सरकार ने तेजी से गिरते भूजल स्तर की समस्या से निपटने के लिए सभी बड़े सरकारी और निजी भवनों के लिए वर्षा जल संचयन को अनिवार्य कर दिया है।
स्थानीय निकायों को मानसून शुरू होने से पहले सर्वेक्षण करना चाहिए, नोडल केंद्र स्थापित करने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बोरवेल और हैंडपंपों के पास जल पुनर्भरण गड्ढे बनाए जाएं।
आवासीय परिसरों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, वाणिज्यिक भवनों और औद्योगिक इकाइयों में सिस्टम 15 जून, 2026 तक स्थापित किए जाना है
स्थानीय निकायों को मानसून शुरू होने से पहले सर्वेक्षण करना चाहिए, नोडल केंद्र स्थापित करने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बोरवेल और हैंडपंपों के पास जल पुनर्भरण गड्ढे बनाए जाएं।
आवासीय परिसरों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, वाणिज्यिक भवनों और औद्योगिक इकाइयों में सिस्टम 15 जून, 2026 तक स्थापित किए जाना है
स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के 45 शहरी निकायों में "आकांक्षी शौचालयों" के निर्माण की योजनाओं बनाए गई है।
अनुमानित लागत: 10 सीटों वाले शौचालय की अनुमानित लागत ₹28.20 लाख और 6 सीटों वाले शौचालय की अनुमानित लागत ₹16.92 लाख है।
विशेषताएं: ये शौचालय महिलाओं, बच्चों, विकलांगों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए उपयोग में आसान होने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
अनुमानित लागत: 10 सीटों वाले शौचालय की अनुमानित लागत ₹28.20 लाख और 6 सीटों वाले शौचालय की अनुमानित लागत ₹16.92 लाख है।
विशेषताएं: ये शौचालय महिलाओं, बच्चों, विकलांगों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए उपयोग में आसान होने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
State Bank of India के अध्यक्ष सीएस सेट्टी ने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।प्रमुख क्षेत्र: बैंक साइबर सुरक्षा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और व्यक्तिगत डिजिटल बैंकिंग समाधानों के माध्यम से ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दे रहा है।रणनीतिक विकास: एसबीआई का लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर बाजार पूंजीकरण के मामले में शीर्ष 10 वैश्विक बैंकों में से एक बनना है।
असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित
मुख्य प्रावधान: इस विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप से संबंधित कानूनों को मानकीकृत करना है, ताकि वे सभी धर्मों पर लागू हो सकें।बहुविवाह पर प्रतिबंध: इस कानून में बहुविवाह पर सख्त प्रतिबंध शामिल है, जिसका पालन न करने पर सात साल तक की कैद की सजा हो सकती है।लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण: इस नए विधेयक के तहत लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
राज्य का दर्जा: उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम भारत का तीसरा राज्य बन गया है जिसने ऐसा विधेयक पारित किया है।
मुख्य प्रावधान: इस विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप से संबंधित कानूनों को मानकीकृत करना है, ताकि वे सभी धर्मों पर लागू हो सकें।बहुविवाह पर प्रतिबंध: इस कानून में बहुविवाह पर सख्त प्रतिबंध शामिल है, जिसका पालन न करने पर सात साल तक की कैद की सजा हो सकती है।लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण: इस नए विधेयक के तहत लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
राज्य का दर्जा: उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम भारत का तीसरा राज्य बन गया है जिसने ऐसा विधेयक पारित किया है।
अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने गुजरात में कच्छ सीमा पर स्थित खावड़ा में एक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएस) चालू की है।
क्षमता: इस सुविधा की कुल क्षमता 3.37 गीगावाट -घंटे है, जो इसे चीन के बाहर सबसे बड़ी एकल-स्थान बैटरी भंडारण परियोजना बनाती है।प्रभाव: यह प्रणाली गोवा और इंदौर जैसे शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करने में सक्षम है।
क्षमता: इस सुविधा की कुल क्षमता 3.37 गीगावाट -घंटे है, जो इसे चीन के बाहर सबसे बड़ी एकल-स्थान बैटरी भंडारण परियोजना बनाती है।प्रभाव: यह प्रणाली गोवा और इंदौर जैसे शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करने में सक्षम है।
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर सहयोग करने के लिए एक ढांचा स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना है।
मुख्य उद्देश्य: यह साझेदारी दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की खोज, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण पर केंद्रित है ताकि चीन की लगभग 70% की प्रमुख बाजार हिस्सेदारी को चुनौती दी जा सके।
भारत के संसाधन: भारत के पास अनुमानित 69 लाख टन दुर्लभ पृथ्वी सामग्री मौजूद है, जिसमें सीरियम, लैंथनम और नियोडिमियम जैसे तत्व शामिल हैं।
रणनीतिक स्थल: ओडिशा के चत्रपुर जैसे तटीय क्षेत्रों और केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के विभिन्न स्थानों में भंडार की पहचान की गई है।
मुख्य उद्देश्य: यह साझेदारी दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की खोज, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण पर केंद्रित है ताकि चीन की लगभग 70% की प्रमुख बाजार हिस्सेदारी को चुनौती दी जा सके।
भारत के संसाधन: भारत के पास अनुमानित 69 लाख टन दुर्लभ पृथ्वी सामग्री मौजूद है, जिसमें सीरियम, लैंथनम और नियोडिमियम जैसे तत्व शामिल हैं।
रणनीतिक स्थल: ओडिशा के चत्रपुर जैसे तटीय क्षेत्रों और केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के विभिन्न स्थानों में भंडार की पहचान की गई है।
Raipur में - पहला ई-वेयरहाउस: राज्य का पहला डिजिटल पुलिस वेयरहाउस (ई-मालखाना) स्थापित हो गया है।
डिजिटल इन्वेंटरी ट्रैकिंग: पुलिस विभाग अपने कब्जे में रखी वस्तुओं को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए बारकोड-आधारित प्रणाली अपना रहा है।
इस पहल का उद्देश्य जब्त की गई वस्तुओं की पहचान करते समय मैन्युअल तलाशी की आवश्यकता को कम करना है।
डिजिटल इन्वेंटरी ट्रैकिंग: पुलिस विभाग अपने कब्जे में रखी वस्तुओं को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए बारकोड-आधारित प्रणाली अपना रहा है।
इस पहल का उद्देश्य जब्त की गई वस्तुओं की पहचान करते समय मैन्युअल तलाशी की आवश्यकता को कम करना है।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश के संबंध में टाटा समूह और इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के प्रतिनिधियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसमें
आईएचसीएल राज्य में होटल परियोजनाओं को विकसित करने और पर्यटन अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए500 करोड़ रुपयेसे अधिक के निवेश की योजना बनाई गई।
आईएचसीएल राज्य में होटल परियोजनाओं को विकसित करने और पर्यटन अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए500 करोड़ रुपयेसे अधिक के निवेश की योजना बनाई गई।
आज भी काम कर रहा है
चंद्रयान-2 ऑर्बिटर : हालांकि,
2019 में चंद्रयान-2 का लैंडर सफलतापूर्वक उतर नहीं पाया था, लेकिन उसका ऑर्बिटर आज भी काम कर रहा है और लगातार वैज्ञानिक डेटा भेज रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिल रही जानकारी चांद के रहस्यों को समझने में बेहद मददगार साबित हो रही है। यह खोज दिखाती है कि भारत का यह मिशन आज भी अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
चंद्रयान-2 ऑर्बिटर : हालांकि,
2019 में चंद्रयान-2 का लैंडर सफलतापूर्वक उतर नहीं पाया था, लेकिन उसका ऑर्बिटर आज भी काम कर रहा है और लगातार वैज्ञानिक डेटा भेज रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिल रही जानकारी चांद के रहस्यों को समझने में बेहद मददगार साबित हो रही है। यह खोज दिखाती है कि भारत का यह मिशन आज भी अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) ने जनरल अनिल चौहान के स्थान पर भारत के तीसरे सीडीएस के रूप में कार्यभार संभाला है।
पृष्ठभूमि: जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल शनिवार, 30 मई, 2026 को समाप्त हो गया।
उद्देश्य: नए सीडीएस का उद्देश्य 'सैन्य रंगमंच' योजना को लागू करना और तीनों सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
पृष्ठभूमि: जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल शनिवार, 30 मई, 2026 को समाप्त हो गया।
उद्देश्य: नए सीडीएस का उद्देश्य 'सैन्य रंगमंच' योजना को लागू करना और तीनों सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।