🙏🙏🙏🙏
देख दिखावे की जिंदगी मत जियो, फोटाकापी से ज्यादा कीमत Original की होती हैइसलिए असली बन जाओ
दूसरो को देखकर अपने हीरे रूपी वीर्य का नाश मत करो ब्रह्मचर्य अपना लो.
देख दिखावे की जिंदगी मत जियो, फोटाकापी से ज्यादा कीमत Original की होती है
दूसरो को देखकर अपने हीरे रूपी वीर्य का नाश मत करो
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Note:-ब्रह्मचर्य क्या है??क्यों जरूरी है?
सामान्य अर्थ में तो सर्वोत्तम आचरण,और दिव्य दिनचर्या का व्यवहार ही ब्रह्मचर्य है।
लेकिन शास्त्रानुसार मन, वचन और कर्म यानी व्यवहार से पूरी तरह वासना और अश्लीलता के चिंतन का त्याग ही ब्रह्मचर्य है।
क्योंकि तभी आपकी जीवनी शक्ति , जो सन्तान के निर्माण में उपयोगी होती है।
वह व्यर्थ होने से बचकर,आपको बोहत सूंदर, पवित्र और बलशाली बनाती है
जिस सन्तान को हम ईश्वर का उपहार कहते है। भला उसे खेल खेल में नष्ट करना कितना उचित है???🤔
जिस कार्य को करने के बाद मुर्दा लाश जैसे पड़े -पडे़ ,सिर्फ पश्चाताप करे??🤔
क्या वह कभी आपका भला कर सकता है??खुद विचार कीजिये।🤔
दुर्भाग्य है देश का। जिसमें 40 करोड़ युवा तो है। लेकिन बोहत बड़ी संख्या में अश्लील फिल्मों में डूबकर अपनी शक्ति को जाने अनजाने नाली में बहा रहे है।😌
खुद में थोड़ा अब झांकिए
महापुरुष कह गए है,
कि अनुभवों से प्राप्त ज्ञान ही सच्चा ज्ञान है👍
सम्भव है आपके एक share से किसी को इन बुरी आदतों से बाहर निकलने के लिये सही ज्ञान मिल जाय
🔰Please एक शेयर जरूर कीजिये।
Telegram पर जुड़े🙏🌹
सामान्य अर्थ में तो सर्वोत्तम आचरण,और दिव्य दिनचर्या का व्यवहार ही ब्रह्मचर्य है।
लेकिन शास्त्रानुसार मन, वचन और कर्म यानी व्यवहार से पूरी तरह वासना और अश्लीलता के चिंतन का त्याग ही ब्रह्मचर्य है।
क्योंकि तभी आपकी जीवनी शक्ति , जो सन्तान के निर्माण में उपयोगी होती है।
वह व्यर्थ होने से बचकर,आपको बोहत सूंदर, पवित्र और बलशाली बनाती है
जिस सन्तान को हम ईश्वर का उपहार कहते है। भला उसे खेल खेल में नष्ट करना कितना उचित है???🤔
जिस कार्य को करने के बाद मुर्दा लाश जैसे पड़े -पडे़ ,सिर्फ पश्चाताप करे??🤔
क्या वह कभी आपका भला कर सकता है??खुद विचार कीजिये।🤔
दुर्भाग्य है देश का। जिसमें 40 करोड़ युवा तो है। लेकिन बोहत बड़ी संख्या में अश्लील फिल्मों में डूबकर अपनी शक्ति को जाने अनजाने नाली में बहा रहे है।😌
खुद में थोड़ा अब झांकिए
महापुरुष कह गए है,
कि अनुभवों से प्राप्त ज्ञान ही सच्चा ज्ञान है👍
सम्भव है आपके एक share से किसी को इन बुरी आदतों से बाहर निकलने के लिये सही ज्ञान मिल जाय
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आज के माता पिता और समाज और आज का भारत देश अपने बच्चों के दुश्मन हो गए हैं ।
लाखों लड़के 12 -13 साल के होते ही हस्तमैथुन करना शुरू कर देते हैं काम वासना में बुद्धि काम नहीं करती और उनको पता भी नही होता के वो हस्थमैथुन कर रहे हैं और 17 - 18 साल के होते होते उनको धात गिरने लगता है , रात में सोते समय हफ्ते में 3 - 4 बार पैन्ट गीली हो जाती है । धीरे धीरे पाचन ख़राब हो जाती है पेशाब बार बार होने लगता है लड़की से बात करते समय लिंग से discharge होने लगता है हलके से भी काम सम्बंधित कुछ पढ़ने लिखने देखने सुनने से धात आने लगता है लिंग में तनाव ख़त्म होने लगता है
शादी शुदा ज़िन्दगी बर्बाद हो जाती है
कैरियर चौपट हो जाता है दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। जिस कारण कुछ लोग सुसाइड कर लेते हैं और जिनमें इतनी हिम्मत नहीं होती वो ज़िंदा लाश बन के जीते हैं इनका दुःख वही समझ सकता है जिसके साथ ये घटी है ।
इन सबके कारण आपके माँ बाप और समाज है 5000 साल पुरानी सभ्यता है इन 5 हज़ार सालों में कितने लोगों को हस्थमैथुन करने के कारण ये सारी समस्याओं से गुजरना पड़ा लेकिन आपके माँ बाप , teachers ने कभी नहीं आपको बताया के हस्थमैथुन जो किये उनका क्या हाल हुआ । स्कूलों में किसी किताबों में कभी नही पढ़ाया बाकि लतों को पढ़ाया मगर इस सबसे बड़े लत को नहीं । बाकि लतों में कोई चीज़ आपको बाहर से लेनी होती है लेकिन इस लत में ये आपके अंदर ही इस चीज़ की व्यवस्था होती है तो जो पहले ही मौजूद है लोग उसको चुनेंगे या बाहर से नशे का सामान चुनेंगे आप ही सोचिये ?
जब एक बच्चा बड़ा होता है तो प्रचंड काम वेग उस पर हावी हो जाता है और उस वक़्त बच्चों को ज्ञान न देने के कारण बच्चे
हस्तमैथुन करना शुरू कर देते हैं और उनकी ज़िन्दगी नर्क बन जाती है । माता पिता समाज सब जानते हुए भी शर्म से बच्चे को कुछ नहीं बताते लेकिन यह शर्म उनके बच्चे की खुशियों पर भाड़ी पर जाता है और जो पढ़े लिखे नहीं है माँ बाप उन से तो कम ही उम्मीद होता है के वो बच्चे को ज़रूरी ज्ञान देंगे लेकिन जो पढ़े लिखे होते हैं वो भी कमाल करते हैं बल्कि माँ बाप और मीर्च मसाला कोको कोला मांसाहार गर्म चीज़े खिलाकर उसको और भी उत्तेजित कर देते हैं तो
5 हज़ार साल पुरानी सभ्यता के हिसाब से
5000 % chances है के वो हस्थमैथुन में पड़ेगा । आज के जन्म लेने वाले बच्चों के लिए तो जैसे दुनिया अभी शुरू हुई है । जब माँ बाप पूर्वजों के द्वारा बताई और अपने द्वारा झेली गयी गलतियां नहीं बताते ।
आज कल डॉक्टर अपने फायदे के लिए हस्तमैथुन को और बढ़ावा दे रहे हैं क्योंकि वो जानते हैं की हस्तमैथुन की आदत जिसे लग गयी और धात रोग हो गया उसके बाद उसे कोई बीमारी हो सकती है । इंटरनेट पर हस्तमैथुन के फायदों ही फायदे गिनाये जा रहे हैं और फायदे गिनाने वालों में ज्यादातर डॉक्टर्स हैं और हमारे युवा शक्ति के जीवन को बर्बाद किया जा रहा
है ।
लड़कियां भी हस्तमैथुन करती हैं और जब वो हस्तमैथुन के लिए बैंगन या किसी सब्जी से हस्तमैथुन करती है तो बैंगन योनि में अंदर ही रह जाता है और शर्म के मारे किसी को बोलती नहीं है और वो टुकड़ा अंदर सड़ कर लड़की की जान ले लेता है ।
लाखों लड़के 12 -13 साल के होते ही हस्तमैथुन करना शुरू कर देते हैं काम वासना में बुद्धि काम नहीं करती और उनको पता भी नही होता के वो हस्थमैथुन कर रहे हैं और 17 - 18 साल के होते होते उनको धात गिरने लगता है , रात में सोते समय हफ्ते में 3 - 4 बार पैन्ट गीली हो जाती है । धीरे धीरे पाचन ख़राब हो जाती है पेशाब बार बार होने लगता है लड़की से बात करते समय लिंग से discharge होने लगता है हलके से भी काम सम्बंधित कुछ पढ़ने लिखने देखने सुनने से धात आने लगता है लिंग में तनाव ख़त्म होने लगता है
शादी शुदा ज़िन्दगी बर्बाद हो जाती है
कैरियर चौपट हो जाता है दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। जिस कारण कुछ लोग सुसाइड कर लेते हैं और जिनमें इतनी हिम्मत नहीं होती वो ज़िंदा लाश बन के जीते हैं इनका दुःख वही समझ सकता है जिसके साथ ये घटी है ।
इन सबके कारण आपके माँ बाप और समाज है 5000 साल पुरानी सभ्यता है इन 5 हज़ार सालों में कितने लोगों को हस्थमैथुन करने के कारण ये सारी समस्याओं से गुजरना पड़ा लेकिन आपके माँ बाप , teachers ने कभी नहीं आपको बताया के हस्थमैथुन जो किये उनका क्या हाल हुआ । स्कूलों में किसी किताबों में कभी नही पढ़ाया बाकि लतों को पढ़ाया मगर इस सबसे बड़े लत को नहीं । बाकि लतों में कोई चीज़ आपको बाहर से लेनी होती है लेकिन इस लत में ये आपके अंदर ही इस चीज़ की व्यवस्था होती है तो जो पहले ही मौजूद है लोग उसको चुनेंगे या बाहर से नशे का सामान चुनेंगे आप ही सोचिये ?
जब एक बच्चा बड़ा होता है तो प्रचंड काम वेग उस पर हावी हो जाता है और उस वक़्त बच्चों को ज्ञान न देने के कारण बच्चे
हस्तमैथुन करना शुरू कर देते हैं और उनकी ज़िन्दगी नर्क बन जाती है । माता पिता समाज सब जानते हुए भी शर्म से बच्चे को कुछ नहीं बताते लेकिन यह शर्म उनके बच्चे की खुशियों पर भाड़ी पर जाता है और जो पढ़े लिखे नहीं है माँ बाप उन से तो कम ही उम्मीद होता है के वो बच्चे को ज़रूरी ज्ञान देंगे लेकिन जो पढ़े लिखे होते हैं वो भी कमाल करते हैं बल्कि माँ बाप और मीर्च मसाला कोको कोला मांसाहार गर्म चीज़े खिलाकर उसको और भी उत्तेजित कर देते हैं तो
5 हज़ार साल पुरानी सभ्यता के हिसाब से
5000 % chances है के वो हस्थमैथुन में पड़ेगा । आज के जन्म लेने वाले बच्चों के लिए तो जैसे दुनिया अभी शुरू हुई है । जब माँ बाप पूर्वजों के द्वारा बताई और अपने द्वारा झेली गयी गलतियां नहीं बताते ।
आज कल डॉक्टर अपने फायदे के लिए हस्तमैथुन को और बढ़ावा दे रहे हैं क्योंकि वो जानते हैं की हस्तमैथुन की आदत जिसे लग गयी और धात रोग हो गया उसके बाद उसे कोई बीमारी हो सकती है । इंटरनेट पर हस्तमैथुन के फायदों ही फायदे गिनाये जा रहे हैं और फायदे गिनाने वालों में ज्यादातर डॉक्टर्स हैं और हमारे युवा शक्ति के जीवन को बर्बाद किया जा रहा
है ।
लड़कियां भी हस्तमैथुन करती हैं और जब वो हस्तमैथुन के लिए बैंगन या किसी सब्जी से हस्तमैथुन करती है तो बैंगन योनि में अंदर ही रह जाता है और शर्म के मारे किसी को बोलती नहीं है और वो टुकड़ा अंदर सड़ कर लड़की की जान ले लेता है ।
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🚩‼️ ओ३म् ‼️🚩
🔥 *विश्व को वेद का सन्देश*
====================
मनुष्य बन ! मनुष्य बन ! मनुष्य बन ! आज कोई कम्युनिस्ट बनता है तो कोई ईसाई, मुसलमान, बौध्द, हिन्दू या सिक्ख।
किन्तु संसार में वेद ही एकमात्र ऐसा धर्मग्रन्थ है जो उपदेश देता है कि और कुछ नहीं 'तू मनुष्य बन क्योंकि मनुष्य बनने पर तो सारा संसार ही तेरा परिवार होगा' ।
वेद कहता है "मनुर्भव जनया दैव्यं जनम् |" इस उपदेश का सार यह भी है कि वेद संसार के सभी मनुष्यों की एक ही जाति मानता है 'मनुष्य' जाति ।
मनुष्य-मनुष्य के बीच की सारी दीवारें मनुष्य को मनुष्य से अलग कर विवाद, द्वेष, युध्द उत्पन्न करती है । 'वेद' शान्ति के लिए सभी दीवारों को समाप्त करने का आदेश देता है ।
वेद कहता है "मित्रस्य चक्षुषा समीरक्षामहे ।" सबको मित्र की स्नेह भरी आँख से देख | कितनी उदात्त भावना है । प्राणिमात्र से प्यार का कितना सुन्दर उपदेश है ।
एकता और सह-अस्तित्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा करता हुआ वेद कहता है "संगच्छध्वं सवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् ।" तुम्हारी चाल, तुम्हारी वाणी, तुम्हारे मन सभी एक समान हों । इस उपदेश पर चलें, तो फिर धरती कैसे स्वर्ग न बने ?
अशाँति और द्वेष के वर्तमान वातावरण में मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए आज यह परमावश्यक है कि सभी विचारक, विद्वान और राजनीतिज्ञ 'वेद' के महत्व को समझें और उसके आदेश पर आचरण करें।
'वेद' के मार्ग पर चलकर ही यह धरती स्वर्ग बन सकती है, यह एक ऐसा सत्य है, जिसे सभी को स्वीकार करना ही होगा।
धर्म का उद्भव वेदों से हुआ है अतः आओ धर्म की ओर चलें।।
आओ वेदों की ओर चलें।
ओ३म् ईशा वास्यमिदं सर्व यत्किञ्च जगत्वां जगत्। तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा कस्य स्विद्धनम्।।( यजुर्वेद ४०|०१)
अर्थ:- जो मनुष्य ईश्वर से डरते हैं कि वह सबको सब काल में सब ओर से देखता है, यह जगत् ईश्वर से व्याप्त अर्थात सब स्थानों में ईश्वर विद्यमान हैं। इस प्रकार उस व्यापक अन्तर्यामी को जानकर कभी भी अन्याय - आचरण से किसी का कुछ भी द्रव्य ग्रहण करना नहीं चाहते, वे इस त्याग से धार्मिक होकर इस लोक में अभ्युदय और परलोक में नि: श्रेयसरूप फलों को भोग कर सदा आनन्द में रहते हैं।
🔥 *विश्व को वेद का सन्देश*
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मनुष्य बन ! मनुष्य बन ! मनुष्य बन ! आज कोई कम्युनिस्ट बनता है तो कोई ईसाई, मुसलमान, बौध्द, हिन्दू या सिक्ख।
किन्तु संसार में वेद ही एकमात्र ऐसा धर्मग्रन्थ है जो उपदेश देता है कि और कुछ नहीं 'तू मनुष्य बन क्योंकि मनुष्य बनने पर तो सारा संसार ही तेरा परिवार होगा' ।
वेद कहता है "मनुर्भव जनया दैव्यं जनम् |" इस उपदेश का सार यह भी है कि वेद संसार के सभी मनुष्यों की एक ही जाति मानता है 'मनुष्य' जाति ।
मनुष्य-मनुष्य के बीच की सारी दीवारें मनुष्य को मनुष्य से अलग कर विवाद, द्वेष, युध्द उत्पन्न करती है । 'वेद' शान्ति के लिए सभी दीवारों को समाप्त करने का आदेश देता है ।
वेद कहता है "मित्रस्य चक्षुषा समीरक्षामहे ।" सबको मित्र की स्नेह भरी आँख से देख | कितनी उदात्त भावना है । प्राणिमात्र से प्यार का कितना सुन्दर उपदेश है ।
एकता और सह-अस्तित्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा करता हुआ वेद कहता है "संगच्छध्वं सवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् ।" तुम्हारी चाल, तुम्हारी वाणी, तुम्हारे मन सभी एक समान हों । इस उपदेश पर चलें, तो फिर धरती कैसे स्वर्ग न बने ?
अशाँति और द्वेष के वर्तमान वातावरण में मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए आज यह परमावश्यक है कि सभी विचारक, विद्वान और राजनीतिज्ञ 'वेद' के महत्व को समझें और उसके आदेश पर आचरण करें।
'वेद' के मार्ग पर चलकर ही यह धरती स्वर्ग बन सकती है, यह एक ऐसा सत्य है, जिसे सभी को स्वीकार करना ही होगा।
धर्म का उद्भव वेदों से हुआ है अतः आओ धर्म की ओर चलें।।
आओ वेदों की ओर चलें।
ओ३म् ईशा वास्यमिदं सर्व यत्किञ्च जगत्वां जगत्। तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा कस्य स्विद्धनम्।।( यजुर्वेद ४०|०१)
अर्थ:- जो मनुष्य ईश्वर से डरते हैं कि वह सबको सब काल में सब ओर से देखता है, यह जगत् ईश्वर से व्याप्त अर्थात सब स्थानों में ईश्वर विद्यमान हैं। इस प्रकार उस व्यापक अन्तर्यामी को जानकर कभी भी अन्याय - आचरण से किसी का कुछ भी द्रव्य ग्रहण करना नहीं चाहते, वे इस त्याग से धार्मिक होकर इस लोक में अभ्युदय और परलोक में नि: श्रेयसरूप फलों को भोग कर सदा आनन्द में रहते हैं।
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चेतावनी ☠☠☠☠ 🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴
जो भी भारतीय युवा हस्त*मैथुन कर रहा है , p o*n देख रहा है , वह सावधान हो जाओ 😱😱😱अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हो 🪓🪓🪓🩸🩸🩸🩸🩸🩸🩸
आज के युवा p o* n देखके और हस्त*मैथुन करके अपना नाश कर रहे हैं , उनको इसके गंभीर side effects कोई नहीं बताता , जिससे वो न खुद को बचा पाएंगे , न देश-धर्म को , देश-धर्म बचाना है तो ब्रह्मचर्य जरूरी है , वीर्य रक्षा आवश्यक है ।
यह भारत और सनातन धर्म के दुश्मनों की साजिश है, भारत को कमज़ोर करने की 🧟🧟♂️🧟♀️
ये दुश्मन देश और समाज में अश्लीलता फैला रहे हैं किशोरों और युवाओं को गुमराह करके उनके जीवन का पतन कर रहे हैं, खुद की जेब भर रहे हैं 💸💵
वीर्य शरीर का सार है , वीर्य नाश से मनुष्य अपनी शक्ति, बुद्धि , शरीर चरित्र का संपूर्ण नाश कर देता है और विनाश 👺👹☠☠की ओर अग्रसर होता है
⚡⚡⚡⚡🌟🧠💪 💪 वीर्य रक्षा करो, वीर्य को ऊर्ध्वरेता कर वीर, शक्तिशाली , बुद्धिमान आरोग्यवान, वीर्यवान , चरित्रवान, गुणवान बनो क्योंकि जब भारतीय ब्रह्मचर्य पालन करके तन और मन से मजबूत बनेगा तभी देश से भगत सिंह🇮🇳 , महाराणा प्रताप, ⚔⚔🚩, कुंती पुत्र अर्जुन🏹🏹 , सुभाष चंद्र बोस, छत्रपति शिवाजी महाराज 🕉🚩 , स्वामी विवेकानंद 🚩🚩जैसे महापुरुष बनेंगे जन्म लेंगे और धर्म , राष्ट्र को बचाएंगे 💪💪🕉🚩🇮🇳🇮🇳
सच्चा सनातनी वही है जो ब्रह्मचर्य पालन करे , श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीरामचरितमानस, उपनिषदों, वेदांत का अनुसरण करे
ब्रह्मचर्य ही जीवन है 🕉🚩 वीर्य नाश ही मृत्यु है ☠☠
#bramhachryamotivation
#Celibacy
#indianculture
https://t.me/bramachrya01
जो भी भारतीय युवा हस्त*मैथुन कर रहा है , p o*n देख रहा है , वह सावधान हो जाओ 😱😱😱अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हो 🪓🪓🪓🩸🩸🩸🩸🩸🩸🩸
आज के युवा p o* n देखके और हस्त*मैथुन करके अपना नाश कर रहे हैं , उनको इसके गंभीर side effects कोई नहीं बताता , जिससे वो न खुद को बचा पाएंगे , न देश-धर्म को , देश-धर्म बचाना है तो ब्रह्मचर्य जरूरी है , वीर्य रक्षा आवश्यक है ।
यह भारत और सनातन धर्म के दुश्मनों की साजिश है, भारत को कमज़ोर करने की 🧟🧟♂️🧟♀️
ये दुश्मन देश और समाज में अश्लीलता फैला रहे हैं किशोरों और युवाओं को गुमराह करके उनके जीवन का पतन कर रहे हैं, खुद की जेब भर रहे हैं 💸💵
वीर्य शरीर का सार है , वीर्य नाश से मनुष्य अपनी शक्ति, बुद्धि , शरीर चरित्र का संपूर्ण नाश कर देता है और विनाश 👺👹☠☠की ओर अग्रसर होता है
⚡⚡⚡⚡🌟🧠💪 💪 वीर्य रक्षा करो, वीर्य को ऊर्ध्वरेता कर वीर, शक्तिशाली , बुद्धिमान आरोग्यवान, वीर्यवान , चरित्रवान, गुणवान बनो क्योंकि जब भारतीय ब्रह्मचर्य पालन करके तन और मन से मजबूत बनेगा तभी देश से भगत सिंह🇮🇳 , महाराणा प्रताप, ⚔⚔🚩, कुंती पुत्र अर्जुन🏹🏹 , सुभाष चंद्र बोस, छत्रपति शिवाजी महाराज 🕉🚩 , स्वामी विवेकानंद 🚩🚩जैसे महापुरुष बनेंगे जन्म लेंगे और धर्म , राष्ट्र को बचाएंगे 💪💪🕉🚩🇮🇳🇮🇳
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यहाँ पर शेयर किया गया मटेरियल भारतीय शास्त्रों, ऋषि मुनियों , अखंड ब्रह्मचारियों के द्वारा बताए गए ज्ञान का अंश है।
इन आसान नियमो का पालन करके आप अपने जीवन को सफल और खुशहाल बना लेंगे। आपका जीवन ऐसा हमारा विश्वास है । हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। 🙏💐
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