👉पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में ‘Marine Mega Fauna Stranding Guidelines’ और ‘National Marine Turtle Action Plan’ जारी किया है। इन दस्तावेजों में तट पर फंसे जानवरों से निपटने के लिए रूपरेखा, समुद्री प्रजातियों और उनके आवासों के लिए खतरे को कम करने के लिए प्रबंधन की कार्रवाई इत्यादि शामिल है।
@GK_TRICKS
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✅ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) भारत सरकार की एक योजना है। इसे जुलाई 2015 में शुरू किया गया था।
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana) का तीसरा चरण 15 जनवरी 2021 को शुरू हो गया। इसके तहत देश के युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस योजना के तहत युवाओं को 300 से ज्यादा सिलेबस उपलब्ध होंगे।
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 3.0 योजना की शुरुआत कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय की मौजूदगी में हुई। इस कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री आर के सिंह भी मौजूद थे। पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत योजना की 2020-21 की अवधि के दौरान आठ लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पर 948.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
📌 पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत योजना :-
👉कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की कुशल भारत मिशन की प्रमुख योजना पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत कौशल विकास को ज्यादा मांग आधारित बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि पीएमकेवीवाई 3.0 में जिला कौशल समितियों को जोड़कर एक नई पहल की शुरुआत की गई है।
📌 इस योजना का उद्देश्य :-
👉
📌 इस योजना की क्या है खासियत :-
👉पीएमकेवीवाई के ट्रेनिंग के लिए किसी तरह की फीस नहीं ली जाती है। पीएमकेवीवाई में 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट मिलता है, जो पूरे देश में मान्य है। ट्रेनिंग करने के बाद सरकार रोजगार मेलों के जरिए नौकरी दिलाने में भी सहायता करती है।
📌 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में :-imp
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) भारत सरकार की एक योजना है। इसे जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं।
👉इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सभी युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्तानुसार रोजगार देना है। इस योजना के तहत पहले वर्ष में 24 लाख युवाओं को शामिल किया जाएगा। इसके बाद 2022 तक यह संख्या 40.2 करोड़ ले जाने की योजना है।
👉इस काम के लिए और लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिए अपने साथ जोड़ रखा है। यह मोबाइल कंपनियां मैसेज के द्वारा इस योजना को सभी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं।
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👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) भारत सरकार की एक योजना है। इसे जुलाई 2015 में शुरू किया गया था।
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana) का तीसरा चरण 15 जनवरी 2021 को शुरू हो गया। इसके तहत देश के युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस योजना के तहत युवाओं को 300 से ज्यादा सिलेबस उपलब्ध होंगे।
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 3.0 योजना की शुरुआत कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय की मौजूदगी में हुई। इस कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री आर के सिंह भी मौजूद थे। पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत योजना की 2020-21 की अवधि के दौरान आठ लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पर 948.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
📌 पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत योजना :-
👉कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की कुशल भारत मिशन की प्रमुख योजना पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत कौशल विकास को ज्यादा मांग आधारित बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि पीएमकेवीवाई 3.0 में जिला कौशल समितियों को जोड़कर एक नई पहल की शुरुआत की गई है।
📌 इस योजना का उद्देश्य :-
👉
इस योजना के तीसरे चरण का उद्देश्य जिला कौशल समितियों को मजबूत एवं सशक्त बनाना और साथ ही मांग आधारित कौशल विकास पहल को बढ़ावा देना है। पीएमकेवीवाई 3.0 “एक देश, एक योजना” की दृष्टि से एक अग्रणी योजना है।📌 इस योजना की क्या है खासियत :-
👉पीएमकेवीवाई के ट्रेनिंग के लिए किसी तरह की फीस नहीं ली जाती है। पीएमकेवीवाई में 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट मिलता है, जो पूरे देश में मान्य है। ट्रेनिंग करने के बाद सरकार रोजगार मेलों के जरिए नौकरी दिलाने में भी सहायता करती है।
📌 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में :-imp
👉प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) भारत सरकार की एक योजना है। इसे जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं।
👉इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सभी युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्तानुसार रोजगार देना है। इस योजना के तहत पहले वर्ष में 24 लाख युवाओं को शामिल किया जाएगा। इसके बाद 2022 तक यह संख्या 40.2 करोड़ ले जाने की योजना है।
👉इस काम के लिए और लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिए अपने साथ जोड़ रखा है। यह मोबाइल कंपनियां मैसेज के द्वारा इस योजना को सभी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं।
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Species in news: Leatherback Sea Turtle
Part of: GS Prelims and GS – III – Biodiversity; Environment
In news :
Some conservationists are worried about the fate of the Giant Leatherback turtles.
NITI Aayog has laid down proposals for tourism and port development in the Andaman and Nicobar Islands.
Key takeaways :
NITI Aayog’s tourism vision includes a proposal for a mega-shipment port at Galathea Bay on Great Nicobar Island.
Also, the Little Andaman plan proposes phased growth of tourism on this untouched island, which may lead to the de-reservation of over 200 sq km of rainforests and also of about 140 sq km of the Onge Tribal Reserve.
Important value additions
Leatherback sea turtle (Dermochelys coriacea)
It is the largest of the seven species of sea turtles.
Other species are: Olive Ridley turtle, Green turtle, Hawksbill turtle, Loggerhead turtle, Leatherback turtle
Except the Loggerhead, the remaining four species nest along the Indian coast.
It is found in all oceans except the Arctic and the Antarctic.
Within the Indian Ocean, they nest only in Indonesia, Sri Lanka, and the Andaman and Nicobar Islands.
It is the only living species in the genus Dermochelys and family Dermochelyidae.
It can easily be differentiated from other modern sea turtles by its lack of a bony shell.
They are listed in Schedule I of India’s Wildlife Protection Act, 1972.
Do you know?
The Ministry of Environment has released National Marine Turtle Action Plan in which A&N Islands are given prominent importance.
According to the plan, India has identified all its important sea turtle nesting habitats as ‘Important Coastal and Marine Biodiversity Areas’.
These areas have been included in the Coastal Regulation Zone (CRZ) – 1.
South Bay and West Bay on Little Andaman and Galathea on Great Nicobar, are mentioned as “Important Marine Turtle Habitats in India”
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Part of: GS Prelims and GS – III – Biodiversity; Environment
In news :
Some conservationists are worried about the fate of the Giant Leatherback turtles.
NITI Aayog has laid down proposals for tourism and port development in the Andaman and Nicobar Islands.
Key takeaways :
NITI Aayog’s tourism vision includes a proposal for a mega-shipment port at Galathea Bay on Great Nicobar Island.
Also, the Little Andaman plan proposes phased growth of tourism on this untouched island, which may lead to the de-reservation of over 200 sq km of rainforests and also of about 140 sq km of the Onge Tribal Reserve.
Important value additions
Leatherback sea turtle (Dermochelys coriacea)
It is the largest of the seven species of sea turtles.
Other species are: Olive Ridley turtle, Green turtle, Hawksbill turtle, Loggerhead turtle, Leatherback turtle
Except the Loggerhead, the remaining four species nest along the Indian coast.
It is found in all oceans except the Arctic and the Antarctic.
Within the Indian Ocean, they nest only in Indonesia, Sri Lanka, and the Andaman and Nicobar Islands.
It is the only living species in the genus Dermochelys and family Dermochelyidae.
It can easily be differentiated from other modern sea turtles by its lack of a bony shell.
They are listed in Schedule I of India’s Wildlife Protection Act, 1972.
Do you know?
The Ministry of Environment has released National Marine Turtle Action Plan in which A&N Islands are given prominent importance.
According to the plan, India has identified all its important sea turtle nesting habitats as ‘Important Coastal and Marine Biodiversity Areas’.
These areas have been included in the Coastal Regulation Zone (CRZ) – 1.
South Bay and West Bay on Little Andaman and Galathea on Great Nicobar, are mentioned as “Important Marine Turtle Habitats in India”
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Forwarded from Quiz Bot
#news
आजाद भारत में महिला को पहली बार होगी फांसी
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की शबनम और उसका प्रेमी सलीम एक साथ फांसी पर लटकाए जाएंगे। वहीं भारत को आजादी मिलने के बाद देश में पहली बार किसी महिला अपराधी को फांसी की सजा दी जाएगी। इसके लिए मथुरा की जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के इकलौते फांसी घर में अमरोहा की रहने वाली शबनम को फांसी पर लटकाया जाएगा। इसके लिए मथुरा जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। निर्भया के दोषियों को फंदे से लटकाने वाले पवन जल्लाद अब तक दो बार फांसी घर का निरीक्षण भी कर चुके हैं।
150 साल पहले बना था प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर :
मथुरा के जिला कारागार में करीब 150 साल पहले फांसी घर बनाया गया था, लेकिन आजादी के बाद से अब तक देश में किसी भी महिला को फांसी नहीं दी गई है। यह उत्तर प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर है। हालांकि, अभी फांसी की तारीख तय नहीं हुई है।
@KNOWLEDGE_HAUNT
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आजाद भारत में महिला को पहली बार होगी फांसी
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की शबनम और उसका प्रेमी सलीम एक साथ फांसी पर लटकाए जाएंगे। वहीं भारत को आजादी मिलने के बाद देश में पहली बार किसी महिला अपराधी को फांसी की सजा दी जाएगी। इसके लिए मथुरा की जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के इकलौते फांसी घर में अमरोहा की रहने वाली शबनम को फांसी पर लटकाया जाएगा। इसके लिए मथुरा जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। निर्भया के दोषियों को फंदे से लटकाने वाले पवन जल्लाद अब तक दो बार फांसी घर का निरीक्षण भी कर चुके हैं।
150 साल पहले बना था प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर :
मथुरा के जिला कारागार में करीब 150 साल पहले फांसी घर बनाया गया था, लेकिन आजादी के बाद से अब तक देश में किसी भी महिला को फांसी नहीं दी गई है। यह उत्तर प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर है। हालांकि, अभी फांसी की तारीख तय नहीं हुई है।
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#GS_2
#Right_to_dissent
#Supreme_Court
Recently, SC appreciated the existence of the right to peaceful protest against the legislation and held that “democracy and dissent go hand in hand, but then the demonstrations expressing dissent have to be in designated places alone”. The Constitution guarantees the right to protest and express dissent, but with an obligation towards certain duties.
Read Article 19(1)(a) along with 19(1)(b). Read what is the difference between adjudication and mediation.
@GK_TRICKS
#Right_to_dissent
#Supreme_Court
Recently, SC appreciated the existence of the right to peaceful protest against the legislation and held that “democracy and dissent go hand in hand, but then the demonstrations expressing dissent have to be in designated places alone”. The Constitution guarantees the right to protest and express dissent, but with an obligation towards certain duties.
Read Article 19(1)(a) along with 19(1)(b). Read what is the difference between adjudication and mediation.
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#The Global Tiger Initiative (GTI)
was launched in 2008 as a global alliance of governments, international organizations, civil society, the conservation and scientific communities and the private sector, with the aim of working together to save wild tigers from extinction. In 2013, the scope was broadened to include Snow Leopards.
#Environment
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was launched in 2008 as a global alliance of governments, international organizations, civil society, the conservation and scientific communities and the private sector, with the aim of working together to save wild tigers from extinction. In 2013, the scope was broadened to include Snow Leopards.
#Environment
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#World Sustainable Development Summit 2021
In news
The Indian Prime Minister will inaugurate the World Sustainable Development Summit 2021 on 10th February.
Important value additions
Theme: Redefining our common future: Safe and secure environment for all.
It is the 20th edition of The Energy and Resources Institute’s (TERI) flagship event
The Summit will bring together a wide number of governments, business leaders, academicians, climate scientists, youth, and civil society in the fight against climate change.
key partners of the Summit: India’s Ministry of Environment, Forests and Climate Change, Ministry of New and Renewable Energy, and Ministry of Earth Sciences
#currentaffairs #mission2021
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In news
The Indian Prime Minister will inaugurate the World Sustainable Development Summit 2021 on 10th February.
Important value additions
Theme: Redefining our common future: Safe and secure environment for all.
It is the 20th edition of The Energy and Resources Institute’s (TERI) flagship event
The Summit will bring together a wide number of governments, business leaders, academicians, climate scientists, youth, and civil society in the fight against climate change.
key partners of the Summit: India’s Ministry of Environment, Forests and Climate Change, Ministry of New and Renewable Energy, and Ministry of Earth Sciences
#currentaffairs #mission2021
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Q.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस राज्य में 'महाबाहु-ब्रह्मपुत्र' योजना का शुभारंभ किया?
a. बिहार
b. राजस्थान
c. असम
d. गुजरात
.c. असम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 फरवरी 2021 के दिन असम में कई परियोजनाओं को हरी इंडी दिखाई. इस दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाबाहु-ब्रह्मपुत्र योजना का शुभारंभ किया और दो पुलों (धुबरी फूलबारी पुल और मजुली पुल) की आधारशिला रखी. धुबरी फूलबारी पुल को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि असम और मेघालय के बीच की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 250 किलोमीटर है. भविष्य में, यह केवल 19-20 किलोमीटर होगा.
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a. बिहार
b. राजस्थान
c. असम
d. गुजरात
.c. असम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 फरवरी 2021 के दिन असम में कई परियोजनाओं को हरी इंडी दिखाई. इस दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाबाहु-ब्रह्मपुत्र योजना का शुभारंभ किया और दो पुलों (धुबरी फूलबारी पुल और मजुली पुल) की आधारशिला रखी. धुबरी फूलबारी पुल को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि असम और मेघालय के बीच की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 250 किलोमीटर है. भविष्य में, यह केवल 19-20 किलोमीटर होगा.
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✅अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बारे में:
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की स्थापना, वर्ष 1957 में संयुक्त राष्ट्र संघ भीतर ‘वैश्विक शांति के लिए परमाणु संगठन’ के रूप की गयी थी। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्वायत संगठन है।
इसका उद्देश्य विश्व में परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है। यह परमाणु ऊर्जा के सैन्य उपयोग को किसी भी प्रकार रोकने में प्रयासरत रहती है।
IAEA, संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा सुरक्षा परिषद दोनों को रिपोर्ट करती है।
इसका मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में स्थित है।
📌प्रमुख कार्य:
IAEA, अपने सदस्य देशों तथा विभिन्न भागीदारों के साथ मिलकर परमाणु प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित, सुदृढ़ और शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है।
इसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना तथा परमाणु हथियारों सहित किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए इसके उपयोग को रोकना है।
बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स:
22 सदस्य राज्यों (प्रत्येक द्वारा निर्धारित भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व) – सामान्य सम्मेलन द्वारा निर्वाचन (प्रत्येक वर्ष 11 सदस्य) – 2 वर्ष का कार्यकाल
कम से कम 10 सदस्य देश – निवर्तमान बोर्ड द्वारा नामित
IAEA की भूमिकाएँ:
IAEA गतिविधियों और बजट पर जनरल कॉन्फ्रेंस के लिए सिफारिशें करना
IAEA मानकों को प्रकाशित करना
IAEA की अधिकांश नीतियों का निर्माण करना
जनरल कॉन्फ्रेंस के अनुमोदन से महानिदेशक की नियुक्त करना
IAEA द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम:
कैंसर थेरेपी हेतु कार्रवाई कार्यक्रम (Program of Action for Cancer Therapy- PACT)
मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम
जल उपलब्धता संवर्धन परियोजना
अभिनव परमाणु रिएक्टरों और ईंधन चक्र पर अंतर्राष्ट्रीय परियोजना, 2000
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अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की स्थापना, वर्ष 1957 में संयुक्त राष्ट्र संघ भीतर ‘वैश्विक शांति के लिए परमाणु संगठन’ के रूप की गयी थी। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्वायत संगठन है।
इसका उद्देश्य विश्व में परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है। यह परमाणु ऊर्जा के सैन्य उपयोग को किसी भी प्रकार रोकने में प्रयासरत रहती है।
IAEA, संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा सुरक्षा परिषद दोनों को रिपोर्ट करती है।
इसका मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में स्थित है।
📌प्रमुख कार्य:
IAEA, अपने सदस्य देशों तथा विभिन्न भागीदारों के साथ मिलकर परमाणु प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित, सुदृढ़ और शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है।
इसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना तथा परमाणु हथियारों सहित किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए इसके उपयोग को रोकना है।
बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स:
22 सदस्य राज्यों (प्रत्येक द्वारा निर्धारित भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व) – सामान्य सम्मेलन द्वारा निर्वाचन (प्रत्येक वर्ष 11 सदस्य) – 2 वर्ष का कार्यकाल
कम से कम 10 सदस्य देश – निवर्तमान बोर्ड द्वारा नामित
IAEA की भूमिकाएँ:
IAEA गतिविधियों और बजट पर जनरल कॉन्फ्रेंस के लिए सिफारिशें करना
IAEA मानकों को प्रकाशित करना
IAEA की अधिकांश नीतियों का निर्माण करना
जनरल कॉन्फ्रेंस के अनुमोदन से महानिदेशक की नियुक्त करना
IAEA द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम:
कैंसर थेरेपी हेतु कार्रवाई कार्यक्रम (Program of Action for Cancer Therapy- PACT)
मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम
जल उपलब्धता संवर्धन परियोजना
अभिनव परमाणु रिएक्टरों और ईंधन चक्र पर अंतर्राष्ट्रीय परियोजना, 2000
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फिर मत बोलना बताया नहीं जल्दी ज्वाइन करलो
ऐसा चैनल बार बार नहीं मिलेगा
लिंक नीचे दिया है.! 👇👇👇👇👇👇👌👌
http:///"vvkksvTHEVJhvsTGE75BJWBLWOWHUIWJNbhevhTvhgTgfgy nn583vbjab8%%$$$€£_/$/$_€%%=%%/
ऐसा चैनल बार बार नहीं मिलेगा
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सऊदी अरब सरकार का बड़ा फैसला, अब महिलाएं भी सेना में हो सकेगी शामिल
सऊदी अरब की महिलाएं अब सेना में शामिल हो सकेंगी. सरकार ने अपनी कट्टरवादी छवि बदलने की कोशिशों में लगी घोषणा किया है कि महिलाएं सेना के तीनों अंगों यानी कि आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में शामिल हो सकेंगी. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि महिलाओं को अब सेना का हिस्सा बनने की आजादी है.
सऊदी अरब सरकार ने सेना में महिलाओं की भर्ती की इस योजना की सबसे पहले घोषणा साल 2019 में की थी. इससे एक साल पहले यानी साल 2018 में सरकार ने महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार दिया था. महिला आवेदकों को निर्दिष्ट शर्तों के मुताबिक प्रवेश प्रक्रियाएं पास करना आवश्यक है.
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सऊदी अरब की महिलाएं अब सेना में शामिल हो सकेंगी. सरकार ने अपनी कट्टरवादी छवि बदलने की कोशिशों में लगी घोषणा किया है कि महिलाएं सेना के तीनों अंगों यानी कि आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में शामिल हो सकेंगी. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि महिलाओं को अब सेना का हिस्सा बनने की आजादी है.
सऊदी अरब सरकार ने सेना में महिलाओं की भर्ती की इस योजना की सबसे पहले घोषणा साल 2019 में की थी. इससे एक साल पहले यानी साल 2018 में सरकार ने महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार दिया था. महिला आवेदकों को निर्दिष्ट शर्तों के मुताबिक प्रवेश प्रक्रियाएं पास करना आवश्यक है.
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✅डीआरडीओ ने VL-SRSAM मिसाइल सिस्टम को सफलतापूर्वक लॉन्च किया
डीआरडीओ ने कहा कि 22 फरवरी 2021 को चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से जमीन से मोबाइल लॉन्चर के जरिये इसका परीक्षण किया गया. उन्होंने कहा कि मिसाइल को लॉन्च करने से लेकर बंगाल की खाड़ी में लक्ष्य को भेदने तक कई रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिक यंत्रों से इसकी निगरानी की गई.
क्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि वर्टिकल लॉन्च की क्षमता को परखने के लिए ये परीक्षण किए गए. इस तरह का यह पहला टेस्ट था. दोनों ही परीक्षणों में मिसाइल ने सफलतापूर्वक एवं पूरी सटीकता के साथ लक्ष्यों पर निशाना साधा. मिसाइल का परीक्षण न्यूनतम एवं अधिकतम रेंज के लिए किया गया.
📌यह परीक्षण क्यों किया गया
रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि वर्टिकल लॉन्च की क्षमता को परखने के लिए ये परीक्षण किए गए. इस तरह का यह पहला टेस्ट था. दोनों ही परीक्षणों में मिसाइल ने सफलतापूर्वक एवं पूरी सटीकता के साथ लक्ष्यों पर निशाना साधा. मिसाइल का परीक्षण न्यूनतम एवं अधिकतम रेंज के लिए किया गया. परीक्षण के दौरान वीएल-एसआरएसएएम के साथ वीपन कंट्रोल सिस्टम (डब्ल्यूसीएस) को भी लगाया गया था.
📌पृष्ठभूमि
डीआरडीओ लगातार उन्नत किस्म की मिसाइलें विकसित कर रहा है. पिछले महीने 25 जनवरी को ओडिशा के तट से आकाश एनजी का सफल प्रक्षेपण किया गया था. डीआरडीओ के अनुसार आकाश-एनजी एक नई पीढ़ी की सरफेस-टू-एयर मिसाइल है, जिसका उपयोग भारतीय वायुसेना हवाई खतरों को रोकने के लिए करती है. परीक्षण के दौरान मिसाइल के कमांड कंट्रोल सिस्टम, एवियोनिक्स, एरोडायनैमिक सिस्टम सभी ने ठीक काम किया.
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डीआरडीओ ने कहा कि 22 फरवरी 2021 को चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से जमीन से मोबाइल लॉन्चर के जरिये इसका परीक्षण किया गया. उन्होंने कहा कि मिसाइल को लॉन्च करने से लेकर बंगाल की खाड़ी में लक्ष्य को भेदने तक कई रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिक यंत्रों से इसकी निगरानी की गई.
क्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि वर्टिकल लॉन्च की क्षमता को परखने के लिए ये परीक्षण किए गए. इस तरह का यह पहला टेस्ट था. दोनों ही परीक्षणों में मिसाइल ने सफलतापूर्वक एवं पूरी सटीकता के साथ लक्ष्यों पर निशाना साधा. मिसाइल का परीक्षण न्यूनतम एवं अधिकतम रेंज के लिए किया गया.
📌यह परीक्षण क्यों किया गया
रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि वर्टिकल लॉन्च की क्षमता को परखने के लिए ये परीक्षण किए गए. इस तरह का यह पहला टेस्ट था. दोनों ही परीक्षणों में मिसाइल ने सफलतापूर्वक एवं पूरी सटीकता के साथ लक्ष्यों पर निशाना साधा. मिसाइल का परीक्षण न्यूनतम एवं अधिकतम रेंज के लिए किया गया. परीक्षण के दौरान वीएल-एसआरएसएएम के साथ वीपन कंट्रोल सिस्टम (डब्ल्यूसीएस) को भी लगाया गया था.
📌पृष्ठभूमि
डीआरडीओ लगातार उन्नत किस्म की मिसाइलें विकसित कर रहा है. पिछले महीने 25 जनवरी को ओडिशा के तट से आकाश एनजी का सफल प्रक्षेपण किया गया था. डीआरडीओ के अनुसार आकाश-एनजी एक नई पीढ़ी की सरफेस-टू-एयर मिसाइल है, जिसका उपयोग भारतीय वायुसेना हवाई खतरों को रोकने के लिए करती है. परीक्षण के दौरान मिसाइल के कमांड कंट्रोल सिस्टम, एवियोनिक्स, एरोडायनैमिक सिस्टम सभी ने ठीक काम किया.
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