❖ ऐसे मुख्यमंत्री जो दूसरे राज्यों में राज्यपाल रहे-
➢ श्री हरिदेव जोशी- असम, मेघालय व प. बंगाल।
➢ श्री मोहनलाल सुखाड़िया- कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व तमिलनाडु।
➢ श्री शिवचरण माथुर- असम।
➢ श्री जगन्नाथ पहाड़िया- हरियाणा व बिहार।
❖ ऐसे मुख्यमंत्री जो विपक्ष के नेता भी रहे-
1. श्री भैरोंसिंह शेखावत 2. श्री हरिदेव जोशी
3. श्रीमती वसुंधरा राजे
❖ राजस्थान में मनोनीत मुख्यमंत्री-
1. श्री हीरालाल शास्त्री
2. श्री सी.एस. वेंकटाचारी
3. श्री जयनारायण व्यास
❖ प्रथम विधानसभा में तीन मुख्यमंत्री रहे-
1. श्री टीकाराम पालीवाल
2. श्री जयनारायण व्यास
3. श्री मोहनलाल सुखाड़िया
❖ एक से अधिक बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने वाले व्यक्ति-
➢ श्री मोहनलाल सुखाड़िया (4 बार)
➢ श्री हरिदेव जोशी (3 बार)
➢ श्री भैरोंसिंह शेखावत (3 बार)
➢ श्री अशोक गहलोत (3 बार)
➢ श्री जयनारायण व्यास (2 बार)
➢ श्री शिवचरण माथुर (2 बार)
➢ श्रीमती वसुंधरा राजे (2 बार)
➢ श्री हरिदेव जोशी- असम, मेघालय व प. बंगाल।
➢ श्री मोहनलाल सुखाड़िया- कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व तमिलनाडु।
➢ श्री शिवचरण माथुर- असम।
➢ श्री जगन्नाथ पहाड़िया- हरियाणा व बिहार।
❖ ऐसे मुख्यमंत्री जो विपक्ष के नेता भी रहे-
1. श्री भैरोंसिंह शेखावत 2. श्री हरिदेव जोशी
3. श्रीमती वसुंधरा राजे
❖ राजस्थान में मनोनीत मुख्यमंत्री-
1. श्री हीरालाल शास्त्री
2. श्री सी.एस. वेंकटाचारी
3. श्री जयनारायण व्यास
❖ प्रथम विधानसभा में तीन मुख्यमंत्री रहे-
1. श्री टीकाराम पालीवाल
2. श्री जयनारायण व्यास
3. श्री मोहनलाल सुखाड़िया
❖ एक से अधिक बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने वाले व्यक्ति-
➢ श्री मोहनलाल सुखाड़िया (4 बार)
➢ श्री हरिदेव जोशी (3 बार)
➢ श्री भैरोंसिंह शेखावत (3 बार)
➢ श्री अशोक गहलोत (3 बार)
➢ श्री जयनारायण व्यास (2 बार)
➢ श्री शिवचरण माथुर (2 बार)
➢ श्रीमती वसुंधरा राजे (2 बार)
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🏰 राजस्थान के महल, स्मारक एवं छतरियाँ से जुड़े परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य! ✨
🔰राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC):-
RPSC राजस्थान सरकार का एक प्रमुख संवैधानिक निकाय है, जो राज्य की प्रशासनिक, अधीनस्थ, तकनीकी एवं अन्य सेवाओं में भर्ती हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करता है।
🔹 स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान की केवल तीन प्रमुख रियासतों—जोधपुर (1939), जयपुर (1940) एवं बीकानेर (1946) में ही लोक सेवा आयोग कार्यरत थे।
🔹 राजस्थान के तत्कालीन राजप्रमुख द्वारा 16 अगस्त 1949 को राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना हेतु एक अध्यादेश जारी किया गया।
🔹 यह अध्यादेश 20 अगस्त 1949 को राजस्थान राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होकर प्रभावी हुआ।
🔹 अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात 22 दिसम्बर 1949 को आयोग ने विधिवत कार्य प्रारम्भ किया। अतः 22 दिसम्बर 1949 को राजस्थान लोक सेवा आयोग का स्थापना दिवस माना जाता है।
🔹 प्रारम्भ में आयोग का मुख्यालय जयपुर में स्थापित किया गया था।
🔹 सत्यनारायण राव समिति की सिफारिशों के आधार पर 31 अगस्त 1958 को आयोग का मुख्यालय जयपुर से अजमेर स्थानांतरित कर दिया गया।
🔹 वर्तमान में आयोग का मुख्यालय घूघरा घाटी, अजमेर में स्थित है।
🔹 राजस्थान उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सर एस. के. घोष (Sir S. K. Ghosh) राजस्थान लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष थे।
🔹 बाद में एस. सी. त्रिपाठी आयोग के अध्यक्ष नियुक्त हुए।
RPSC स्थापना दिवस — 22 दिसम्बर 1949
स्थापना अध्यादेश — 16 अगस्त 1949
राजपत्र में प्रकाशन — 20 अगस्त 1949
प्रथम अध्यक्ष — सर एस. के. घोष
प्रथम स्थायी अध्यक्ष — एस. सी. त्रिपाठी
वर्तमान मुख्यालय — अजमेर
संवैधानिक प्रावधान — अनुच्छेद 315 से 323
RPSC राजस्थान सरकार का एक प्रमुख संवैधानिक निकाय है, जो राज्य की प्रशासनिक, अधीनस्थ, तकनीकी एवं अन्य सेवाओं में भर्ती हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करता है।
1. स्थापना का इतिहास (Establishment)-
🔹 स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान की केवल तीन प्रमुख रियासतों—जोधपुर (1939), जयपुर (1940) एवं बीकानेर (1946) में ही लोक सेवा आयोग कार्यरत थे।
🔹 राजस्थान के तत्कालीन राजप्रमुख द्वारा 16 अगस्त 1949 को राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना हेतु एक अध्यादेश जारी किया गया।
🔹 यह अध्यादेश 20 अगस्त 1949 को राजस्थान राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होकर प्रभावी हुआ।
🔹 अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात 22 दिसम्बर 1949 को आयोग ने विधिवत कार्य प्रारम्भ किया। अतः 22 दिसम्बर 1949 को राजस्थान लोक सेवा आयोग का स्थापना दिवस माना जाता है।
2. मुख्यालय-
🔹 प्रारम्भ में आयोग का मुख्यालय जयपुर में स्थापित किया गया था।
🔹 सत्यनारायण राव समिति की सिफारिशों के आधार पर 31 अगस्त 1958 को आयोग का मुख्यालय जयपुर से अजमेर स्थानांतरित कर दिया गया।
🔹 वर्तमान में आयोग का मुख्यालय घूघरा घाटी, अजमेर में स्थित है।
3. प्रथम अध्यक्ष-
🔹 राजस्थान उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सर एस. के. घोष (Sir S. K. Ghosh) राजस्थान लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष थे।
🔹 बाद में एस. सी. त्रिपाठी आयोग के अध्यक्ष नियुक्त हुए।
One Liner-
RPSC स्थापना दिवस — 22 दिसम्बर 1949
स्थापना अध्यादेश — 16 अगस्त 1949
राजपत्र में प्रकाशन — 20 अगस्त 1949
प्रथम अध्यक्ष — सर एस. के. घोष
प्रथम स्थायी अध्यक्ष — एस. सी. त्रिपाठी
वर्तमान मुख्यालय — अजमेर
संवैधानिक प्रावधान — अनुच्छेद 315 से 323
🔰RPSC के संवैधानिक प्रावधान-
भारतीय संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) एवं राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के गठन, संरचना, शक्तियों, कार्यों एवं स्वतंत्रता से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
🔹 अनुच्छेद 315 – संघ एवं राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों के गठन का प्रावधान।
🔹 अनुच्छेद 316 – राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है तथा उनके कार्यकाल का प्रावधान करता है।
🔹 अनुच्छेद 317 – अध्यक्ष एवं सदस्यों को हटाने (Removal) और निलंबित करने की प्रक्रिया का प्रावधान। कदाचार (Misbehaviour) के आधार पर उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय की जांच के पश्चात हटाया जा सकता है।
🔹 अनुच्छेद 318 – आयोग के सदस्यों की संख्या, कर्मचारियों की सेवा शर्तों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में नियम बनाने की शक्ति प्रदान करता है।
🔹 अनुच्छेद 319 – अध्यक्ष एवं सदस्यों के पदत्याग के बाद अन्य नियुक्तियों से संबंधित प्रतिबंधों का प्रावधान।
🔹 अनुच्छेद 320 – लोक सेवा आयोग के कार्यों एवं कर्तव्यों का उल्लेख करता है, जैसे भर्ती परीक्षाओं का आयोजन, नियुक्ति, पदोन्नति एवं सेवा मामलों पर परामर्श देना।
🔹 अनुच्छेद 321 – संसद या राज्य विधानमंडल को आयोग के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने की शक्ति प्रदान करता है।
🔹 अनुच्छेद 322 – लोक सेवा आयोग का व्यय क्रमशः भारत की संचित निधि या राज्य की संचित निधि पर भारित होगा।
🔹 अनुच्छेद 323 – लोक सेवा आयोग द्वारा अपनी वार्षिक प्रतिवेदन (Annual Report) राष्ट्रपति/राज्यपाल को प्रस्तुत करने का प्रावधान।
परीक्षा उपयोगी तथ्य-
✅ संविधान का भाग XIV — संघ एवं राज्य के अधीन सेवाएँ।
✅ लोक सेवा आयोग संबंधी अनुच्छेद — 315 से 323
✅ राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति — राज्यपाल
✅ कदाचार के आधार पर हटाने का अधिकार — राष्ट्रपति
✅ आयोग का व्यय — राज्य की संचित निधि पर भारित।
✅ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है — राज्यपाल को।
भारतीय संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) एवं राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के गठन, संरचना, शक्तियों, कार्यों एवं स्वतंत्रता से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
🔹 अनुच्छेद 315 – संघ एवं राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों के गठन का प्रावधान।
🔹 अनुच्छेद 316 – राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है तथा उनके कार्यकाल का प्रावधान करता है।
🔹 अनुच्छेद 317 – अध्यक्ष एवं सदस्यों को हटाने (Removal) और निलंबित करने की प्रक्रिया का प्रावधान। कदाचार (Misbehaviour) के आधार पर उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय की जांच के पश्चात हटाया जा सकता है।
🔹 अनुच्छेद 318 – आयोग के सदस्यों की संख्या, कर्मचारियों की सेवा शर्तों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में नियम बनाने की शक्ति प्रदान करता है।
🔹 अनुच्छेद 319 – अध्यक्ष एवं सदस्यों के पदत्याग के बाद अन्य नियुक्तियों से संबंधित प्रतिबंधों का प्रावधान।
🔹 अनुच्छेद 320 – लोक सेवा आयोग के कार्यों एवं कर्तव्यों का उल्लेख करता है, जैसे भर्ती परीक्षाओं का आयोजन, नियुक्ति, पदोन्नति एवं सेवा मामलों पर परामर्श देना।
🔹 अनुच्छेद 321 – संसद या राज्य विधानमंडल को आयोग के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने की शक्ति प्रदान करता है।
🔹 अनुच्छेद 322 – लोक सेवा आयोग का व्यय क्रमशः भारत की संचित निधि या राज्य की संचित निधि पर भारित होगा।
🔹 अनुच्छेद 323 – लोक सेवा आयोग द्वारा अपनी वार्षिक प्रतिवेदन (Annual Report) राष्ट्रपति/राज्यपाल को प्रस्तुत करने का प्रावधान।
परीक्षा उपयोगी तथ्य-
✅ संविधान का भाग XIV — संघ एवं राज्य के अधीन सेवाएँ।
✅ लोक सेवा आयोग संबंधी अनुच्छेद — 315 से 323
✅ राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति — राज्यपाल
✅ कदाचार के आधार पर हटाने का अधिकार — राष्ट्रपति
✅ आयोग का व्यय — राज्य की संचित निधि पर भारित।
✅ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है — राज्यपाल को।
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राजस्थान विश्वविद्यालय (UOR), जयपुर के संघटक प्रदेश के 04 टाॅप सरकारी काॅलेजों (महाराजा/महारानी/वाणिज्य/राजस्थान) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों (B.A/B.SC/B.COM/B.C.A/B.B.A/B.P.A/B.V.A/Other Courses) में सेमेस्टर प्रथम में लगभग 6,700 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है, अगर आपने अभी तक ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है तो नीचे दिए गए लिंक से करें ऑनलाइन आवेदन
https://uniofraj.org/
*Note : ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक कर "Apply For UG Admission" ऑप्शन से आप 20 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान कर सकते हैं।*
https://uniofraj.org/
*Note : ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक कर "Apply For UG Admission" ऑप्शन से आप 20 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान कर सकते हैं।*
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LDC 2nd Paper Exam 2024 Tick Answer Key.pdf
958.6 KB
RSSB LDC भर्ती परीक्षा 2026 की तैयारी करने हेतु प्रीवियस ईयर (पिछले वर्ष) के टिक आधारित ऑफिशियल आंसर-की प्रश्न पत्र ✅
प्रश्न पत्र द्वितीय ( 2nd Paper) Exam 2024
👉🏻परीक्षा का आयोजन 01 ही पारी में 38 जिलों में 05 जुलाई 2026 को किया जाएगा
👉🏻 कुल भरें गए आवेदन 05 लाख 93 हजार (01 पद के लिए 56 अभ्यर्थी दावेदार
प्रश्न पत्र द्वितीय ( 2nd Paper) Exam 2024
👉🏻परीक्षा का आयोजन 01 ही पारी में 38 जिलों में 05 जुलाई 2026 को किया जाएगा
👉🏻 कुल भरें गए आवेदन 05 लाख 93 हजार (01 पद के लिए 56 अभ्यर्थी दावेदार
राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026 विधेयक
• सुर्ख़ियों में-
राजस्थान सरकार ने राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026 के विधेयक का ‘प्रारूप’ तैयार करने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
• समिति की संरचना-
पद नाम परिचय
अध्यक्ष श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्चतम न्यायालय
सदस्य श्री शत्रुघ्न सिंह सेवानिवृत्त आई.ए.एस.
सदस्य श्री बसंत सिंह छाबा अतिरिक्त महाधिवक्ता, राजस्थान उच्च न्यायालय
सदस्य श्री रामस्वरूप अग्रवाल सेवानिवृत्त प्राचार्य, राजकीय विधि महाविद्यालय, श्रीगंगानगर
सदस्य डॉ. शुचि चौहान विषय विशेषज्ञ
सदस्य सचिव अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) गृह विभाग, राजस्थान सरकार
• समिति द्वारा इस विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए संभाग स्तर पर जन-संवाद को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी।
• संवैधानिक प्रावधान-
संविधान का भाग- भाग-4 (राज्य की नीति के निदेशक तत्व)
संबंधित अनुच्छेद- अनुच्छेद-44
o निर्देश- “राज्य भारत के सभी क्षेत्रों में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक
संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।“
o समान नागरिक संहिता विषय- समवर्ती सूची (सातवीं अनुसूची, सूची III)
• सुर्ख़ियों में-
राजस्थान सरकार ने राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026 के विधेयक का ‘प्रारूप’ तैयार करने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
• समिति की संरचना-
पद नाम परिचय
अध्यक्ष श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्चतम न्यायालय
सदस्य श्री शत्रुघ्न सिंह सेवानिवृत्त आई.ए.एस.
सदस्य श्री बसंत सिंह छाबा अतिरिक्त महाधिवक्ता, राजस्थान उच्च न्यायालय
सदस्य श्री रामस्वरूप अग्रवाल सेवानिवृत्त प्राचार्य, राजकीय विधि महाविद्यालय, श्रीगंगानगर
सदस्य डॉ. शुचि चौहान विषय विशेषज्ञ
सदस्य सचिव अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) गृह विभाग, राजस्थान सरकार
• समिति द्वारा इस विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए संभाग स्तर पर जन-संवाद को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी।
• संवैधानिक प्रावधान-
संविधान का भाग- भाग-4 (राज्य की नीति के निदेशक तत्व)
संबंधित अनुच्छेद- अनुच्छेद-44
o निर्देश- “राज्य भारत के सभी क्षेत्रों में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक
संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।“
o समान नागरिक संहिता विषय- समवर्ती सूची (सातवीं अनुसूची, सूची III)