This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
कुछ इस प्रकार हिंदुओं को मार कर एक्सीडेंट साबित कर दिया जाता है केरल में। इस जेहादी की उस हिन्दू से कोई परिचय या दुश्मनी नहीं थी. केवल अकेले में मौका मिला तो उसने एक और हिन्दू कम कर दिया, यही कुरान इनको सिखाती है।
अगर CCTV न होता तो ये जेहादी कभी न पकड़ में आता। सावधान रहें - सतर्क रहें।
@PushpendraKulshresthaofficial
अगर CCTV न होता तो ये जेहादी कभी न पकड़ में आता। सावधान रहें - सतर्क रहें।
@PushpendraKulshresthaofficial
👍1
Forwarded from United Hindu Official✊🏻🚩
🛑 गोवा के हिन्दुओ ने यति नरसिंहानंद जी के समर्थन में निकाली रैली।
🟤 समस्त देशभर के हिन्दुओ को स्वामी जी के समर्थन ने रैली निकालनी चाहिए, एक तरफ भारत से लेकर पाकिस्तान तक के जिहादी सड़को पर उतरकर स्वामी जी के विरुद्ध रैलियां निकाल रहे है और भड़काऊ बाते कर रहे है तो दूसरी तरफ हम मौन है।
🟤 यति जी अपनी नही हमारी लड़ाई लड़ रहे है जिहादियो से। आज समय की मांग है कि अगर हिंदू समाज को जगाना है तो राष्ट्र बचाना है तो अन्य सन्तों को भी यति की भांति विराथु बन हुँकार भरना होगा।
🟤 समस्त देशभर के हिन्दुओ को स्वामी जी के समर्थन ने रैली निकालनी चाहिए, एक तरफ भारत से लेकर पाकिस्तान तक के जिहादी सड़को पर उतरकर स्वामी जी के विरुद्ध रैलियां निकाल रहे है और भड़काऊ बाते कर रहे है तो दूसरी तरफ हम मौन है।
🟤 यति जी अपनी नही हमारी लड़ाई लड़ रहे है जिहादियो से। आज समय की मांग है कि अगर हिंदू समाज को जगाना है तो राष्ट्र बचाना है तो अन्य सन्तों को भी यति की भांति विराथु बन हुँकार भरना होगा।
🛑 बंगाल चुनाव
●●●●●●●●●●●●●●●●●
👉🏻 अब 'EVM' 'सही' हो गया। अब कोई इस पर प्रश्न नही उठाएगा।
👉🏻 दुर्गा पूजा का विसर्जन रुकवा कर मोहर्रम का जलूस निकलवाने वाली को मोहर्रम वालो ने एकजुट होकर एकतरफा वोट दिया।
👉🏻 बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक सबसे अधिक अत्त्याचार देश मे बंगाली हिन्दूओ पर हुआ पर फिर भी...
👉🏻 केरल तो कबका हाथ से निकल ही चुका है और अब..... बंगाल में ३५ प्रतिशत मुस्लिम+१० प्रतिशत घुसपैठिये।
👉🏻 जिन्होंने बदलाव के इस अवसर को गवाया है जब तक उनके घर पर आग नही लगेगी तब तक उन्हें पश्चाताप नही होगा।
👉🏻 रही बात सबके साथ सबके विश्वास की तो गर्दन भी काट के सामने रख दो इनके फिर भी ये एक भी वोट नही देंगे, क्योंकि इनका लक्ष्य स्पष्ट है, बाकी अपनो के विकास पर ही ध्यान दें।
🛑 कुल मिलाकर परिणाम आपके सामने है।
●●●●●●●●●●●●●●●●●
👉🏻 अब 'EVM' 'सही' हो गया। अब कोई इस पर प्रश्न नही उठाएगा।
👉🏻 दुर्गा पूजा का विसर्जन रुकवा कर मोहर्रम का जलूस निकलवाने वाली को मोहर्रम वालो ने एकजुट होकर एकतरफा वोट दिया।
👉🏻 बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक सबसे अधिक अत्त्याचार देश मे बंगाली हिन्दूओ पर हुआ पर फिर भी...
👉🏻 केरल तो कबका हाथ से निकल ही चुका है और अब..... बंगाल में ३५ प्रतिशत मुस्लिम+१० प्रतिशत घुसपैठिये।
👉🏻 जिन्होंने बदलाव के इस अवसर को गवाया है जब तक उनके घर पर आग नही लगेगी तब तक उन्हें पश्चाताप नही होगा।
👉🏻 रही बात सबके साथ सबके विश्वास की तो गर्दन भी काट के सामने रख दो इनके फिर भी ये एक भी वोट नही देंगे, क्योंकि इनका लक्ष्य स्पष्ट है, बाकी अपनो के विकास पर ही ध्यान दें।
🛑 कुल मिलाकर परिणाम आपके सामने है।
🇮🇳 _कुरान आसमानी किताब है जो अल्लाह ने खुद लिखवाई है पर क्या आप जानते हैं इसमें क्या है?_
अगर कुरआन अल्लाह ने ही लिखवाई है तो ....
.... तो कुरआन में केवल अरब के ऊंट बकरे ही क्यों भरे पड़े हैं? कंगारू, जीराफ़, जेब्रा, भालू, पांडा क्यों नहीं हैं ?
.... तो कुरआन में अरब के खजूरों का इतना जिक्र क्यों है अरब से दूर के दूसरे अनेक उससे बेहतर फलों का जिक्र क्यों नहीं है?
.... तो कुरआन में अरब के पास रहने वाले ईसाइयों और मुठ्ठी भर यहूदियों का ही जिक्र क्यों है उस समय के सबसे बड़े किंतू दूर रहने वाले सनातन धर्म का नाम तक का जिक्र क्यों नहीं है?
.... तो कुरआन में अरब के पास के तूर पर्वत (सीनाई पर्वत) का तो कई बार जिक्र है पर दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रंखला एंडीज़ और सबसे ऊंचे हिमालय पर्वत (माउंट एवरेस्ट) के नाम तक का जिक्र क्यों नहीं है?
.... तो आसमान में लिखी कुरआन में धरती को बिछौने जैसा यानि चपटा या गहवारा यानि झूले जैसा (सूरा:आयत - 43:10) क्यों लिखा है?
.... तो आसमान में लिखी कुरआन में प्राकृतिक और सामाजिक परिस्थितियां अरब की ही क्यों लिखी गई हैं?
.... तो कुरआन में केवल वहीं के लोकल पेगन मुशरीकों (मूर्तीपूजकों) का ही क्यों जिक्र है?
.... तो कुरआन में दोनों पवित्र शहर अरब के ही क्यों बताए गए हैं?
.... तो अल्लाह कुरआन पर शक-शुबहा करने से मना क्यों करता है? जैसे विज्ञान के नियम अटल हैं जो पूरी दुनिया को शक-शुबहा करने की खुली चुनौती देते हैं तो आखिर अल्लाह को उसकी किस गलती के पता चलने का डर है?
.... तो कुरआन में जन्नत के जिक्र के साथ ही पानी और नहरों का भी जिक्र करना क्या रेगिस्तान में पानी की भयंकर कमी झेलते इंसानी एहसास को नहीं दिखलाता है?
.... तो अल्लाह ने धरती में छिपी हर बात को जानने का तो लिखा पर भविष्य में मिलने वाले तेल का जिक्र क्यों नहीं किया?
.... तो कुरआन में रेगिस्तान के किसी इंसान की सोच/आस यानि हरियाली के हरे रंग का ही इतना प्रेम-प्रभाव क्यों है?
.... तो कुरआन में मोहम्मद को अल्लाह के समकक्ष क्यों बताया गया है मतलब अल्लाह के नाम के साथ एक इंसान का नाम क्यों लिया जाता है?
.... तो इस परिवर्तनशील दुनिया में अल्लाह के रहते कुरआन में परिवर्तन, नया नबी आना या समयानुसार नई आयत आना क्यों मना है? (सभी देखें कैसे आती है आसमान से आयतें!)
.... तो कुरआन में अल्लाह स्वयं का सजदा सबसे जबर्दस्ती कराने का कैसे कह सकता है?
.... तो पूरी दुनिया में दारुल इस्लाम लाने की वृहद सोच रखते हुए केवल अरब के रेगिस्तान के हिसाब से ही संकीर्ण कुरआन क्यों लिखी गई?
उपरोक्त सभी तथ्यों को पढ़कर यह प्रतीत होता है कि कुरआन अरब में ही किसी इंसानी सोच के साथ लिखी गई और मोहम्मद सा ने स्वयं को आखरी नबी बताकर महिमामंडित किया।
अगर कुरआन अल्लाह ने ही लिखवाई है तो ....
.... तो कुरआन में केवल अरब के ऊंट बकरे ही क्यों भरे पड़े हैं? कंगारू, जीराफ़, जेब्रा, भालू, पांडा क्यों नहीं हैं ?
.... तो कुरआन में अरब के खजूरों का इतना जिक्र क्यों है अरब से दूर के दूसरे अनेक उससे बेहतर फलों का जिक्र क्यों नहीं है?
.... तो कुरआन में अरब के पास रहने वाले ईसाइयों और मुठ्ठी भर यहूदियों का ही जिक्र क्यों है उस समय के सबसे बड़े किंतू दूर रहने वाले सनातन धर्म का नाम तक का जिक्र क्यों नहीं है?
.... तो कुरआन में अरब के पास के तूर पर्वत (सीनाई पर्वत) का तो कई बार जिक्र है पर दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रंखला एंडीज़ और सबसे ऊंचे हिमालय पर्वत (माउंट एवरेस्ट) के नाम तक का जिक्र क्यों नहीं है?
.... तो आसमान में लिखी कुरआन में धरती को बिछौने जैसा यानि चपटा या गहवारा यानि झूले जैसा (सूरा:आयत - 43:10) क्यों लिखा है?
.... तो आसमान में लिखी कुरआन में प्राकृतिक और सामाजिक परिस्थितियां अरब की ही क्यों लिखी गई हैं?
.... तो कुरआन में केवल वहीं के लोकल पेगन मुशरीकों (मूर्तीपूजकों) का ही क्यों जिक्र है?
.... तो कुरआन में दोनों पवित्र शहर अरब के ही क्यों बताए गए हैं?
.... तो अल्लाह कुरआन पर शक-शुबहा करने से मना क्यों करता है? जैसे विज्ञान के नियम अटल हैं जो पूरी दुनिया को शक-शुबहा करने की खुली चुनौती देते हैं तो आखिर अल्लाह को उसकी किस गलती के पता चलने का डर है?
.... तो कुरआन में जन्नत के जिक्र के साथ ही पानी और नहरों का भी जिक्र करना क्या रेगिस्तान में पानी की भयंकर कमी झेलते इंसानी एहसास को नहीं दिखलाता है?
.... तो अल्लाह ने धरती में छिपी हर बात को जानने का तो लिखा पर भविष्य में मिलने वाले तेल का जिक्र क्यों नहीं किया?
.... तो कुरआन में रेगिस्तान के किसी इंसान की सोच/आस यानि हरियाली के हरे रंग का ही इतना प्रेम-प्रभाव क्यों है?
.... तो कुरआन में मोहम्मद को अल्लाह के समकक्ष क्यों बताया गया है मतलब अल्लाह के नाम के साथ एक इंसान का नाम क्यों लिया जाता है?
.... तो इस परिवर्तनशील दुनिया में अल्लाह के रहते कुरआन में परिवर्तन, नया नबी आना या समयानुसार नई आयत आना क्यों मना है? (सभी देखें कैसे आती है आसमान से आयतें!)
.... तो कुरआन में अल्लाह स्वयं का सजदा सबसे जबर्दस्ती कराने का कैसे कह सकता है?
.... तो पूरी दुनिया में दारुल इस्लाम लाने की वृहद सोच रखते हुए केवल अरब के रेगिस्तान के हिसाब से ही संकीर्ण कुरआन क्यों लिखी गई?
उपरोक्त सभी तथ्यों को पढ़कर यह प्रतीत होता है कि कुरआन अरब में ही किसी इंसानी सोच के साथ लिखी गई और मोहम्मद सा ने स्वयं को आखरी नबी बताकर महिमामंडित किया।
https://youtu.be/QE-kW-hj4x8
👆वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें👆
👆वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें👆
YouTube
क्यों हिन्दुओं को कुरान पढ़नी चाहिए ! - Pushpendra kulshrestha latest speech on Quran kareem
माननीय सांसदों से निवेदन है कि:
सिटीजन चार्टर
ज्यूडिशियल चार्टर
एक देश-एक सिलेबस
एक देश-एक शिक्षा बोर्ड
एक देश-एक दंड संहिता
एक देश-एक नागरिक संहिता
घुसपैठ नियंत्रण कानून
धर्मांतरण नियंत्रण कानून
जनसंख्या नियंत्रण कानून
के लिए प्राइवेट बिल पेश करें🙏
Join🔻
@PushpendraKulshresthaOfficial
सिटीजन चार्टर
ज्यूडिशियल चार्टर
एक देश-एक सिलेबस
एक देश-एक शिक्षा बोर्ड
एक देश-एक दंड संहिता
एक देश-एक नागरिक संहिता
घुसपैठ नियंत्रण कानून
धर्मांतरण नियंत्रण कानून
जनसंख्या नियंत्रण कानून
के लिए प्राइवेट बिल पेश करें🙏
Join🔻
@PushpendraKulshresthaOfficial
एक सच्चे आर्यसमाजी की कथा पुष्पेंदर कुलश्रेष्ठ जी की कलम से
मेरे घर से बमुश्किल 100 कदम पर एक मस्जिद थी... हरी मस्जिद कहते थे... मस्जिद के ठीक सामने एक काफी प्राचीन मंदिर था.. जैसा कि होता है मस्जिद लहीम-शहीम थी... मन्दिर बेचारा टूटी किवाड़ लिए, पुताई को तरसता था... मस्जिद पर 4 बड़े कर्णभेदी लाऊड स्पीकर लगे थे... मंदिर की औकात ही नहीं थी कि लाउडस्पीकर लगवा पाए या पूर्णकालिक पंडितजी की नियुक्ति हो.. हम लोग भी जन्माष्टमी और दीवाली पर ही मन्दिर जाते थे... मग़र पास में आर्यसमाज मन्दिर,जगतपुर था.. जहाँ सुबह शाम संध्या होती थी,प्रवचन होता था ,रविवार को यज्ञ,प्रवचन और भजन होते थे.. आर्यसमाज मन्दिर में लाइब्रेरी, अखाड़े, बैडमिंटन कोर्ट और व्यायाम का सामान भी था...
आर्यसमाज मन्दिर में एक लाउडस्पीकर लगा था.. जिसके संचालन पर आस-पास के सभी मुसलमानों को कड़ी आपत्ति थी,कभी लाउडस्पीकर का तार चोरी हो जाता तो कभी साउंड पीस.. हर 4-6 माह पर लाउडस्पीकर न हटाने पर धमकियां मिलती थी,पुलिस आती थी.. हम लोग 32 दांतों के बीच मे थे,परंतु कभी मुस्लिम लाउडस्पीकर न हटवा पाए... असल मे असली जद्दो-जहद करना हमे आर्यसमाज ने ही सिखलाया... दंगों में जब लोग घर खाली कर भाग जाते थे... तब आर्यसमाज के प्रधान श्रीकृष्ण जी घर-घर जाकर हिम्मत बंधाते.. ज़रूरी 'समान' भी मिलता था,आत्मरक्षा के लिए...
हिंदुओं के यहाँ बारातें आतीं थीं,मस्जिद के सामने गुज़रते समय बारात का लाउडस्पीकर और बैंड खामोश हो जाता था..सड़क पर डांस करने की हिम्मत किसके पास थी... मस्जिद के सामने मन्दिर पर साल में 2 बार सजावट और लाउडस्पीकर को इस शर्त के साथ लगने दिया जाता था कि 'अज़ान' और नमाज़ के समय लाउडस्पीकर खामोश रहेगा... उस वक्त हमारे पुराने शहर की आबादी एक-सवा लाख के ऊपर थी,जिसमे हिंदुओं की आबादी 15-20 हज़ार के आस-पास थी ! मगर पुराने शहर में जन्माष्टमी पर दधिकांधों का शस्त्रों के साथ जुलूस निकलता था(अभी भी निकलता है)..होली पर अपने क्षेत्र में खूब रंग चलता था,दीवाली पर पटाखे...यूँ जानबूझकर पटाखे कुछ ज़्यादा चलाते थे... होली में भी रंग दिखा- दिखा खेला जाता था... अर्थात इतना हौंसला था कि किसी दंगे वगैरा में पीठ दिखाने की कभी सोंचा तक नहीं...
यों ऊपरी रूप से इत्तेहाद का दिखावा तो चलता था.. हमारे बाप-दादाओं ने 1947 के वक्त के किस्से हमे सुनाए थे... दूसरे पक्ष की व्यूह-रचना के वाकयात हमे बताए थे.. हमे सुरक्षा और आक्रमण के तरीके समझाये थे..हमे बचपन से गज़वा ए हिन्द और निज़ाम ए मुस्तफा के बारे में बताया गया था.... शेष जो लोग,मुस्लिम इलाकों में रहते हैं...मौलानाओं की आग उगलती तकरीरें सोते-जागते सुनते हैं... वह कभी आसानी से हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई और सेकुलरिज़्म के झूठे- फरेबी नारो- झांसों में नहीं पड़ते..
दिल पर हाथ रख बताईये कि आपने अपनी संतानों,बेटियों को भारत मे आने वाली भावी परिस्थितियों से जूझना सिखाया है ?... उन्हें बताईये कि भारत 2029 मे सीरिया,इराक और कश्मीर,बंगाल जैसा होगा.... 25 % बन भी चुका... उन्हें कश्मीरी पंडितों,अफगानी बौद्धों और पाकिस्तानी हिंदुओं की वर्तमान दशा दिखाइए..
विकास और पैसा ही सब कुछ नहीं होता.... वरना लाहौर,कराची,पेशावर और ढांका के तत्कालीन हिंदुओं/सिक्खों से ज़्यादा खुशहाल नहीं हैं हम..
--
साभार-
🔜@PushpendraKulshresthaOfficial
मेरे घर से बमुश्किल 100 कदम पर एक मस्जिद थी... हरी मस्जिद कहते थे... मस्जिद के ठीक सामने एक काफी प्राचीन मंदिर था.. जैसा कि होता है मस्जिद लहीम-शहीम थी... मन्दिर बेचारा टूटी किवाड़ लिए, पुताई को तरसता था... मस्जिद पर 4 बड़े कर्णभेदी लाऊड स्पीकर लगे थे... मंदिर की औकात ही नहीं थी कि लाउडस्पीकर लगवा पाए या पूर्णकालिक पंडितजी की नियुक्ति हो.. हम लोग भी जन्माष्टमी और दीवाली पर ही मन्दिर जाते थे... मग़र पास में आर्यसमाज मन्दिर,जगतपुर था.. जहाँ सुबह शाम संध्या होती थी,प्रवचन होता था ,रविवार को यज्ञ,प्रवचन और भजन होते थे.. आर्यसमाज मन्दिर में लाइब्रेरी, अखाड़े, बैडमिंटन कोर्ट और व्यायाम का सामान भी था...
आर्यसमाज मन्दिर में एक लाउडस्पीकर लगा था.. जिसके संचालन पर आस-पास के सभी मुसलमानों को कड़ी आपत्ति थी,कभी लाउडस्पीकर का तार चोरी हो जाता तो कभी साउंड पीस.. हर 4-6 माह पर लाउडस्पीकर न हटाने पर धमकियां मिलती थी,पुलिस आती थी.. हम लोग 32 दांतों के बीच मे थे,परंतु कभी मुस्लिम लाउडस्पीकर न हटवा पाए... असल मे असली जद्दो-जहद करना हमे आर्यसमाज ने ही सिखलाया... दंगों में जब लोग घर खाली कर भाग जाते थे... तब आर्यसमाज के प्रधान श्रीकृष्ण जी घर-घर जाकर हिम्मत बंधाते.. ज़रूरी 'समान' भी मिलता था,आत्मरक्षा के लिए...
हिंदुओं के यहाँ बारातें आतीं थीं,मस्जिद के सामने गुज़रते समय बारात का लाउडस्पीकर और बैंड खामोश हो जाता था..सड़क पर डांस करने की हिम्मत किसके पास थी... मस्जिद के सामने मन्दिर पर साल में 2 बार सजावट और लाउडस्पीकर को इस शर्त के साथ लगने दिया जाता था कि 'अज़ान' और नमाज़ के समय लाउडस्पीकर खामोश रहेगा... उस वक्त हमारे पुराने शहर की आबादी एक-सवा लाख के ऊपर थी,जिसमे हिंदुओं की आबादी 15-20 हज़ार के आस-पास थी ! मगर पुराने शहर में जन्माष्टमी पर दधिकांधों का शस्त्रों के साथ जुलूस निकलता था(अभी भी निकलता है)..होली पर अपने क्षेत्र में खूब रंग चलता था,दीवाली पर पटाखे...यूँ जानबूझकर पटाखे कुछ ज़्यादा चलाते थे... होली में भी रंग दिखा- दिखा खेला जाता था... अर्थात इतना हौंसला था कि किसी दंगे वगैरा में पीठ दिखाने की कभी सोंचा तक नहीं...
यों ऊपरी रूप से इत्तेहाद का दिखावा तो चलता था.. हमारे बाप-दादाओं ने 1947 के वक्त के किस्से हमे सुनाए थे... दूसरे पक्ष की व्यूह-रचना के वाकयात हमे बताए थे.. हमे सुरक्षा और आक्रमण के तरीके समझाये थे..हमे बचपन से गज़वा ए हिन्द और निज़ाम ए मुस्तफा के बारे में बताया गया था.... शेष जो लोग,मुस्लिम इलाकों में रहते हैं...मौलानाओं की आग उगलती तकरीरें सोते-जागते सुनते हैं... वह कभी आसानी से हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई और सेकुलरिज़्म के झूठे- फरेबी नारो- झांसों में नहीं पड़ते..
दिल पर हाथ रख बताईये कि आपने अपनी संतानों,बेटियों को भारत मे आने वाली भावी परिस्थितियों से जूझना सिखाया है ?... उन्हें बताईये कि भारत 2029 मे सीरिया,इराक और कश्मीर,बंगाल जैसा होगा.... 25 % बन भी चुका... उन्हें कश्मीरी पंडितों,अफगानी बौद्धों और पाकिस्तानी हिंदुओं की वर्तमान दशा दिखाइए..
विकास और पैसा ही सब कुछ नहीं होता.... वरना लाहौर,कराची,पेशावर और ढांका के तत्कालीन हिंदुओं/सिक्खों से ज़्यादा खुशहाल नहीं हैं हम..
--
साभार-
🔜@PushpendraKulshresthaOfficial
जिनको न कपड़े पहनने का तरीका,न खाने की तमीज़, न कुर्सियों पर बैठना आता, न कभी Gym, म्यूजियम, पार्क देखा हो उनके झोपड़ी वाले परदादा यहां आकर "ताजमहल" और "लालकिला" बनवा कर गए थे है ना अद्भुत 😜😛😂
@PushpendraKulshresthaOfficial
@PushpendraKulshresthaOfficial
Forwarded from Hinduphobic Mass Reporting
❗️❗️Instant Report Thoko❗️❗️
🛑Maximum Share🛑
Need Mass Report Action on some Hinduphobic Accounts of Instagra
1. https://instagram.com/hindusissyboy?utm_medium=copy_link
Three dots << Report << It's inappropriate << Report Account << It's posting content that shouldn't be posted on IG << Nudity or Sexual Activity << Nudity or Pornography << Submit Report
2. https://instagram.com/kattar.mulla?utm_medium=copy_link
Same process to report as mentioned in 1.
3. https://instagram.com/hindu_labede?utm_medium=copy_link
Three dots << Report << It's inappropriate << Report Account << It's posting content that shouldn't be posted on IG << Hate Speech and Symbols << Submit Report
4. https://instagram.com/sita_mata_randi?utm_medium=copy_link
Report this profile twice
i. Three dots << Report << Report Account << It's spam
ii. Then again under hate speech
5. https://instagram.com/fuck_ram_maderchod_?utm_medium=copy_link
Same process to report as mentioned in 4.
🛑Drop a Done after reporting🛑
If You Wanna Support Our Work Then
Join Us Here👉@HbReportingAdda
🛑Maximum Share🛑
Need Mass Report Action on some Hinduphobic Accounts of Instagra
1. https://instagram.com/hindusissyboy?utm_medium=copy_link
Three dots << Report << It's inappropriate << Report Account << It's posting content that shouldn't be posted on IG << Nudity or Sexual Activity << Nudity or Pornography << Submit Report
2. https://instagram.com/kattar.mulla?utm_medium=copy_link
Same process to report as mentioned in 1.
3. https://instagram.com/hindu_labede?utm_medium=copy_link
Three dots << Report << It's inappropriate << Report Account << It's posting content that shouldn't be posted on IG << Hate Speech and Symbols << Submit Report
4. https://instagram.com/sita_mata_randi?utm_medium=copy_link
Report this profile twice
i. Three dots << Report << Report Account << It's spam
ii. Then again under hate speech
5. https://instagram.com/fuck_ram_maderchod_?utm_medium=copy_link
Same process to report as mentioned in 4.
🛑Drop a Done after reporting🛑
If You Wanna Support Our Work Then
Join Us Here👉@HbReportingAdda
Forwarded from Hinduphobic Mass Reporting
❗️❗️Instant Report Thoko ❗️❗️
Report this Instagram profile under Hate Speech and Symbols.
First report it's any five posts under Hate speech and symbols
•Click On Link 🔗 🔗
👉https://instagram.com/sanatani.kattar.v2?utm_medium=copy_link
🛑 Steps to report
Three dots<< Report << It's inappropriate << Report Account << It's posting content that shouldn't be posted on Instagram << Hate speech and symbols << Submit Report
Drop a Done after reporting
🛑Maximum Share ♻♻🛑
इस मुहिम में जुड़कर हमारा साथ देने के लिए जुड़े👉 @HbReportingAdda
Report this Instagram profile under Hate Speech and Symbols.
First report it's any five posts under Hate speech and symbols
•Click On Link 🔗 🔗
👉https://instagram.com/sanatani.kattar.v2?utm_medium=copy_link
🛑 Steps to report
Three dots<< Report << It's inappropriate << Report Account << It's posting content that shouldn't be posted on Instagram << Hate speech and symbols << Submit Report
Drop a Done after reporting
🛑Maximum Share ♻♻🛑
इस मुहिम में जुड़कर हमारा साथ देने के लिए जुड़े👉 @HbReportingAdda