समंदर सारे 'शराब' होते तो सोचो कितने फसाद होते,
हकीक़त सारे 'ख्वाब' होते तो सोचो कितने फसाद होते..!!
किसी के दिल में क्या छुपा है, ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर 'बेनकाब' होते,तो सोचो कितने फसाद होते..!!
थी खामोशी हमारी फितरत में, तभी तो निभा गए लोगों से,
अगर मूँह में हमारे 'ज़वाब' होते, तो सोचो कितने फसाद होते..!!
हम तो अच्छे थे पर, लोगो की नजर में सदा बुरे ही रहे,
कही हम सच में 'खराब' होते,तो सोचो कितने फसाद होते..!!
हकीक़त सारे 'ख्वाब' होते तो सोचो कितने फसाद होते..!!
किसी के दिल में क्या छुपा है, ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर 'बेनकाब' होते,तो सोचो कितने फसाद होते..!!
थी खामोशी हमारी फितरत में, तभी तो निभा गए लोगों से,
अगर मूँह में हमारे 'ज़वाब' होते, तो सोचो कितने फसाद होते..!!
हम तो अच्छे थे पर, लोगो की नजर में सदा बुरे ही रहे,
कही हम सच में 'खराब' होते,तो सोचो कितने फसाद होते..!!
❤5🔥2
Muqqamal ho intezar mera,
Gr aapki deed ho jaay...✨
Ai chand ab aap hme dikh bhi jayen...
K jra meri bhi Eid ho jay... 💖
#мυвαнιℓα_Qυαdri
Gr aapki deed ho jaay...✨
Ai chand ab aap hme dikh bhi jayen...
K jra meri bhi Eid ho jay... 💖
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❤3😍3
"तुम मेरी ज़िंदगी में पहले क्यों नहीं आए?"
उसने उत्सुकता से पूछा।
मैनें उसे प्यार भरी नज़रों से देखा और जवाब दिया..
"क्योंकि अगर हम पहले मिले होते, तो शायद हम एक-दूसरे को पहचान ही नहीं पाते।"
"शायद तब मैं वह प्रेमिका न होती जो आज हूँ,
और शायद तुम्हारा दिल मुझे प्यार करने के लिए पूरी तरह तैयार न होता। कुछ मुलाक़ातें तब नहीं होतीं जब हम चाहते हैं,वे तब होती हैं जब जीवन और आत्मा दोनों तैयार होते हैं।इसीलिए आज हम यहाँ साथ हैं क्योंकि हम देर से नहीं आए...हम ठीक उसी पल मिले जब हमें मिलना चाहिए था।"
❤️
उसने उत्सुकता से पूछा।
मैनें उसे प्यार भरी नज़रों से देखा और जवाब दिया..
"क्योंकि अगर हम पहले मिले होते, तो शायद हम एक-दूसरे को पहचान ही नहीं पाते।"
"शायद तब मैं वह प्रेमिका न होती जो आज हूँ,
और शायद तुम्हारा दिल मुझे प्यार करने के लिए पूरी तरह तैयार न होता। कुछ मुलाक़ातें तब नहीं होतीं जब हम चाहते हैं,वे तब होती हैं जब जीवन और आत्मा दोनों तैयार होते हैं।इसीलिए आज हम यहाँ साथ हैं क्योंकि हम देर से नहीं आए...हम ठीक उसी पल मिले जब हमें मिलना चाहिए था।"
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😍6
खुद तलाशना क़ातिल अपना
और फिर क़तल हो जाना
इसी फ़नकारी को बदक़िस्मती से इश्क़
कहते हैं 💔🖤
और फिर क़तल हो जाना
इसी फ़नकारी को बदक़िस्मती से इश्क़
कहते हैं 💔🖤
❤4
कोन कहता है लड़के खूबसूरत नही होते,,
मैंने जब जब उससे मुस्कुराते देखा है, अपना दिल हारा है।।
मैंने जब जब उससे मुस्कुराते देखा है, अपना दिल हारा है।।
❤3👌3🥰1
भगवान हमें क्यों नहीं दिखाई देते हैं ...🙏🙏
कहते हैं कि,'हमारे नेत्रों में इतनी क्षमता नहीं कि वो भगवान को देख सके...🙏
ये नेत्र त्रिगुण माया से बने हैं जो सतोगुण रजोगुण तमोगुण ही देख सकते हैं. और इन तीनों से बनी वस्तुएं को देख सकते हैं. जब तक हमारे नेत्रों में प्रेम नेत्र नहीं आएगा तब तक हम भगवान को नहीं देख पाएंगे !!!
हृदय में जब प्रेम नेत्र खुलते हैं तो इन्हीं में ईश्वर का प्रकाश उत्पन्न होता है और उनसे फिर हम उन्हें देख पाते हैं!!!
उदाहरण देते हुए कहते हैं कि, 'जैसे विराट रूप देखने के लिए भगवान ने अर्जुन की दृष्टि में दिव्य दृष्टि दी तो वो विराट रूप देख पाए !!
कहते हैं कि,'हमारे नेत्रों में इतनी क्षमता नहीं कि वो भगवान को देख सके...🙏
ये नेत्र त्रिगुण माया से बने हैं जो सतोगुण रजोगुण तमोगुण ही देख सकते हैं. और इन तीनों से बनी वस्तुएं को देख सकते हैं. जब तक हमारे नेत्रों में प्रेम नेत्र नहीं आएगा तब तक हम भगवान को नहीं देख पाएंगे !!!
हृदय में जब प्रेम नेत्र खुलते हैं तो इन्हीं में ईश्वर का प्रकाश उत्पन्न होता है और उनसे फिर हम उन्हें देख पाते हैं!!!
उदाहरण देते हुए कहते हैं कि, 'जैसे विराट रूप देखने के लिए भगवान ने अर्जुन की दृष्टि में दिव्य दृष्टि दी तो वो विराट रूप देख पाए !!
❤3
स्त्री प्रेम में दो बार छल करती है....
एक बार तब....
जब प्रेम उसके जीवन में दस्तक देता है
और वह.... प्रेम को जीना चाहती है।
उस वक्त वह अपने घर परिवार से छल करती है
और चोरी छुपे अपने मनपसंद पुरुष से प्रेम करने लग जाती है.... जिससे वह प्रेम करती है उसे सब कुछ मानने लगती है किंतु....
जब प्रेम का अगला पड़ाव आरंभ है:- प्रेम को पाना....
तब वह उस वक्त दूसरी बार छल करती है
इस बार वह अपने प्रेमी से छल करती है और....
वो तोड देती है प्रेम में किए गए हजारों वादे और
साथ जीने मरने की सारी कसमें हर तरह की उम्मीदें।
वो छोड़ देती है प्रेम और अपने प्रेमी को।
इसलिए ये दोनों ही छल स्त्री को समाज,
उसके प्रेमी और खुद की नज़रों में उसे गुनहगार बनाते हैं...
एक बार तब....
जब प्रेम उसके जीवन में दस्तक देता है
और वह.... प्रेम को जीना चाहती है।
उस वक्त वह अपने घर परिवार से छल करती है
और चोरी छुपे अपने मनपसंद पुरुष से प्रेम करने लग जाती है.... जिससे वह प्रेम करती है उसे सब कुछ मानने लगती है किंतु....
जब प्रेम का अगला पड़ाव आरंभ है:- प्रेम को पाना....
तब वह उस वक्त दूसरी बार छल करती है
इस बार वह अपने प्रेमी से छल करती है और....
वो तोड देती है प्रेम में किए गए हजारों वादे और
साथ जीने मरने की सारी कसमें हर तरह की उम्मीदें।
वो छोड़ देती है प्रेम और अपने प्रेमी को।
इसलिए ये दोनों ही छल स्त्री को समाज,
उसके प्रेमी और खुद की नज़रों में उसे गुनहगार बनाते हैं...
😍4❤1
इश्क तेरी सबसे बड़ी खामी यही है!
मुहब्बत की आड़ में तू दोस्त छीन लेता है!
~🤍
मुहब्बत की आड़ में तू दोस्त छीन लेता है!
~🤍
🥰7
जिस घर में श्री राम का नाम होता है,
उस घर में संकट टिक नहीं पाते है 🙏🤍
सब सुख लहै तुम्हारी सरना,
तुम रक्षक काहू को डरना॥ 🙏
उस घर में संकट टिक नहीं पाते है 🙏🤍
सब सुख लहै तुम्हारी सरना,
तुम रक्षक काहू को डरना॥ 🙏
🏹🔱 सियावर रामचंद्र की जय 🧡🚩
🚩 ᎫᴀʏㅤᏚʜʀᴇᴇㅤᏒᴀᴍ 🏹
୧⍤⃝🚩जय श्री राम 🛕ॐ
🙏5❤1😍1
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
उस बच्ची ने मुझको मेरा हाल सुनाया आंखों में,
मैने उसको उसने मुझको जब देखा हैरानी से!!
🤍
मैने उसको उसने मुझको जब देखा हैरानी से!!
🤍
🥰5
𝗘𝘃𝗲𝗿𝘆𝘁𝗵𝗶𝗻𝗴 𝘀𝘁𝗮𝗿𝘁𝘀 𝘄𝗶𝘁𝗵 𝗢𝗺 "ॐ"
𝗮𝗻𝗱 𝗲𝗻𝗱𝘀 𝘄𝗶𝘁𝗵 𝗠𝗮𝗵𝗮𝗱𝗲𝘃 𓊞."
ॐ Namah Parvati Pataye 🌸🙏🏻
🌸🙏Har Har Mahadev 🔱🧿📿
𝗮𝗻𝗱 𝗲𝗻𝗱𝘀 𝘄𝗶𝘁𝗵 𝗠𝗮𝗵𝗮𝗱𝗲𝘃 𓊞."
ॐ Namah Parvati Pataye 🌸🙏🏻
🌸🙏Har Har Mahadev 🔱🧿📿
❤8🙏1