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Dubai:Iranian Shahed-136 drone has impacted right next to the Burj Khalifa
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!!! जय जय सिया राम !!!
आज की तिथि
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फाल्गुन शुक्ल, त्रयोदशी
विक्रम संवत २०८२ (2082)
दिन: रविवार , 1 मार्च 2026
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विक्रम संवत २०८२ (2082)
दिन: रविवार , 1 मार्च 2026
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ॐ
This might be the most magnificent Krishna Idol you have ever seen.
Finest Craftsmanship 800 years ago Bharat had.
Ancient Hoysala Shri Lakshmi Narasimha Swamy Temple, Haranhalli, Karnataka
!!! हरे कृष्णा हरे हरे !!!
t.me/DharamDeshNewsFunn
This might be the most magnificent Krishna Idol you have ever seen.
Finest Craftsmanship 800 years ago Bharat had.
Ancient Hoysala Shri Lakshmi Narasimha Swamy Temple, Haranhalli, Karnataka
!!! हरे कृष्णा हरे हरे !!!
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ईरान भारत का मित्र है- की रागमाला गाने वालों के लिए।
इतिहास गवाह है ईरान, फ़ारस कभी भारत का मित्र नहीं रहा। मुग़ल काल से लेके नादिर शाह तक, रजा पहलवी के कुनबे से लेके बड़ा अयोतुल्ला से लेके छोटे तक।
1965 का युद्ध शुरू होने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया था:
“हमें पाकिस्तान के खिलाफ भारत की आक्रामकता पर चिंता है।”
1965 के युद्ध के बाद जब पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति में कठिनाई आई, तो ईरान ने एक ‘डीलर’ की तरह भूमिका निभाई। उसने जर्मन बाज़ारों से हथियार हासिल किए और फिर उन्हें पाकिस्तान तक पहुँचाया।
जब पाकिस्तान पश्चिमी देशों से सैन्य साजो-सामान नहीं जुटा पा रहा था, तब ईरान ने पश्चिम जर्मनी से कई F–86 जेट लड़ाकू विमान, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, तोपें और गोला-बारूद खरीदे। एक अमेरिकी खुफिया ज्ञापन के अनुसार, कुछ विमान ईरान के रास्ते पाकिस्तान भेजे गए, जबकि कुछ सीधे कराची पहुँचा दिए गए।
1971 के युद्ध में भी ईरान ने पाकिस्तान को 12 हेलीकॉप्टर और तोपखाना, गोला-बारूद तथा स्पेयर पार्ट्स जैसे सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए।यूएस ‘फॉरेन रिलेशंस’ दस्तावेज़ के अनुसार, युद्ध के दौरान ईरान ने पाकिस्तान को रियायती दरों पर तेल भी दिया। ये सब कांड ईरानी शाह कुनबे ने किए।
उसके बाद दोनों अयोतुल्ला ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी!
मत भूलों कुलभूषण जाधव को भी पाकस्तान ने ईरान से पकड़ा था। मत भूलों महज़ चार साल पहले इसी अयोतुल्लाह ने भारत के मज़हबियो की सुरक्षा के लिए चिंता जताई थी।
दुनिया के अनेक मुल्कों में ईरानी लोग ख़ुशियाँ मना रहे है- कट्टरवाद का एंड हुआ, तानाशाही ख़त्म हुई। और आप इसे बहादुर कह शहीद कह रहे है! कौन सा बहादुर ३७ साल ख़ुद को सुप्रीम लीडर बता मुल्क की तमाम औरतों पे बंदिशें क़ायम रखता है?
हर देश अपने राष्ट्रीय हितों को देखता है, लेकिन भारत का वामपंथी और उदारवादी जमात अक्सर चाहता है कि विदेशी मुद्दों के नाम पर भारत के हितों से समझौता किया जाए ताकि वे अपने विदेशी साथियों के सामने आदर्शवादी और “रोमांटिक” दिखाई दे सकें।
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अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो चुकी है। साथ में उनकी बेटी, दामाद, नाती की भी मौत हुई है। ईरान की सेना इसके बाद भी लड़ने का दम दिखा रही है, लेकिन अब बहुत लड़ाई बची नहीं है। यह तय मानिये कि ईरान में सत्ता बदल रही है और अमेरिका-इजरायल के हितों का ध्यान रखने वाली नयी सरकार बनने जा रही है। जैसा सीरिया में हुआ, जैसा वेनेजुएला में हुआ, वैसा ही ईरान में होना तय है।
अमेरिका-इजरायल ने 24 घंटे भी नहीं लगने दिये और ईरान की सत्ता का शीर्ष समाप्त कर दिया। मतलब अमेरिका-इजरायल की तैयारी जबरदस्त थी। बहुत होमवर्क किया गया होगा और उसे अच्छे से जमीन पर उतारा गया होगा। लोग बता रहे हैं कि मोसाद ने ईरान में चलने वाले एक ऐप को हैक कर लिया, जिस ऐप पर लोग धार्मिक कार्यों के लिए निर्भर करते थे। उसे हैक कर लोगों को भ्रमित करने वाले नोटिफिकेशन भेजे गये। इससे पहले एक रिपोर्ट आयी थी, उसमें बताया गया था कि ईरान ने अपनी सरकार-सेना में मोसाद की घुसपैठ पकड़ने के लिए एक एलीट यूनिट बनायी। बाद में मालूम हुआ कि उस एलीट यूनिट में भी 20 से ऊपर लोग मोसाद के लिए काम कर रहे थे। सोच सकते हैं मोसाद ने कहाँ तक घुसपैठ की होगी! ईरान की मौजूदा व्यवस्था में गहरी पैठ के बिना इतनी जल्दी खामेनेई का पतन संभव नहीं था। मोसाद ने दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों के लिए एक नया चैप्टर जोड़ दिया है। अब बैठकर सब पढ़ें इसे।
दुनिया में दो तरह के लीडर होते हैं। एक लीडर, जो अपने लोगों के बेहतर भविष्य के लिए समझौते करते हुए चलता है। संतुलन बनाते हुए अपने देश और अपने लोगों को मजबूत बनाता है। सबसे बढ़िया उदाहरण- देंग श्याओपिंग। इस भाई ने कन्फ्यूसियस के सिद्धांतों का पालन किया। चुप मारकर चीन को आर्थिक ताकत बनाया। बहुत समझौते किये इसके लिए। उसी का परिणाम है आज जिनपिंग को ट्रंप के सामने निहुरना नहीं पड़ता है। दूसरा लीडर स्वाभिमान से संचालित होता है। वह मिट जायेगा, लेकिन स्वाभिमान नहीं बेचेगा। ऐसे लीडर्स का अंत सुखद नहीं होता, लेकिन अंत के बाद भी सम्मान मिलता है। खामेनेई इसके ताजा उदाहरण। खामेनेई की उम्र 86 साल थी। सोच सकते हैं 86 साल का एक बुजुर्ग, सामने तय मौत देखकर भी लड़ने के जज्बे के साथ खड़ा था। इसके लिए इतिहास इस बुजुर्ग को सदा सम्मान ही देगा।
एक और बड़ी सीख है कि कोई भी सत्ता हो, उसे इस हद तक निरंकुश नहीं होना चाहिए, कि अपने लोगों को ही बल से चलाना अपरिहार्य हो जाये। सत्ता के लिए शक्ति का उपयोग अनिवार्य है, लेकिन उसकी एक हद होनी चाहिए। वर्ना आप जिनके लिए लड़ने-मरने को तैयार होंगे, वही ऐन मौके पर दुश्मन से मिल जायेंगे।
इस घटनाक्रम ने दो स्पष्ट निष्कर्ष भी निकाले हैं। चीन की आर्थिक ताकत असंदिग्ध है, लेकिन उसके हथियारों की ताकत शुद्ध संदिग्ध है। पहले दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर में चीनी हथियारों का हश्र देखा। वेनेजुएला में अमेरिकी सेना आयी और राष्ट्रपति को उठाकर ले गयी। चीनी एयर डिफेंस धरा रह गया। और अब ईरान में। अमेरिका-इजरायल आया, सुप्रीम लीडर को सपरिवार साफ कर गया, और चीनी एयर डिफेंस देखता रह गया। जो देश चीनी हथियारों के दम पर शेर बन रहे हैं, अब सभी आराम से बैठकर सोच-विचार करेंगे। खुद चीन भी। दूसरा निष्कर्ष है:- फिलहाल चचा की चौधर बरकरार है और रहने वाली है। पुतिन भी ढीले पढ़ रहे हैं। उधर से खबर आ रही है कि रूस अब अमेरिका की वह शर्त मानने को तैयार हो गया है, जिसमें यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी देने की बात है। मतलब जो शांति समझौता होगा, उसमें यूक्रेन को अमेरिका से सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। रूस इस शर्त को सिरे से खारिज करते आया है, लेकिन अब स्वीकार करने के लिए तैयार हो रहा है।
भारत के लिए भी इसमें लेसन हैं। कल दुनिया ने कई अरब देशों में ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को गिरते देखा। बहुतों को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन कई सारे निशाने तक पहुँचे। जबकि उन सभी देशों के पास अमेरिकी एयर डिफेंस है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत पर पाकिस्तान ने सैकड़ों ड्रोन-मिसाइल छोड़े। एक भी ड्रोन-मिसाइल निशाने पर नहीं लगा। यह हमारी सेना की तैयारी और उनके कौशल का प्रमाण है। हमारे पास कोई दैवीय तकनीक या हथियार नहीं है, लेकिन हमारे पास सेना बहुत अनुशासित और काबिल है। भारत के लिए एक और लेसन यह है कि पुरानी पीढ़ी के शानदार योगदानों को याद करें, उनका धन्यवाद कहें। इंदिरा गाँधी से अटल बिहारी वाजपेयी तक और भाभा से कलाम तक, हमारे बुजुर्गों ने हमें परमाणु शक्ति संपन्न नहीं बनाया होता, तो हमारी स्थिति भी ईरान-वेनेजुएला जैसी ही होती।
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U.S. Navy’s EA-18G Growler Destroyed Chinese-made YLC-8B Anti-stealth Radar and Type 305A Radar in Iran.
US used non stealth aircrafts to confuse Chinese Anti-Stealth radar, if it is a stealth aircraft Chinese radar would detected it around 2000 kms.
t.me/DharamDeshNewsFunn
US used non stealth aircrafts to confuse Chinese Anti-Stealth radar, if it is a stealth aircraft Chinese radar would detected it around 2000 kms.
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जो लोग रोज नरेंद्र मोदी की मौत की दुआ मांगते है उनसे ख़ामनेंईं की मौत नहीं बर्दाश्त नहीं हो रही हैं, ऐसे दहाड़ मार रहे जैसे खुद का बाप मर गया हो
चर्चिल बहुत सही कहता था
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चर्चिल बहुत सही कहता था
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Chinese HQ-9B air defence systems have proven apparently useless TWICE in less than a year.
First during Op Sindoor.
Now in Iran.
चीनी माल और वहां की टेक्नोलॉजी की तारीफ के पुल बाँधने वालों.... असलियत देख लो.
t.me/DharamDeshNewsFunn
First during Op Sindoor.
Now in Iran.
चीनी माल और वहां की टेक्नोलॉजी की तारीफ के पुल बाँधने वालों.... असलियत देख लो.
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इरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को कल इजराइल-अमेरिका ने निबटा दिया.
जैसी आशा थी.... आज भारत सहित कई देशों मे protest हो रहे हैं.
अब पाकिस्तान वालों ने सोचा, कि चलो हम भी कुछ तूफानी करते हैं. इन्होने भी US Consulate घेर ली...जैसे 1, नवम्बर 1979 मे घेरी थी.
इन्हे लगा था, कि ट्रम्प तो मुनीर और शरीफ के हमसाया हमनिवाला हैं... कुछ नहीं होगा... थोड़ा हल्ला गुल्ला करके शाम की बिरयानी का इंतज़ाम हो जायेगा
लेकिन हाय रे अमेरिकी Marine वाले नासपीटे कमांडो.... उन्होंने ऐसे फायरिंग की, कि सब तितर बितर हो गए..... 8 पाकिस्तानी हलाक हो गए... और 30 से ज्यादा घायल हो गए.
उधर सकार्दू मे भी पाकिस्तानियों ने UN का office फूंक दिया है.... पूरा POJK गिलगित बाल्टीस्तान इस समय धधक रहा है... एक चिंगारी की जरूरत है.
🌍 t.me/DharamDeshNewsFunn
जैसी आशा थी.... आज भारत सहित कई देशों मे protest हो रहे हैं.
अब पाकिस्तान वालों ने सोचा, कि चलो हम भी कुछ तूफानी करते हैं. इन्होने भी US Consulate घेर ली...जैसे 1, नवम्बर 1979 मे घेरी थी.
इन्हे लगा था, कि ट्रम्प तो मुनीर और शरीफ के हमसाया हमनिवाला हैं... कुछ नहीं होगा... थोड़ा हल्ला गुल्ला करके शाम की बिरयानी का इंतज़ाम हो जायेगा
लेकिन हाय रे अमेरिकी Marine वाले नासपीटे कमांडो.... उन्होंने ऐसे फायरिंग की, कि सब तितर बितर हो गए..... 8 पाकिस्तानी हलाक हो गए... और 30 से ज्यादा घायल हो गए.
उधर सकार्दू मे भी पाकिस्तानियों ने UN का office फूंक दिया है.... पूरा POJK गिलगित बाल्टीस्तान इस समय धधक रहा है... एक चिंगारी की जरूरत है.
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दुनिया मे 58 इस्लामिक देश हैं.... जिनमे से 57 सुन्नी हैं... और मात्र 1 है इरान जो शिया बहुल है
लेकिन गाज़ा को बचाने का ठेका सिर्फ शिया इरान का है.. बाकि के 57 तो बस जुबानी जुगाली करने के लिए हैं 😂😂
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लेकिन गाज़ा को बचाने का ठेका सिर्फ शिया इरान का है.. बाकि के 57 तो बस जुबानी जुगाली करने के लिए हैं 😂😂
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Media is too big
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Meanwhile Balochistan Liberation Front raided government buildings and killed several Pakistani soldiers in Kharan and Washuk, Balochistan.
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Now that you are seeing Dubai, Bahrain, Kuwait, Oman, Saudi Arabia, Israel, Qatar and more suffering damage due to Iranian missiles, remember what happened ten months ago in India.
Pakistan had launched 300–400 Asisguard Songar Turkish Drones across 36 Indian locations in May 2025.
Plus, another 600 or so -
> Yiha-III Class Loitering Munitions.
> Swarm drones and commercial quadcopters.
> Fatah-II long-range missile.
> Fatah-I Ballistic missile.
> Chinese PL-15 long-range missiles from J-10C jets.
These thousand drones and missiles could have killed thousands of civilians in India. Could have damaged airfields and defence establishments. They were targeting 1500+ km area in India.
But almost every missile or drone was intercepted. We didn't see any major civilian casualties.
Because India had two killer punches. The Russian S-400 and the Indian Akashteer defensive shields. Plus precise satellite input from ISRO.
We should be ever thankful to great men like Prahlada Ramarao who gave India these massive life saving Akash missiles ✅ We don't thank them enough for keeping us safe in a hostile world.
t.me/DharamDeshNewsFunn
Pakistan had launched 300–400 Asisguard Songar Turkish Drones across 36 Indian locations in May 2025.
Plus, another 600 or so -
> Yiha-III Class Loitering Munitions.
> Swarm drones and commercial quadcopters.
> Fatah-II long-range missile.
> Fatah-I Ballistic missile.
> Chinese PL-15 long-range missiles from J-10C jets.
These thousand drones and missiles could have killed thousands of civilians in India. Could have damaged airfields and defence establishments. They were targeting 1500+ km area in India.
But almost every missile or drone was intercepted. We didn't see any major civilian casualties.
Because India had two killer punches. The Russian S-400 and the Indian Akashteer defensive shields. Plus precise satellite input from ISRO.
We should be ever thankful to great men like Prahlada Ramarao who gave India these massive life saving Akash missiles ✅ We don't thank them enough for keeping us safe in a hostile world.
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