मुख्यमंत्री विष्णु देव साइन है विश्वकर्मा जयंती पर राजधानी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में विभिन्न घोषणा किये है - सरकार दीदी ई- रिक्शा योजना में अब डेढ़ लाख का अनुदान देगी। साथ ही श्रामिक सहायता योजना के तहत श्रमिकों को मकान बनाने के लिए भी डेढ़ लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। पहले दोनों ही योजनाआरों में एक-एक लाख रुपए दिए जाते थे। इसके अलावा राज्य में पंजीकृत श्रमिकों का हेल्थ चेकअप अब मुफ्त
जांजगीर-चांपा और कोरबा समेत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बसे बुनकरों के हुनर ने अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना ली है। विशेष रूप से कोसा और खादी से बने कपड़ों की मांग जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में तेजी से बढ़ रही है।
इन कपड़ों की सबसे ज्यादा बिक्री जर्मनी में होती है, जहाँ इन्हें पारंपरिक और प्राकृतिक वस्त्रों की श्रेणी में रखा गया है। बिलासपुर जिले के तखतपुर, रानीगांव, लोफंदी, अकलतरी और लखराम गांवों के साथ-साथ जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर, चांपा, बलौदा और कोरबा जिले के छुरी, उमरेली और चंद्रपुर गांवों में 20 हजार से अधिक बुनकरों ने पारंपरिक शिल्प को जीवित रखा हुआ है।
इन कपड़ों की सबसे ज्यादा बिक्री जर्मनी में होती है, जहाँ इन्हें पारंपरिक और प्राकृतिक वस्त्रों की श्रेणी में रखा गया है। बिलासपुर जिले के तखतपुर, रानीगांव, लोफंदी, अकलतरी और लखराम गांवों के साथ-साथ जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर, चांपा, बलौदा और कोरबा जिले के छुरी, उमरेली और चंद्रपुर गांवों में 20 हजार से अधिक बुनकरों ने पारंपरिक शिल्प को जीवित रखा हुआ है।
0ad7d1e8-7269-4bf6-ac43-cd4013b3ce02.pdf
10.5 MB
0ad7d1e8-7269-4bf6-ac43-cd4013b3ce02.pdf