𝗪𝗵𝗲𝗻 𝗠𝗶𝗿𝗷𝗮 𝗚𝗮𝗹𝗶𝗯 𝘄𝗿𝗼𝘁𝗲 -
" 𝘋𝘪𝘭 𝘦 𝘯𝘢𝘥𝘢𝘢𝘯 𝘵𝘶𝘫𝘩𝘦 𝘩𝘶𝘢 𝘬𝘺𝘢 𝘩𝘢𝘪.?
𝘈𝘢𝘬𝘩𝘪𝘳 𝘪𝘴𝘴 𝘥𝘢𝘳𝘥 𝘬𝘪 𝘥𝘢𝘸𝘢 𝘬𝘺𝘢 𝘩𝘢𝘪.? "
𝗔𝗻𝗱 𝗧𝗵𝗲𝗻 𝗔𝗵𝗺𝗮𝗱 𝘄𝗿𝗼𝘁𝗲 -
" 𝘠𝘦 𝘮𝘢𝘳𝘻 𝘦 𝘪𝘴𝘩𝘲 𝘩𝘢𝘪,
𝘐𝘴𝘴 𝘥𝘢𝘸𝘢 𝘬𝘪 𝘵𝘢𝘭𝘢𝘢𝘴𝘩 𝘤𝘩𝘩𝘰𝘥 𝘥𝘰,
𝘛𝘶𝘮𝘩𝘦 𝘬𝘩𝘶𝘥 𝘩𝘪 𝘻𝘦𝘩𝘦𝘳 𝘱𝘪𝘺𝘢 𝘩𝘢𝘪,
𝘈𝘣 𝘚𝘩𝘪𝘧𝘢 𝘬𝘪 𝘣𝘢𝘢𝘵 𝘤𝘩𝘩𝘰𝘥 𝘥𝘰 "
🥀🖤🕊✨
" 𝘋𝘪𝘭 𝘦 𝘯𝘢𝘥𝘢𝘢𝘯 𝘵𝘶𝘫𝘩𝘦 𝘩𝘶𝘢 𝘬𝘺𝘢 𝘩𝘢𝘪.?
𝘈𝘢𝘬𝘩𝘪𝘳 𝘪𝘴𝘴 𝘥𝘢𝘳𝘥 𝘬𝘪 𝘥𝘢𝘸𝘢 𝘬𝘺𝘢 𝘩𝘢𝘪.? "
𝗔𝗻𝗱 𝗧𝗵𝗲𝗻 𝗔𝗵𝗺𝗮𝗱 𝘄𝗿𝗼𝘁𝗲 -
" 𝘠𝘦 𝘮𝘢𝘳𝘻 𝘦 𝘪𝘴𝘩𝘲 𝘩𝘢𝘪,
𝘐𝘴𝘴 𝘥𝘢𝘸𝘢 𝘬𝘪 𝘵𝘢𝘭𝘢𝘢𝘴𝘩 𝘤𝘩𝘩𝘰𝘥 𝘥𝘰,
𝘛𝘶𝘮𝘩𝘦 𝘬𝘩𝘶𝘥 𝘩𝘪 𝘻𝘦𝘩𝘦𝘳 𝘱𝘪𝘺𝘢 𝘩𝘢𝘪,
𝘈𝘣 𝘚𝘩𝘪𝘧𝘢 𝘬𝘪 𝘣𝘢𝘢𝘵 𝘤𝘩𝘩𝘰𝘥 𝘥𝘰 "
🥀🖤🕊✨
❤2🔥2⚡1🕊1
𝘕𝘪𝘺𝘢𝘵 𝘦 𝘴𝘩𝘰𝘶𝘬 𝘣𝘩𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
𝘛𝘶 𝘣𝘩𝘪 𝘥𝘪𝘭 𝘴𝘦 𝘶𝘵𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
𝘈𝘢𝘫 𝘥𝘦𝘬𝘩𝘢 𝘩𝘢𝘪 𝘵𝘶𝘫𝘩𝘬𝘰 𝘥𝘦𝘳 𝘬𝘦 𝘣𝘢𝘢𝘥...
𝘈𝘢𝘫 𝘬𝘢 𝘥𝘪𝘯 𝘨𝘶𝘻𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
𝘈𝘢𝘳𝘻𝘶 𝘩𝘢𝘪 𝘬𝘦 𝘵𝘶 𝘺𝘢𝘩𝘢𝘯 𝘢𝘢𝘺𝘦...>2
𝘈𝘶𝘳 𝘧𝘪𝘳 𝘶𝘮𝘢𝘳 𝘣𝘩𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
📜🥀🎀
𝘛𝘶 𝘣𝘩𝘪 𝘥𝘪𝘭 𝘴𝘦 𝘶𝘵𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
𝘈𝘢𝘫 𝘥𝘦𝘬𝘩𝘢 𝘩𝘢𝘪 𝘵𝘶𝘫𝘩𝘬𝘰 𝘥𝘦𝘳 𝘬𝘦 𝘣𝘢𝘢𝘥...
𝘈𝘢𝘫 𝘬𝘢 𝘥𝘪𝘯 𝘨𝘶𝘻𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
𝘈𝘢𝘳𝘻𝘶 𝘩𝘢𝘪 𝘬𝘦 𝘵𝘶 𝘺𝘢𝘩𝘢𝘯 𝘢𝘢𝘺𝘦...>2
𝘈𝘶𝘳 𝘧𝘪𝘳 𝘶𝘮𝘢𝘳 𝘣𝘩𝘢𝘳 𝘯𝘢 𝘫𝘢𝘺𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘪𝘯...
📜🥀🎀
❤3
तेरे बाद नहीं उठाए
हमने फिर किसी के नखरें
कोई रूठा हमसे तो फिर
रूठा ही रह गया......😌
हमने फिर किसी के नखरें
कोई रूठा हमसे तो फिर
रूठा ही रह गया......😌
❤2
अब इन लफ्जों के जादू से,
तुम्हे पागल बनाएंगे,
रहोगे गैर कब तक तुम,
तुम्हे अपना बनाएंगे,
कभी तो होट की लाली,
और काजल चुराएंगे,
कभी तो हाथ ये मेरे,
तुम्हें काबू में लायेंगे,🥀🕊🎀
तुम्हे पागल बनाएंगे,
रहोगे गैर कब तक तुम,
तुम्हे अपना बनाएंगे,
कभी तो होट की लाली,
और काजल चुराएंगे,
कभी तो हाथ ये मेरे,
तुम्हें काबू में लायेंगे,🥀🕊🎀
😍4❤1
"मोहब्बत की दीवारों पर,
अब हम सर से मारेंगे,
उनका दिल है पत्थर का,
अब वो पत्थर से मारेंगे"
"मेरी एक बात को तुम,
अब अपने जहेन में रखलो,
तुम्हारे गाल के ये तिल,
हमे तिल तिल पुकारेंगे"
"अभी तो चांद से चेहरे का,
बस पर्दा हटाया है,
ओ भी पल जल्द आयेगा,
जब हम झुमका उतारेंगे"
"है तेरा दिल जो पत्थर का ,
हमे तो फूल लगता हैं
हम अब इस फूल की खुशबू,
दिल में अपने उतारेंगे"
❣✨🕊
अब हम सर से मारेंगे,
उनका दिल है पत्थर का,
अब वो पत्थर से मारेंगे"
"मेरी एक बात को तुम,
अब अपने जहेन में रखलो,
तुम्हारे गाल के ये तिल,
हमे तिल तिल पुकारेंगे"
"अभी तो चांद से चेहरे का,
बस पर्दा हटाया है,
ओ भी पल जल्द आयेगा,
जब हम झुमका उतारेंगे"
"है तेरा दिल जो पत्थर का ,
हमे तो फूल लगता हैं
हम अब इस फूल की खुशबू,
दिल में अपने उतारेंगे"
❣✨🕊
❤2😍1
रास्ता छोड़ दिया उसने पुराने वाला।
अब कहाँ मैं भी उसे याद दिलाने वाली।
इंतज़ार में बैठी थी शायद वो मुझे याद करे,
थक के आखिर सो गई आस जगाने वाली।
यूँ भी होता है कि मर जाते हैं अंदर से लोग,
मुस्कुराता ही रहा मुझ को रुलाने वाला।
प्यार के नाम से डरने लगी हूँ मैं भी अब,
मेरी चाहत थी मिले दर्द मिटाने वाला।
दिल जला कर भी तो बस राख बची रह गई है,
हाथ झुलसा गया काग़ज़ को जलाने वाला।
अब तो साए से भी हम बच के निकल जायेंगे,
हर भरम तोड़ गया हाथ छुड़ाने वाला।
चाय के कप की जगह मेज़ पे नीद की गोलियां है अब,
दर्द लगता नहीं है छोड़ के जाने वाला।
लोग अब पूछते हैं इश्क़ है कि पागलपन,
कोई तो चाहिए दिल दिल से मिलाने वाला।
इतनी शिद्दत से उसे याद तू मत कर
ये गज़ल पढ़ के नहीं लौटेगा जाने वाला।
#heer_writes
अब कहाँ मैं भी उसे याद दिलाने वाली।
इंतज़ार में बैठी थी शायद वो मुझे याद करे,
थक के आखिर सो गई आस जगाने वाली।
यूँ भी होता है कि मर जाते हैं अंदर से लोग,
मुस्कुराता ही रहा मुझ को रुलाने वाला।
प्यार के नाम से डरने लगी हूँ मैं भी अब,
मेरी चाहत थी मिले दर्द मिटाने वाला।
दिल जला कर भी तो बस राख बची रह गई है,
हाथ झुलसा गया काग़ज़ को जलाने वाला।
अब तो साए से भी हम बच के निकल जायेंगे,
हर भरम तोड़ गया हाथ छुड़ाने वाला।
चाय के कप की जगह मेज़ पे नीद की गोलियां है अब,
दर्द लगता नहीं है छोड़ के जाने वाला।
लोग अब पूछते हैं इश्क़ है कि पागलपन,
कोई तो चाहिए दिल दिल से मिलाने वाला।
इतनी शिद्दत से उसे याद तू मत कर
ये गज़ल पढ़ के नहीं लौटेगा जाने वाला।
#heer_writes
❤3🔥1🥴1😍1
मैने देखा है तुझे हर तरह से चाह कर,
मैं लिख सकती हूं कि....
तू किसी का वफादार नहीं हो सकता..!!
#Heer_writes
मैं लिख सकती हूं कि....
तू किसी का वफादार नहीं हो सकता..!!
#Heer_writes
❤3
आंखो के जितना पानी इस समंदर में नही था
दफा करो जो गया समझो मुक्कादर में नही था
तसल्ली के लिए एक दफा झांककर देखा दिल में
सबकुछ बिखरा पड़ा था पर ओ मेरे अंदर में नही था
🎀🕊🥀✨❤️
दफा करो जो गया समझो मुक्कादर में नही था
तसल्ली के लिए एक दफा झांककर देखा दिल में
सबकुछ बिखरा पड़ा था पर ओ मेरे अंदर में नही था
🎀🕊🥀✨❤️
👌2
मुझपर नफरतें असर नहीं करती,
मैं मोहब्बत मिजाज़ी लड़का हूं!
~🌟
मैं मोहब्बत मिजाज़ी लड़का हूं!
~
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🥰4🔥2
🥰2
कैफियत नहीं जानना चाहोगे
इस बीमार की,
अब तवक्को रखती नहीं हूं मैं
किसी से प्यार कि,
साथ तुम थे तो हम अनमोल थे,
वरना खबरों के बिना कीमत क्या है
अखबार की,💞
इस बीमार की,
अब तवक्को रखती नहीं हूं मैं
किसी से प्यार कि,
साथ तुम थे तो हम अनमोल थे,
वरना खबरों के बिना कीमत क्या है
अखबार की,💞
❤3
अब तो हर एक अदाकार से डर लगता है,
मुझको दुश्मन से नहीं यार से डर लगता है!
~🕊️
मुझको दुश्मन से नहीं यार से डर लगता है!
~
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❤2❤🔥1👌1🕊1
सुकून बहुत मिलता है, तुम्हें अपना सोच कर.....
तू मिले या ना मिले, ये मेरे मुकद्दर की बात है.....♥️🥰
तू मिले या ना मिले, ये मेरे मुकद्दर की बात है.....♥️🥰
❤4
हुनर मोहब्बत का हर किसी को कहा आता है,
हुस्न पर फ़िदा होकर लोग उसे मोहब्बत
कह देते हैं ....🥀🙂
हुस्न पर फ़िदा होकर लोग उसे मोहब्बत
कह देते हैं ....🥀🙂
❤1
In English we say
Plz take care of yourself
💕🥀🕊
But in Urdu we say,,
Tum khayal rakha karo apna
Mere pass tumhare jaisa dusra
koi nhi hai
Plz take care of yourself
💕🥀🕊
But in Urdu we say,,
Tum khayal rakha karo apna
Mere pass tumhare jaisa dusra
koi nhi hai
❤2🥰1
पुरुष पत्थर होता है,
स्त्री जैसा चाहें तराश सकती है।
उसकी कठोरता में निहित,
अनगिनत संभावनाएँ छिपी हैं
तुम्हारी नज़रें जब उसे छूती हैं,
वो मोम की तरह
पिघलने लगता है।
तुम्हारे स्पर्श की ऊष्मा में,
वो अपनी पहचान को
खोने लगता है
तुम्हारे प्रेम की मूरत में,
वो आकार पाता है।
तुम्हारे सपनों की चाँदनी में,
उसकी आत्मा झिलमिलाती है
तुम्हारे हाथों में है वो चाबी,
जिससे खुलते हैं उसके
दिल के दरवाजे।
तुम्हारी मुस्कान से संवरता है,
उसका अस्तित्व और
जीवन का हर फलसफा
तो याद रखना,
पुरुष पत्थर हो सकता है,
मगर तुम्हारी चाहत से वो
किसी भी रूप में ढल सकता है।❤️
स्त्री जैसा चाहें तराश सकती है।
उसकी कठोरता में निहित,
अनगिनत संभावनाएँ छिपी हैं
तुम्हारी नज़रें जब उसे छूती हैं,
वो मोम की तरह
पिघलने लगता है।
तुम्हारे स्पर्श की ऊष्मा में,
वो अपनी पहचान को
खोने लगता है
तुम्हारे प्रेम की मूरत में,
वो आकार पाता है।
तुम्हारे सपनों की चाँदनी में,
उसकी आत्मा झिलमिलाती है
तुम्हारे हाथों में है वो चाबी,
जिससे खुलते हैं उसके
दिल के दरवाजे।
तुम्हारी मुस्कान से संवरता है,
उसका अस्तित्व और
जीवन का हर फलसफा
तो याद रखना,
पुरुष पत्थर हो सकता है,
मगर तुम्हारी चाहत से वो
किसी भी रूप में ढल सकता है।❤️
❤1
ए खुदा मोहब्बत भी तूने अजीब चीज बनाई है,
तेरे ही बन्दे,
तेरे ही दर पर,
तेरे ही सामने रोते है
लेकिन तुझे नहीं किसी ओर को पाने के लिये…💥💥
तेरे ही बन्दे,
तेरे ही दर पर,
तेरे ही सामने रोते है
लेकिन तुझे नहीं किसी ओर को पाने के लिये…💥💥