🥇सौरमंडल शब्द का अर्थ:- पौराणिक रोमन कहानियों में 'सोल' सूर्य देवता को कहा जाता है। सौर शब्द का अर्थ है सूर्य से संबंधित इसलिए सूर्य के परिवार को सौरमंडल कहा जाता है।
Geography शब्द का अर्थ:- Geography एक अंग्रेजी शब्द है जिसे ग्रीक भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है 'पृथ्वी का विवरण'।
Geologia (ज्योलॉजी):- पृथ्वी का अध्ययन।
Geometria (ज्योमेट्री):- पृथ्वी का मापन।
Geioeides (ज्योऑइड):- पृथ्वी के आकार के अनुरूप। @Gk_trick
खगोलशास्त्री:- खगोलीय पिंडों एवं उनकी गति के संबंध में अध्ययन करने वाले को खगोल शास्त्री कहते हैं। आर्यभट्ट प्राचीन भारत के प्रसिद्ध खगोल शास्त्री थे उन्होंने कहा था कि सभी ग्रह तथा चंद्रमा प्रवर्तित सूर्य प्रकाश के कारण चमकते हैं।
पृथ्वी:- सूर्य से दूरी के हिसाब से पृथ्वी तीसरा ग्रह है। आकार में यह पांचवा सबसे बड़ा ग्रह है। यह ध्रुवों के पास थोड़ी चपटी है यही कारण है कि इसके आकार को भू-आभ कहा जाता है भू आभ का अर्थ है पृथ्वी के समान आकार।
जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां संभवतः केवल पृथ्वी पर ही पाई जाती है। पृथ्वी ना तो अधिक गर्म है और ना ही अधिक ठंडी यहां पानी एवं वायु उपस्थित है जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। वायु में जीवन के लिए आवश्यक गैस जैसे ऑक्सीजन मौजूद है इन्हीं कारणों से पृथ्वी सौरमंडल का अद्भुत ग्रह है। अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीले रंग की दिखाई पड़ती है क्योंकि इसकी दो तिहाई सतह पानी से ढकी हुई है इसलिए इसे नीला ग्रह कहा जाता है।
चंद्रमा:- चंद्रमा पृथ्वी का केवल एकमात्र उपग्रह है इसका व्यास पृथ्वी के व्यास का केवल एक चौथाई है यह इतना बड़ा इसलिए प्रतीत होता है क्योंकि यह हमारे ग्रह से अन्य खगोलीय पिंडों की अपेक्षा नजदीक है यह हम से लगभग 3,84,400 किलोमीटर दूर है। चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिन में पूरा करता है चंद्रमा की परिस्थितियां जीवन के लिए अनुकूल नहीं है इसकी सतह पर पर्वत मैदान एवं गड्ढे हैं जो चंद्रमा की सतह पर छाया बनाते हैं।gk_trick
क्षुद्र ग्रह:- तारो, ग्रहों एवं उपग्रहों के अलावा भी बहुत सारे पिंड भी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं इन पिंडों को क्षुद्र ग्रह कहते हैं यह मंगल एवं बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं वैज्ञानिकों के अनुसार शुद्र ग्रह के ही भाग होते हैं जो कि बहुत वर्ष पहले विस्फोटक के बाद ग्रहों से टूट कर अलग हो गए।
उल्कापिंड:- सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने को उल्कापिंड कहते हैं। तारों वाले खुले आकाश में एक ओर से दूसरी ओर तक फैली चौड़ी सफेद पट्टी यह लाखों तारों का समूह हैं। यह पट्टी आकाशगंगा (मिल्की वे) कहलाती हैं। हमारा सौरमंडल इस आकाशगंगा का एक भाग है प्राचीन भारत में इसकी कल्पना आकाश में प्रकाश की एक बहती नदी से की गई थी। इस प्रकार इसका नाम आकाशगंगा पड़ा।
आकाशगंगा:- आकाशगंगा करोड़ो तारों बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है इस प्रकार की लाखो आकाशगंगा मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती है।
Gk_trick
प्रकाश की गति:- प्रकाश की गति लगभग 3,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड है। सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर आने में 8 मिनट का समय लगता है।
नोट:
चंद्रमा पर जाने वाला पहला व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग था।
उपग्रह एक खगोलीय पिंड है जो ग्रहों के चारों और उसी प्रकार चक्कर लगाता है जिस प्रकार ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं।
मानव निर्मित उपग्रह:- अंतरिक्ष में पाए जाने वाले सेटेलाइट्स मानव निर्मित उपग्रह है।
@Gk_trick
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#Geo
#भूगोल
Geography शब्द का अर्थ:- Geography एक अंग्रेजी शब्द है जिसे ग्रीक भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है 'पृथ्वी का विवरण'।
Geologia (ज्योलॉजी):- पृथ्वी का अध्ययन।
Geometria (ज्योमेट्री):- पृथ्वी का मापन।
Geioeides (ज्योऑइड):- पृथ्वी के आकार के अनुरूप। @Gk_trick
खगोलशास्त्री:- खगोलीय पिंडों एवं उनकी गति के संबंध में अध्ययन करने वाले को खगोल शास्त्री कहते हैं। आर्यभट्ट प्राचीन भारत के प्रसिद्ध खगोल शास्त्री थे उन्होंने कहा था कि सभी ग्रह तथा चंद्रमा प्रवर्तित सूर्य प्रकाश के कारण चमकते हैं।
पृथ्वी:- सूर्य से दूरी के हिसाब से पृथ्वी तीसरा ग्रह है। आकार में यह पांचवा सबसे बड़ा ग्रह है। यह ध्रुवों के पास थोड़ी चपटी है यही कारण है कि इसके आकार को भू-आभ कहा जाता है भू आभ का अर्थ है पृथ्वी के समान आकार।
जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां संभवतः केवल पृथ्वी पर ही पाई जाती है। पृथ्वी ना तो अधिक गर्म है और ना ही अधिक ठंडी यहां पानी एवं वायु उपस्थित है जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। वायु में जीवन के लिए आवश्यक गैस जैसे ऑक्सीजन मौजूद है इन्हीं कारणों से पृथ्वी सौरमंडल का अद्भुत ग्रह है। अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीले रंग की दिखाई पड़ती है क्योंकि इसकी दो तिहाई सतह पानी से ढकी हुई है इसलिए इसे नीला ग्रह कहा जाता है।
चंद्रमा:- चंद्रमा पृथ्वी का केवल एकमात्र उपग्रह है इसका व्यास पृथ्वी के व्यास का केवल एक चौथाई है यह इतना बड़ा इसलिए प्रतीत होता है क्योंकि यह हमारे ग्रह से अन्य खगोलीय पिंडों की अपेक्षा नजदीक है यह हम से लगभग 3,84,400 किलोमीटर दूर है। चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिन में पूरा करता है चंद्रमा की परिस्थितियां जीवन के लिए अनुकूल नहीं है इसकी सतह पर पर्वत मैदान एवं गड्ढे हैं जो चंद्रमा की सतह पर छाया बनाते हैं।gk_trick
क्षुद्र ग्रह:- तारो, ग्रहों एवं उपग्रहों के अलावा भी बहुत सारे पिंड भी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं इन पिंडों को क्षुद्र ग्रह कहते हैं यह मंगल एवं बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं वैज्ञानिकों के अनुसार शुद्र ग्रह के ही भाग होते हैं जो कि बहुत वर्ष पहले विस्फोटक के बाद ग्रहों से टूट कर अलग हो गए।
उल्कापिंड:- सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने को उल्कापिंड कहते हैं। तारों वाले खुले आकाश में एक ओर से दूसरी ओर तक फैली चौड़ी सफेद पट्टी यह लाखों तारों का समूह हैं। यह पट्टी आकाशगंगा (मिल्की वे) कहलाती हैं। हमारा सौरमंडल इस आकाशगंगा का एक भाग है प्राचीन भारत में इसकी कल्पना आकाश में प्रकाश की एक बहती नदी से की गई थी। इस प्रकार इसका नाम आकाशगंगा पड़ा।
आकाशगंगा:- आकाशगंगा करोड़ो तारों बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है इस प्रकार की लाखो आकाशगंगा मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती है।
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प्रकाश की गति:- प्रकाश की गति लगभग 3,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड है। सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर आने में 8 मिनट का समय लगता है।
नोट:
चंद्रमा पर जाने वाला पहला व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग था।
उपग्रह एक खगोलीय पिंड है जो ग्रहों के चारों और उसी प्रकार चक्कर लगाता है जिस प्रकार ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं।
मानव निर्मित उपग्रह:- अंतरिक्ष में पाए जाने वाले सेटेलाइट्स मानव निर्मित उपग्रह है।
@Gk_trick
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#Geo
#भूगोल
✅ दोस्तो ये सारे नोट्स NCERT 6 से लिया गया है सिर्फ importent topic cover कीए गए है।
आपको एग्जाम में कुछ मदद हो सके
कल चैप्टर न.2 पोस्ट होगा
जल्दी पूरे भूगोल हम खत्म कर अगला subject की सुरुवात करेगे l
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◆ लक्ष्य पाने के लिए motivate रहना बहुत जरूरी है दोस्तो.
Keep study
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Class 6 Geography Chapter 02 Notes (ग्लोब: अक्षांश एवं देशांतर)
(भूगोल)
"ग्लोब: अक्षांश एवं देशांतर"
हमारी पृथ्वी उत्तर एवं दक्षिणी ध्रुव पर थोड़ी चपटी तथा मध्य में थोड़ी और बड़ी हुई है।
पृथ्वी के उत्तर में स्थित आधे भाग को उत्तर गोलार्ध तथा दक्षिण वाले आधे भाग को दक्षिण गोलार्ध कहा जाता है।
विषुवत वृत्त से ध्रुव तक स्थित सभी समांतर वृत्तियों को अक्षांश (समानांतर) रेखाएं कहा जाता है।
एक काल्पनिक रेखा पृथ्वी को दो बराबर भागों में बांटती है इसे विषुवत वृत्त कहा जाता है। @Gk_trick
विषुवत वृत्त के उत्तर की सभी समानांतर रेखाओं को उत्तरी अक्षांश कहते हैं तथा विषुवत वृत्त के दक्षिण में स्थित सभी समानांतर रेखाओं को दक्षिण अक्षांश कहते हैं।
नोट: अपने स्थान से तारे का कोण माप कर आप अपने स्थान का अक्षांश जान सकते हैं।
क्षितिज: दृष्टि सीमा / वह स्थान जहां पृथ्वी और आकाश मिलते दिखाई देते हैं।
#Geo
#भूगोल
@Gk_trick
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(भूगोल)
"ग्लोब: अक्षांश एवं देशांतर"
हमारी पृथ्वी उत्तर एवं दक्षिणी ध्रुव पर थोड़ी चपटी तथा मध्य में थोड़ी और बड़ी हुई है।
पृथ्वी के उत्तर में स्थित आधे भाग को उत्तर गोलार्ध तथा दक्षिण वाले आधे भाग को दक्षिण गोलार्ध कहा जाता है।
विषुवत वृत्त से ध्रुव तक स्थित सभी समांतर वृत्तियों को अक्षांश (समानांतर) रेखाएं कहा जाता है।
एक काल्पनिक रेखा पृथ्वी को दो बराबर भागों में बांटती है इसे विषुवत वृत्त कहा जाता है। @Gk_trick
विषुवत वृत्त के उत्तर की सभी समानांतर रेखाओं को उत्तरी अक्षांश कहते हैं तथा विषुवत वृत्त के दक्षिण में स्थित सभी समानांतर रेखाओं को दक्षिण अक्षांश कहते हैं।
नोट: अपने स्थान से तारे का कोण माप कर आप अपने स्थान का अक्षांश जान सकते हैं।
क्षितिज: दृष्टि सीमा / वह स्थान जहां पृथ्वी और आकाश मिलते दिखाई देते हैं।
#Geo
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पृथ्वी के ताप कटिबंध:
कर्क रेखा एवं मकर रेखा के बीच के सभी अक्षांशों पर सूर्य साल में एक बार दोपहर में सिर के ठीक ऊपर होता है इसलिए इस क्षेत्र में सबसे अधिक ऊष्मा प्राप्त (गर्मी) होती है तथा इसे उष्णकटिबंधीय कहा जाता है।
उत्तरी गोलार्ध में कर्क रेखा एवं उत्तरी ध्रुव वृत्त तथा दक्षिणी गोलार्ध में मकर रेखा एवं दक्षिणी ध्रुव वृत्त के बीच वाले क्षेत्र का तापमान मध्यम रहता है इसलिए इन्हें शीतोष्ण कटिबंध कहा जाता है।
उत्तरी गोलार्ध में उत्तर ध्रुव वृत्त एवं उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणी ध्रुव वृत्त एवं दक्षिणी ध्रुवQAQ के बीच के क्षेत्र में ठंड बहुत होती है क्योंकि यहां सूरज क्षितिज से ज्यादा ऊपर नहीं आ पाता है इसलिए यह शीत कटिबंध कहलाते हैं।
पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है और 4 मिनट में 1° घूमती है।
पृथ्वी का समय ग्रीनिच नामक स्थान से शुरू होता है। इसलिए जो स्थान ग्रीनिच से पूर्व की ओर है उनका समय ग्रीनिच से आगे होगा और जो स्थान ग्रीनिच के पश्चिम में है उनका समय पीछे होगा।
भारत 82.5° पूर्व याम्योत्तर पर स्थित है।
ग्रीनिच 0° याम्योत्तर (देशांतर) पर स्थित है इस याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर कहते हैं।
अगर ग्रीनिच में 12:00 बज रहे हैं तो भारत में 5:30 बजेंगे।
4 मिनट = 1° देशांतर (याम्योत्तर)।
82.5° × 4 मिनट = 330 मिनट।
5:30 घंटे।
@Gk_trick
#Geo
#भूगोल
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कर्क रेखा एवं मकर रेखा के बीच के सभी अक्षांशों पर सूर्य साल में एक बार दोपहर में सिर के ठीक ऊपर होता है इसलिए इस क्षेत्र में सबसे अधिक ऊष्मा प्राप्त (गर्मी) होती है तथा इसे उष्णकटिबंधीय कहा जाता है।
उत्तरी गोलार्ध में कर्क रेखा एवं उत्तरी ध्रुव वृत्त तथा दक्षिणी गोलार्ध में मकर रेखा एवं दक्षिणी ध्रुव वृत्त के बीच वाले क्षेत्र का तापमान मध्यम रहता है इसलिए इन्हें शीतोष्ण कटिबंध कहा जाता है।
उत्तरी गोलार्ध में उत्तर ध्रुव वृत्त एवं उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणी ध्रुव वृत्त एवं दक्षिणी ध्रुवQAQ के बीच के क्षेत्र में ठंड बहुत होती है क्योंकि यहां सूरज क्षितिज से ज्यादा ऊपर नहीं आ पाता है इसलिए यह शीत कटिबंध कहलाते हैं।
पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है और 4 मिनट में 1° घूमती है।
पृथ्वी का समय ग्रीनिच नामक स्थान से शुरू होता है। इसलिए जो स्थान ग्रीनिच से पूर्व की ओर है उनका समय ग्रीनिच से आगे होगा और जो स्थान ग्रीनिच के पश्चिम में है उनका समय पीछे होगा।
भारत 82.5° पूर्व याम्योत्तर पर स्थित है।
ग्रीनिच 0° याम्योत्तर (देशांतर) पर स्थित है इस याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर कहते हैं।
अगर ग्रीनिच में 12:00 बज रहे हैं तो भारत में 5:30 बजेंगे।
4 मिनट = 1° देशांतर (याम्योत्तर)।
82.5° × 4 मिनट = 330 मिनट।
5:30 घंटे।
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दोस्तो ये सिर्फ NCERT से लिये गए नोट्स है एग्जाम में NCERT से बहूत सारे प्रश्न पूछे जाते है और हम study के समय ncert को ignore कर देते है।
NCERT Class 6 Geography Chapter 03 Notes:
"पृथ्वी की गतियां"
पृथ्वी दो प्रकार से गति करती है; घूर्णन, परिक्रमण।
घूर्णन: पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना 'घूर्णन' कहलाता है।
परिक्रमण: सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं।
Aazकक्षीय समतल: वह समतल जो कक्ष के द्वारा बनाया जाता है उसे कक्षीय समतल कहते हैं।
प्रदीप्ति वृत्त: ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं।
अगर पृथ्वी की घूर्णन नहीं करे तो क्या होगा?
👉 अगर पृथ्वी घूर्णन नहीं करेगी तो सूर्य की तरह वाले पृथ्वी के भाग में हमेशा दिन होगा जिसके कारण उस भाग में गर्मी लगातार पड़ेगी। दूसरे भाग में हमेशा अंधेरा रहेगा एवं पूरे समय ठंड पड़ेगी इस तरह की अवस्था में जीवन संभव नहीं हो पाएगा।
पृथ्वी की दूसरी गति जो सूर्य के चारों और कक्ष में होती है उसे परिक्रमण कहा जाता है। @Gk_trick
पृथ्वी 1 वर्ष या 365,1/4 दिन में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। हम लोग 1 वर्ष 365 दिन का मानते हैं तथा सुविधा के लिए 6 घंटे को इसमें नहीं जोड़ते हैं इसलिए प्रत्येक 4 वर्ष में लीप वर्ष होता है जिसमें 366 दिन होते हैं।
1 वर्ष को गर्मी, सर्दी, वसंत और शरद ऋतु में बांटा जाता है ऋतु में परिवर्तन सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की स्थिति में परिवर्तन के कारण होता है।gk_trick
21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तरी अयनांत कहते हैं।
22 दिसंबर को दक्षिणी ध्रुव में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिणी अयनांत कहते हैं इसके ठीक विपरीत या उल्टा उत्तरी गोलार्ध में होता है।
विषुव: 21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की और नहीं छुका होता है इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होते हैं इसे विषुव कहा जाता है।
23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में वसंत ऋतु होती है। 21 मार्च को स्थिति इसके विपरीत होती है जब उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है।
पृथ्वी का अक्ष एक काल्पनिक रेखा है जो इसके कक्षीय सतह से 66.5° डिग्री का कोण बनाते हैं।
@Gk_trick
#Geo
#भूगोल
#Ncert6
👉Geography का एक भी प्रश्न नही छोड़ेंगे सारे कवर करेंगे जो Highlight किया है वो एग्जाम में पूछा जा चुका है।
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"पृथ्वी की गतियां"
पृथ्वी दो प्रकार से गति करती है; घूर्णन, परिक्रमण।
घूर्णन: पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना 'घूर्णन' कहलाता है।
परिक्रमण: सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं।
Aazकक्षीय समतल: वह समतल जो कक्ष के द्वारा बनाया जाता है उसे कक्षीय समतल कहते हैं।
प्रदीप्ति वृत्त: ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं।
अगर पृथ्वी की घूर्णन नहीं करे तो क्या होगा?
👉 अगर पृथ्वी घूर्णन नहीं करेगी तो सूर्य की तरह वाले पृथ्वी के भाग में हमेशा दिन होगा जिसके कारण उस भाग में गर्मी लगातार पड़ेगी। दूसरे भाग में हमेशा अंधेरा रहेगा एवं पूरे समय ठंड पड़ेगी इस तरह की अवस्था में जीवन संभव नहीं हो पाएगा।
पृथ्वी की दूसरी गति जो सूर्य के चारों और कक्ष में होती है उसे परिक्रमण कहा जाता है। @Gk_trick
पृथ्वी 1 वर्ष या 365,1/4 दिन में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। हम लोग 1 वर्ष 365 दिन का मानते हैं तथा सुविधा के लिए 6 घंटे को इसमें नहीं जोड़ते हैं इसलिए प्रत्येक 4 वर्ष में लीप वर्ष होता है जिसमें 366 दिन होते हैं।
1 वर्ष को गर्मी, सर्दी, वसंत और शरद ऋतु में बांटा जाता है ऋतु में परिवर्तन सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की स्थिति में परिवर्तन के कारण होता है।gk_trick
21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तरी अयनांत कहते हैं।
22 दिसंबर को दक्षिणी ध्रुव में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिणी अयनांत कहते हैं इसके ठीक विपरीत या उल्टा उत्तरी गोलार्ध में होता है।
विषुव: 21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की और नहीं छुका होता है इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होते हैं इसे विषुव कहा जाता है।
23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में वसंत ऋतु होती है। 21 मार्च को स्थिति इसके विपरीत होती है जब उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है।
पृथ्वी का अक्ष एक काल्पनिक रेखा है जो इसके कक्षीय सतह से 66.5° डिग्री का कोण बनाते हैं।
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केर पूजा
केर पूजा त्रिपुरा राज्य में मनाया जाने वाला एक धार्मिक उत्सव है। इसमें संरक्षक ईष्ट, जिन्हें केर कहा जाता है, की पूजा की जाती है। यह खर्ची पूजा के कुछ दिनों बाद मनाया जाता है। यह उत्सव मुख्य रूप से अगरतला में मनाया जाता है। त्योहार के दिन शहर के प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया जाता है और क्षेत्र में बाहरी क्षेत्रों के लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है।
Dristhi ias
केर पूजा
केर पूजा त्रिपुरा राज्य में मनाया जाने वाला एक धार्मिक उत्सव है। इसमें संरक्षक ईष्ट, जिन्हें केर कहा जाता है, की पूजा की जाती है। यह खर्ची पूजा के कुछ दिनों बाद मनाया जाता है। यह उत्सव मुख्य रूप से अगरतला में मनाया जाता है। त्योहार के दिन शहर के प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया जाता है और क्षेत्र में बाहरी क्षेत्रों के लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है।
Dristhi ias
Drishti IAS
खर्ची पूजा - Drishti IAS
खर्ची पूजा, त्रिपुरा राज्य में जनजातीय और गैर-जनजातीय लोगों द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है जिसकी शुरुआत इस वर्ष 26 जून से हुई है तथा यह 2 जुलाई तक जारी रहेगा।
15 वर्षों में 415 मिलियन भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर आए: यूएनडीपी
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (ex
ओपीएचआई) ने वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) का नवीनतम अपडेट जारी किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2005-06 से 2019-21 के बीच भारत में कुल 415 मिलियन लोग गरीबी से बाहर आए।
बहुआयामी गरीबी की घटनाएं 55.1 प्रतिशत से गिरकर 16.4 प्रतिशत हो गई। भारत में 230 मिलियन से अधिक लोग अभी भी गरीब हैं।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (ex
ओपीएचआई) ने वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) का नवीनतम अपडेट जारी किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2005-06 से 2019-21 के बीच भारत में कुल 415 मिलियन लोग गरीबी से बाहर आए।
बहुआयामी गरीबी की घटनाएं 55.1 प्रतिशत से गिरकर 16.4 प्रतिशत हो गई। भारत में 230 मिलियन से अधिक लोग अभी भी गरीब हैं।
विश्व पेपर बैग दिवस: 12 जुलाई
विश्व पेपर बैग दिवस हर साल 12 जुलाई को मनाया जाता है।
पेपर बैग के उपयोग के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 2023 में सातवां विश्व पेपर बैग दिवस मनाया जा रहा है।
19वीं सदी के मध्य में अमेरिका में फ्रांसिस वोले ने पहली बार पेपर बैग बनाए।
विश्व पेपर बैग दिवस 2023 की थीम की घोषणा अभी नहीं की गई है।
पिछले वर्ष, विश्व पेपर बैग दिवस की थीम "यदि आप 'शानदार' हैं, तो 'प्लास्टिक' को काटने के लिए कुछ 'नाटकीय' करें, 'पेपर बैग' का उपयोग करें।" थी
विश्व पेपर बैग दिवस हर साल 12 जुलाई को मनाया जाता है।
पेपर बैग के उपयोग के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 2023 में सातवां विश्व पेपर बैग दिवस मनाया जा रहा है।
19वीं सदी के मध्य में अमेरिका में फ्रांसिस वोले ने पहली बार पेपर बैग बनाए।
विश्व पेपर बैग दिवस 2023 की थीम की घोषणा अभी नहीं की गई है।
पिछले वर्ष, विश्व पेपर बैग दिवस की थीम "यदि आप 'शानदार' हैं, तो 'प्लास्टिक' को काटने के लिए कुछ 'नाटकीय' करें, 'पेपर बैग' का उपयोग करें।" थी
जीएसटी परिषद ने कैंसर से लड़ने वाली दवाओं, दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष चिकित्सा प्रयोजनों के लिए खाद्य उत्पादों को जीएसटी से छूट दी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 11 जुलाई 2023 को नई दिल्ली में 50वीं जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद इसकी घोषणा की।
बिना पके, बिना तले हुए एक्सट्रूडेड स्नैक पैलेट पर जीएसटी दरें 18% से घटाकर 5% कर दी गई हैं।
मछली में घुलनशील पेस्ट पर भी जीएसटी दरें 18% से घटाकर 5% कर दी गई हैं।
नकली ज़री के धागों पर दरें 12% से घटाकर 5% कर दी गई हैं।
ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसिनो पर 28% टैक्स लगेगा।
जीएसटी परिषद ने निजी ऑपरेटरों द्वारा उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं पर जीएसटी से छूट दी है।
सरकार ने सिनेमा हॉलों में उपभोग किए जाने वाले भोजन और पेय पदार्थों पर लगाए जाने वाले सेवा कर को भी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 11 जुलाई 2023 को नई दिल्ली में 50वीं जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद इसकी घोषणा की।
बिना पके, बिना तले हुए एक्सट्रूडेड स्नैक पैलेट पर जीएसटी दरें 18% से घटाकर 5% कर दी गई हैं।
मछली में घुलनशील पेस्ट पर भी जीएसटी दरें 18% से घटाकर 5% कर दी गई हैं।
नकली ज़री के धागों पर दरें 12% से घटाकर 5% कर दी गई हैं।
ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसिनो पर 28% टैक्स लगेगा।
जीएसटी परिषद ने निजी ऑपरेटरों द्वारा उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं पर जीएसटी से छूट दी है।
सरकार ने सिनेमा हॉलों में उपभोग किए जाने वाले भोजन और पेय पदार्थों पर लगाए जाने वाले सेवा कर को भी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया।
अंतर्राष्ट्रीय मलाला दिवस 2023: 12 जुलाई
हर साल 12 जुलाई को मलाला यूसुफजई के जन्मदिन पर अंतर्राष्ट्रीय मलाला दिवस मनाया जाता है।
2013 में, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने महिला शिक्षा की वकालत करने वाली युवा महिला को सम्मानित करने के लिए 12 जुलाई को मलाला दिवस के रूप में नामित किया था।
मलाला यूसुफजई लड़कियों की शिक्षा की लड़ाई का एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन गईं है।
2012 में, पाकिस्तान में महिला शिक्षा पर तालिबान के प्रतिबंधों का विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी गई थी।
दिसंबर 2014 में, वह सबसे कम उम्र की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता बनीं।
2015 में यूसुफजई के सम्मान में एक क्षुद्रग्रह का नाम (316201 मलाला) रखा गया था।
हर साल 12 जुलाई को मलाला यूसुफजई के जन्मदिन पर अंतर्राष्ट्रीय मलाला दिवस मनाया जाता है।
2013 में, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने महिला शिक्षा की वकालत करने वाली युवा महिला को सम्मानित करने के लिए 12 जुलाई को मलाला दिवस के रूप में नामित किया था।
मलाला यूसुफजई लड़कियों की शिक्षा की लड़ाई का एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन गईं है।
2012 में, पाकिस्तान में महिला शिक्षा पर तालिबान के प्रतिबंधों का विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी गई थी।
दिसंबर 2014 में, वह सबसे कम उम्र की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता बनीं।
2015 में यूसुफजई के सम्मान में एक क्षुद्रग्रह का नाम (316201 मलाला) रखा गया था।
भारत और बांग्लादेश द्वारा रुपये में द्विपक्षीय व्यापार शुरू किया गया।
11 जुलाई को, बांग्लादेश बैंक और भारतीय उच्चायोग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में ढाका में इसे लॉन्च किया गया
11 जुलाई को, बांग्लादेश बैंक और भारतीय उच्चायोग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में ढाका में इसे लॉन्च किया गया