‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼
#Boycott_Adipurush
2014 में बॉलीवुड की एक फ़िल्म आयी थी यारियां, फ़िल्म के प्रोड्यूसर थे भूषण कुमार और किशन कुमार। प्रस्तुत दृश्य उसी फ़िल्म का है। आप दृश्य में देख सकते हैं कि कैसे भारत माता को अधनंगी शीला की जवानी पर सेक्सी लुक में नाचते हुए दिखाया गया है...
इसी भूषण कुमार और किशन कुमार ने अपकमिंग फिल्म आदिपुरुष का निर्माण किया है।
आदिपुरुष में रावण को मुस्लिम लुक देना भी एक साजिश है जिसके तहत इस्लाम को रामायणकालीन साबित करने की कोशिश की गई है।
महज प्रभाष की वजह से इस फ़िल्म को प्रमोट नहीं करें। शत प्रतिशत बॉलीवुडिया फ़िल्म है यह। क्या इस फ़िल्म का बहिष्कार नहीं होना चाहिए...?
Join us 🔜 - 🇮🇳🇮🇱काफिर कन्या
टेलीग्राम चैनल 👇
https://t.me/kafirkanya
‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼
#Boycott_Adipurush
2014 में बॉलीवुड की एक फ़िल्म आयी थी यारियां, फ़िल्म के प्रोड्यूसर थे भूषण कुमार और किशन कुमार। प्रस्तुत दृश्य उसी फ़िल्म का है। आप दृश्य में देख सकते हैं कि कैसे भारत माता को अधनंगी शीला की जवानी पर सेक्सी लुक में नाचते हुए दिखाया गया है...
इसी भूषण कुमार और किशन कुमार ने अपकमिंग फिल्म आदिपुरुष का निर्माण किया है।
आदिपुरुष में रावण को मुस्लिम लुक देना भी एक साजिश है जिसके तहत इस्लाम को रामायणकालीन साबित करने की कोशिश की गई है।
महज प्रभाष की वजह से इस फ़िल्म को प्रमोट नहीं करें। शत प्रतिशत बॉलीवुडिया फ़िल्म है यह। क्या इस फ़िल्म का बहिष्कार नहीं होना चाहिए...?
Join us 🔜 - 🇮🇳🇮🇱काफिर कन्या
टेलीग्राम चैनल 👇
https://t.me/kafirkanya
‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼‼
👍6🤩1
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
भारत के सनातनी युवाओ को इतिहास हि नहीं पता होगा, तो उन्हे वो खुद कोन है ये क्या हि पता होगा . 🤷♀🤦♂
👍8
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
ब्रह्मर्चेण तपसा देवा मृत्युमपाध्नत ( अर्थववेद -११. ५.१९) 💪🚩
जय श्री राम 🧡 🚩
जय श्री राम 🧡 🚩
🔥4❤1
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
अपनी मातृभूमि को बचा लो 🙏
सुनो और समझो
Join us 🔜 - 🇮🇳🇮🇱काफिर कन्या
टेलीग्राम चैनल 👉 https://t.me/kafirkanya
सुनो और समझो
Join us 🔜 - 🇮🇳🇮🇱काफिर कन्या
टेलीग्राम चैनल 👉 https://t.me/kafirkanya
👍4
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
If you can't respect someone's feelings then don't even lose them by speaking Bullshit.
happykarwachauth
indianfestival
respect
indianculture
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
happykarwachauth
indianfestival
respect
indianculture
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
👍5
ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ)
Photo
जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये।
वहां पहुँचते ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी।
उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।
उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।
मादा हिरनी क्या करती ? वह प्रसव पीडा से व्याकुल थी। अब क्या होगा ? क्या हिरनी जीवित बचेगी ? क्या वो अपने शावक को जन्म दे पायेगी ? क्या शावक जीवित रहेगा ?
क्या जंगल की आग सब कुछ जला देगी ? क्या मादा हिरनी शिकारी के तीर से बच पायेगी ?क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?
वो एक तरफ आग से घिरी है और पीछे नदी है। क्या करेगी वो ?
हिरनी अपने आप को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म देने में लग गयी। कुदरत का कारिष्मा देखिये। बिजली चमकी और तीर छोडते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया गयी। उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते, शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाडता हुआ इधर उधर भागने लगा।और शिकारी, शेर को घायल ज़ानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया।
हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम पूर्ण "पुरुषार्थ" के बावजूद चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई निर्णय नहीं ले पाते। तब सब कुछ नियति के हाथों सौंपकर अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।अन्तत: यश, अपयश ,हार ,जीत, जीवन,मृत्यु का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
वहां पहुँचते ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी।
उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।
उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।
मादा हिरनी क्या करती ? वह प्रसव पीडा से व्याकुल थी। अब क्या होगा ? क्या हिरनी जीवित बचेगी ? क्या वो अपने शावक को जन्म दे पायेगी ? क्या शावक जीवित रहेगा ?
क्या जंगल की आग सब कुछ जला देगी ? क्या मादा हिरनी शिकारी के तीर से बच पायेगी ?क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?
वो एक तरफ आग से घिरी है और पीछे नदी है। क्या करेगी वो ?
हिरनी अपने आप को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म देने में लग गयी। कुदरत का कारिष्मा देखिये। बिजली चमकी और तीर छोडते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया गयी। उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते, शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाडता हुआ इधर उधर भागने लगा।और शिकारी, शेर को घायल ज़ानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया।
हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम पूर्ण "पुरुषार्थ" के बावजूद चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई निर्णय नहीं ले पाते। तब सब कुछ नियति के हाथों सौंपकर अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।अन्तत: यश, अपयश ,हार ,जीत, जीवन,मृत्यु का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
👍13🔥3
