कल मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रालय महानदीभवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत दिया गया, साथ ही कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।
छुईखदान रियासत छुईखदान, बोड़तरा, बिड़ोरा और समई से मिलकर बनी एक छोटी रियासत थी।
छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों में सबसे छोटी रियासत में जगह जगह चूने का पत्थर मिलता था, इनमें से संडी नामक गांव का पत्थर उच्च कोटि का माना जाता था। चूना पत्थर को छत्तीसगढ़ी बोली में छुही कहा जाता है जो मिट्टी के घरों की दीवार को पुताई करने के लिए काम आता है। इस मिट्टी की घोल से एक विशेष किस्म की मंद सुहानी सुगन्ध आती है। चूंकि रियासत में सफेद मटमैले रंग की छुही मिट्टी बड़ी मात्रा में मिलती थी, इस कारण इस स्थान का नाम छुईखदान पड़ा।
छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों में सबसे छोटी रियासत में जगह जगह चूने का पत्थर मिलता था, इनमें से संडी नामक गांव का पत्थर उच्च कोटि का माना जाता था। चूना पत्थर को छत्तीसगढ़ी बोली में छुही कहा जाता है जो मिट्टी के घरों की दीवार को पुताई करने के लिए काम आता है। इस मिट्टी की घोल से एक विशेष किस्म की मंद सुहानी सुगन्ध आती है। चूंकि रियासत में सफेद मटमैले रंग की छुही मिट्टी बड़ी मात्रा में मिलती थी, इस कारण इस स्थान का नाम छुईखदान पड़ा।