ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ)
1.86K subscribers
1.47K photos
62 videos
13 files
271 links
ब्रम्हचर्य पालन करने वालो के लिये विश्व का सर्वोत्तम टेलिग्राम चॅनल,
यहा पर आपको ब्रम्हचर्य के बारे मैं सटीक और सही जानकारी मिलेगी लेख, pdf और पुस्तके |
इस भारतवर्ष मैं फिर से ब्रम्हचर्य की महिमा का परिचय सबको कराये यही हमारा उद्देश है|
#hastag
Download Telegram
अरे गिर गए हो 😢 तो कोई बात नही फिर उठ खड़े होवो , 🏄

अपनी सारी कमियां परमात्मा को दान में दे दो । वो आपका आह्वान कर रहे है ।💫🌟

तुम कमजोर नही हो । उठो ,पहचानो अपनी ताकत को । 🔥

तुम्हे सारा संसार बदलना है तुम कैसे इतना नीचे जा सकते हो , तुम्हे तो आसमान छूना है । 🔥💥

आ लोट आओ सही राह पर तुमने कई बार अपनी कमियों पर जीत पाई है , ये तो तुम्हारे बाए हाथ का खेल है ।🏆🥇

तुम तो विजेता हो ,तुम्हारी जीत पक्की है ।सफलता तो तुम्हारी हुई ही पड़ी है । बस पूरी हिम्मत से मजबूत कदम तुम लक्ष्य की ओर बढ़ाओ ....✨👍
जैसे नदी का पानी सही तरीके से उपयोग करने हेतु पहले उसे बांध से अड़ाकर उसे संग्रहित/ इकट्ठा किया जाता है..........
वैसे हि कुछ हमे अपने वीर्य के साथ करना है

पहेले उसे संग्रहित/इकट्ठा करना है ।
फिर उसका सही इस्तमाल/उपयोग अपने भौतिक एव अध्यात्मिक प्रगति के लिए करना है।

पर जब तक तुम कोई बांध डाला जाता है वैसे उसे रोकेंगे नहीं तब तक उसका सही उपयोग नहीं कर पावोगे और ना हि अपना ब्रम्हचर्य का संकल्प पुरा कर सकोगे !


क्या आप कबसे बांध बांध लगा रहे हो....🙄🙄🙄
ये बांध का और हमारे ब्रम्हचर्य का क्या हि सम्बन्ध ??
और ये बांध लगाना तो लगाए कैसे ??

>> अश्विनी मुद्रा से ।
जी हा ! अश्विनी मुद्रा भी एक बांध जैसे हि कार्य करती है जो कामवेग को वीर्यवेग के मार्ग पर वैसे हि काम करती है जैसे एक नदी का बांध करता है.....
ये करने से..
१. स्वप्नदोष की भी समस्या ख़तम ।
२. हर बार कामावासना जो आती है वो भी कम हो जाएगी।

और एकबार वीर्य का संचय बंद हुआ तो संकल्प का टूटने का भी शक्यता कम होगी और आपका मनोबल भी बढ़ेगा ब्रम्हचर्य पालन करने का

उसके बाद उस वीर्य से भौतिक एव अध्यात्मिक लाभ कैसे प्राप्त करते है वो आपको पता हि होगा !
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

नहीं पता तो हम किस लिए है ? 😇

अश्विनी मुद्रा कैसे की जाति है उसका video आपको किसी भी youtube चैनल पर मिल जायेगा ।
फिर भी आपका अमूल्य समय उसमे ज्यादा ना लगे इसलिय उत्तम ऐसा वीडियो की लिंक हमने निचे दी है वहा से देख सकते है ।
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://youtu.be/9MeoghBnaSY



#celibacyquestionanswer
#meditation
#bramhachryamotivation
#Celibacy

KEEP CALM AND
BE THE
BRAMHACHARI 💪

Share✅
Join✅
Support Us✅

https://t.me/bramachrya01
ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ) pinned «जैसे नदी का पानी सही तरीके से उपयोग करने हेतु पहले उसे बांध से अड़ाकर उसे संग्रहित/ इकट्ठा किया जाता है.......... वैसे हि कुछ हमे अपने वीर्य के साथ करना है पहेले उसे संग्रहित/इकट्ठा करना है । फिर उसका सही इस्तमाल/उपयोग अपने भौतिक एव अध्यात्मिक प्रगति के लिए…»
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ दौड़
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक २
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक ३
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
ब्रह्मचारी जीवन जीने के लिए कुछ उपयोगी टिप्स,

सबसे पहले आपको 'मन' का निर्माण करना होगा।
भोजन शुद्ध और सरल होना चाहिए, सात्विक होना चाहिए।

1. सुबह उठकर ब्रह्ममुहूर्त में।
2. मसालेदार मिर्च मसाले से परहेज करें। प्रामाणिक शाकाहारी भोजन करें।
3. सभी नशीले पदार्थों से बचें।
4. गायत्री मंत्र या अपने मनचाहे मंत्र का जाप करें।
5. नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास करें।
6.मन को खाली न छोड़ें, उसे किसी रचनात्मक कार्य और लक्ष्य से जोड़े रखें।
7. नियमित योग करें।
8. यदि आप तीन बजे उठते हैं, तो आपको बिस्तर पर नहीं जाना चाहिए।
9.प्रतिदिन जप करने का प्रयास करेंlll
10. 🌟🌟🌟 🌟🌟वह हर क्षण धार्मिकता में व्यतीत करेगा, यह सोचकर कि मृत्यु निकट हैll
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ तैरना
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक ४
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक ५
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( चतुर्थ भाग)
व्यायाम संदेश
♦ भ्रमण वा वायुसेवन
♦ मल्लखम्ब का व्यायाम
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक ६
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक ७
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
( द ) ब्रह्मचर्य  -

मन ,  वचन   एवं   कर्म   में   यौन   संयम   अथवा   मैथुन   का   सर्वथा   त्याग   ब्रह्मचर्य   है।   इसलिए   कहा   यह   जाता   है   कि   साधक   को   न   तो   काम   करने   वाली   वस्तु   का   सेवन   करना   चाहिए   और   न   ऐसे   दृश्यों   से   गुजरना   चाहिए ,  न   उनसे   सम्बंधित   साहित्य   का   अध्ययन   करना   चाहिए।   पतंजलि   स्पष्ट   मानते   हैं   कि   ब्रह्मचर्य   की   दृढ़   स्थिति   हो   जाने   पर   वीर्यलाभ   होता   है।   वीर्य   का   तात्पर्य   केवल   यहाँ   शारीरिक   उर्जा   के   रूप   में   लेना   सही   नहीं   होगा।   वस्तुतः   इसे   समग्र   अस्तित्वगत   ऊर्जा   संरक्षण   के   रूप   में   लिया   जा   सकता   है।   वर्तमान   परिप्रेक्ष्य   में   इसका   सम्बन्ध   इम्यूनो   सिस्टम   को   संरक्षित   एवं   संवर्धित   करने   के   रूप   में   लिया   जा   सकता   है।