मणिपुर में "ऑपरेशन क्लीन"शुरू किया गया है
यहाँ उग्रवादी समूहों को खत्म करने के लिए विशेष कमांडो टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य सीमावर्ती जंगलों में छिपे उग्रवादियों को बेअसर करना है, जो शांति बहाल करने और आगामी जापानी प्रधानमंत्री के दौरे जैसे व्यावसायिक हितों को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है।
यहाँ उग्रवादी समूहों को खत्म करने के लिए विशेष कमांडो टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य सीमावर्ती जंगलों में छिपे उग्रवादियों को बेअसर करना है, जो शांति बहाल करने और आगामी जापानी प्रधानमंत्री के दौरे जैसे व्यावसायिक हितों को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है।
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर, के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा 3 व 4 जुलाई को "इनोवेटिव रिसर्च इन साइंस, मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में भारत सहित 10 से अधिक देशों के शोधकर्ता, वैज्ञानिकशिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और विद्यार्थी भाग लेंगेl
सम्मेलन में भारत सहित 10 से अधिक देशों के शोधकर्ता, वैज्ञानिकशिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और विद्यार्थी भाग लेंगेl
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में सहकारी सप्ताह मनाया जाएगा।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
हरियाणा और राजस्थान ने 29 जून, 2026 को 1994 के यमुना जल-बंटवारे समझौते को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में नई दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
राजस्थान को पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से पानी का अपना हिस्सा प्राप्त होगा।इस परियोजना का उद्देश्य अक्टूबर 2026 तक राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की आपूर्ति करना है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में नई दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
राजस्थान को पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से पानी का अपना हिस्सा प्राप्त होगा।इस परियोजना का उद्देश्य अक्टूबर 2026 तक राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की आपूर्ति करना है