‧₊˚ ☁️⋅♥️𓂃 ࣪ ִֶ
जो मिला है उसे रुलाना और जो ना मिले
उसके लिए रोना,इंसान की फितरत है
‧₊˚ ☁️⋅♥️𓂃 ࣪ ִֶ
जो मिला है उसे रुलाना और जो ना मिले
उसके लिए रोना,इंसान की फितरत है
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सबको अपने कर्म पता है
यूहीं गंगा में भीड़ नहीं है 🌝
❤️🪔🌚
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सबको अपने कर्म पता है
यूहीं गंगा में भीड़ नहीं है 🌝
❤️🪔🌚
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