विकास का परिणाम हैं, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। जब आप वीर्यनाश करते हैं, तो असल में आपके दिमाग को लगता है कि आपने अपना जीवन का उद्देश्य पूरा कर लिया है इसलिए भोगी आदमी को कुछ करने का मन नहीं करता । अगर हमारे मन को सेक्स और अच्छा भोजन मिलते रहे तो वो क्यों कुछ करना चाहेगा ।इसलिए जब आप वीर्यनाश रोकेंगे, तो आप देखेंगे कि मानव शरीर की असली सुंदरता क्या है और यह क्या करने में सक्षम है।
आप ऊर्जा के अभ्यस्त नहीं हैं, जैसे ही ब्रह्मचर्य / वीर्यरक्षा / नोफेप पर दिन बढ़ते हैं, आपकी ऊर्जा बढ़ने लगती है। यह ऊर्जा आपके लिए अपनी वर्तमान स्थिति को संभालने के लिए बहुत शक्तिशाली है। आप इसमें सहज नहीं हैं। आप इसे प्रबंधित नहीं कर सकते, इसलिए आपको इस ऊर्जा को बाहर निकालने का मन करता है।
यह वह जगह है जहां यौन परिवर्तन आता है, आपको इस ऊर्जा को नियंत्रित करना सीखना चाहिए, और इसे अपने लाभ के लिए निर्देशित करना चाहिए। मेरा सुझाव है कि आपको जब भी कोई वासना सताए तो आप ध्यान करें, अपनी ऊर्जा पर ध्यान दें। स्वम् को अपने विचारों से अलग कर के मस्तिष्क में चल रहे विचारों को देखें, बिना उनपर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया या जजमेंट दिए कि ये बुरी विचार है या अच्छी । आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ
वीर्यरक्षा से आपकी आवाज मधुर हो जाती है, आपकी आंखें देवदूत हो जाती हैं, आपका दिल प्यार और करुणा से भर जाता है, भोजन अच्छा लगता है, आप बात करते हैं और आत्मविश्वास और उद्देश्य से चलते हैं, भले ही आप चुप रहें, आपकी चुप्पी का अर्थ होना शुरू हो जाएगा। आपके चारों ओर एक सकारात्मक आभा होगी, लोग ऊर्जा को महसूस करेंगे, आपकी ओर आकर्षित होंगे।
ये सभी चीजें हैं जो मैंने व्यक्तिगत रूप से अनुभव की हैं, मैं आमतौर पर एक बहुत ही तार्किक व्यक्ति हूं और "जादुई" चीजों में विश्वास नहीं करता, लेकिन मेरा मानना है कि हम अपने शरीर के बारे में बहुत कम जानते हैं और बहुत कुछ खोजा जाना बाकी है।
आप केवल इस बात से अवगत नहीं हैं कि आप कितनी ऊर्जा में सक्षम हैं, आप इसकी कल्पना नहीं कर सकते हैं, आप इसे केवल स्वयं अनुभव कर सकते हैं। आपके पूर्वजो ने बाघों और शेरों से लड़ाई लड़ी है, आप अरबों वर्षों के सफल विकास का परिणाम हैं, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। जब आप वीर्यनाश करते हैं, तो असल में आपके दिमाग को लगता है कि आपने अपना जीवन का उद्देश्य पूरा कर लिया है इसलिए भोगी आदमी को कुछ करने का मन नहीं करता । अगर हमारे मन को सेक्स और अच्छा भोजन मिलते रहे तो वो क्यों कुछ करना चाहेगा ।इसलिए जब आप वीर्यनाश रोकेंगे, तो आप देखेंगे कि मानव शरीर की असली सुंदरता क्या है और यह क्या करने में सक्षम है।
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम का समय
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम का समय
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🔥रोग मन मेंं है़ ✨
-मोह हमें संसार में बांधे रखने का काम करता है ।
-जब प्रेम कुछ लोगों से होता है, हद में होता है, सीमित होता है, तब वह मोह कहलाता है।
-हम चाह कर भी मोह को नहीं छोड़ पाते।
-मोह का मतलब होता है आसक्ति, जो गिने-चुने उन लोगों या चीजों से होती है जिन्हें हम अपना बनाना चाहते हैं, जिनके पास हम ज्यादा-से-ज्यादा समय गुजारना चाहते हैं। मोह वहां होता है जहां हमें सुख मिलने की उम्मीद हो या सुख मिलता हो।
- सांसारिक प्रेम मोह कहलाता है ।
- मोह की वजह से व्यक्ति कभी सुखी, तो कभी दुखी होता रहता है।
-मोह की वजह से बनीं कब्ज के कारण से दाद जैसे कष्टदायी रोग उत्पन्न हो जाते है़ ।
- दाद खुजलाने में पहले खुशी और बाद में दर्द होता है।
-मोह में किसी वस्तु की प्राप्ति में पहले सुख परन्तु प्राप्त न होने पर मन में बहुत दु:ख होता है़ ।
- मोह से ही सारे मानस रोग उत्पन्न होते हैं।
-मोह हमें संसार में बांधे रखने का काम करता है ।
-जब प्रेम कुछ लोगों से होता है, हद में होता है, सीमित होता है, तब वह मोह कहलाता है।
-हम चाह कर भी मोह को नहीं छोड़ पाते।
-मोह का मतलब होता है आसक्ति, जो गिने-चुने उन लोगों या चीजों से होती है जिन्हें हम अपना बनाना चाहते हैं, जिनके पास हम ज्यादा-से-ज्यादा समय गुजारना चाहते हैं। मोह वहां होता है जहां हमें सुख मिलने की उम्मीद हो या सुख मिलता हो।
- सांसारिक प्रेम मोह कहलाता है ।
- मोह की वजह से व्यक्ति कभी सुखी, तो कभी दुखी होता रहता है।
-मोह की वजह से बनीं कब्ज के कारण से दाद जैसे कष्टदायी रोग उत्पन्न हो जाते है़ ।
- दाद खुजलाने में पहले खुशी और बाद में दर्द होता है।
-मोह में किसी वस्तु की प्राप्ति में पहले सुख परन्तु प्राप्त न होने पर मन में बहुत दु:ख होता है़ ।
- मोह से ही सारे मानस रोग उत्पन्न होते हैं।
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम करने वाले का भोजन
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम करने वाले का भोजन
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स्वप्नदोष अधिकतर किशोरावस्था में होने वाली बहुत ही आम अवस्था है। ये कोई चिंता का या डरने का या आत्मग्लानि का विषय नहीं है। वैसे तो इसके कई उपचार ईंटरनेट की दुनिया मे मिल जायेंगे। परन्तु सबसे आसान एक उपचार मैं आपको यहाँ बता रहा हूँ। ये उपचार सबसे पहले मैंने स्वयं पर किया और सफल भी रहा। उसके कुछ सालों बाद मेरे एक मित्र को भी ये ही उपचार बताया और वो उसने किया तो उसे भी इस दोष से मुक्ति मिल गयी। अब मैं ये उपचार आप सबको बताता हूँ।
आपको इसमें ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस इसमे सूखे आँवले का चूर्ण और पिसी हुई मिश्री की जरूरत पड़ेगी।
मात्रा :- सूखे आँवले का चूर्ण पाव भर और पिसी हुई मिश्री आधा किलो।
अथवा आप चाहे तो अपनी इच्छानुसार भी ये मिश्रण बना सकते है।
ध्यान देने योग्य बात :- आप जितना आँवले का चूर्ण ले रहे है उससे दुगुनी मात्रा में पिसी हुई मिश्री लेनी है।
आँवले को पानी में भिगोकर निकाल ले और उसे धूप में सुखा दे। सूखने के पश्चात इसे बारीक पीस ले या चाहे तो बाजार से भी सूखे आँवले को घर लाकर पीस सकते है या चाहे तो आप सूखे आँवले का चूर्ण भी बाज़ार से भी ला सकते है। और उसके बाद आप मिश्री भी पीस ले और अब इन दोनों को मिला ले। ध्यान रहे ये दोनों ही बारीक पिसे हुए हो। अब इस चूर्ण को आप प्रतिदिन रात में पानी के साथ 1 चम्मच ले।
ये उपचार केवल स्वप्नदोष ही समाप्त नहीं करता। इसके अलावा ये वीर्य वर्धक, वीर्य गाढा करने वाला और पाचन तंत्र सही करके कब्ज जैसी बीमारियों को भी पूर्ण रूप से सही करता है।
अगर आप किशोर या युवा है और आपको डर है कि घर मे क्या बोलेंगे की क्यों ये चूर्ण बना रहे हो तो आप ये कह सकते है कि आप पाचन तंत्र ठीक करने के लिए ये बना रहे है। इस चूर्ण को किसी भी आयु का कोई भी मनुष्य ले सकता है फिर चाहे वो स्वस्थ हो या अस्वस्थ। इसके कोई नुकसान नहीं है। परन्तु इसे ज्यादा समय तक भी नहीं लेना क्योंकि हो सकता है ये आपके शरीर मे बहुत गर्मी करें और आपको फोड़े फुंसी हो जाये। इसलिए सलाह ये है कि जैसे ही आपकी समस्या समाप्त हो इसे बंद कर दे या अधिकतम 3 महीने से ज्यादा एक बार मे उपयोग ना करें।
वैसे तो आपको 1 सप्ताह के अंदर ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। परन्तु फिर भी ना मिले तो मैंने ऊपर समय बता ही दिया है। 3 महीने बाद आप चाहे तो इसे दोबारा शुरू कर सकते है। परंतु आपको इसे वापस शुरू करने के लिए 1 महीना रुकना होगा और फिर उसके अगले महीने से इसे शुरू किया जा सकता है।
वैसे तो मैंने इसके कोई साइड इफेक्ट्स ना तो देखे है और ना ही महसूस किए है। परंतु अति नहीं करनी है। क्योंकि अति सर्वत्र वर्जयेत।
Source : Quora
आपको इसमें ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस इसमे सूखे आँवले का चूर्ण और पिसी हुई मिश्री की जरूरत पड़ेगी।
मात्रा :- सूखे आँवले का चूर्ण पाव भर और पिसी हुई मिश्री आधा किलो।
अथवा आप चाहे तो अपनी इच्छानुसार भी ये मिश्रण बना सकते है।
ध्यान देने योग्य बात :- आप जितना आँवले का चूर्ण ले रहे है उससे दुगुनी मात्रा में पिसी हुई मिश्री लेनी है।
आँवले को पानी में भिगोकर निकाल ले और उसे धूप में सुखा दे। सूखने के पश्चात इसे बारीक पीस ले या चाहे तो बाजार से भी सूखे आँवले को घर लाकर पीस सकते है या चाहे तो आप सूखे आँवले का चूर्ण भी बाज़ार से भी ला सकते है। और उसके बाद आप मिश्री भी पीस ले और अब इन दोनों को मिला ले। ध्यान रहे ये दोनों ही बारीक पिसे हुए हो। अब इस चूर्ण को आप प्रतिदिन रात में पानी के साथ 1 चम्मच ले।
ये उपचार केवल स्वप्नदोष ही समाप्त नहीं करता। इसके अलावा ये वीर्य वर्धक, वीर्य गाढा करने वाला और पाचन तंत्र सही करके कब्ज जैसी बीमारियों को भी पूर्ण रूप से सही करता है।
अगर आप किशोर या युवा है और आपको डर है कि घर मे क्या बोलेंगे की क्यों ये चूर्ण बना रहे हो तो आप ये कह सकते है कि आप पाचन तंत्र ठीक करने के लिए ये बना रहे है। इस चूर्ण को किसी भी आयु का कोई भी मनुष्य ले सकता है फिर चाहे वो स्वस्थ हो या अस्वस्थ। इसके कोई नुकसान नहीं है। परन्तु इसे ज्यादा समय तक भी नहीं लेना क्योंकि हो सकता है ये आपके शरीर मे बहुत गर्मी करें और आपको फोड़े फुंसी हो जाये। इसलिए सलाह ये है कि जैसे ही आपकी समस्या समाप्त हो इसे बंद कर दे या अधिकतम 3 महीने से ज्यादा एक बार मे उपयोग ना करें।
वैसे तो आपको 1 सप्ताह के अंदर ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। परन्तु फिर भी ना मिले तो मैंने ऊपर समय बता ही दिया है। 3 महीने बाद आप चाहे तो इसे दोबारा शुरू कर सकते है। परंतु आपको इसे वापस शुरू करने के लिए 1 महीना रुकना होगा और फिर उसके अगले महीने से इसे शुरू किया जा सकता है।
वैसे तो मैंने इसके कोई साइड इफेक्ट्स ना तो देखे है और ना ही महसूस किए है। परंतु अति नहीं करनी है। क्योंकि अति सर्वत्र वर्जयेत।
Source : Quora
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ किन-किन को व्यायाम न करना चाहिए ?
♦ व्यायाम समय के वस्त्र
♦ व्यायाम का स्थान
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#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ किन-किन को व्यायाम न करना चाहिए ?
♦ व्यायाम समय के वस्त्र
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12 वी सदी में एक विचारक की कही गई एक बड़ी हकीकत
"युवा पीढ़ी को अश्लीलता व गंदी फिल्मों में डूबो देना काफी है एक देश के विनाश के लिए , बिना हथियार तबाह हो जाएगी कई पीढ़ियां" 🤯
आज युवा पीढ़ी को कोई सही रास्ता दिखाने वाला नहीं है माता पिता ऐसे विषयों पर संकोच करते है अपने बच्चो से बात करने में।
युवा गलत संग में पड़कर गलत राह पर चल पड़ता है जब पता लगता है तो काफी देर हो चुकी होती है ।
अब सबको सही राह पर लाना है भारत को विश्व गुरु बनाना है।
संयम व सात्विकता की एक नई सरिता बहानी है।
खुद को बदलने का आज संकल्प लेवे। ना ऐसी चीजे पढेगे , ना देखेगे ना सुनेगे और ना ही फॉरवर्ड करेगे जिसमे गंदगी हो ,Lust हो (Low vibration ) हो ,
जिसको पढ़कर सुनकर देखकर हमारे मन में गलत विचार आते है उसको छोड़ देगे। खुद के मालिक बनेगे , इन कर्म इन्द्रियों के गुलाम नहीं।
आप में शक्ति है ,पहचानो अपनी शक्ति को
तभी सुंदर सुखमय समाज का निर्माण हो पाएगा ।
उम्मीद है आप समाज को बदलने में अपना सहयोग जरूर देगे और सभी को जागरूक करेगे
"युवा पीढ़ी को अश्लीलता व गंदी फिल्मों में डूबो देना काफी है एक देश के विनाश के लिए , बिना हथियार तबाह हो जाएगी कई पीढ़ियां" 🤯
आज युवा पीढ़ी को कोई सही रास्ता दिखाने वाला नहीं है माता पिता ऐसे विषयों पर संकोच करते है अपने बच्चो से बात करने में।
युवा गलत संग में पड़कर गलत राह पर चल पड़ता है जब पता लगता है तो काफी देर हो चुकी होती है ।
अब सबको सही राह पर लाना है भारत को विश्व गुरु बनाना है।
संयम व सात्विकता की एक नई सरिता बहानी है।
खुद को बदलने का आज संकल्प लेवे। ना ऐसी चीजे पढेगे , ना देखेगे ना सुनेगे और ना ही फॉरवर्ड करेगे जिसमे गंदगी हो ,Lust हो (Low vibration ) हो ,
जिसको पढ़कर सुनकर देखकर हमारे मन में गलत विचार आते है उसको छोड़ देगे। खुद के मालिक बनेगे , इन कर्म इन्द्रियों के गुलाम नहीं।
आप में शक्ति है ,पहचानो अपनी शक्ति को
तभी सुंदर सुखमय समाज का निर्माण हो पाएगा ।
उम्मीद है आप समाज को बदलने में अपना सहयोग जरूर देगे और सभी को जागरूक करेगे
आज छोटा सा मजा 🤯🤯, बाद में बहुत बड़ी सजा 😱😱
संभल जाओ नही तो सिर्फ पश्चाताप ही करना पड़ेगा ।।
संभल जाओ नही तो सिर्फ पश्चाताप ही करना पड़ेगा ।।