चाय की गाथा क्या बताऊँ यारों,
चाय में चैन है तो चाय में सुकून है,
चाय में राहत है तो चाय में रूह हैं,
चाय जिंदगी है तो चाय में बसी जिंदगी है,
चाय लबों पर मुस्कुराहट है तो चाय आँखों मे अश्क़ की धारा है,
चाय में खुशी हैं तो चाय में दर्द की दवा,
चाय में ख्याल हैं तो चाय में प्रेम की भावना है,
चाय में आरज़ू हैं तो चाय में आशना हैं,
चाय में जज्बा हैं तो चाय में जज्बात है,
चाय में बेवफा के रश्क़ हैं तो चाय में दोस्तों का विश्वास,
चाय में इश्क़ है तो चाय में उसे निभाने का जुनून।
चाय में चैन है तो चाय में सुकून है,
चाय में राहत है तो चाय में रूह हैं,
चाय जिंदगी है तो चाय में बसी जिंदगी है,
चाय लबों पर मुस्कुराहट है तो चाय आँखों मे अश्क़ की धारा है,
चाय में खुशी हैं तो चाय में दर्द की दवा,
चाय में ख्याल हैं तो चाय में प्रेम की भावना है,
चाय में आरज़ू हैं तो चाय में आशना हैं,
चाय में जज्बा हैं तो चाय में जज्बात है,
चाय में बेवफा के रश्क़ हैं तो चाय में दोस्तों का विश्वास,
चाय में इश्क़ है तो चाय में उसे निभाने का जुनून।
जिन्हें चाय से लगाव होता है...
समझ लेना कोई तो घाव होता है...
घूँट-घूँट में लेते है जिंदगी का मजा...
दौड़ते वक़्त में यही ठहराव होता है...
भांप बनकर पिघलती है जब यादें...
ठंडे हुए रिश्तों में यही अलाव होता है...
जहां कोई पूछ ले चाय पिओगे...??
बस अपना तो वहीं झुकाव होता है....
उम्र के साथ बदली है यूँ तो कई बातें...
मगर चाय से इश्क़ एक मुक्कमल पड़ाव होता है।
समझ लेना कोई तो घाव होता है...
घूँट-घूँट में लेते है जिंदगी का मजा...
दौड़ते वक़्त में यही ठहराव होता है...
भांप बनकर पिघलती है जब यादें...
ठंडे हुए रिश्तों में यही अलाव होता है...
जहां कोई पूछ ले चाय पिओगे...??
बस अपना तो वहीं झुकाव होता है....
उम्र के साथ बदली है यूँ तो कई बातें...
मगर चाय से इश्क़ एक मुक्कमल पड़ाव होता है।