नेत्रों से अंधा तो मात्र आंखों से देख नहीं पाता । परन्तु कामवासना में अंधा तो बुद्धि , मन और इंद्रियों से विकलांग होता है ।
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( पंचम भाग)
स्नान
🔴 ब्रम्हाचारी को ईश्वरभक्ति की क्यों आवश्यकता है ?
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#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( पंचम भाग)
स्नान
🔴 ब्रम्हाचारी को ईश्वरभक्ति की क्यों आवश्यकता है ?
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जब भी कामवासना की तलब उठे । स्वयं से ये बोलना कि इस दो मिनट के स्वाद के लिए मैं अपने अनमोल शरीर का सत्यानाश नहीं करूँगा । सर्वनाश नहीं करूंगा । चाहे कुछ भी हो जाए ।
आधार स्तंभ के टूटने से जैसे सम्पूर्ण भवन ढह जाता है, वैसे ही वीर्यनाश होने से संपूर्ण शरीर का नाश अति शीघ्र हो जाता है
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