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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम का समय
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#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम का समय
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🔥रोग मन मेंं है़ ✨
-मोह हमें संसार में बांधे रखने का काम करता है ।
-जब प्रेम कुछ लोगों से होता है, हद में होता है, सीमित होता है, तब वह मोह कहलाता है।
-हम चाह कर भी मोह को नहीं छोड़ पाते।
-मोह का मतलब होता है आसक्ति, जो गिने-चुने उन लोगों या चीजों से होती है जिन्हें हम अपना बनाना चाहते हैं, जिनके पास हम ज्यादा-से-ज्यादा समय गुजारना चाहते हैं। मोह वहां होता है जहां हमें सुख मिलने की उम्मीद हो या सुख मिलता हो।
- सांसारिक प्रेम मोह कहलाता है ।
- मोह की वजह से व्यक्ति कभी सुखी, तो कभी दुखी होता रहता है।
-मोह की वजह से बनीं कब्ज के कारण से दाद जैसे कष्टदायी रोग उत्पन्न हो जाते है़ ।
- दाद खुजलाने में पहले खुशी और बाद में दर्द होता है।
-मोह में किसी वस्तु की प्राप्ति में पहले सुख परन्तु प्राप्त न होने पर मन में बहुत दु:ख होता है़ ।
- मोह से ही सारे मानस रोग उत्पन्न होते हैं।
-मोह हमें संसार में बांधे रखने का काम करता है ।
-जब प्रेम कुछ लोगों से होता है, हद में होता है, सीमित होता है, तब वह मोह कहलाता है।
-हम चाह कर भी मोह को नहीं छोड़ पाते।
-मोह का मतलब होता है आसक्ति, जो गिने-चुने उन लोगों या चीजों से होती है जिन्हें हम अपना बनाना चाहते हैं, जिनके पास हम ज्यादा-से-ज्यादा समय गुजारना चाहते हैं। मोह वहां होता है जहां हमें सुख मिलने की उम्मीद हो या सुख मिलता हो।
- सांसारिक प्रेम मोह कहलाता है ।
- मोह की वजह से व्यक्ति कभी सुखी, तो कभी दुखी होता रहता है।
-मोह की वजह से बनीं कब्ज के कारण से दाद जैसे कष्टदायी रोग उत्पन्न हो जाते है़ ।
- दाद खुजलाने में पहले खुशी और बाद में दर्द होता है।
-मोह में किसी वस्तु की प्राप्ति में पहले सुख परन्तु प्राप्त न होने पर मन में बहुत दु:ख होता है़ ।
- मोह से ही सारे मानस रोग उत्पन्न होते हैं।
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम करने वाले का भोजन
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम करने वाले का भोजन
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स्वप्नदोष अधिकतर किशोरावस्था में होने वाली बहुत ही आम अवस्था है। ये कोई चिंता का या डरने का या आत्मग्लानि का विषय नहीं है। वैसे तो इसके कई उपचार ईंटरनेट की दुनिया मे मिल जायेंगे। परन्तु सबसे आसान एक उपचार मैं आपको यहाँ बता रहा हूँ। ये उपचार सबसे पहले मैंने स्वयं पर किया और सफल भी रहा। उसके कुछ सालों बाद मेरे एक मित्र को भी ये ही उपचार बताया और वो उसने किया तो उसे भी इस दोष से मुक्ति मिल गयी। अब मैं ये उपचार आप सबको बताता हूँ।
आपको इसमें ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस इसमे सूखे आँवले का चूर्ण और पिसी हुई मिश्री की जरूरत पड़ेगी।
मात्रा :- सूखे आँवले का चूर्ण पाव भर और पिसी हुई मिश्री आधा किलो।
अथवा आप चाहे तो अपनी इच्छानुसार भी ये मिश्रण बना सकते है।
ध्यान देने योग्य बात :- आप जितना आँवले का चूर्ण ले रहे है उससे दुगुनी मात्रा में पिसी हुई मिश्री लेनी है।
आँवले को पानी में भिगोकर निकाल ले और उसे धूप में सुखा दे। सूखने के पश्चात इसे बारीक पीस ले या चाहे तो बाजार से भी सूखे आँवले को घर लाकर पीस सकते है या चाहे तो आप सूखे आँवले का चूर्ण भी बाज़ार से भी ला सकते है। और उसके बाद आप मिश्री भी पीस ले और अब इन दोनों को मिला ले। ध्यान रहे ये दोनों ही बारीक पिसे हुए हो। अब इस चूर्ण को आप प्रतिदिन रात में पानी के साथ 1 चम्मच ले।
ये उपचार केवल स्वप्नदोष ही समाप्त नहीं करता। इसके अलावा ये वीर्य वर्धक, वीर्य गाढा करने वाला और पाचन तंत्र सही करके कब्ज जैसी बीमारियों को भी पूर्ण रूप से सही करता है।
अगर आप किशोर या युवा है और आपको डर है कि घर मे क्या बोलेंगे की क्यों ये चूर्ण बना रहे हो तो आप ये कह सकते है कि आप पाचन तंत्र ठीक करने के लिए ये बना रहे है। इस चूर्ण को किसी भी आयु का कोई भी मनुष्य ले सकता है फिर चाहे वो स्वस्थ हो या अस्वस्थ। इसके कोई नुकसान नहीं है। परन्तु इसे ज्यादा समय तक भी नहीं लेना क्योंकि हो सकता है ये आपके शरीर मे बहुत गर्मी करें और आपको फोड़े फुंसी हो जाये। इसलिए सलाह ये है कि जैसे ही आपकी समस्या समाप्त हो इसे बंद कर दे या अधिकतम 3 महीने से ज्यादा एक बार मे उपयोग ना करें।
वैसे तो आपको 1 सप्ताह के अंदर ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। परन्तु फिर भी ना मिले तो मैंने ऊपर समय बता ही दिया है। 3 महीने बाद आप चाहे तो इसे दोबारा शुरू कर सकते है। परंतु आपको इसे वापस शुरू करने के लिए 1 महीना रुकना होगा और फिर उसके अगले महीने से इसे शुरू किया जा सकता है।
वैसे तो मैंने इसके कोई साइड इफेक्ट्स ना तो देखे है और ना ही महसूस किए है। परंतु अति नहीं करनी है। क्योंकि अति सर्वत्र वर्जयेत।
Source : Quora
आपको इसमें ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस इसमे सूखे आँवले का चूर्ण और पिसी हुई मिश्री की जरूरत पड़ेगी।
मात्रा :- सूखे आँवले का चूर्ण पाव भर और पिसी हुई मिश्री आधा किलो।
अथवा आप चाहे तो अपनी इच्छानुसार भी ये मिश्रण बना सकते है।
ध्यान देने योग्य बात :- आप जितना आँवले का चूर्ण ले रहे है उससे दुगुनी मात्रा में पिसी हुई मिश्री लेनी है।
आँवले को पानी में भिगोकर निकाल ले और उसे धूप में सुखा दे। सूखने के पश्चात इसे बारीक पीस ले या चाहे तो बाजार से भी सूखे आँवले को घर लाकर पीस सकते है या चाहे तो आप सूखे आँवले का चूर्ण भी बाज़ार से भी ला सकते है। और उसके बाद आप मिश्री भी पीस ले और अब इन दोनों को मिला ले। ध्यान रहे ये दोनों ही बारीक पिसे हुए हो। अब इस चूर्ण को आप प्रतिदिन रात में पानी के साथ 1 चम्मच ले।
ये उपचार केवल स्वप्नदोष ही समाप्त नहीं करता। इसके अलावा ये वीर्य वर्धक, वीर्य गाढा करने वाला और पाचन तंत्र सही करके कब्ज जैसी बीमारियों को भी पूर्ण रूप से सही करता है।
अगर आप किशोर या युवा है और आपको डर है कि घर मे क्या बोलेंगे की क्यों ये चूर्ण बना रहे हो तो आप ये कह सकते है कि आप पाचन तंत्र ठीक करने के लिए ये बना रहे है। इस चूर्ण को किसी भी आयु का कोई भी मनुष्य ले सकता है फिर चाहे वो स्वस्थ हो या अस्वस्थ। इसके कोई नुकसान नहीं है। परन्तु इसे ज्यादा समय तक भी नहीं लेना क्योंकि हो सकता है ये आपके शरीर मे बहुत गर्मी करें और आपको फोड़े फुंसी हो जाये। इसलिए सलाह ये है कि जैसे ही आपकी समस्या समाप्त हो इसे बंद कर दे या अधिकतम 3 महीने से ज्यादा एक बार मे उपयोग ना करें।
वैसे तो आपको 1 सप्ताह के अंदर ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। परन्तु फिर भी ना मिले तो मैंने ऊपर समय बता ही दिया है। 3 महीने बाद आप चाहे तो इसे दोबारा शुरू कर सकते है। परंतु आपको इसे वापस शुरू करने के लिए 1 महीना रुकना होगा और फिर उसके अगले महीने से इसे शुरू किया जा सकता है।
वैसे तो मैंने इसके कोई साइड इफेक्ट्स ना तो देखे है और ना ही महसूस किए है। परंतु अति नहीं करनी है। क्योंकि अति सर्वत्र वर्जयेत।
Source : Quora
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ किन-किन को व्यायाम न करना चाहिए ?
♦ व्यायाम समय के वस्त्र
♦ व्यायाम का स्थान
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
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♦ किन-किन को व्यायाम न करना चाहिए ?
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♦ व्यायाम का स्थान
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12 वी सदी में एक विचारक की कही गई एक बड़ी हकीकत
"युवा पीढ़ी को अश्लीलता व गंदी फिल्मों में डूबो देना काफी है एक देश के विनाश के लिए , बिना हथियार तबाह हो जाएगी कई पीढ़ियां" 🤯
आज युवा पीढ़ी को कोई सही रास्ता दिखाने वाला नहीं है माता पिता ऐसे विषयों पर संकोच करते है अपने बच्चो से बात करने में।
युवा गलत संग में पड़कर गलत राह पर चल पड़ता है जब पता लगता है तो काफी देर हो चुकी होती है ।
अब सबको सही राह पर लाना है भारत को विश्व गुरु बनाना है।
संयम व सात्विकता की एक नई सरिता बहानी है।
खुद को बदलने का आज संकल्प लेवे। ना ऐसी चीजे पढेगे , ना देखेगे ना सुनेगे और ना ही फॉरवर्ड करेगे जिसमे गंदगी हो ,Lust हो (Low vibration ) हो ,
जिसको पढ़कर सुनकर देखकर हमारे मन में गलत विचार आते है उसको छोड़ देगे। खुद के मालिक बनेगे , इन कर्म इन्द्रियों के गुलाम नहीं।
आप में शक्ति है ,पहचानो अपनी शक्ति को
तभी सुंदर सुखमय समाज का निर्माण हो पाएगा ।
उम्मीद है आप समाज को बदलने में अपना सहयोग जरूर देगे और सभी को जागरूक करेगे
"युवा पीढ़ी को अश्लीलता व गंदी फिल्मों में डूबो देना काफी है एक देश के विनाश के लिए , बिना हथियार तबाह हो जाएगी कई पीढ़ियां" 🤯
आज युवा पीढ़ी को कोई सही रास्ता दिखाने वाला नहीं है माता पिता ऐसे विषयों पर संकोच करते है अपने बच्चो से बात करने में।
युवा गलत संग में पड़कर गलत राह पर चल पड़ता है जब पता लगता है तो काफी देर हो चुकी होती है ।
अब सबको सही राह पर लाना है भारत को विश्व गुरु बनाना है।
संयम व सात्विकता की एक नई सरिता बहानी है।
खुद को बदलने का आज संकल्प लेवे। ना ऐसी चीजे पढेगे , ना देखेगे ना सुनेगे और ना ही फॉरवर्ड करेगे जिसमे गंदगी हो ,Lust हो (Low vibration ) हो ,
जिसको पढ़कर सुनकर देखकर हमारे मन में गलत विचार आते है उसको छोड़ देगे। खुद के मालिक बनेगे , इन कर्म इन्द्रियों के गुलाम नहीं।
आप में शक्ति है ,पहचानो अपनी शक्ति को
तभी सुंदर सुखमय समाज का निर्माण हो पाएगा ।
उम्मीद है आप समाज को बदलने में अपना सहयोग जरूर देगे और सभी को जागरूक करेगे
आज छोटा सा मजा 🤯🤯, बाद में बहुत बड़ी सजा 😱😱
संभल जाओ नही तो सिर्फ पश्चाताप ही करना पड़ेगा ।।
संभल जाओ नही तो सिर्फ पश्चाताप ही करना पड़ेगा ।।
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम के प्रकार वा भेद
♦ कौनसा व्यायाम करे ?
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ व्यायाम के प्रकार वा भेद
♦ कौनसा व्यायाम करे ?
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