प्रश्न. 26 जनवरी, 1950 को भारत की वास्तविक संवैधानिक स्थिति क्या थी? (2021)
(a) एक लोकतांत्रिक गणराज्य
(b) एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य
(c) एक संप्रभु धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
(d) एक संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
उत्तर: B
व्याख्या:
26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने अपना संविधान अपनाया, अधिनियमित किया और नागरिकों को संविधान प्रदान किया।
26 जनवरी, 1950 को भारत की संवैधानिक स्थिति एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य की थी क्योंकि समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में जोड़े गए थे।
वर्तमान में भारतीय संविधान की प्रस्तावना भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में परिभाषित करती है।
(a) एक लोकतांत्रिक गणराज्य
(b) एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य
(c) एक संप्रभु धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
(d) एक संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
उत्तर: B
व्याख्या:
26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने अपना संविधान अपनाया, अधिनियमित किया और नागरिकों को संविधान प्रदान किया।
26 जनवरी, 1950 को भारत की संवैधानिक स्थिति एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य की थी क्योंकि समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में जोड़े गए थे।
वर्तमान में भारतीय संविधान की प्रस्तावना भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में परिभाषित करती है।
आर्कटिक
आर्कटिक एक ध्रुवीय क्षेत्र है जो पृथ्वी के सबसे उत्तरी भाग में स्थित है।
आर्कटिक क्षेत्र के भीतर की भूमि में मौसम के अनुसार बर्फ के अलग-अलग आवरण होते हैं।
आर्कटिक के अंतर्गत आर्कटिक महासागर, निकटवर्ती समुद्र और अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका), कनाडा, फिनलैंड, ग्रीनलैंड (डेनमार्क), आइसलैंड, नॉर्वे, रूस तथा स्वीडन को शामिल किया जाता है।
आर्कटिक एक ध्रुवीय क्षेत्र है जो पृथ्वी के सबसे उत्तरी भाग में स्थित है।
आर्कटिक क्षेत्र के भीतर की भूमि में मौसम के अनुसार बर्फ के अलग-अलग आवरण होते हैं।
आर्कटिक के अंतर्गत आर्कटिक महासागर, निकटवर्ती समुद्र और अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका), कनाडा, फिनलैंड, ग्रीनलैंड (डेनमार्क), आइसलैंड, नॉर्वे, रूस तथा स्वीडन को शामिल किया जाता है।
✅भारत की श्वेत क्रांति:
परिचय.
◆ऑपरेशन फ्लड 13 जनवरी, 1970 को लॉन्च किया गया था। यह विश्व का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था।
30 वर्षों के भीतर ऑपरेशन फ्लड ने भारत में प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन को दोगुना करने में मदद की, जिससे डेयरी फार्मिंग भारत का सबसे बड़ा आत्मनिर्भर ग्रामीण रोज़गार उत्पन्न करने वाला क्षेत्र बन गया।
◆ऑपरेशन फ्लड ने किसानों को उनके द्वारा उत्पन्न संसाधनों पर सीधा नियंत्रण प्रदान किया, जिससे उन्हें अपने स्वयं के विकास को निर्देशित करने में मदद मिली। इससे न केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ, बल्कि इसे अब ‘श्वेत क्रांति’ (White Revolution) के रूप में भी जाना जाता है।
●चरण:
चरण I (1970-1980): इस चरण को विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से यूरोपीय संघ द्वारा दान किये गए बटर आयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर की बिक्री से प्राप्त धन से वित्तपोषित किया गया था।
चरण II (1981 से 1985): इस चरण के दौरान दुग्धशालाओं की संख्या 18 से बढ़कर 136 हो गई, दूध की दुकानों का विस्तार लगभग 290 शहरी बाज़ारों में किया गया, एक आत्मनिर्भर प्रणाली स्थापित की गई जिसमें 43,000 ग्राम सहकारी समितियों के 42,50,000 दूध उत्पादक शामिल थे।
◆चरण III (1985-1996): इस चरण में डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार कर उन्हें सक्षम बनाया गया और कार्यक्रम को अंतिम रूप प्रदान किया गया
। इसने दूध की बढ़ती मात्रा की खरीद और बाज़ार के लिये आवश्यक बुनियादी ढांँचे को भी मज़बूत किया।
उद्देश्य:
दूध उत्पादन को बढ़ाना।
ग्रामीण आय में वृद्धि।
उपभोक्ताओं के लिये उचित मूल्य।
महत्त्व:
इसने डेयरी किसानों को स्वयं के विकास के लिये निर्देशित करने में मदद की, उनके संसाधनों पर उन्हें नियंत्रण प्रदान किया।
इसने भारत को वर्ष 2016-17 में दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बनने में मदद की है।
वर्तमान में भारत 22% वैश्विक उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है
परिचय.
◆ऑपरेशन फ्लड 13 जनवरी, 1970 को लॉन्च किया गया था। यह विश्व का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था।
30 वर्षों के भीतर ऑपरेशन फ्लड ने भारत में प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन को दोगुना करने में मदद की, जिससे डेयरी फार्मिंग भारत का सबसे बड़ा आत्मनिर्भर ग्रामीण रोज़गार उत्पन्न करने वाला क्षेत्र बन गया।
◆ऑपरेशन फ्लड ने किसानों को उनके द्वारा उत्पन्न संसाधनों पर सीधा नियंत्रण प्रदान किया, जिससे उन्हें अपने स्वयं के विकास को निर्देशित करने में मदद मिली। इससे न केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ, बल्कि इसे अब ‘श्वेत क्रांति’ (White Revolution) के रूप में भी जाना जाता है।
●चरण:
चरण I (1970-1980): इस चरण को विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से यूरोपीय संघ द्वारा दान किये गए बटर आयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर की बिक्री से प्राप्त धन से वित्तपोषित किया गया था।
चरण II (1981 से 1985): इस चरण के दौरान दुग्धशालाओं की संख्या 18 से बढ़कर 136 हो गई, दूध की दुकानों का विस्तार लगभग 290 शहरी बाज़ारों में किया गया, एक आत्मनिर्भर प्रणाली स्थापित की गई जिसमें 43,000 ग्राम सहकारी समितियों के 42,50,000 दूध उत्पादक शामिल थे।
◆चरण III (1985-1996): इस चरण में डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार कर उन्हें सक्षम बनाया गया और कार्यक्रम को अंतिम रूप प्रदान किया गया
। इसने दूध की बढ़ती मात्रा की खरीद और बाज़ार के लिये आवश्यक बुनियादी ढांँचे को भी मज़बूत किया।
उद्देश्य:
दूध उत्पादन को बढ़ाना।
ग्रामीण आय में वृद्धि।
उपभोक्ताओं के लिये उचित मूल्य।
महत्त्व:
इसने डेयरी किसानों को स्वयं के विकास के लिये निर्देशित करने में मदद की, उनके संसाधनों पर उन्हें नियंत्रण प्रदान किया।
इसने भारत को वर्ष 2016-17 में दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बनने में मदद की है।
वर्तमान में भारत 22% वैश्विक उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण’ (UIDAI):
यह 12 जुलाई 2016 को स्थापित एक ‘वैधानिक प्राधिकरण’ है।
मूल निकाय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में कार्य करता है।
अधिदेश: यूआईडीएआई को भारत के सभी निवासियों को एक 12-अंकीय विशिष्ट पहचान (यूआईडी) संख्या (आधार) प्रदान करना।
यह 12 जुलाई 2016 को स्थापित एक ‘वैधानिक प्राधिकरण’ है।
मूल निकाय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में कार्य करता है।
अधिदेश: यूआईडीएआई को भारत के सभी निवासियों को एक 12-अंकीय विशिष्ट पहचान (यूआईडी) संख्या (आधार) प्रदान करना।
वर्ल्ड ग्रीन सिटी अवार्ड 2022
संदर्भ:
‘हैदराबाद सिटी’ ने “लिविंग ग्रीन फॉर इकोनॉमिक रिकवरी एंड इनक्लूसिव ग्रोथ” श्रेणी में “वर्ल्ड ग्रीन सिटी अवार्ड 2022” जीता है। 2022 वर्ल्ड ग्रीन सिटीज अवार्ड्स, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूसर्स (AIPH) द्वारा साउथ कोरिया के ‘जेजू’ (Jeju) में आयोजित किया गया था।
संदर्भ:
‘हैदराबाद सिटी’ ने “लिविंग ग्रीन फॉर इकोनॉमिक रिकवरी एंड इनक्लूसिव ग्रोथ” श्रेणी में “वर्ल्ड ग्रीन सिटी अवार्ड 2022” जीता है। 2022 वर्ल्ड ग्रीन सिटीज अवार्ड्स, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूसर्स (AIPH) द्वारा साउथ कोरिया के ‘जेजू’ (Jeju) में आयोजित किया गया था।
विदेशी मुद्रा विनिमय भंडार
संदर्भ:
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले साल सितंबर में 642 अरब डॉलर के शिखर से गिरकर करीब 530 अरब डॉलर हो गया है।
भारत के ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ में गिरावट के कारण:
आरबीआई द्वारा डॉलर और अन्य मुद्राओं में संपत्तियों के मूल्य में गिरावट।
रुपये की रक्षा के लिए मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंक का हस्तक्षेप।
उदाहरण के लिए, रुपये की रक्षा के लिए आरबीआई ने 2022 की शुरुआत के बाद से कुल $43.15 बिलियन डॉलर की बिक्री की है।
प्रभाव:
इससे ‘चालू खाता घाटा’ में वृद्धि हो सकती है। मार्च 2023 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए ‘चालू खाता घाटा’ सकल घरेलू उत्पाद के 3% से ऊपर रहने की उम्मीद है।
अस्थिर पूंजी प्रवाह: अर्थशास्त्रियों के अनुसार- भुगतान संतुलन नकारात्मक होगा, जिससे ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ और कम होगा।
हालाँकि, मौजूदा स्तरों पर ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ आठ महीने से अधिक के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त हैं, किंतु आठ महीने के आयात कवर (करीब 500 अरब डॉलर) से नीचे की गिरावट, बाजार का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर सकती है।
आरबीआई द्वारा उठाए गए कदम:
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा प्रवाह को उदार बनाने के उपायों की घोषणा की थी, जिसमें विदेशी निवेशकों को सरकारी ऋण के एक बड़े हिस्से तक पहुंच प्रदान करना और गैर-निवासियों से अधिक जमा राशि जुटाने के लिए बैंकों को व्यापक अवसर देना शामिल था।
Very #Imp
संदर्भ:
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले साल सितंबर में 642 अरब डॉलर के शिखर से गिरकर करीब 530 अरब डॉलर हो गया है।
भारत के ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ में गिरावट के कारण:
आरबीआई द्वारा डॉलर और अन्य मुद्राओं में संपत्तियों के मूल्य में गिरावट।
रुपये की रक्षा के लिए मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंक का हस्तक्षेप।
उदाहरण के लिए, रुपये की रक्षा के लिए आरबीआई ने 2022 की शुरुआत के बाद से कुल $43.15 बिलियन डॉलर की बिक्री की है।
प्रभाव:
इससे ‘चालू खाता घाटा’ में वृद्धि हो सकती है। मार्च 2023 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए ‘चालू खाता घाटा’ सकल घरेलू उत्पाद के 3% से ऊपर रहने की उम्मीद है।
अस्थिर पूंजी प्रवाह: अर्थशास्त्रियों के अनुसार- भुगतान संतुलन नकारात्मक होगा, जिससे ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ और कम होगा।
हालाँकि, मौजूदा स्तरों पर ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ आठ महीने से अधिक के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त हैं, किंतु आठ महीने के आयात कवर (करीब 500 अरब डॉलर) से नीचे की गिरावट, बाजार का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर सकती है।
आरबीआई द्वारा उठाए गए कदम:
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा प्रवाह को उदार बनाने के उपायों की घोषणा की थी, जिसमें विदेशी निवेशकों को सरकारी ऋण के एक बड़े हिस्से तक पहुंच प्रदान करना और गैर-निवासियों से अधिक जमा राशि जुटाने के लिए बैंकों को व्यापक अवसर देना शामिल था।
Very #Imp
सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान
✅ पुराना नाम – परिवर्तित नाम
◆ हबीबगंज रेलवे स्टेशन – अटल बिहारी वाजपेयी रेलवे स्टेशन
◆ फ़िरोजशाह कोटला स्टेडियम – अरुण जेटली स्टेडियम
◆ भोपाल मेट्रो रेल – राजा भोज
◆ बोगीबील पुल – अटल सेतू
◆ नया रायपुर – अटल नगर
◆ रोहतांग सुरंग (हिमाचल प्रदेश) – अटल सुरंग
◆ बुंदेल खण्ड एक्सप्रेस-वे – – अटल पथ
◆ हजरतगंज चौराहा – अटल चौक
◆ देवधर हवाई अड्डा (प्रस्ता.) – अटल बिहारी वाजपेयी हवाई अड्डा
◆ अलीगढ़ – – हरिगढ़
◆ अहमदाबाद – कर्णावती
◆ शिमला – श्यामला
◆ साहिबगंज हार्बर – अटल बिहारी वाजपेयी हार्बर
◆ अगरतला हवाई अड्डा – महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा
◆ छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट – छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशल एयरपोर्ट
◆ कांडला बंदरगाह – – दीनदयालबंदरगाह
◆ साबरमती घाट – अटल घाट
◆ भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना – भामाशाह सुरक्षा कवच
◆ मुगल सराय रेलवे स्टेशन – प. दीनदयाल उपध्याय रेलवे स्टेशन
◆ बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन – अमर शहीद राजा नाहरसिंह मैट्रो स्टेशन
◆ गोरखपुर हवाई अड्डा – महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डा
𒊹EXTRA
⌨️ गवर्नर-जनरल और वायसराय की सूची
• वारेन हेस्टिंग्स 1773-85
• लॉर्ड कार्नवालिस 1786-93
• लॉर्ड वेलेस्ली 1798-1805
• लॉर्ड हेस्टिंग्स 1813-23
• लॉर्ड विलियम बेंटिक 1828-35
• लॉर्ड डलहौजी 1848-1856
• लॉर्ड कैनिंग 1856-62
•लॉर्ड लिटन 1876-80
• लॉर्ड रिपन 1880-84
• लॉर्ड कर्जन 1899-1905
• लॉर्ड चेम्सफोर्ड 1916–21
• लॉर्ड रीडिंग 1921-26
• लॉर्ड इरविन 1926-31
• लॉर्ड विलिंगडन 1931-36
• लॉर्ड लिनलिथगो 1936-44
• लॉर्ड वेवेल 1944-1947
• लॉर्ड माउंटबेटन 1947-1948
@gk_trick
✅ पुराना नाम – परिवर्तित नाम
◆ हबीबगंज रेलवे स्टेशन – अटल बिहारी वाजपेयी रेलवे स्टेशन
◆ फ़िरोजशाह कोटला स्टेडियम – अरुण जेटली स्टेडियम
◆ भोपाल मेट्रो रेल – राजा भोज
◆ बोगीबील पुल – अटल सेतू
◆ नया रायपुर – अटल नगर
◆ रोहतांग सुरंग (हिमाचल प्रदेश) – अटल सुरंग
◆ बुंदेल खण्ड एक्सप्रेस-वे – – अटल पथ
◆ हजरतगंज चौराहा – अटल चौक
◆ देवधर हवाई अड्डा (प्रस्ता.) – अटल बिहारी वाजपेयी हवाई अड्डा
◆ अलीगढ़ – – हरिगढ़
◆ अहमदाबाद – कर्णावती
◆ शिमला – श्यामला
◆ साहिबगंज हार्बर – अटल बिहारी वाजपेयी हार्बर
◆ अगरतला हवाई अड्डा – महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा
◆ छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट – छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशल एयरपोर्ट
◆ कांडला बंदरगाह – – दीनदयालबंदरगाह
◆ साबरमती घाट – अटल घाट
◆ भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना – भामाशाह सुरक्षा कवच
◆ मुगल सराय रेलवे स्टेशन – प. दीनदयाल उपध्याय रेलवे स्टेशन
◆ बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन – अमर शहीद राजा नाहरसिंह मैट्रो स्टेशन
◆ गोरखपुर हवाई अड्डा – महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डा
𒊹EXTRA
⌨️ गवर्नर-जनरल और वायसराय की सूची
• वारेन हेस्टिंग्स 1773-85
• लॉर्ड कार्नवालिस 1786-93
• लॉर्ड वेलेस्ली 1798-1805
• लॉर्ड हेस्टिंग्स 1813-23
• लॉर्ड विलियम बेंटिक 1828-35
• लॉर्ड डलहौजी 1848-1856
• लॉर्ड कैनिंग 1856-62
•लॉर्ड लिटन 1876-80
• लॉर्ड रिपन 1880-84
• लॉर्ड कर्जन 1899-1905
• लॉर्ड चेम्सफोर्ड 1916–21
• लॉर्ड रीडिंग 1921-26
• लॉर्ड इरविन 1926-31
• लॉर्ड विलिंगडन 1931-36
• लॉर्ड लिनलिथगो 1936-44
• लॉर्ड वेवेल 1944-1947
• लॉर्ड माउंटबेटन 1947-1948
@gk_trick
Q. मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड 2022 किसे मिला?
Anonymous Poll
30%
a. सूर्यकुमार यादव
64%
b. शरत कमल अचंता
22%
c. सीमा पुनिया
22%
d. मनिका बत्रा
Answer: b. शरत कमल अचंता
शरत कमल अचंता
– वे तमिलनाडु के रहने वाले हैं।
– वे दस बार सीनियर नेशनल चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं।
– वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
– उन्होंने वर्ष 2006 के मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में मेन्स सिंगल्स कैटेगरी में दो गोल्ड मेडल जीते थे।
– वर्ष 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में मेन्स डबल्स कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था।
– वर्ष 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मेन्स टीम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था।
– वर्ष 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन अलग कैटेगरी में उन्होंने गोल्ड मेडल जीते।
शरत कमल अचंता
– वे तमिलनाडु के रहने वाले हैं।
– वे दस बार सीनियर नेशनल चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं।
– वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
– उन्होंने वर्ष 2006 के मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में मेन्स सिंगल्स कैटेगरी में दो गोल्ड मेडल जीते थे।
– वर्ष 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में मेन्स डबल्स कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था।
– वर्ष 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मेन्स टीम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था।
– वर्ष 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन अलग कैटेगरी में उन्होंने गोल्ड मेडल जीते।
भारतीय नौसेना दिवस
◆भारतीय नौसेना दिवस 2022 (Indian Navy Day 2022) 4 दिसंबर को मनाया जाता है. यह भारतीय नौसेना बलों को सम्मानित करने उनके योगदानों की सराहना करने का विशेष दिन है. खासतौर पर 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन ट्राइडेंट के लॉन्च की याद में
◆भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास℅
● भारतीय नौसेना की स्थापना 1612 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा की गई थी. 1971 में भारत-पाकिस्तान हुआ. युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने 3 दिसंबर को भारतीय हवाई अड्डों पर हमला किया. उनके आक्रामक हमलों के जवाब में, भारतीय नौसेना ने 4 और 5 दिसंबर की रात को हमले की योजना बनाई,
@Gk_trick
◆भारतीय नौसेना दिवस 2022 (Indian Navy Day 2022) 4 दिसंबर को मनाया जाता है. यह भारतीय नौसेना बलों को सम्मानित करने उनके योगदानों की सराहना करने का विशेष दिन है. खासतौर पर 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन ट्राइडेंट के लॉन्च की याद में
◆भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास℅
● भारतीय नौसेना की स्थापना 1612 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा की गई थी. 1971 में भारत-पाकिस्तान हुआ. युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने 3 दिसंबर को भारतीय हवाई अड्डों पर हमला किया. उनके आक्रामक हमलों के जवाब में, भारतीय नौसेना ने 4 और 5 दिसंबर की रात को हमले की योजना बनाई,
@Gk_trick