These were the basics which I carried out throughout my preparation.
Reminding you all, the only key to selection is :
ONE MATERIAL MANY TIMES, NOT MANY MATERIALS ONE TIME!!
Reminding you all, the only key to selection is :
💯26❤12🔥5👍3
राज्य सेवा परीक्षा : 10 साल में भर्ती....
वर्ष पद संख्या
2024. 246
2023. 242
2022. 210
2021. 171
2020. 175
2019. 242
2018. 273
2017. 299
2016. 293
2015. 352
❤36🏆3❤🔥1
नोटिफिकेशन आ रहा है… और आपकी बारी भी
आज CGPSC का नोटिफिकेशन आने वाला है। कई लोग इस दिन का सिर्फ इंतज़ार करते हैं—but याद रखिए, सफल वो होते हैं जो इंतज़ार नहीं करते, तैयारी करते हैं।
हालही में जो रिज़ल्ट आया है, उसमें बहुतों का चयन हुआ। उनकी कहानियों से प्रेरणा लेकर पढ़ाई कीजिए, क्योंकि कई ऐसे लाइव example मिले हैं जिन्होंने 5-7 साल तक संघर्ष किया और अपने मुकाम तक पहुंचे।
उनका मेहनत 2-3 घंटे की परीक्षा का परिणाम नहीं था,
वो सालों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीत थी।
अगली कहानी… आपकी होगी
आज जो नाम लिस्ट में आए हैं,
उनकी कहानी कभी आप जैसी ही थी—
थकान, संघर्ष, रातें जागकर पढ़ना, और फिर भी हार न मानना।
और कल…
अगले डिप्टी कलेक्टर की कहानी भी किसी ऐसे ही स्टूडेंट की होगी,
जो आज ये पंक्तियाँ पढ़ रहा है।
और मैं दिल से चाहता हूँ... कि इस बार जो कहानियाँ अधूरी रह गई थीं, वे पूरी हों। चमकदार हों, और यादगार हों।
Note: एकदम Experience से बोल रहा हूं, आपका नहीं हुआ है selection Doesn't mean कि आपके Notes खराब हैं या आपमें कमी है, बस समय कुछ और चाह रहा है, अपने आपको और notes को updated रखें, Doubt न करें वही Notes सफलता दिलाएगी और भावी Aspirant के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
❤108👍11❤🔥5🔥5✍2⚡2
🤣182❤🔥19🫡16🔥9❤6💯6👏4
एस्पिरेंट हो तुम
अगर थके हुए मन से भी
पन्नों पर सपनों की लौ जलाते हो,
नींद से लड़कर भी कल को संवारते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
घर में राजा बेटा/बेटी कहे जाते हो,
पर बाहर ज़िंदगी की धूल कंधों पर ढोते हो,
घर के सारे काम निपटाकर
रात की ख़ामोशी में किताबों से बातें करते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
अगर बाइक की चाबी किस्मत ने अभी तक नहीं दी,
तो पैरों को ही अपना इंजन मान
मीलों का सफ़र ठान लेते हो,
धूप, धूल, बारिश झेलकर भी
क्लास की आख़िरी बेंच पर उम्मीद सजाते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
अगर रिज़ल्ट के दिन दिल टूटता है,
फिर भी अगले ही दिन
सपनों को चाय में डुबोकर
नई शुरुआत का स्वाद लेते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
अगर दुनिया कहती है—
“और कितना परीक्षा दोगे?”
पर तुम मुस्कुरा कर कहते हो—
“बस थोड़ा और… बस थोड़ा और…”
तो एस्पिरेंट हो तुम।
तुम वो हो
जो हार को भी तैयारी का हिस्सा मानते हो,
जो दर्द को भी नोट्स में बदल लेते हो,
जो हर गिरावट के बाद
और मज़बूत उठ खड़े होते हो—
हाँ, एस्पिरेंट हो तुम।
और याद रखना—
जब तुम जीतोगे,
तो सिर्फ़ एक पोस्ट नहीं,
एक पूरी पीढ़ी की हिम्मत बनोगे।
Salute to all the warriors out there. your efforts and sacrifices matter. ❤️
📍Must Read
अगर थके हुए मन से भी
पन्नों पर सपनों की लौ जलाते हो,
नींद से लड़कर भी कल को संवारते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
घर में राजा बेटा/बेटी कहे जाते हो,
पर बाहर ज़िंदगी की धूल कंधों पर ढोते हो,
घर के सारे काम निपटाकर
रात की ख़ामोशी में किताबों से बातें करते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
अगर बाइक की चाबी किस्मत ने अभी तक नहीं दी,
तो पैरों को ही अपना इंजन मान
मीलों का सफ़र ठान लेते हो,
धूप, धूल, बारिश झेलकर भी
क्लास की आख़िरी बेंच पर उम्मीद सजाते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
अगर रिज़ल्ट के दिन दिल टूटता है,
फिर भी अगले ही दिन
सपनों को चाय में डुबोकर
नई शुरुआत का स्वाद लेते हो—
तो एस्पिरेंट हो तुम।
अगर दुनिया कहती है—
“और कितना परीक्षा दोगे?”
पर तुम मुस्कुरा कर कहते हो—
“बस थोड़ा और… बस थोड़ा और…”
तो एस्पिरेंट हो तुम।
तुम वो हो
जो हार को भी तैयारी का हिस्सा मानते हो,
जो दर्द को भी नोट्स में बदल लेते हो,
जो हर गिरावट के बाद
और मज़बूत उठ खड़े होते हो—
हाँ, एस्पिरेंट हो तुम।
और याद रखना—
जब तुम जीतोगे,
तो सिर्फ़ एक पोस्ट नहीं,
एक पूरी पीढ़ी की हिम्मत बनोगे।
Salute to all the warriors out there. your efforts and sacrifices matter. ❤️
📍Must Read
❤156🔥16👌4❤🔥3👍2🎉2👏1
✅ CGPSC में 4 साल का संघर्ष और फिर मिली 'विजय'! 🏆
हार नहीं माननी चाहिए! यह कहानी है नितिन कुमार की, जिन्होंने 2021 से 2023 तक लगातार तीन प्रयास (प्री, मेन्स, इंटरव्यू) का सामना किया नहीं हुआ, लेकिन 2024 में सहायक संचालक समाज कल्याण के पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया! 🌟
🚀 सीखने के अवसर और 'इतिहास-रचना' का सफर
नितिन कुमार की यात्रा सच्चे संघर्ष और अदम्य साहस की मिसाल है। वर्षों की असफलता के बाद भी उनका आत्मविश्वास नहीं डिगा और अंततः उन्होंने अपने लक्ष्य को भेद दिया।
📝 CGPSC यात्रा: चरण दर चरण
•2021: प्रीलिम्स नहीं हुआ -(सीढ़ी का पहला पायदान)
•2022: मेन्स में अवरोध - (ज्ञान और उत्तर लेखन में सुधार की निर्णायक आवश्यकता)
•2023: 'मंजिल के करीब' का फासला - इंटरव्यू दिया, लेकिन अंतिम चयन सूची में नाम नहीं। (सबसे मुश्किल और करीबी सीख)
•2024: अंतिम 'विजय'! - सहायक संचालक समाज कल्याण पद पर चयनित! (समर्पण की भव्य जीत)
💡 सफलता के चार 'मूल-मंत्र' जो राह रोशन करते हैं...
नितिन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय इन चार व्यावहारिक और निर्णायक रणनीतियों को दिया है:
1.गलतियों का ईमानदार विश्लेषण: पिछली असफलताओं से भागने के बजाय, उनका गहन अध्ययन किया और त्रुटियों को सुधारा।
2.निरंतर एवं सूक्ष्म सुधार: ज्ञान, रणनीति, और विशेष रूप से उत्तर लेखन की प्रस्तुति में लगातार बेहतरी लाने पर जोर दिया।
3.अथक परिश्रम (Consistency): बिना थके, लक्ष्य पर केंद्रित होकर नियमित प्रयास जारी रखे—यही सफलता की कुंजी है।
3.ग्रुप स्टडीज (Group Studies): दोस्तों के साथ चर्चा और सहयोगात्मक अध्ययन से तैयारी को एक नई मजबूती दी।
•आभार और एक प्रेरणादायक संदेश🙏🏻
नितिन ने इस संघर्षपूर्ण यात्रा में परिवार और दोस्तों के अटूट सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
✍️ 'मंजिल' (शिवमंगल सिंह 'सुमन') - संघर्ष की गूंज
उनकी यात्रा को यह कविता सर्वोत्तम तरीके से बयां करती है:
"मंजिल दूर नहीं है
चलना है...चलना है...
पग-पग पर ठोकर खाकर भी
अपना मार्ग बनाना है।
मंजिल दूर नहीं है!"
नितिन कुमार की यह कहानी सभी उम्मीदवारों के लिए एक ठोस प्रमाण है कि दृढ़ता और सकारात्मकता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
(विनम्र अनुरोध): अब प्रशासनिक ज़िम्मेदारी के साथ-साथ, दोस्तों की शानदार पार्टी की ज़िम्मेदारी भी जल्द निभानी होगी...😉 बधाई हो, नितिन!💐)
हार नहीं माननी चाहिए! यह कहानी है नितिन कुमार की, जिन्होंने 2021 से 2023 तक लगातार तीन प्रयास (प्री, मेन्स, इंटरव्यू) का सामना किया नहीं हुआ, लेकिन 2024 में सहायक संचालक समाज कल्याण के पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया! 🌟
🚀 सीखने के अवसर और 'इतिहास-रचना' का सफर
नितिन कुमार की यात्रा सच्चे संघर्ष और अदम्य साहस की मिसाल है। वर्षों की असफलता के बाद भी उनका आत्मविश्वास नहीं डिगा और अंततः उन्होंने अपने लक्ष्य को भेद दिया।
📝 CGPSC यात्रा: चरण दर चरण
•2021: प्रीलिम्स नहीं हुआ -(सीढ़ी का पहला पायदान)
•2022: मेन्स में अवरोध - (ज्ञान और उत्तर लेखन में सुधार की निर्णायक आवश्यकता)
•2023: 'मंजिल के करीब' का फासला - इंटरव्यू दिया, लेकिन अंतिम चयन सूची में नाम नहीं। (सबसे मुश्किल और करीबी सीख)
•2024: अंतिम 'विजय'! - सहायक संचालक समाज कल्याण पद पर चयनित! (समर्पण की भव्य जीत)
💡 सफलता के चार 'मूल-मंत्र' जो राह रोशन करते हैं...
नितिन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय इन चार व्यावहारिक और निर्णायक रणनीतियों को दिया है:
1.गलतियों का ईमानदार विश्लेषण: पिछली असफलताओं से भागने के बजाय, उनका गहन अध्ययन किया और त्रुटियों को सुधारा।
2.निरंतर एवं सूक्ष्म सुधार: ज्ञान, रणनीति, और विशेष रूप से उत्तर लेखन की प्रस्तुति में लगातार बेहतरी लाने पर जोर दिया।
3.अथक परिश्रम (Consistency): बिना थके, लक्ष्य पर केंद्रित होकर नियमित प्रयास जारी रखे—यही सफलता की कुंजी है।
3.ग्रुप स्टडीज (Group Studies): दोस्तों के साथ चर्चा और सहयोगात्मक अध्ययन से तैयारी को एक नई मजबूती दी।
•आभार और एक प्रेरणादायक संदेश🙏🏻
नितिन ने इस संघर्षपूर्ण यात्रा में परिवार और दोस्तों के अटूट सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
✍️ 'मंजिल' (शिवमंगल सिंह 'सुमन') - संघर्ष की गूंज
उनकी यात्रा को यह कविता सर्वोत्तम तरीके से बयां करती है:
"मंजिल दूर नहीं है
चलना है...चलना है...
पग-पग पर ठोकर खाकर भी
अपना मार्ग बनाना है।
मंजिल दूर नहीं है!"
नितिन कुमार की यह कहानी सभी उम्मीदवारों के लिए एक ठोस प्रमाण है कि दृढ़ता और सकारात्मकता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
(विनम्र अनुरोध): अब प्रशासनिक ज़िम्मेदारी के साथ-साथ, दोस्तों की शानदार पार्टी की ज़िम्मेदारी भी जल्द निभानी होगी...😉 बधाई हो, नितिन!💐)
❤36❤🔥7
अनुच्छेद 131 किससे संबंधित है?
Anonymous Quiz
3%
A. मौलिक अधिकार
17%
B. उच्च न्यायालय की शक्तियां
69%
C. सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार
10%
D.संसद के विशेषाधिकार
👍7❤1
अनुच्छेद 131 के तहत किस प्रकार के विवाद सीधे सर्वोच्च न्यायालय में लाए जा सकते हैं?
Anonymous Quiz
1%
A नागरिकों के बीच विवाद
24%
B केन्द्र और राज्य या दो या दो से अधिक राज्यों का विवाद
2%
C किसी भी अपराध से संबंधित विवाद
5%
D राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव संबंधी विवाद
16%
B और C दोनों
46%
B और D दोनों
5%
A और C दोनों
👍18❤5
📌 छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 2007 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा दिया था। यह दिन छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने और उसके महत्व को याद करने के लिए मनाया जाता है।
📌 राजभाषा आयोग की स्थापनाः विधेयक पारित होने के बाद, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की स्थापना की गई, जिसकी पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त 2008 को हुई थी, जिसे आयोग का 'कार्यालय स्थापना दिवस' भी कहते हैं।
📌 राजभाषा आयोग की स्थापनाः विधेयक पारित होने के बाद, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की स्थापना की गई, जिसकी पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त 2008 को हुई थी, जिसे आयोग का 'कार्यालय स्थापना दिवस' भी कहते हैं।
❤26❤🔥2🔥2
भाग-17
भाषायी उपबंध
343- संघ की राजभाषा
343(1)-संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी
344-राजभाषा के संबंध में आयोग का गठन (राष्ट्रपति द्वारा )
344(4)संयुक्त संसदीय समिति(लोकसभा-20+राज्यसभा -10=30)
345- राज्य की राजभाषा
346-राज्य ,संघ या राज्यो के मध्य पत्रादि के लिए राजभाषा
347- किसी राज्य की जनसंख्या के किसी भाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के सम्बंध में विशेष उपबंध
348-सर्वोच्च व उच्च न्यायालय आदि की भाषा
348(1)क-उच्चतम और उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा मे होगी
350क- प्राथमिक भाषा में शिक्षा
350ख-भाषाई अल्पसंख्यक के लिए एक विशेष भाषाई अधिकारी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा
351- हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश
***विशेष
120- संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा
210-विधानमंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा
*प्रथम राजकीय भाषा आयोग बी.जी.खेर की अध्यक्षता में 1955
8वीं अनुसूची-मूलतः शामिल 14 भाषा
21वां संविधान संशोधन अधिनियम 1967 -सिंधी
71वां संविधान संशोधन अधिनियम1992-
कोंकणी,मणिपुरी, नेपाली
92वां संविधान संशोधन अधिनियम2003-
डोगरी,मैथली ,संथाली, बोडो
*श्रेण्य/क्लासिकी/शास्त्रीय भाषा-
2004- तमिल
2005-संस्कृत
2008-तेलगु,कन्नड़
2013-मलयालम
2014-ओड़िया
2024 - पाली, प्राकृत, मराठी, असमिया, बंगला
❤33🔥6
नमक सत्याग्रह के दौरान मालाबार में निम्नलिखित में से किसने कालीकट से पोयन्नूर तक यात्रा कर नमक कानून तोड़ा ?
Anonymous Quiz
36%
(A) सी. राजगोपालाचारी
36%
(B) पी. कृष्णा पिल्लै
11%
(C) बीः पी. वाड़िया
17%
(D) के. केलप्पन
❤6💯6