ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ)
1.86K subscribers
1.47K photos
62 videos
13 files
271 links
ब्रम्हचर्य पालन करने वालो के लिये विश्व का सर्वोत्तम टेलिग्राम चॅनल,
यहा पर आपको ब्रम्हचर्य के बारे मैं सटीक और सही जानकारी मिलेगी लेख, pdf और पुस्तके |
इस भारतवर्ष मैं फिर से ब्रम्हचर्य की महिमा का परिचय सबको कराये यही हमारा उद्देश है|
#hastag
Download Telegram
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक १७
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
जब आप 30 दिनों के लिए अपना वीर्य बनाए रखते हैं, जिसका अर्थ है कि आप बिना वीर्यनाश किये 30 दिन सफलतापूर्वक अपना जीवन बिताते है , तो कुछ बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं। ऐसी चीजें जो मैंने खुद अनुभव की हैं, और कई अन्य लोग भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करते हैं। पुरुषों के रूप में, हम यह मानते हैं कि यह हमारे लिए सामान्य और स्वस्थ है कि हम हर दिन, अक्सर वीर्यनाश करें। और इसका कारण है बचपन से ही की जा रही हमारी कंडीशनिंग। sexual एनर्जी को लेकर हमारी अज्ञानता के कारण हम सेक्सुअल रूप से बहुत अधिक अस्थिर हैं कि हमें ऐसा लगता है कि हमें हर दिन अपनी सेक्सुअल एनर्जी को किसी sharirik madhyam se bahar nikaalne me koi harj nhi hai .Lekin kuch mahan logo k dwara likhi pustakon k anusar hum is sexual energy ka ek uttam prayog apne liye kar sakte hai। मैं apni baat krun to mai एक teenager के रूप में व्यक्तिगत रूप से इस पैटर्न में था। जब मैं लगभग 18 ya 19 साल का था, तब मुझे महसूस होने लगा कि पोर्न aur हस्तमैथुन मेरे जीवन को bure aur naKaratmak rup se प्रभावित कर रहा है। यह मेरी ऊर्जा को कम कर रहा था, यह मेरी जीवन शक्ति को कम कर रहा था। मुझे जीवन में कोई ध्यान नहीं था,jagriti nhi tha कोई आत्मविश्वास नहीं था, कोई प्रेरणा नहीं थी।

जब मैंने पहली बार वीर्य रक्षा का अभ्यास शुरू किया, ये लगभग 2 साल पहले की बात है । तो मेरे लिए बिना वीर्यनाश के 30 दिन जाना एक बड़ी उपलब्धि थी। जिन चीजों पर मैंने ध्यान दिया, उनमें से कुछ मैं आपको बताता हूँ , सबसे पहले, मेरी ऊर्जा के स्तर में काफी सुधार हुआ । मैं पहले जहां जाने के लिए ऑटो या बाइक के बिना सोच भी नही सकता था , वहां मैं अब पैदल ही जाने लगा था बिना ज्यादा थकान के । एक बार जब मुझे वीर्यरक्षा में 30 दिन पूरे हुए, तो मेरी ऊर्जा का स्तर आसमान को छूने लगा । मुझे कम नींद की आवश्यकता होने लगी और जैसे की मेरे पास ऊर्जा की यह अंतहीन आपूर्ति हो रही हो , थोड़ी रिसर्च करने के बाद मुझे समझ में आने लगा की शरीर बहुत सारे काम वीर्य बनाने में करता है। यह शरीर से बहुत सारे संसाधन लेता है। यह शरीर के विभिन अंगों से, रीढ़ की हड्डी के तरल पदार्थ से खींच कर वीर्य का उत्पादन करता है । वीर्यनाश वास्तव में आपके एण्ड्रोजन रिसेप्टर्स को बंद कर देता है और शरीर सेलुलर मरम्मत और आत्म रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करना बंद कर देता है। इसके बजाय, यह अधिक वीर्य बनाने पर ध्यान देता है। इसलिए जब आप लगातार वीर्यरक्षा करते हो तो आपके शरीर को अब अधिक वीर्य बनाने पर ध्यान नहीं देना पड़ता है। इसकी अन्य प्रक्रियाओं के लिए अधिक ऊर्जा है, इसलिए आप ऊर्जा के स्तर में काफी वृद्धि का अनुभव करते हैं।

जब 30 दिन वीर्य बचाने से ही अनेको लाभ हमे मिलते है जैसे शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है , आपकी किसी काम में फोकस करने की छमता बढ़ती है , आप प्रेरणा से भरे हुए अनुभव करते हो , धीरे धीरे आपके चेहरे पर एक तेज़ उभरनी शुरू हो जाती है । तो फिर आगे भी इसे जारी रखा जाए तो ईश्वर द्वारा दी गयी इस शरीर और मन से कामल कर सकते है ।

इसलिए वीर्यरक्षा करते हुआ एक पुरुष होने के नात सिवाय इसके की आप अपने यौन इच्छाओं के नियंत्रण में रहो , आप स्वयं के स्वामी बन जाते हो। यह आपके जीवन के सभी पहलुओं पर काम करता है। आप अपने जीवन के अन्य सभी क्षेत्रों के स्वामी बन जाते हैं। आप एक समर्पित, मेहनती, संतुलित आदमी बन जाते हैं। और इसी तरह के पुरुषों की अभी दुनिया को आवश्यकता है ।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( पंचम भाग)
स्नान
🔴 स्नान (जल) पाप का विनाशक है
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
श्लोक १८
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
पंद्रहवां अध्याय
अध्याय का सार
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
तुम पहले अश्लीलता निहारते हो।
फिर कामवासना की चिंगारी को भड़काते हो।
फिर वीर्य निकालके शरीर को शमशान बनाते हो।
फिर आंसू बहाते हो।
आखिर तुम किसे बेवकूफ बनाते हो?
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( पंचम भाग)
स्नान
🔴 स्नान की शास्त्रियविधि
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
#celibacybookssummary
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
सोलहवां अध्याय

🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
पुस्तक:- चाणक्य नीति
सोलहवां अध्याय
श्लोक १
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸
#Chanakyaniti
ब्रह्मचर्य की शक्ति को जानते हुये ही भीष्म पितामह ने कहा था"तीनों लोक के साम्राज्य का त्याग करना, स्वर्ग का अधिकार छोड़ देना, इससे भी कोई उत्तम वस्तु हो, उसको भी छोड़ देना परन्तु ब्रह्मचर्य को भंग न करना।"
Remembering The Legend on His Birth Aniversary 🙏🔥🌼